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ᴍᴀᴋᴇ ᴀᴅᴍɪɴ @KANHA24_93 𝘀𝗼𝗺𝝴 𝘀𝞃𝗼𝗿𝝸𝞊𝘀 𝝰𝝶𝗱 𝘄𝝸𝞃𝗵𝗼𝞄𝞃 𝗴𝗼𝗼𝗱𝗯𝝲𝝴𝘀...- - ❤️‍🩹 !

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वाह माधव… 🍂
कैसी दुनिया बनाई आपने, जिसके लिए मैं खुद को मिटाता गया, आज वही मुझे धोखेबाज़ और गद्दार कहते हैं। 😔 जिसके सामने अपनी self-respect तक रख दी थी, आज वही मेरे किरदार पर सवाल उठाते हैं। माधव, ज़रा आप ही बताइए… क्या सच्ची मोहब्बत का यही सिला होता है? 🍂 हाँ, माना मैंने झूठ बोले थे, बहुत से झूठ बोले थे… मगर उन झूठों के पीछे भी एक ही डर था— कहीं मेरी वजह से उन्हें दुख न हो जाए। 💔 उनके वादे झूठे निकले, मगर मेरी मोहब्बत तो सच्ची थी ना माधव… फिर सज़ा सिर्फ मुझे क्यों मिली? उस दिन मैं खुद कहकर गया था कि मैंने वो नहीं किया… मगर बिना मेरी बात जाने मेरे ऊपर इल्ज़ाम लगा दिया गया। फिर एक नहीं, कई नाम दे दिए— धोखेबाज़… गद्दार… बेईमान। 😠 माधव, धोखा तो मुझे मिला है… और जितनी तकलीफ़ उन्होंने दी, उतनी तो मेरे दुश्मनों ने भी नहीं दी। मेरे बारे में जानना हो तो कभी मुझसे पूछ लिया होता, मेरे बारे में किसी और से सुनकर फैसला सुनाने की क्या जल्दी थी? और उनके उस यार को मैं बदनाम करके आख़िर हासिल क्या कर लूँगा? वो कोई मुख्यमंत्री तो है नहीं कि मुझे उसकी CM की कुर्सी चाहिए। 😂 अब तो शायद दोनों खुश रहते होंगे… तो रहने दो माधव, मेरी तरफ़ से भी उन्हें खुशियाँ देना। 🙏🏻 बस एक बात समझ नहीं आई— झूठे इल्ज़ाम लगाने की ज़रूरत ही क्या थी? एक बार कह देते, “कान्हा, अब दूर चले जाओ…” मैं हँसते हुए निकल जाता, दिल पर पत्थर रखकर निकल जाता… मगर कम से कम अपने ही लोगों की नज़रों में गद्दार बनकर तो नहीं निकलता। माधव, अब किसी से शिकायत नहीं है… बस आपसे एक सवाल है— जिसे मैंने दिल से चाहा, उसके लिए खुद को खो दिया, अगर वही मेरे हिस्से में नहीं था… तो फिर उसे मेरी ज़िंदगी में लाया ही क्यों था? ❤️‍🩹 अब जो फैसला आपका होगा, मंज़ूर होगा मुझे… बस इतना करना माधव— अगली बार किसी को मेरा अपना बनाना, तो उसे मेरे दिल को तोड़ने की वजह मत बनाना। 🙏🏻🌸
कान्हा ✍😭🥀

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सुनो ना… 💬 अब तो खुश होंगे आप, कोई नया बहाना मिल गया होगा, लड़ने को अब मुझसे कोई नया ठिकाना मिल गया होगा। 📍 मैं चला गया हूँ, अब लौटकर नहीं आऊँगा, 🚶‍♂️ आपको भी शायद अपना मनचाहा यार मिल गया होगा। खुश रहना उसके साथ, मेरी तरफ़ से कोई शिकायत नहीं, जिसे अपना समझा था, वही किसी और का हो गया—हैरानी नहीं। 🤷‍♂️ बस अपने उस यार से इतना कह देना तुम, कन्हा के अपनों को कन्हा से कोई जुदा नहीं कर सकता। 🛡️ चाहे जितना भर दो उनके दिल में मेरें खिलाफ़ ज़हर, 🐍 जो रिश्तें सच्चे हों, उन्हें अफ़वाहें तोड़ नहीं सकतें मगर। मैंन तो रिश्तें बचाने में खुद कों ही खो दिय था, अब जो खो गय हूँ, तो फिर खुद को पाने निकला हूँ। 🔄 तुम्हें लड़न के अब कोई “टॉपिक” न मिलेगा, क्योंकि कन्हा अब तुम्हारी ज़िंदगी में वापस नहीं मिलेगा। 🚫 खुश रहो… अपने यार के साथ, यही दुआ है मेरी, 🙏 बस याद रखना— जो मेरे अपने होंगे, वो मुझे छोड़कर जाएंगे नहीं, चाहे दुनिया उन्हें मेरे खिलफ़ कितना भी क्यों न कर दे। 🥀 Kanha ✍😢
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“वो लौटकर नहीं आया ” रात भर चाँद से उसका पता पूछता रहा, दिल था बेचैन, मगर चुपचाप बैठा रहा। जिसे अपना समझकर सब कुछ लुटा दिया,
“वो लौटकर नहीं आया ” रात भर चाँद से उसका पता पूछता रहा, दिल था बेचैन, मगर चुपचाप बैठा रहा। जिसे अपना समझकर सब कुछ लुटा दिया, वही शख़्स मेरी आँखों से दूर होता रहा। मैंने चाहा था उसे उम्र भर की तरह, वो मगर वक़्त की तरह मुझसे छूटता रहा। उसकी ख़ुशियों के लिए ख़ुद को मिटा दिया, और वो मेरी कमी का हिसाब गिनता रहा। मैंने हर बार उसे लौट आने की दुआ दी, वो हर बार मेरी उम्मीद को तोड़ता रहा। अजीब रिश्ता था—न पास, न पूरा दूर, मैं उसे खोकर भी अपना ही मानता रहा। अब समंदर भी मेरी ख़ामोशी समझता है, मैं किनारे बैठकर बस उसे याद करता रहा। कान्हा ✍🏻🖤
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रखा करो नजदीकिया मुझसे जिंदगी का कोई भरोसा नहीं आंखे बंद हो गई तो फिर मत केहना चले भी गए और बताया भी नहीं 🍁 🌸
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:) "🖤♥️" तुम्हारे लहज़े में जाने कैसी मिठास रहती है, तुमसे बात हो तो दिल को एक आस रहती है। तुम हँसकर जो कह दो, वो बात ख़ास लगती है, तुम्हारी हर अदा मुझे पहली मुलाक़ात लगती है। तुम्हारी आवाज़ सुनूँ तो दिल बहकने लगता है, तुम्हारा नाम आते ही चेहरा चमकने लगता है। तुम पास रहो तो हर पल गुलज़ार लगता है, तुम दूर रहो तो ये दिल बेकरार लगता है। तुम्हें देखूँ तो चाँद भी थोड़ा कमाल लगता है, तुम्हारे आगे हर हसीन चेहरा बेहाल लगता है। 🍁🌸 ‧₊˚ 🙌🏻.☁️⋅♥️ ✓
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मैंने भी उसके इंतज़ार में कई रातें जगा दीं, और वो किसी और की बाँहों में सुकून से सो रही है। मैंने उसकी ख़ुशी के लिए अपने हिस्से के ग़म भी छुपा लिए, और वो मेरे हिस्से की मोहब्बत किसी और पर लुटा रही है। अजीब है ना ये इश्क़ भी, जिसे हम अपनी दुनिया समझ बैठे, वो किसी और की दुनिया में हमें भूलकर मुस्कुरा रहा है। 🥀💔 कन्हा ✍️
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उन्होंने दरवाज़ा बंद नहीं किया, बस चाबी अपने पास रख ली… और इसे मोहब्बत कहा। उसे जाने की पूरी इजाज़त थी, बस इतना सा शर्त रख दी— कि वो जहाँ भी जाए, उसके बिना जीना न सीख पाए। उन्होंने रास्ते खुले छोड़े, मगर कदमों में ऐसी ज़ंजीर बाँध दी, कि हर सुबह मंज़िल दिखाई देती रही, और सफ़र मुमकिन नहीं रहा। सबसे ख़तरनाक मोहब्बत वो नहीं जो तुम्हें कैद कर ले, बल्कि वो है जो तुम्हें आज़ाद होने का भ्रम दे… और भीतर से इतना तोड़ दे कि उड़ने की हिम्मत ही न बचे। 🖤🥀 कन्हा ✍️😢
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🖤 रूह के जाने के बाद 🕊️ वो जिस्म से निकली तो लगा, साँस भी जाती रही, मेरी आँखों के सामने मेरी दुनिया जाती रही। मैंने चाहा था
🖤 रूह के जाने के बाद 🕊️ वो जिस्म से निकली तो लगा, साँस भी जाती रही, मेरी आँखों के सामने मेरी दुनिया जाती रही। मैंने चाहा था उसे उम्र भर सीने में रखना, वो धुआँ बनकर मेरी बाँहों से निकलती रही। उसके जाने का मुझे कोई गिला भी तो नहीं, बस मेरी रूह ही हर रात उसे ढूँढती रही। जिसे पाने की दुआ माँगी थी सजदों में कभी, वहै तस्वीर मेरी नींद से डराती रही। मैंने हँसकर उसे हर दरद से आज़ाद किया, और भीतर मेरै हर धडकन सिसकतै रही। लोग कहते हैं कि मोहब्बत में भुला दो उसको, कैसे समझाऊँ—वो रूह में उतरती रही। अब न आवाज़ है उसकी, न कोई खत आया, फिर भी खामोश हवाओं में वो मिलती रही। कन्हा इतना भी आसान नहीं होता बिछड़ना, एक इंसान गया… और पूरी उम्र जाती रही। 🖤🥀 Kanha✍💔
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🖤 “हम बोलें तो झूठे” उसकी ख़ुशी के वास्ते, ख़ुद को मिटाते रहे, वो ख़ुश रहे बस इसीलिए, हम मुसकुराते रहे। अपनी ही नज़रों में गिरकर उसे संभालते रहे, हम अपनी ख़ुददारी भी उसके लिए गवाते रहे। हाँ, माना हमने उससे कुछ झूठ बोलें थे, मगर हर झूठ में उसे खोने से घबराते रहे। हमने नज़रें फेर लीं कि उसे कोई देख न ले, वो समझा हम उसे दुनिया से छुपाते रहे। वो झूठ बोलें तो डर था कि हम छोड़ देंगे, हम झूठ बोलें तो वो हमें झूठा बताते रहे। एक झटके में उसने रिश्ते से बाहर कर दिया, जिसे अपना समझकर हम उम्र भर निभाते रहे। अजीब फैसला था उसकी मोहब्बत का भी, वो ग़लत होकर भी सही, हम सही होकर हारते रहे। कान्हा, बस इतनी-सी बात समझ न आई हमें, जिसे खोने से डरते थे, वही हमें खोकर मुसकुराते रहे। 🥀🖤 Kanha✍😭
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:) "🖤♥️" वो नज़र उठाए तो क्या से क्या हो जाए, गहरी अँधेरी रात भी जैसे सवेरा हो जाए। उसकी एक नज़र में ऐसा असर है, जानी, पत्थर सा दिल भी मोम-ए-तर हो जाए। मुझे डर है उसकी आँखों की शरारत से, कहीं दिल रहे और जाँ दर-ब-दर हो जाए। वो गुज़र जाए महफ़िल से चुपचाप अगर, हर तरफ़ उसकी ख़ुशबू का असर हो जाए। वो मुस्कुरा दे अगर तो बगिया भी खिल उठे, वो रूठ जाए तो मौसम भी बेअसर हो जाए। वो छू जाए हवा की तरह मेरे दिल को कभी, तो बंद खिड़कियों में भी इक शहर हो जाए। 🍁🌸 ‧₊˚ 🙌🏻.☁️⋅♥️ ✓
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एक बिटिया की चाह विरासत में मिला यह घर पापा को अपने पिता से, यही घर मिलेगा मेरे भैया को मेरे पिता से। पर मैं और मेरी माँ— हमारा क्या? बता दिया गया है मुझे, पिता के घर में हिस्से की बात औरतें नहीं किया करतीं। लेकिन मुझे चाहिए एक घर— अपना, बिल्कुल मेरा अपना। नहीं चाहिए दहेज में रेशम और सोना, बस चाहिए अपने नाम की एक छत। राधा፝֟፝֟ रानी𝅯‌𓂃🦚
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:) "🖤♥️" चाँद भी बस रात में अच्छा लगता है, हर बंदा औकात में अच्छा लगता है, गए लम्हों को याद कर के रो लेना, मुझको हर बरसात में अच्छा लगता है, छोड़ दे आशिक, प्यार को अब पैसा कमा, प्यार भी अच्छे हालात में अच्छा लगता है.... 🍁🌸 ‧₊˚ 🙌🏻.☁️⋅♥️ ✓
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🌸 माँ — मेरी पहली गुरु 🌸 माँ, आपकी बातें आज भी मेरे भीतर कहीं साँस लेती हैं, आपकी दी हुई सीख हर मुश्किल में मेरा हाथ थाम लेती है। आपने सिर्फ़ चलना नहीं सिखाया, गिरकर संभलना सिखाया, अपने सपनों से पहले, अपनों के लिए जीना सिखाया। आपका समर्पण मेरी ज़िंदगी की सबसे ख़ूबसूरत पाठशाला था, आपका हर त्याग मेरे लिए एक अनकहा उजाला था। आज Teacher’s Day पर बस इतना कहना है— दुनिया चाहे जितने शिक्षक दे, पहली गुरु, मेरी सबसे गहरी सीख… हमेशा मेरी माँ ही रहेंगी। 🤍🌷 Alpana❤️
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अपने ख़ाली-ख़ाली हाथों पर मेहँदी सजाया करो, मैं कह दूँगा लोगों से- नज़रें न लगाया करो। अगर हो कोई तकलीफ़, तो तुम बताया करो, जब मैं पूछू- “क्या हुआ?” तो बता दिया करो। हुआ क्या है, क्यों बातें नहीं बताती हो? यूँ ख़ामोश रहकर मुझे न सताया करो। 🌸 🍁
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मुझ में त्यागने की बहुत बुरी आदत हैं इसलिए मैं जल्दी किसी को जाने नहीं देता मैं रिश्ते बचाने की कोशिश करता हूँ लोगों की गलतियाँ नज़रअंदाज़ करता हूँ और हर बार खुद से थोड़ा समझौता कर लेता हूँ लेकिन अगर एक बार जाने दिया तो फिर वापस आने की वजह नहीं देता क्योंकि मैं किसी को एक पल में नहीं छोड़ता बहुत कुछ सहने के बाद छोड़ता हूँ..❤️‍🩹
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एक ही शख़्स को चुना था वाह... क्या बात है, तुमने भी आज कमाल कर दिया, जिसे अपना समझकर सब कुछ छोड़ दिया, उसी ने मुझे “एक और विकल्प” करार दिया। मैंने तो तुम्हारे आने के बाद अपनी दुनिया का नक़्शा बदल दिया था, जो दोस्त बरसों से साथ थे मेरे, उनसे भी धीरे-धीरे मिलना छोड़ दिया था। तुम कहती हो— “मेरे पास और भी रास्ते थे...” काश! तुमने मेरी तरफ़ देखा होता, मैंने तो तुम्हारे अलावा कभी कोई रास्ता रखा ही नहीं था। तुम्हारे एक “हाँ” के लिए मैंने कितनी “न” अपने हिस्से लिख लीं, तुम्हें पाने की ज़िद में अपनी कितनी खुशियाँ ख़ुद से छीन लीं। तुम्हें क्या मालूम, तुमसे बात करने के लिए मैंने कितनी रातें जागकर काटी थीं, और तुम्हारी एक मुस्कान के बदले अपनी आँखों में कितनी बारिश बाँटी थी। तुम्हारे लिए लोग छोड़ना मेरी मजबूरी नहीं थी, ये उस मोहब्बत का सबूत था जिसमें तुम्हारे सिवा मुझे कोई दिखाई ही नहीं देता था। और आज तुम कहती हो— “तुम तो बस एक विकल्प थे...” तो सुनो, जिसे मैंने अपनी पूरी ज़िंदगी माना था, वो किसी की ज़िंदगी में सिर्फ़ एक विकल्प निकला। अब शिकायत भी किससे करूँ... तुमसे या अपनी मोहब्बत से? तुम्हें तो शायद मेरे जाने का भी अफ़सोस न होगा, मगर मुझे उम्र भर ये दर्द रहेगा— मैंने तुम्हें खोया नहीं था, मैंने तो तुम्हारे लिए ख़ुद को खो दिया था। और सबसे बड़ा गुनाह मेरा यही रहा— मैंने तुम्हें अपना समझ लिया, जबकि तुमने मुझे कभी अपना समझा ही नहीं। 🥀🖤 कान्हा✍😭
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शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। ज़िंदगी में कुछ लोग ऐसे मिलते हैं, जो सिर्फ़ पढ़ाते नहीं, बल्कि हमें बेहतर इंसान बनना सिखाते हैं। गुरु वही हैं, जो हमारी कमज़ोरियों में भी हमारी ताकत पहचान लेते हैं, हमारे छोटे-छोटे प्रयासों को प्रोत्साहन देते हैं और गिरने पर फिर से उठना सिखाते हैं। किताबों का ज्ञान तो समय के साथ बदल सकता है, लेकिन गुरु द्वारा दिए संस्कार पूरी ज़िंदगी हमारे साथ चलते हैं। मेरे सभी गुरुजनों को दिल से नमन। आपका मार्गदर्शन हमारे जीवन की सबसे अनमोल सीख है। Happy Teachers’ Day गुरु को शत-शत नमन।
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हर रचना में कृष्ण का ही आभास लिखती हूँ, प्रेम को अपना सबसे सच्चा विश्वास लिखती हूँ। रुक्मिणी का पत्र इसलिए शब्दों में उतरता है, क्योंकि जानती हूँ, श्याम प्रेम की हर पुकार सुनते हैं। कुरुक्षेत्र का प्रसंग इसलिए बार-बार लिखती हूँ, क्योंकि धर्म की रक्षा को कृष्ण स्वयं सारथी बनते हैं। द्रौपदी की पुकार इसलिए मेरी कलम में बसती है, क्योंकि जब सब मौन हो जाएँ, तब कृष्ण ही सम्मान बचाते हैं। मेरी हर पंक्ति का आरंभ भी वही हैं, अंत भी वही, मैं जो भी लिखती हूँ, हर अक्षर में बस श्याम लिखती हूँ। जय श्री कृष्ण। 🙏 राधा፝֟፝֟ रानी𝅯‌𓂃🦚
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कैसे उसने ये सबकुछ मुझसे छुपकर बदला चेहरा बदला , रास्ता बदला बाद में घर बदला में उसके बारे में ये केहता था लोगों से मेरा नाम बदल देना वो शक्श अगर बदला ❤️‍🩹 🥺🤌
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