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ᴍᴀᴋᴇ ᴀᴅᴍɪɴ @KANHA24_93 𝘀𝗼𝗺𝝴 𝘀𝞃𝗼𝗿𝝸𝞊𝘀 𝝰𝝶𝗱 𝘄𝝸𝞃𝗵𝗼𝞄𝞃 𝗴𝗼𝗼𝗱𝗯𝝲𝝴𝘀...- - ❤️‍🩹 !

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پست‌های کانال
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پیام صوتی
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3
घूरने वाले क्या जाने....छुप निहारना क्या होता है।।
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4
मुझे नफ़रत है जुबान की हमदर्दियो से, अगर तेरे हाथ में ख़जर है तो गले पे रख। 🔪
8
5
इश्क़ किया है तो तबाही से मत डर अग़र तबाह हो चुका है तो जम कर इश्क़ कर..
7
6
हे ईश्वर इन श्राद्धपक्ष मे उन लोगो की आत्मा को भी शान्ति दो...🐦‍⬛ जिनकी आत्मा,मुझे देखकर जलती है और कुड कुड करती है.!🙈
7
7
खुश्क आँखों में निखरता ग़म तुम्हारा है,, माँ जानती है उसका लाड़ला इश्क़ में हारा है।। 💔
6
8
ह्रदय.... हमारी देह का सबसे भारी अंग है, वह कोशिकाओं से नहीं अनुभूतियों से बनता है...😊
7
9
खटकना भी लाज़मी है जमाने की आँखों में सबको रास आए वो वज़ूद ही क्या.!🌈
5
10
लाज़िम नहीं हर बार तुझे हम हों मयस्सर.., मुमकिन है तू इस बार हमें सच में गंवा दे..!!!
7
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पसंदीदा शख्स से एक खुशबू आती है... वो कही नही मिलती।।🍎
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किसी को अपना बना के देखो...!
किसी को अपना बना के देखो...!
4
13
किसी और को अपना बना के देखो उन बेवफाओ के दिल पे मरहम लगा के देखो कितनी हसीन होती है जिंदगी किसी को अपने दिल के जख्म बता के देखो...! #राधे
8
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तुमको महसूस करना ही इश्क़ है... छू कर तो मैंने भगवान को भी नहीं देखा ।।
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जिंदगी मे किताबों और कलम कि ही तो जरुरत पडी है… . कि अपनो से दुरी कि जरुरत हि नही पडी है… . छोड़कर मासुमियत समझदारी कि जरुरत नही पडी है… . इतमिनान ए उम्र छोड जिम्मेदारी कि जरुरत हि नही पडी है… . है घरपर सबके चहेते हम, सबकी ऐतबार मे हमेशा नजर पडी है… . हमे तो मौहब्बत करने कि जरुरत हि नही पडी है… . @Sanaya_10_13✨
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जिसपर खुदा कि इनायत हुई हो… . उसे दुनिया की हसरतें क्या होगी… . जिसपर नजर हो खुदाकी… . उसे दुनिया मे तकलिफे क्या होगी… . जिसका मुकद्दर लिखा हो खुदा ने… . उसे चाहत क्या होगी… . जिसको साथ हो खुदाका… . उसपर दुनिया मे खरौंच भी कैसे होगी… . ✨
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नाम के लोग घर में रहते हैं मगर दिल से कहाँ साथ रहे, कितने रिश्ते यहाँ बस नाम के रिश्ते रहे। माँ ने आवाज़ दी तो लौट आया घर की ओर, वरना हम भी कहाँ अपने थे, बस दुनिया में रहे। जिसको अपना समझा, उसने ही बाज़ार किया, हम भरोसा लिए बैठे रहे, वो सौदे रहे। इश्क़ ऐसा था कि बिछड़े तो कोई शोर न था, फिर भी आँखों में कई उम्र के सदमे रहे। सच कहा हमने तो चेहरे कई बदलते गए, लोग इंसान नहीं, अपने फ़ायदे के रहे। मैंने तन्हाई से पूछा तू ही अपना है क्या? वो भी चुप थी, तो कई सवाल मेरे रहे। ज़िंदगी रोज़ हमें आईना दिखलाती रही, हम मगर ख़ुद से ही बचते हुए कितने रहे। अब किसी नाम से पहचान नहीं होती मेरी, राधे, कुछ लोग थे जो दिल में मगर ज़िंदा रहे। #राधे
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इधर भी गधे हैं, उधर भी गधे हैं जिधर देखता हूं, गधे ही गधे हैं गधे हँस रहे, आदमी रो रहा है हिन्दोस्तां में ये क्या हो रहा है जवानी का आलम गधों के लिये है ये रसिया, ये बालम गधों के लिये है ये दिल्ली, ये पालम गधों के लिये है ये संसार सालम गधों के लिये है पिलाए जा साकी, पिलाए जा डट के तू विहस्की के मटके पै मटके पै मटके मैं दुनियां को अब भूलना चाहता हूं गधों की तरह झूमना चाहता हूं घोड़ों को मिलती नहीं घास देखो गधे खा रहे हैं च्यवनप्राश देखो यहाँ आदमी की कहाँ कब बनी है ये दुनियां गधों के लिये ही बनी है जो गलियों में डोले वो कच्चा गधा है जो कोठे पे बोले वो सच्चा गधा है जो खेतों में दीखे वो फसली गधा है जो माइक पे चीखे वो असली गधा है मैं क्या बक गया हूं, ये क्या कह गया हूं नशे की पिनक में कहां बह गया हूं मुझे माफ करना मैं भटका हुआ था वो ठर्रा था, भीतर जो अटका हुआ था -ओमप्रकाश "आदित्य"
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19
بدون متن...
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मैं नशे में खुद से डरता हूँ, मैं नशे में बहुत प्यार करता हूँ... मुझे नशे में दिखाई तू देती है,,मैं नशा तुझे देखने के लिए करता हूँ।।🩵🩷
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