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उन्होंने कहा कि संत कबीर कमल के फूल में प्रकट हुए। 15वीं सदी में पाखण्ड को तोड़ा और सात्विक प्रकृति से जुड़े। उन्होंने जन्म का मां के गर्भ से लेकर मृत्यु तक की यात्रा का वर्णन किया है। उनके शब्दों में संवेदना मानवीय मूल्यों की बरसात होती है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने कबीर की अंतिम यात्रा स्थल मगहर उत्तर प्रदेश को एक हजार करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया है। इसमें सेमिनार आदि आयोजित किए जा रहे हैं।
कबीर संध्या कार्यक्रम में पंचायत मंत्री श्री कृष्ण लाल पंवार , शिक्षा मंत्री श्री महिपाल ढांडा, सहकारिता मंत्री डॉ अरविंद शर्मा, कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण बेदी सहित अन्य विधायकगण व गणमान्य उपस्थित रहे।
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संत कबीर मानव मात्र के मार्गदर्शक, सामाजिक चेतना के अग्रदूत - मुख्यमंत्री
कबीर का ज्ञान किताबी नहीं, जीवन की भट्टी में तपा हुआ अनुभव
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कबीर के अंतिम यात्रा स्थल मगर को एक हजार करोड़ रुपए की लागत से किया विकसित- केंद्रीय मंत्री
चण्डीगढ, 28 जून - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि संत कबीर मानव मात्र के सबसे बड़े मार्गदर्शक, सामाजिक चेतना के अग्रदूत और अद्भुत संत हुए हैं, उनके विचारों को जीवन में आत्मसात करें।
मुख्यमंत्री निज निवास संत कबीर कुटीर पर आयोजित संत कबीर जयंती के पावन अवसर पर आयोजित संध्या कार्यक्रम में नागरिकों को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने संत शिरोमणि कबीर दास के चरणों में नमन करते हुए प्रदेशवासियों को संत कबीर जयंती की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष संत कबीर जयंती राज्य स्तर पर भिवानी में मनाई जायेगी।
इस अवसर पर पद्मश्री प्रहलाद सिंह टिपनिया ने कबीर वाणी से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि सदियों पहले संत कबीर के समय के भारत की कल्पना करते हैं, तो हमें एक रूढ़ियों, अंधविश्वासों, जात-पात की दीवारों और बाहरी आडंबरों में जकड़ा हुआ समाज दिखाई देता था। ऐसे समय में, जब समाज वैचारिक अंधकार में डूबा हुआ था, तब काशी की धरती पर ऐसी महान ज्योति प्रकट हुई, जिसने अपनी वाणी और कर्म के माध्यम से पूरे समाज को राह दिखाई।
कबीर भारतीय संस्कृति की सर्वधर्म समभाव, वसुधैव कुटुम्बकम परम्परा के संवाहक
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत कबीर भारतीय संस्कृति की सर्वधर्म समभाव और वसुधैव कुटुम्बकम परम्परा के संवाहक और इतिहास के अनमोल रत्न थे। उन्होंने किसी भी धर्म, सम्प्रदाय और जाति की परवाह किए बिना खरी खरी बात कहीे।
संत शिरोमणि कबीर दास का जीवन सत्य की खोज और असत्य के निर्भीक खंडन में बीता। वे बाहरी दिखावे से दूर, भीतर के प्रकाश के साधक थे। संत कबीर दास का व्यक्तित्व साधारण नहीं था। वे फक्कड़, बेबाक और सत्य के पक्षधर थे। उन्होंने जन्म से नहीं, अपने कर्म से वंदनीय स्थान प्राप्त किया। वे अपने समय के सबसे साहसी समाज-सुधारक थे। उन्होंने सभी धर्मों की कुरीतियों और रूढ़ियों पर कड़ी चोट की।
संत कबीर ने जाति के बंधनों को तोड़ा और सामान्य ग्रामीण भारतीय की भाषा बोली। संत कबीर दास ने सर्वधर्म समभाव का संदेश देते हुए सबको समान माना। उनके इसी संदेश के अनुरूप प्रधानमंत्री ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास का मूल मंत्र दिया है। इसी मूल मंत्र पर चलते हुए समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं और नीतियां लागू की हैं।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा एक-हरियाणवी एक की भावना से लागू की गई सरकार की हर योजना, हर नीति, हर निर्णय में संत कबीर दास की भावना और उनका स्वाभिमान बसता है।
संत कबीर दास जैसे संत-महात्माओं, ऋषि-मुनियों, पीर-पैगम्बरों और गुरुओं ने भूली-भटकी मानवता को जीवन का सच्चा रास्ता दिखाया है। ऐसी महान विभूतियों की शिक्षाएं पूरे मानव समाज की धरोहर हैं। उनकी विरासत को संभालने व सहेजने की जिम्मेदारी हम सबकी है। इसी के अनुरूप हम संत-महापुरुष सम्मान एवं विचार प्रसार योजना के तहत संतों व महापुरुषों के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
संत कबीर के प्रति श्रद्धा निज निवास का नाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए निज निवास का नाम भी संत कबीर कुटीर रखा है। यह संत परंपरा, लोक मंगल और जनसेवा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। संत कबीर कुटीर उन्हें शासन का प्रत्येक निर्णय जनहित, जनसेवा और पारदर्शिता की भावना से लेने के लिए निरंतर प्रेरित करता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस 21वीं सदी में जहां तकनीक और आधुनिकता तेजी से बढ़ रही है, वहीं कहीं न कहीं मानवीय मूल्य पीछे छूटते जा रहे हैं। आज के इस दौर में हमारे युवाओं को संत कबीर के विचारों से जोड़ना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि संत कबीर दास की बात का कोई भी बुरा नहीं मानता था। वे सबके हृदय में समाए हुए थे और सब उन पर अपना अधिकार मानते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत कबीर अपने महान विचारों के कारण युगों-युगों तक हमारे मन में जीवित रहेंगे। भेदभाव मुक्त समाज की रचना ही उनके प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि संत कबीर ने किसी विश्वविद्यालय में जाकर डिग्री नहीं ली थी। उन्होंने कहा था- मसि कागद छूयो नहीं, कलम गही नहिं हाथ। लेकिन उनके पास किताबी ज्ञान नहीं था। जीवन की भट्टी में तपा हुआ अनुभवी ज्ञान था। उन्होंने किताबी ज्ञान पर चोट करते हुए सीधे शब्दों में कहा था-पोथी पढ़ि-पढ़ि जग मुआ, पंडित भया न कोय, ढाई आखर प्रेम का, पढ़े सो पंडित होय।
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बच्चों का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है : आरती सिंह राव
हरियाणा में आज पल्स पोलियो 2026 अभियान की शुरुआत हुई
विभिन्न जिलों में मंत्रियों, विधायकों, उपायुक्तों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया गया उदघाटन
चंडीगढ़, 28 जून - हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि बच्चों का स्वास्थ्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और भारत व हरियाणा को वर्ष 2014 से मिला 'पोलियो मुक्त' दर्जा स्वास्थ्य विभाग, अग्रणी कार्यकर्ताओं और आम जनता के साझा प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने प्रदेश के सभी माता-पिता से अपील की कि वे अपने 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां इस गंभीर बीमारी से पूरी तरह सुरक्षित रह सकें। उन्होंने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि राज्य का एक भी बच्चा इस सुरक्षा चक्र से छूटना नहीं चाहिए।
हरियाणा को पोलियो मुक्त बनाए रखने के अपने संकल्प को दोहराते हुए राज्य सरकार ने आज से सभी जिलों में राष्ट्रीय प्रतिरक्षण दिवस (NID) के तहत पल्स पोलियो 2026 अभियान की शुरुआत कर दी है। अभियान के पहले दिन प्रदेश भर में विशेष बूथ गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन विभिन्न जिलों में मंत्रियों, विधायकों, उपायुक्तों और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा किया गया।
इसी कड़ी में हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा ने जींद जिले में इस अभियान की शुरुआत की। वहीं, भिवानी में विधायक घनश्याम सर्राफ, फरीदाबाद में मूलचंद शर्मा, करनाल में जगमोहन आनंद, महेंद्रगढ़ में ओ.पी. यादव, रेवाड़ी में लक्ष्मण सिंह, सोनीपत में निखिल मदान और यमुनानगर में घनश्याम दास अरोड़ा ने बूथों का उद्घाटन कर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाई। रोहतक में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर और कुरुक्षेत्र में पूर्व विधायक सुभाष सुधा ने इस अभियान का शुभारंभ किया, जबकि गुड़गांव में पार्षद सोनिया यादव व सतपाल और झज्जर में एमसी अनु रानी ने मोर्चा संभाला। पलवल जिले में एनएचएम हरियाणा के निदेशक (एमसीएच) ने इस गतिविधि की शुरुआत की।
28 से 30 जून 2026 तक चलने वाले इस तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान के दौरान राज्य के लगभग 35.50 लाख बच्चों को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान के पहले ही दिन 5 वर्ष तक की आयु के लगभग 20 लाख (56 प्रतिशत) बच्चों को पोलियो ड्रॉप्स पिलाई जा चुकी हैं। इस महाअभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए राज्य भर में लगभग 17,000 बूथ स्थापित किए गए हैं, जिन पर स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं को मिलाकर कुल 34,000 स्वास्थ्य टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा, ईंट-भट्टों, निर्माण स्थलों, पोल्ट्री फार्मों और झुग्गी-झोपड़ियों जैसे दूरदराज या कम पहुंच वाले क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों तक पहुंचने के लिए लगभग 1500 मोबाइल टीमें भी मुस्तैद की गई हैं।
अभियान की कड़े स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने के लिए सभी जिलों में लगभग 3400 फील्ड सुपरवाइजर और जिला स्तरीय अधिकारियों ने गतिविधियों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही इम्यूनाइजेशन फील्ड वॉलिंटियर्स और डब्ल्यूएचओ (NPSP-WHO) के स्वतंत्र मॉनिटर्स ने भी व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा अभियान की देखरेख के लिए 16 राज्य पर्यवेक्षकों को भी तैनात किया गया है। इस जमीनी कवायद से पहले प्रिंट और डिजिटल मीडिया, माइकिंग (लाउडस्पीकर से मुनादी) और अन्य जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से जनता को जागरूक किया गया था।
जो बच्चे आज यानी 28 जून को बूथ पर आकर दवा नहीं ले पाए हैं, उनको स्वास्थ्य विभाग की टीमें 29 और 30 जून को घर-घर जाकर और मोबाइल टीमों के जरिए हाई-रिस्क वाले क्षेत्रों, जैसे झुग्गी-झोपड़ियों, ईंट-भट्टों और निर्माण स्थलों पर प्रवासी आबादी के बच्चों को कवर करेंगी।
स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, अन्य संबंधित विभागों और जनता के लगातार प्रयासों के चलते भारत और हरियाणा को साल 2014 में ही पोलियो मुक्त घोषित कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य हर बार इस अभियान को पूरी मुस्तैदी से चलाकर देश के इस 'पोलियो मुक्त' दर्जे को कायम रखना है, जिसके लिए आम जनता से भी सक्रिय सहयोग की अपील की है।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा साहेब ने समाज को आगे बढ़ाने के लिए-शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो का त्रिसूत्र दिया, वह आज भी हमारे समाज के लिए प्रगति का एकमात्र मार्ग है। बाबा साहेब का मानना था कि सामाजिक असमानता और दासता की बेड़ियों को केवल शिक्षा के हथियार से ही काटा जा सकता है। अस्त्र-शस्त्र की लड़ाई क्षणिक हो सकती है, और ज्ञान की शक्ति स्थाई परिवर्तन लाती है। इसी से ही सशक्त समाज का निर्माण होता है।
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि संत कबीर दास के दिखाए समरसता के मार्ग पर चलकर, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के शिक्षा और संगठन के सिद्धांतों को आत्मसात करेंगे और राष्ट्र निर्माण के महायज्ञ में अपना सक्रिय योगदान देंगे।
इस अवसर पर सतीश खुंडिया, प्रो. जयनारायण, जिला अध्यक्ष रणजीत धीमान, प्रदेश महामंत्री अनिल सरीन, पूर्व सांसद स. अमरीक सिंह, राखी अग्रवाल, डा. कनिका जिन्दल सहित कई पार्टी पदाधिकारी एवं नागरिक उपस्थित रहे।
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लुधियाना में धानक समाज द्वारा संत कबीर के 628वें प्रकट दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन में मुख्यमंत्री ने की शिरकत
संत कबीर दास समरसता, बराबरी, इंसानियत के संदेश को घर-घर पहुंचाने वाली मुहिम
भाजपा सरकार बनेगी उसी दिन नशा बेचने वाले पंजाब छोड़कर चले जाएगें- मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
हरियाणा सरकार संत कबीर की वाणी को कर रही साकार
लुधियाना में संत कबीर भवन बनाने के लिए 11 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा
चंडीगढ़, 28 जून - हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज पंजाब में सबसे बड़ा संकट बढ़ता नशा है। नशे से अनेक घर बर्बाद और माताओं की गोद सूनी हो गई। जो युवा देश की सबसे बड़ी ताकत होता है, वह आज नशे की गिरफ्त में फंसता जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार बनेगी उसी दिन से नशा बेचने वाले पंजाब छोड़कर चले जाएगें।
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी रविवार को लुधियाना में धानक समाज द्वारा संत कबीर के 628वें प्रकट दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने लुधियाना में संत कबीर भवन बनाने का ऐलान करते हुए 11 लाख रुपए की राशि देने की घोषणा की।
मुख्यमंत्री ने संत शिरोमणि कबीरदास महाराज के चरणों में कोटि-कोटि नमन करते हुए उनके प्रकट दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि जब हमारा समाज अंधविश्वास, पाखंड, छुआछूत और रूढ़िवादिता के गहरे अंधकार में डूबा हुआ था। ऐसे में संत कबीर महाराज का जन्म ज्योति स्वरूप हुआ जिन्होंने अपनी ओजस्वी वाणी से पूरे समाज को नई राह दिखाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत कबीर दास समरसता, बराबरी, इन्सानियत के संदेश को घर घर पहुंचाने वाली मुहिम है। वह भारत की रूह और बड़े समाज सुधारक हुए हैं जिन्होंने समाज को जोड़ने का रास्ता और इन्सानियत का मंत्र दिया है। उनका जीवन सत्य की खोज और असत्य के निर्भिक खंडन में व्यतीत हुआ और उन्होंने सभी धर्मों की कुरीतियों और रूढियों पर कड़ा प्रहार किया। उनके क्रांतिकारी विचार आज भी समाज के मार्गदर्शक है। गुरू ग्रन्थ साहिब में भी संत कबीर की वाणी को सम्मान दिया गया है। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार संत कबीर की वाणी को साकार करने का कार्य कर रही है। हर जिला स्तर पर संत प्रकाश पर्व मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत कबीर का दिया हुआ समूचे कल्याण, बराबरी का संदेश तथा अंतिम व्यक्ति के विकास का मंत्र पं. दीन दयाल उपाध्याय ने अपनाया। भाजपा उसे आगे बढाने का कार्य कर रही है। हरियाणा में कांग्रेस कार्यकाल में प्लाट के नाम पर मिले केवल कागज को वर्तमान सरकार ने 20 हजार गरीब लोगों को कब्जा दिलवाने का काम किया है। इसके अलावा जो परिवार रह गए उन्हें 100-100 वर्ग गज के प्लाट देकर प्रधानमंत्री आवास योजना से जोड़कर उनके पक्के मकान बनाने का कार्य किया है। शहरी क्षेत्रों में गरीब लोगों को 30-30 वर्ग गज के प्लाट तथा सोनीपत, गुरूग्राम, फरीदाबाद में 7200 से अधिक फ्लेट दिए गए हैं। इसके अलावा लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपए, महिलाओं को 500 रुपए में गैस सिलेंडर देने के अलावा लोगों को आयुष्मान चिरायु योजना का लाभ दिया गया है। किसानों की सभी फसलों को एमएसपी पर खरीदा जा रहा है। इसके साथ ही सब्जियों को भी भावांतर भरपाई योजना में शामिल कर किसानों को लाभ दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार लोगों को झूठ बोलकर बरगलाने का कार्य कर रही है। सरकार द्वारा किए गए वादे में से आधे भी पूरे नहीं किए हैं। कानून व्यवस्था की हालात बदहाल हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा सरकार बनते ही संत कबीर दास के दिखाए मार्ग पर चलकर कानून व्यवस्था दुरूस्त करने तथा युवाओं को रोजगार देने का कार्य करेगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा की नीति, नीयत साफ है और राष्ट्र प्रथम की नीति से कार्य करते हैं। संत कबीर की विरासत को संवैधानिक रूप देने वाले भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर का स्वतः ही स्मरण हो आता है। संत कबीर ने जिस सामाजिक समानता की बात अपनी वाणी में कही, बाबा साहेब ने उसे भारत के पवित्र संविधान में पिरोकर हमें कानूनी अधिकार के रूप में सौंपा है। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के मूल मंत्र पर चलते हुए समाज के हर वर्ग के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं और नीतियां लागू की हैं। हरियाणा में पिछले साढ़े 11 वर्षों में पारदर्शी शासन व्यवस्था स्थापित कर जनता को लाभ पहुंचाया है।
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मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने लुधियाना में सुना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम
चण्डीगढ, 28 जून- हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मन की बात कार्यक्रम न केवल देश में अपितु विदेशों में भी लोग इस कार्यक्रम को सुनते हैं। रविवार को प्रसारित किए गए प्रधानमंत्री के मन की बात कार्यक्रम को मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी आज पंजाब के लुधियाना में लोगों के बीच बैठकर सुना।प्रधानमंत्री ने आज पूर्वी एशिया के देश सेशेल्स के दूसरे दिन के अपने दौरे पर थे। फिर भी उन्होंने आकाशवाणी से मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने खेल, प्राकृतिक खेती और पानी की एक -एक बूंद बचाने और वॉकल फोर लोकल अपनाने का आह्वान किया। इस दिशा में हरियाणा सरकार पहले से ही काम कर रही है। हरियाणा के खिलाड़ियों ने देश का मान बढ़ाया है तो वहीं दूसरी ओर अन्नदाता भी केंद्रीय पुल में खाद्यान्न भंडार भर रहे हैं। किसानों को बागवानी व अन्य फसलें उगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। प्रदेश सरकार का प्रयास है कि किसान अधिक से अधिक जल को बचाएं और प्राकृतिक खेती को अपनाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य एशिया के संकट के समय प्रधानमंत्री ने लोगों से आह्वान किया था कि सोना ना खरीदे, पेट्रोल की बचत करें जिसका असर भी देखने को मिल रहा है। आज लोग आवागमन के सार्वजनिक परिवहन साधनों अपना रहे हैं। यह प्रयास दिखाता है कि प्रधानमंत्री के संदेश को जनता ने मन से अपनाया है। इसी परिवर्तन से राष्ट्र निर्माण को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मन की बात कार्यक्रम में सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक महत्व के मुद्दों पर चर्चा की जाती है। सरकार की नीतियों को नागरिकों तक पहुंचाना और उनकी प्रतिक्रिया जानना भी इसका एक महत्वपूर्ण पहलू है। मन की बात प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और आम जनता के बीच संवाद का एक सशक्त माध्यम है। इस कार्यक्रम के जरिए देशभर में हो रहे सकारात्मक प्रयासों, सामाजिक नवाचारों और जनभागीदारी की प्रेरक कहानियों को सामने लाया जाता है, जो समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं और समाज में मेलजोल की भावना को बढ़ावा देती है।मन की बात कार्यक्रम न केवल विचारों को दिशा देता है, बल्कि देशवासियों को विकास, सेवा और जिम्मेदारी की भावना के साथ आगे बढऩे का संदेश भी देता है।
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ग्रुप-डी कर्मचारियों को लेकर हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला
चंडीगढ़, 25 जून-हरियाणा सरकार ने राज्य के हजारों ग्रुप-डी कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उन्हें कॉमन कैडर में बने रहने या उससे बाहर निकलने का एकमुश्त विकल्प देने का फैसला किया है।
इस संबंध में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने एक पत्र जारी कर सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों तथा उपायुक्तों को निर्धारित समयावधि में यह प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
जारी पत्र के अनुसार यह प्रक्रिया विज्ञापन संख्या 04/2018 के तहत नियुक्त सभी ग्रुप-डी कर्मचारियों तथा 28 मार्च, 2018 से 31 मार्च, 2020 के बीच अनुकंपा आधार पर नियुक्त कर्मचारियों पर लागू होगी।
पत्र में कहा गया है कि ग्रुप-डी सेवा ढांचे में किए गए संशोधनों के बाद पात्र कर्मचारियों को यह एकमुश्त अवसर प्रदान किया जा रहा है कि वे कॉमन कैडर में बने रहने या उससे बाहर निकलने का विकल्प चुन सकें।
जो कर्मचारी कॉमन कैडर में बने रहने का विकल्प चुनेंगे, वे समय-समय पर संशोधित हरियाणा ग्रुप-डी कर्मचारी (भर्ती एवं सेवा शर्तें) अधिनियम, 2018 के प्रावधानों के तहत शासित होते रहेंगे। वहीं, जो कर्मचारी कॉमन कैडर से बाहर होने का विकल्प चुनेंगे, वे अपने-अपने विभागों के संबंधित सेवा नियमों के अधीन होंगे।
पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए यह विकल्प ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से मांगा जाएगा। पात्र कर्मचारी 1 जुलाई से 15 जुलाई, 2026 तक https://recruitment.groupd.csharyana.gov.in/ पोर्टल पर जाकर अपना विकल्प दर्ज कर सकेंगे। यह पोर्टल ओटीपी आधारित होगा तथा कर्मचारी केवल अपने एचआरएमएस में पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से ही लॉगिन कर सकेंगे।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि प्रत्येक पात्र कर्मचारी निर्धारित अवधि के भीतर अपना विकल्प अवश्य दर्ज करे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी निर्धारित समयावधि में अपना विकल्प दर्ज नहीं करता है, तो उसे कॉमन कैडर में बने रहने के लिए सहमति माना जाएगा।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को इन निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पात्र कर्मचारियों तक इसकी जानकारी पहुंचाते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए हैं ताकि प्रदेशभर में यह कार्य सुचारू रूप पूरा हो सके।
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मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा के लिए तय किया रोडमैप, विश्वविद्यालयों की रैंकिंग और गुणवत्ता सुधार पर जोर
चंडीगढ़, 25 जून: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज हरियाणा सिविल सचिवालय में उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा ‘हरियाणा विजन-2047’ आगामी पांच वर्षों के रोडमैप एवं कार्ययोजना की समीक्षा की। बैठक में उच्च शिक्षा को अधिक आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुख और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए चल रही योजनाओं, बजट घोषणाओं तथा मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एके सिंह, डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी कुमार, उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक श्री एस. नारायणन, मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
बैठक में अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को बताया गया कि राज्य के 22 मॉडल संस्कृति महाविद्यालयों को स्वायत्त संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें आधुनिक आधारभूत ढांचे, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और तकनीक आधारित शिक्षण सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी निर्माणाधीन कॉलेज भवनों और शैक्षणिक परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
उच्च शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण को बढ़ावा देने के लिए राज्य के शिक्षण संस्थानों को राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) की शीर्ष 150 संस्थाओं में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग, छात्र विनिमय कार्यक्रम, शोध गतिविधियों और पेटेंट संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में सुधार, शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहन तथा शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में ‘ऑटोनॉमस एआई डिजिटल कॉलेज’ की प्रगति की भी समीक्षा की गई। पंचकूला और गुरुग्राम में स्थापित किए जाने वाले ये संस्थान एआई आधारित आधुनिक शिक्षण प्रणाली पर कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करना समय की आवश्यकता है।बैठक में बताया गया कि सरकारी महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर छात्राओं की ट्यूशन फीस माफ की गई है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के ड्रॉपआउट पर विशेष निगरानी रखने तथा उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक कारणों से कोई भी विद्यार्थी शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए छात्रवृत्ति और अन्य सहायता योजनाओं को और प्रभावी बनाया जाए।
अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए पेटेंट पंजीकरण शुल्क की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति (अधिकतम 50 हजार रुपये तक) तथा 10 करोड़ रुपये के ‘उच्च शिक्षा गुणवत्ता एवं अनुसंधान कोष’ की स्थापना की जा रही है। साथ ही एनसीसी, एनएसएस और खेल गतिविधियों को एकेडमिक क्रेडिट बैंक से जोड़ने तथा इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और प्लेसमेंट के लिए एकीकृत डिजिटल पोर्टल विकसित करने पर कार्य किया जा रहा है।
बैठक में विभिन्न मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए रेवाड़ी, नारनौल और अन्य क्षेत्रों में चल रही शैक्षणिक अवसंरचना परियोजनाओं की जानकारी दी गई। वहीं कैरू स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में विज्ञान संकाय की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं तथा रामशरण माजरा में नया राजकीय महाविद्यालय आगामी सत्र से संचालित होगा।
मुख्यमंत्री ने ‘अव्वल बालिका योजना’ के अंतर्गत मेधावी छात्राओं को स्कूटी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं एवं परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा उनका समयबद्ध क्रियान्वयन किया जाए, ताकि हरियाणा को उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जा सके।
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मुख्यमंत्री ने लाडवा-बाबैन मार्ग पर सड़क दुर्घटना में घायल दो युवकों की तत्काल सहायता की।
चंडीगढ़ 24 जून : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए लाडवा-बाबैन मार्ग पर सड़क दुर्घटना में घायल दो युवकों की तत्काल सहायता सुनिश्चित की।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी अपने काफिले से कार्यक्रम के लिए जा रहे थे। इसी दौरान लाडवा से बाबैन रोड पर एक सड़क दुर्घटना में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में दिखाई दिए। घायलों को देखकर मुख्यमंत्री ने तुरंत अपना काफिला रुकवाया और उनकी स्थिति की जानकारी ली।
घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बिना देरी किए अपने काफिले में मौजूद एम्बुलेंस को मौके पर भेजा तथा दोनों युवकों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि घायलों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। घायल अमित गांव बीड़ कलवा और रजत गांव सूरजगढ़ निवासी है
मुख्यमंत्री की इस संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई से घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकी। स्थानीय लोगों ने भी मुख्यमंत्री के इस मानवीय एवं संवेदनशील कदम की सराहना की।
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महापुरुषों के आदर्शों पर चलकर ही समाज को नई दिशा दी जा सकती है : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़ 24 जून: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि संत-महापुरुषों का जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होता है और उनके बताए मार्ग पर चलकर ही मानवता, सेवा, भाईचारे और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बुधवार को गुरुद्वारा श्री गुफासर साहिब, रोडेवाल, पटियाला, पंजाब में आयोजित धार्मिक समागम के अवसर पर साध संगत को संबोधित कर रहे थे। यह समागम बाबा पूरन दास जी महाराज की 60वीं पुण्यतिथि तथा संत बाबा बलवंत सिंह जी (सिहोड़े वाले) की 12वीं पुण्यतिथि को समर्पित था।
मुख्यमंत्री ने संत बाबा बलवंत सिंह और बाबा पूरन दास जी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन धर्म, तपस्या, लोककल्याण और मानव सेवा को समर्पित किया। जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों में कुओं का निर्माण करवाना, शिक्षा के प्रसार के लिए विद्यालय स्थापित करवाना तथा गुरुद्वारों का निर्माण कराना उनके समाज सुधारक व्यक्तित्व का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि संत बाबा बलवंत सिंह जी ने अपने गुरु की महान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मानवता की सेवा, आध्यात्मिक जागृति और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने युवाओं को धर्म और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया तथा शिक्षा संस्थानों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पंजाब जो कभी पूरे देश का अन्नदाता और विकास का इंजन कहलाता था, आज वह अपनी दिशा भटक गया है। जिस पंजाब ने देश को खिलाड़ी दिए, फौजी दिए और दुनिया के कोने-कोने में नाम कमाने वाले उद्योगपति दिए, वह आज नशे के जाल में फसता जा रहा है। जिस पंजाब की मिट्टी से क्रांति की महक आती थी आज वहां के युवाओं की आंखों में भविष्य को लेकर अनिश्चितता है
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाज अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। नशाखोरी, सामाजिक बुराइयों और हिंसा जैसी प्रवृत्तियों से युवाओं को बचाने के लिए संतों के आदर्शों को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा की धरती संतों, गुरुओं और वीरों की भूमि रही है। यह भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम समाज में भाईचारे, सद्भाव और सेवा की भावना को मजबूत करें तथा आने वाली पीढ़ियों को महापुरुषों की शिक्षाओं से परिचित कराएं।
मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा श्री गुफासर साहिब की प्रबंधन समिति तथा संत गुरचरण दास जी द्वारा संचालित सेवा, लंगर और सामाजिक कल्याण गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में एकता और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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हरियाणा में अब मानव संसाधन विभाग के माध्यम से होगी क्लर्कों की नियुक्ति
चंडीगढ़, 24 जून: हरियाणा सरकार ने स्पष्ट किया है कि हरियाणा लिपिकीय (भर्ती एवं सेवा शर्तें) अधिनियम, 2026 के लागू होने के बाद क्लर्क के पद पर सभी नियमित नियुक्तियां मानव संसाधन विभाग द्वारा की जाएंगी। इनमें सीधी भर्ती के माध्यम की जाने वाली नियुक्तियों के साथ-साथ अनुकंपा आधार पर की जाने वाली नियुक्तियां भी शामिल होंगी।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी निर्देशों कहा गया है कि अब अनुकंपा आधार पर नियुक्ति से संबंधित सभी मामलों की जांच हरियाणा सिविल सेवा (अनुकंपा वित्तीय सहायता अथवा नियुक्ति) नियम, 2019 के अनुसार की जाएगी। संबंधित विभागाध्यक्ष की संस्तुति तथा एचएसएएस कैडर के अधिकारी द्वारा सत्यापन के उपरांत ऐसे सभी मामले आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए मानव संसाधन विभाग को भेजे जाएंगे।
सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन निर्देशों की जानकारी सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों तक पहुंचाई जाए तथा उनका अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।
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पेयजल समस्याओं का भी त्वरित समाधान करें सुनिश्चित : मुख्यमंत्री
चण्डीगढ, 23 जून : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बिजली की तर्ज पर पेयजल के लिए आने वाली समस्याओं का भी त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। सभी नागरिकों को स्वच्छ एवं पर्याप्त मात्रा में पेयजल सुलभ करवाना सरकार की जिम्मेवारी है। पेयजल के लिए फण्ड की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री हरियाणा जल आपूर्ति एवं सिवरेज बोर्ड की 59वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल से संबंधित कोई शिकायत नहीं रहनी चाहिए। कोई शिकायत आती है तो उसके लिए क्षेत्र के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाई अमल में लाई जाएगी। पेयजल समस्या के समाधान के लिए टोल फ्री नम्बर जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पेयजल के बिछाई गई सभी पुरानी एवं कण्डम पाईप लाईनों को बदलने का कार्य किया जाए ताकि उनमें गंदे पानी की मिलावट न हो सके।
इस पर मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत करवाया कि 1245 किलोमीटर पानी की लाईन बदलने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जलघरों के लिए खुले में पानी भेजने की बजाय पाईप लाईन से भेजने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए सर्वे कर प्रोपेजल तैयार किया जाए। इसी प्रकार ओवरफलो सिवरेज एवं ढक्कन टुटे एवं खुले है उन समस्याओं का भी तत्काल समाधान तत्काल किया जाए।
घग्गर में गंदा पानी डालने से रोकने के लिए करें प्रस्ताव तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना नदी की तरह घग्गर नदी में कहीं भी गंदा पानी न डाला जाए। इसके लिए भी अलग से प्रस्ताव तैयार किया जाए। इसके अलावा जल घरों पर सौर ऊर्जा संयत्र लगाए जाए। उन्होंने कहा कि महाग्राम योजना में शामिल गांवों में सिवरेज लेवल की सही जांच की जाए। इन गांवों में सिवरेज के पानी की सही तरीके से निकासी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ढाणियों में रहने वाले लोगों के पेयजल सुलभ करवाने के लिए भी सर्वे किया जाए। सरकार द्वारा गरीब लोगों के लिए मुहैया करवाए जा रहे 100-100 वर्ग गज के प्लाटों वाली कालोनियों में भी पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए। बरसात से पूर्व सभी शहरों में सिवरेज की सफाई पुख्ता की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल, एसटीपी, सिवरेज आदि की जांच के लिए टास्क फोर्स कमेटी का गठन किया जाए। इनमें स्थानीय निकाय, विकास एवं पंचायत, एचएसवीपी के अधिकारियों को शामिल किया जाए, जो पानी की गुणवता, एसटीपी का बीओडी आदि चैक कर उसकी रिपोर्ट के साथ सुझाव भी प्रस्तुत करेगी।
पंचकूला, रोहतक, चरखी दादरी, हांसी के लिए पानी की स्थिति सुधारने के लिए बनाएं विशेष रणनीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचकूला, रोहतक, चरखी दादरी तथा हांसी के लिए पानी की स्थिति सुधारने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जाए। इसके अलावा पिंजौर, मोरनी, कालका क्षेत्र के लिए जल घर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि कौशल्या डैम में बरसात के दिनों में अधिक से अधिक पानी एकत्र हो सके। इसकी क्षमता बढाने के लिए विशेष प्रबंध किए जाए।
जल आपूर्ति सिवरेज बोर्ड की बैठक में साल 2026-27 के लिए राज्य में पेयजल, सिवरेज एवं स्वच्छता अवसरंचना को सुदृढ करने के लिए कई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। पिछले साल के दौरान 1330 विकास कार्य पूरे किए गए जिनमें 1000 ग्रामीण क्षेत्र तथा 330 शहरी क्षेत्र के कार्य है। इस अवधि में 82 नहरी आधारित जलधर, 254 नलकूप , 91 बस्टिंग स्टेशन, तथा 4300 किलोमीटर से अधिक जलापूर्ति पाईप लाईन बिछाई गई। इसके अलावा विभिन्न शहरों में 150 किलोमीटर सिवरेज लाईन भी डाली गई।
आयुक्त एवं सचिव पंकज यादव ने बताया कि राज्य में पेयजल आपूर्ति एवं सिवरेज सुविधाओं के सुधार हेतू चालू वित वर्ष के लिए रोडमैप तैयार किया गया है। इस कार्य योजना में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की 712 नई संवर्धन सुधार योजनााअें को 2534.39 करोड़ की लागत से स्वीकृत किए गए। उन्होंने कहा कि विभाग गुणवतापूर्ण पेयजल, बेहतर स्वच्छता सुविधाएं तथा आधुनिक जल प्रबंधन सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्व है।
बैठक में जनस्वास्थय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक मीणा, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव यशपाल यादव, पर्यावरण विभाग के महानिदेशक विनय प्रताप सिंह, पीएमडीएम के सीईओ एवं सूचना एंव जनसम्पर्क विभाग के महानिदेशक के मकरंद पांडुरंग, ईआईसी देवेन्द्र दहिया सहित जल बोर्ड, तालाब अथोरटी, सफाई कर्मी अथोरटी के प्रतिनिधियों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
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अहीरवाल के शौर्य, बलिदान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बनेगा नसीबपुर स्मारक : मुख्यमंत्री
चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अहीरवाल क्षेत्र के वीर शहीदों के अदम्य साहस, संघर्ष और बलिदान को समर्पित नसीबपुर में स्मारक की स्थापना की जाएगी। यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति और देश सेवा की प्रेरणा देने के साथ-साथ अहीरवाल के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराएगा।
मुख्यमंत्री ने आज हरियाणा निवास में इस महत्वपूर्ण परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य, पर्यावरण तथा सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री राव नरबीर सिंह, स्वास्थ्य मंत्री सुश्री आरती सिंह राव, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के.एम. पांडुरंग, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री यश पाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विधायक श्री ओम प्रकाश यादव भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक में नसीबपुर में बनने वाले स्मारक के प्रस्तावित डिजाइन, कंसेप्ट और निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति के संबंध में विस्तृत प्रस्तुति दी गई। बैठक में बताया गया कि लगभग 42 कनाल 10 मरला क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस भव्य स्मारक परिसर में ओपन एयर थिएटर, लाइट एंड साउंड शो, गैलरी, ऑडिटोरियम, प्रशासनिक भवन तथा अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्मारक परिसर के सौंदर्यीकरण, हरित क्षेत्र विकास तथा आगंतुकों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था, सुगम आवागमन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं ताकि पर्यटकों और आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के.एम. पांडुरंग ने परियोजना की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रीगण द्वारा दिए गए सुझावों और निर्देशों के अनुरूप परियोजना के डिजाइन एवं अन्य पहलुओं को और अधिक प्रभावी एवं आकर्षक बनाया जाएगा।
इस मौके पर सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक कैप्टन मनीष लोहान, शहीद स्मारक अंबाला के निदेशक डॉ कुलदीप सैनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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