DPR Haryana
Ir al canal en Telegram
Official telegram channel of Directorate of Information, Public Relations and Languages, Govt. of Haryana. हरियाणा सरकार से जुडी खबरों के लिए इस चैनल को join करें. prharyana.gov.in
Mostrar más2 254
Suscriptores
+124 horas
-47 días
-2430 días
Archivo de publicaciones
2 254
ग्रुप-डी कर्मचारियों को लेकर हरियाणा सरकार का बड़ा फैसला
चंडीगढ़, 25 जून-हरियाणा सरकार ने राज्य के हजारों ग्रुप-डी कर्मचारियों के हित में महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए उन्हें कॉमन कैडर में बने रहने या उससे बाहर निकलने का एकमुश्त विकल्प देने का फैसला किया है।
इस संबंध में मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने एक पत्र जारी कर सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों तथा उपायुक्तों को निर्धारित समयावधि में यह प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
जारी पत्र के अनुसार यह प्रक्रिया विज्ञापन संख्या 04/2018 के तहत नियुक्त सभी ग्रुप-डी कर्मचारियों तथा 28 मार्च, 2018 से 31 मार्च, 2020 के बीच अनुकंपा आधार पर नियुक्त कर्मचारियों पर लागू होगी।
पत्र में कहा गया है कि ग्रुप-डी सेवा ढांचे में किए गए संशोधनों के बाद पात्र कर्मचारियों को यह एकमुश्त अवसर प्रदान किया जा रहा है कि वे कॉमन कैडर में बने रहने या उससे बाहर निकलने का विकल्प चुन सकें।
जो कर्मचारी कॉमन कैडर में बने रहने का विकल्प चुनेंगे, वे समय-समय पर संशोधित हरियाणा ग्रुप-डी कर्मचारी (भर्ती एवं सेवा शर्तें) अधिनियम, 2018 के प्रावधानों के तहत शासित होते रहेंगे। वहीं, जो कर्मचारी कॉमन कैडर से बाहर होने का विकल्प चुनेंगे, वे अपने-अपने विभागों के संबंधित सेवा नियमों के अधीन होंगे।
पारदर्शिता और सुगमता सुनिश्चित करने के लिए यह विकल्प ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से मांगा जाएगा। पात्र कर्मचारी 1 जुलाई से 15 जुलाई, 2026 तक https://recruitment.groupd.csharyana.gov.in/ पोर्टल पर जाकर अपना विकल्प दर्ज कर सकेंगे। यह पोर्टल ओटीपी आधारित होगा तथा कर्मचारी केवल अपने एचआरएमएस में पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से ही लॉगिन कर सकेंगे।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि वे सुनिश्चित करें कि प्रत्येक पात्र कर्मचारी निर्धारित अवधि के भीतर अपना विकल्प अवश्य दर्ज करे। उन्होंने स्पष्ट किया है कि यदि कोई कर्मचारी निर्धारित समयावधि में अपना विकल्प दर्ज नहीं करता है, तो उसे कॉमन कैडर में बने रहने के लिए सहमति माना जाएगा।
मुख्य सचिव ने सभी विभागों को इन निर्देशों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने तथा पात्र कर्मचारियों तक इसकी जानकारी पहुंचाते हुए निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रक्रिया को पूरा करने के निर्देश दिए हैं ताकि प्रदेशभर में यह कार्य सुचारू रूप पूरा हो सके।
2 254
मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा के लिए तय किया रोडमैप, विश्वविद्यालयों की रैंकिंग और गुणवत्ता सुधार पर जोर
चंडीगढ़, 25 जून: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने आज हरियाणा सिविल सचिवालय में उच्चतर शिक्षा विभाग द्वारा ‘हरियाणा विजन-2047’ आगामी पांच वर्षों के रोडमैप एवं कार्ययोजना की समीक्षा की। बैठक में उच्च शिक्षा को अधिक आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण, रोजगारोन्मुख और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए चल रही योजनाओं, बजट घोषणाओं तथा मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
इस अवसर पर शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा, उच्चतर शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री एके सिंह, डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर की प्रधान सचिव श्रीमती अमनीत पी कुमार, उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक श्री एस. नारायणन, मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ. राज नेहरू सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।
बैठक में अधिकारियों द्वारा मुख्यमंत्री को बताया गया कि राज्य के 22 मॉडल संस्कृति महाविद्यालयों को स्वायत्त संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इनमें आधुनिक आधारभूत ढांचे, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और तकनीक आधारित शिक्षण सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी निर्माणाधीन कॉलेज भवनों और शैक्षणिक परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
उच्च शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण को बढ़ावा देने के लिए राज्य के शिक्षण संस्थानों को राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (NIRF) की शीर्ष 150 संस्थाओं में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ सहयोग, छात्र विनिमय कार्यक्रम, शोध गतिविधियों और पेटेंट संस्कृति को बढ़ावा दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों की रैंकिंग में सुधार, शोध एवं नवाचार को प्रोत्साहन तथा शिक्षकों के रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में ‘ऑटोनॉमस एआई डिजिटल कॉलेज’ की प्रगति की भी समीक्षा की गई। पंचकूला और गुरुग्राम में स्थापित किए जाने वाले ये संस्थान एआई आधारित आधुनिक शिक्षण प्रणाली पर कार्य करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करना समय की आवश्यकता है।बैठक में बताया गया कि सरकारी महाविद्यालयों में स्नातक स्तर पर छात्राओं की ट्यूशन फीस माफ की गई है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के ड्रॉपआउट पर विशेष निगरानी रखने तथा उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि आर्थिक कारणों से कोई भी विद्यार्थी शिक्षा से वंचित न रहे, इसके लिए छात्रवृत्ति और अन्य सहायता योजनाओं को और प्रभावी बनाया जाए।
अनुसंधान एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए पेटेंट पंजीकरण शुल्क की 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति (अधिकतम 50 हजार रुपये तक) तथा 10 करोड़ रुपये के ‘उच्च शिक्षा गुणवत्ता एवं अनुसंधान कोष’ की स्थापना की जा रही है। साथ ही एनसीसी, एनएसएस और खेल गतिविधियों को एकेडमिक क्रेडिट बैंक से जोड़ने तथा इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और प्लेसमेंट के लिए एकीकृत डिजिटल पोर्टल विकसित करने पर कार्य किया जा रहा है।
बैठक में विभिन्न मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए रेवाड़ी, नारनौल और अन्य क्षेत्रों में चल रही शैक्षणिक अवसंरचना परियोजनाओं की जानकारी दी गई। वहीं कैरू स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में विज्ञान संकाय की कक्षाएं शुरू हो चुकी हैं तथा रामशरण माजरा में नया राजकीय महाविद्यालय आगामी सत्र से संचालित होगा।
मुख्यमंत्री ने ‘अव्वल बालिका योजना’ के अंतर्गत मेधावी छात्राओं को स्कूटी उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं एवं परियोजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए तथा उनका समयबद्ध क्रियान्वयन किया जाए, ताकि हरियाणा को उच्च शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाया जा सके।
2 254
मुख्यमंत्री ने लाडवा-बाबैन मार्ग पर सड़क दुर्घटना में घायल दो युवकों की तत्काल सहायता की।
चंडीगढ़ 24 जून : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने मानवीय संवेदनाओं का परिचय देते हुए लाडवा-बाबैन मार्ग पर सड़क दुर्घटना में घायल दो युवकों की तत्काल सहायता सुनिश्चित की।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी अपने काफिले से कार्यक्रम के लिए जा रहे थे। इसी दौरान लाडवा से बाबैन रोड पर एक सड़क दुर्घटना में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल अवस्था में दिखाई दिए। घायलों को देखकर मुख्यमंत्री ने तुरंत अपना काफिला रुकवाया और उनकी स्थिति की जानकारी ली।
घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए मुख्यमंत्री ने बिना देरी किए अपने काफिले में मौजूद एम्बुलेंस को मौके पर भेजा तथा दोनों युवकों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि घायलों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। घायल अमित गांव बीड़ कलवा और रजत गांव सूरजगढ़ निवासी है
मुख्यमंत्री की इस संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई से घायलों को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकी। स्थानीय लोगों ने भी मुख्यमंत्री के इस मानवीय एवं संवेदनशील कदम की सराहना की।
2 254
महापुरुषों के आदर्शों पर चलकर ही समाज को नई दिशा दी जा सकती है : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़ 24 जून: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि संत-महापुरुषों का जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत होता है और उनके बताए मार्ग पर चलकर ही मानवता, सेवा, भाईचारे और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी बुधवार को गुरुद्वारा श्री गुफासर साहिब, रोडेवाल, पटियाला, पंजाब में आयोजित धार्मिक समागम के अवसर पर साध संगत को संबोधित कर रहे थे। यह समागम बाबा पूरन दास जी महाराज की 60वीं पुण्यतिथि तथा संत बाबा बलवंत सिंह जी (सिहोड़े वाले) की 12वीं पुण्यतिथि को समर्पित था।
मुख्यमंत्री ने संत बाबा बलवंत सिंह और बाबा पूरन दास जी महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन धर्म, तपस्या, लोककल्याण और मानव सेवा को समर्पित किया। जल संकट से जूझ रहे क्षेत्रों में कुओं का निर्माण करवाना, शिक्षा के प्रसार के लिए विद्यालय स्थापित करवाना तथा गुरुद्वारों का निर्माण कराना उनके समाज सुधारक व्यक्तित्व का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि संत बाबा बलवंत सिंह जी ने अपने गुरु की महान परंपरा को आगे बढ़ाते हुए मानवता की सेवा, आध्यात्मिक जागृति और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया। उन्होंने युवाओं को धर्म और नैतिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया तथा शिक्षा संस्थानों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज पंजाब जो कभी पूरे देश का अन्नदाता और विकास का इंजन कहलाता था, आज वह अपनी दिशा भटक गया है। जिस पंजाब ने देश को खिलाड़ी दिए, फौजी दिए और दुनिया के कोने-कोने में नाम कमाने वाले उद्योगपति दिए, वह आज नशे के जाल में फसता जा रहा है। जिस पंजाब की मिट्टी से क्रांति की महक आती थी आज वहां के युवाओं की आंखों में भविष्य को लेकर अनिश्चितता है
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाज अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। नशाखोरी, सामाजिक बुराइयों और हिंसा जैसी प्रवृत्तियों से युवाओं को बचाने के लिए संतों के आदर्शों को अपनाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ नैतिक एवं आध्यात्मिक मूल्यों को भी अपने जीवन का हिस्सा बनाएं।
उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा की धरती संतों, गुरुओं और वीरों की भूमि रही है। यह भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम समाज में भाईचारे, सद्भाव और सेवा की भावना को मजबूत करें तथा आने वाली पीढ़ियों को महापुरुषों की शिक्षाओं से परिचित कराएं।
मुख्यमंत्री ने गुरुद्वारा श्री गुफासर साहिब की प्रबंधन समिति तथा संत गुरचरण दास जी द्वारा संचालित सेवा, लंगर और सामाजिक कल्याण गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में एकता और मानवता की भावना को मजबूत करते हैं।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत-महात्मा, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
2 254
हरियाणा में अब मानव संसाधन विभाग के माध्यम से होगी क्लर्कों की नियुक्ति
चंडीगढ़, 24 जून: हरियाणा सरकार ने स्पष्ट किया है कि हरियाणा लिपिकीय (भर्ती एवं सेवा शर्तें) अधिनियम, 2026 के लागू होने के बाद क्लर्क के पद पर सभी नियमित नियुक्तियां मानव संसाधन विभाग द्वारा की जाएंगी। इनमें सीधी भर्ती के माध्यम की जाने वाली नियुक्तियों के साथ-साथ अनुकंपा आधार पर की जाने वाली नियुक्तियां भी शामिल होंगी।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी निर्देशों कहा गया है कि अब अनुकंपा आधार पर नियुक्ति से संबंधित सभी मामलों की जांच हरियाणा सिविल सेवा (अनुकंपा वित्तीय सहायता अथवा नियुक्ति) नियम, 2019 के अनुसार की जाएगी। संबंधित विभागाध्यक्ष की संस्तुति तथा एचएसएएस कैडर के अधिकारी द्वारा सत्यापन के उपरांत ऐसे सभी मामले आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए मानव संसाधन विभाग को भेजे जाएंगे।
सरकार ने सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों तथा संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन निर्देशों की जानकारी सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों तक पहुंचाई जाए तथा उनका अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।
2 254
पेयजल समस्याओं का भी त्वरित समाधान करें सुनिश्चित : मुख्यमंत्री
चण्डीगढ, 23 जून : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि बिजली की तर्ज पर पेयजल के लिए आने वाली समस्याओं का भी त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। सभी नागरिकों को स्वच्छ एवं पर्याप्त मात्रा में पेयजल सुलभ करवाना सरकार की जिम्मेवारी है। पेयजल के लिए फण्ड की कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री हरियाणा जल आपूर्ति एवं सिवरेज बोर्ड की 59वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। बैठक में जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा भी मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल से संबंधित कोई शिकायत नहीं रहनी चाहिए। कोई शिकायत आती है तो उसके लिए क्षेत्र के अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाई अमल में लाई जाएगी। पेयजल समस्या के समाधान के लिए टोल फ्री नम्बर जारी किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पेयजल के बिछाई गई सभी पुरानी एवं कण्डम पाईप लाईनों को बदलने का कार्य किया जाए ताकि उनमें गंदे पानी की मिलावट न हो सके।
इस पर मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत करवाया कि 1245 किलोमीटर पानी की लाईन बदलने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जलघरों के लिए खुले में पानी भेजने की बजाय पाईप लाईन से भेजने की व्यवस्था की जाए। इसके लिए सर्वे कर प्रोपेजल तैयार किया जाए। इसी प्रकार ओवरफलो सिवरेज एवं ढक्कन टुटे एवं खुले है उन समस्याओं का भी तत्काल समाधान तत्काल किया जाए।
घग्गर में गंदा पानी डालने से रोकने के लिए करें प्रस्ताव तैयार
मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना नदी की तरह घग्गर नदी में कहीं भी गंदा पानी न डाला जाए। इसके लिए भी अलग से प्रस्ताव तैयार किया जाए। इसके अलावा जल घरों पर सौर ऊर्जा संयत्र लगाए जाए। उन्होंने कहा कि महाग्राम योजना में शामिल गांवों में सिवरेज लेवल की सही जांच की जाए। इन गांवों में सिवरेज के पानी की सही तरीके से निकासी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि ढाणियों में रहने वाले लोगों के पेयजल सुलभ करवाने के लिए भी सर्वे किया जाए। सरकार द्वारा गरीब लोगों के लिए मुहैया करवाए जा रहे 100-100 वर्ग गज के प्लाटों वाली कालोनियों में भी पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए। बरसात से पूर्व सभी शहरों में सिवरेज की सफाई पुख्ता की जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पेयजल, एसटीपी, सिवरेज आदि की जांच के लिए टास्क फोर्स कमेटी का गठन किया जाए। इनमें स्थानीय निकाय, विकास एवं पंचायत, एचएसवीपी के अधिकारियों को शामिल किया जाए, जो पानी की गुणवता, एसटीपी का बीओडी आदि चैक कर उसकी रिपोर्ट के साथ सुझाव भी प्रस्तुत करेगी।
पंचकूला, रोहतक, चरखी दादरी, हांसी के लिए पानी की स्थिति सुधारने के लिए बनाएं विशेष रणनीति
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचकूला, रोहतक, चरखी दादरी तथा हांसी के लिए पानी की स्थिति सुधारने के लिए विशेष रणनीति तैयार की जाए। इसके अलावा पिंजौर, मोरनी, कालका क्षेत्र के लिए जल घर बनाया जाए। उन्होंने कहा कि कौशल्या डैम में बरसात के दिनों में अधिक से अधिक पानी एकत्र हो सके। इसकी क्षमता बढाने के लिए विशेष प्रबंध किए जाए।
जल आपूर्ति सिवरेज बोर्ड की बैठक में साल 2026-27 के लिए राज्य में पेयजल, सिवरेज एवं स्वच्छता अवसरंचना को सुदृढ करने के लिए कई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। पिछले साल के दौरान 1330 विकास कार्य पूरे किए गए जिनमें 1000 ग्रामीण क्षेत्र तथा 330 शहरी क्षेत्र के कार्य है। इस अवधि में 82 नहरी आधारित जलधर, 254 नलकूप , 91 बस्टिंग स्टेशन, तथा 4300 किलोमीटर से अधिक जलापूर्ति पाईप लाईन बिछाई गई। इसके अलावा विभिन्न शहरों में 150 किलोमीटर सिवरेज लाईन भी डाली गई।
आयुक्त एवं सचिव पंकज यादव ने बताया कि राज्य में पेयजल आपूर्ति एवं सिवरेज सुविधाओं के सुधार हेतू चालू वित वर्ष के लिए रोडमैप तैयार किया गया है। इस कार्य योजना में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति की 712 नई संवर्धन सुधार योजनााअें को 2534.39 करोड़ की लागत से स्वीकृत किए गए। उन्होंने कहा कि विभाग गुणवतापूर्ण पेयजल, बेहतर स्वच्छता सुविधाएं तथा आधुनिक जल प्रबंधन सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्व है।
बैठक में जनस्वास्थय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक मीणा, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव यशपाल यादव, पर्यावरण विभाग के महानिदेशक विनय प्रताप सिंह, पीएमडीएम के सीईओ एवं सूचना एंव जनसम्पर्क विभाग के महानिदेशक के मकरंद पांडुरंग, ईआईसी देवेन्द्र दहिया सहित जल बोर्ड, तालाब अथोरटी, सफाई कर्मी अथोरटी के प्रतिनिधियों सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं पदाधिकारी मौजूद रहे।
2 254
अहीरवाल के शौर्य, बलिदान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक बनेगा नसीबपुर स्मारक : मुख्यमंत्री
चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा अहीरवाल क्षेत्र के वीर शहीदों के अदम्य साहस, संघर्ष और बलिदान को समर्पित नसीबपुर में स्मारक की स्थापना की जाएगी। यह स्मारक आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रभक्ति और देश सेवा की प्रेरणा देने के साथ-साथ अहीरवाल के गौरवशाली इतिहास से परिचित कराएगा।
मुख्यमंत्री ने आज हरियाणा निवास में इस महत्वपूर्ण परियोजना की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
इस अवसर पर उद्योग एवं वाणिज्य, पर्यावरण तथा सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री राव नरबीर सिंह, स्वास्थ्य मंत्री सुश्री आरती सिंह राव, सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के.एम. पांडुरंग, मुख्यमंत्री के उप प्रधान सचिव श्री यश पाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विधायक श्री ओम प्रकाश यादव भी बैठक में शामिल हुए।
बैठक में नसीबपुर में बनने वाले स्मारक के प्रस्तावित डिजाइन, कंसेप्ट और निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति के संबंध में विस्तृत प्रस्तुति दी गई। बैठक में बताया गया कि लगभग 42 कनाल 10 मरला क्षेत्र में विकसित किए जा रहे इस भव्य स्मारक परिसर में ओपन एयर थिएटर, लाइट एंड साउंड शो, गैलरी, ऑडिटोरियम, प्रशासनिक भवन तथा अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्मारक परिसर के सौंदर्यीकरण, हरित क्षेत्र विकास तथा आगंतुकों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाए। पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था, सुगम आवागमन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं ताकि पर्यटकों और आगंतुकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के महानिदेशक श्री के.एम. पांडुरंग ने परियोजना की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री व अन्य मंत्रीगण द्वारा दिए गए सुझावों और निर्देशों के अनुरूप परियोजना के डिजाइन एवं अन्य पहलुओं को और अधिक प्रभावी एवं आकर्षक बनाया जाएगा।
इस मौके पर सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के अतिरिक्त निदेशक कैप्टन मनीष लोहान, शहीद स्मारक अंबाला के निदेशक डॉ कुलदीप सैनी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
2 254
मुख्यमंत्री ने किया विभागीय पत्रिका ‘जल संजीवनी’ का विमोचन
चंडीगढ़, 15 जून: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को हरियाणा निवास में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की योजनाओं, उपलब्धियों एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों की जानकारी प्रदेश के नागरिकों तक प्रभावी रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से विभागीय पत्रिका ‘जल संजीवनी’ के प्रथम संस्करण का उद्घाटन किया। इस अवसर पर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर सिंह गंगवा, उद्योग एवं वाणिज्य तथा सैनिक एवं अर्धसैनिक कल्याण मंत्री राव नरबीर सिंह, शिक्षा मंत्री श्री महीपाल ढांडा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद थे।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि ‘जल संजीवनी’ पत्रिका विभाग की कार्यप्रणाली, उपलब्धियों एवं भावी योजनाओं का एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है। यह प्रकाशन न केवल नागरिकों को विभाग की विभिन्न जनहितकारी पहलों से अवगत कराएगा, बल्कि जल संरक्षण, जल सुरक्षा तथा स्वच्छता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह पत्रिका विभाग की जनहितकारी पहलों को आमजन तक पहुंचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विभाग के इस प्रयास की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा आज जल प्रबंधन एवं ग्रामीण पेयजल व्यवस्था के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार के सतत प्रयासों तथा जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की प्रभावी कार्यप्रणाली के परिणामस्वरूप प्रदेश ‘शुद्ध जल, पर्याप्त जल’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच के अनुरूप हर व्यक्ति तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए कृतसंकल्प है।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री श्री रणबीर सिंह गंगवा ने बताया कि ‘जल संजीवनी’ पत्रिका में विभाग द्वारा पेयजल एवं स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों, नवाचारों तथा विकासात्मक पहलों का व्यापक विवरण प्रस्तुत किया गया है। पत्रिका में जल जीवन मिशन सहित विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रदेशवासियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए किए गए कार्यों, जलापूर्ति कवरेज, बजट के प्रभावी उपयोग तथा आधारभूत संरचना विकास से संबंधित प्रमुख उपलब्धियों को शामिल किया गया है।
उन्होंने बताया कि इस पत्रिका में जल गुणवत्ता प्रबंधन, आधुनिक जल परीक्षण प्रयोगशालाओं की सुविधाओं तथा नागरिकों को उपलब्ध करवाई जा रही सेवाओं का विस्तृत उल्लेख किया गया है। प्रदेश के उत्कृष्ट जल शोधन संयंत्रों एवं सीवेज उपचार संयंत्रों की कार्यप्रणाली, विभाग द्वारा अपनाई गई श्रेष्ठ कार्य प्रणालियों, तकनीकी नवाचारों तथा जल संरक्षण एवं स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे विशेष प्रयासों को भी पत्रिका में प्रमुखता से स्थान दिया गया है।
श्री गंगवा ने बताया कि पत्रिका में विभाग द्वारा समुदाय के सहयोग से संचालित गतिविधियों, विभिन्न क्षेत्रों में किए गए निरीक्षण एवं जनसंवाद कार्यक्रमों, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण पहलों तथा हरियाणा इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं के माध्यम से कार्यों में लाई गई पारदर्शिता एवं दक्षता को भी दर्शाया गया है। नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए विभाग द्वारा शिकायत निवारण तंत्र को भी सुदृढ़ किया गया है। केंद्रीकृत शिकायत निवारण प्रणाली के माध्यम से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं का विभागीय सेवाओं पर विश्वास और अधिक मजबूत हुआ है।
श्री गंगवा ने कहा कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार तक स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध करवाने, जल स्रोतों के संरक्षण, आधुनिक तकनीकों के उपयोग तथा सामुदायिक सहभागिता को प्रोत्साहित करने के माध्यम से हरियाणा ने जल सुरक्षा एवं सतत विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं। ‘जल संजीवनी’ पत्रिका विभाग के इन्हीं प्रयासों, नवाचारों एवं उपलब्धियों का प्रतिबिंब है, जो हरियाणा को जल प्रबंधन एवं स्वच्छता के क्षेत्र में एक सशक्त, प्रगतिशील एवं प्रेरणादायी राज्य के रूप में प्रस्तुत करती है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री अरुण कुमार गुप्ता, उप-प्रधान सचिव श्री यशपाल यादव, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता श्री देवेंद्र दहिया तथा जल एवं स्वच्छता सहायता संगठन के निदेशक डॉ. जसवंत सिंह सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
2 254
गंवाने वालों के घर जाकर किया शोक व्यक्त और शोक संतप्त परिजनों को बंधाया ढांढस
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने स्थानीय डी पार्क पर गत 9 जून को हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जान गंवाने वाले तीनों व्यक्तियों अमन, रोहित खुराना व कपिल कुमार के निवास स्थान पर पहुंचकर गहरा दुख प्रकट किया और शोक संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाया।
इस अवसर पर पूर्व मंत्री मनीष कुमार ग्रोवर, विधायक महंत बालक नाथ, उपायुक्त सचिन गुप्ता, पुलिस अधीक्षक गौरव राजपुरोहित सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
2 254
हरियाणा सरकार रोहतक आगजनी से पीड़ित परिवारों और व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़ी - मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी
चंडीगढ़, 15 जून: हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने रोहतक के डी-पार्क क्षेत्र में गत 9 जून को हुई भीषण आगजनी की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने प्रभावित बाजार का दौरा कर दुकानदारों से संवाद किया तथा दुकानों को हुए नुकसान का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने आगजनी में मृतक अमन कुमार पुत्र जगदीश, रोहित खुराना तथा कपिल कुमार के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि आग से भारी नुकसान झेलने वाले प्रतिष्ठानों को भी मुख्यमंत्री राहत कोष से तत्काल सहायता दी जाएगी।
दौरे के उपरांत मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने प्रेस प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए कहा कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार ए सी में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और अनेक प्रतिष्ठानों को अपनी चपेट में ले लिया। श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस दुखद घटना में अमन कुमार, रोहित खुराना तथा कपिल कुमार की मृत्यु हुई है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए परमपिता परमात्मा से अपने चरणों में स्थान देने की प्रार्थना की तथा शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
सरकार पीड़ित परिवारों व व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़ी है
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार भीषण आगजनी के पीड़ित परिवारों और व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि मानव जीवन की क्षति की भरपाई संभव नहीं है, फिर भी राज्य सरकार पीड़ित परिवारों और प्रभावित व्यापारियों की हर संभव सहायता करेगी। श्री सैनी ने घोषणा की कि आगजनी में मृतक अमन कुमार पुत्र जगदीश, रोहित खुराना तथा कपिल कुमार के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। आग से भारी नुकसान झेलने वाले प्रतिष्ठानों को भी मुख्यमंत्री राहत कोष से तत्काल सहायता दी जाएगी। सरकार द्वारा इस घटना में हुए नुकसान की पूरी भरपाई की कोशिश की जायेगी।
दुकानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी मुख्यमंत्री राहत कोष से तत्काल दी जायेगी आर्थिक सहायता
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि इस घटना में प्रभावित दिल्ली शूज के संचालक अमरजीत सिंह पुत्र रामप्रकाश को 5 लाख रुपये, रोहतक शूज कंपनी के संचालक सतीश कुमार पुत्र भूप सिंह को 5 लाख रुपये, शूज प्लाजा से गीता रानी पत्नी जय किशन को 5 लाख रुपये, रीगल शूज से इंदु जुनेजा पत्नी राजेश जुनेजा को 5 लाख रुपये, शिव जनरल स्टोर के नवनीत जुनेजा पुत्र हरीश कुमार को 5 लाख रुपये, बिंदु जनरल स्टोर के संचालक देशबंधु जैन पुत्र प्रकाशचंद जैन को 5 लाख रुपये, फुटलुक फुटवेयर के संचालक अशोक कुमार जैन को 5 लाख रुपये तथा कैलाश बूट हाउस के संचालक प्रियांशु कालड़ा पुत्र कैलाशचंद को 5 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
घटना में प्रभावित रेहड़ी-फड़ी वालों की भी की जायेगी पूरी मदद
श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि आनंद फ्रूट जूस की संचालिका मीना कुमारी पत्नी टेकचंद तथा सहगल फ्रूट जूस के संचालक मुकेश पुत्र अशोक कुमार को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि रेहड़ी एवं छोटे कारोबारियों को भी राहत प्रदान की जाएगी। अन्नपूर्णा भोजनालय (रेहड़ी रोटी परांठा) को 50 हजार रुपये, किचन ऑन व्हील्स के संचालक गौरव पुत्र सतीश कुमार को 50 हजार रुपये तथा क्लॉथ खोखा एवं नारियल पानी के संचालक नीरज पुत्र दर्शन सिंह को 50 हजार रुपये की सहायता मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रदान की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग (यूएलबी) द्वारा आगजनी से हुए नुकसान का विस्तृत आकंलन किया जा रहा है। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद राज्य सरकार अतिरिक्त सहायता और मुआवजे के संबंध में भी आवश्यक निर्णय लेगी, ताकि प्रभावित व्यापारियों को अधिकतम राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि यह एक पुराना बाजार है और ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए सतर्कता आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी आवश्यक उपाय किए जाएंगे।
जिला के प्रशासनिक अधिकारी व फायर ब्रिगेड कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने के लिए किया सराहनीय कार्य
मुख्यमंत्री ने फायर ब्रिगेड विभाग, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना करते हुए कहा कि आग लगने के तुरंत बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया गया था। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने लगभग छह से सात घंटे तक लगातार प्रयास कर आग पर काबू पाया। जब तक आग पूरी तरह नियंत्रित नहीं हुई, तब तक प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर डटी रहीं।
मुख्यमंत्री ने आगजनी की घटना में जान
2 254
नए आपराधिक कानूनों को लागू करने में नंबर-1 बना हरियाणा
नेशनल क्रिमिनल लॉज डैशबोर्ड पर हरियाणा शीर्ष स्थान पर
सभी समन इलेक्ट्रॉनिक रूप से, ई-चार्जशीट की स्वीकार्यता 90 प्रतिशत से ज्यादा
चंडीगढ़, 15 जून-हरियाणा में अब सभी न्यायालय समन कोर्ट इंफॉर्मेशन सिस्टम (सीआईएस) के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप से जारी किए जा रहे हैं, जो कागजरहित न्याय प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस और न्यायालय प्रणालियों के सफल एकीकरण के परिणामस्वरूप नए आपराधिक कानूनों के तहत ई-चार्जशीट की स्वीकार्यता 90 प्रतिशत से अधिक हो गई है, जिससे आपराधिक जांच और अभियोजन प्रक्रिया में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ी है। साथ ही राज्य ने प्रौद्योगिकी आधारित पुलिसिंग और न्यायिक प्रक्रियाओं में राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी राज्य के रूप में अपनी स्थिति और मजबूत की है।
ये उपलब्धियां आज मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई अपराध एवं अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम्स (सीसीटीएनएस) तथा इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) की 33वीं राज्य स्तरीय शीर्ष समिति (एसएसी) की बैठक में सामने आईं। बैठक में नए आपराधिक कानूनों, सीसीटीएनएस तथा आईसीजेएस पहलों के राज्यव्यापी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई।
पुलिस महानिदेशक श्री अजय सिंघल ने बताया कि हरियाणा ने 7 जून, 2026 से नेशनल न्यू क्रिमिनल लॉज डैशबोर्ड पर पहला स्थान सुनिश्चित किया है। इसके अलावा, जून 2021 से पिछले 59 महीनों के दौरान राज्य 44 बार इस डैशबोर्ड पर शीर्ष स्थान पर रहा है। अप्रैल 2026 में हरियाणा ने प्रगति डैशबोर्ड पर भी प्रथम स्थान हासिल किया।
बैठक में बताया गया कि हरियाणा पुलिस नागरिक केंद्रित सेवाओं के क्षेत्र में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है और हरसमय पोर्टल के माध्यम से राइट टू सर्विस (आरटीएस) डैशबोर्ड पर 10 में से 10 अंक प्राप्त कर रही है। निर्धारित समय-सीमा के भीतर 88.84 लाख से अधिक नागरिक आवेदनों का निपटान किया गया, जिससे हरियाणा पुलिस राज्य के सर्वश्रेष्ठ सार्वजनिक सेवा प्रदाता विभागों में शामिल हो गई है।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने विभाग के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए सभी हितधारकों को इस गति को बनाए रखने, लंबित परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करने तथा पुलिसिंग, जांच और न्याय वितरण प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाने के लिए प्रौद्योगिकी के अधिकतम उपयोग के निर्देश दिए।
बैठक में आईसीजेएस 2.0 के तहत पुलिस अवसंरचना के आधुनिकीकरण पर भी बल दिया गया। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने हरियाणा में आईसीजेएस 2.0 प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए लगभग 34 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की है, जो राज्य के डिजिटल परिवर्तन कार्यक्रम के व्यापक स्वरूप को दर्शाता है।
बैठक में बताया गया कि डिजिटल पुलिसिंग को सशक्त बनाने तथा पुलिस, जेल, अभियोजन, फोरेंसिक साइंस प्रयोगशालाओं और न्यायालयों के बीच निर्बाध सूचना आदान-प्रदान सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक डेस्कटॉप कंप्यूटर, यूपीएस सिस्टम, मल्टी-फंक्शन प्रिंटर, क्यूआर कोड रीडर एवं प्रिंटर, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग एंड-प्वाइंट तथा एलईडी डिस्प्ले सिस्टम जैसे आधुनिक उपकरणों की खरीद एवं तैनाती की जा रही है।
राज्य अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो की पुलिस अधीक्षक सुश्री नितिका गहलौत ने बताया कि कई महत्वपूर्ण हार्डवेयर उपकरण पहले ही उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जिनमें फिंगरप्रिंट स्कैनर, टैबलेट आधारित बायोमेट्रिक उपस्थिति उपकरण और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कैमरे शामिल हैं। अतिरिक्त उपकरणों की खरीद भी विभिन्न चरणों में जारी है।
बैठक में गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, वित्त विभाग के आयुक्त एवं सचिव श्री सी.जी. रजनी कान्थन और हारट्रॉन के प्रबंध निदेशक श्री जे. गणेशन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
2 254
हरियाणा की आईटीआई में शुरू होंगे चीनी मिलों से जुड़े विशेष पाठ्यक्रम
उद्योग की जरूरतों के हिसाब से होगा कौशल विकास
मुख्य सचिव ने की समीक्षा बैठक
युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में गठित होगी कमेटी
चंडीगढ़, 15 जून-उद्योगों के अनुरूप कुशल मानव शक्ति के विकास की दिशा में हरियाणा एक बड़ी पहल करने जा रहा है। प्रदेश की आईटीआई में जल्द ही चीनी मिलों से संबंधित विशेष पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में एक समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह कमेटी पाठ्यक्रमों के संचालन की रूपरेखा को अंतिम रूप देकर 14 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज यहां एक बैठक की अध्यक्षता करते हुए राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में चीनी मिलों से संबंधित विशेष पाठ्यक्रम शुरू करने के प्रस्ताव की समीक्षा की। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को उद्योग उन्मुखी कौशल प्रदान करना तथा चीनी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना है।
उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रमों का स्वरूप उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप होना चाहिए, ताकि युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें और चीनी मिलों को प्रशिक्षित एवं कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हो सके। बैठक के दौरान विभिन्न तकनीकी, व्यावसायिक तथा डिप्लोमा स्तर के पाठ्यक्रमों पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया, जिन्हें आईटीआई तथा अन्य प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से संचालित किया जा सकता है।
बैठक में इस संभावना पर भी विचार किया गया कि इन विशेष पाठ्यक्रमों का संचालन सीधे चीनी मिल परिसरों में किया जाए, ताकि प्रशिक्षुओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण और उद्योग आधारित सीखने का अवसर मिल सके।
बैठक में राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीवीईटी), प्रशिक्षण महानिदेशालय तथा अन्य मान्यता प्राप्त संस्थानों द्वारा चिन्हित चीनी मिलों से संबंधित पाठ्यक्रमों की विस्तृत सूची की समीक्षा की गई। इनमें एग्रो प्रोसेसिंग, मैकेनिकल मेंटेनेंस (केमिकल प्लांट), बॉयलर अटेंडेंट, शुगर प्रोसेसिंग ऑपरेटर, शुगर बॉयलिंग, क्वालिटी कंट्रोल, डिप्लोमा इन बॉयलर ऑपरेशन, पीजी डिप्लोमा इन शुगर टेक्नोलॉजी, शुगर मैन्युफैक्चरिंग सर्टिफिकेट, शुगर इंजीनियरिंग डिप्लोमा, शुगर इंजीनियरिंग सर्टिफिकेट तथा इंस्ट्रूमेंटेशन एवं ऑटोमेशन, प्रोडक्टिविटी एवं मैच्योरिटी मैनेजमेंट, पर्यावरण विज्ञान और बॉयलर संचालन से संबंधित विशेष डिप्लोमा पाठ्यक्रम शामिल हैं।
कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग वर्तमान में आठवीं और दसवीं कक्षा के बाद विद्यार्थियों के लिए 89 विभिन्न ट्रेड संचालित कर रहा है, जबकि प्रशिक्षण महानिदेशालय (डीजीटी) से संबद्ध संस्थानों के माध्यम से 169 सीटीएस पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त इलेक्ट्रिशियन, वेल्डर, फिटर, टर्नर, रेफ्रिजरेशन एवं एयर कंडीशनिंग तथा इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक जैसे रखरखाव संबंधी कई ट्रेड पहले से ही राज्य के आईटीआई में संचालित हैं।
बैठक में युवा सशक्तिकरण एवं उद्यमिता विभाग के प्रधान सचिव श्री राजीव रंजन, हरियाणा राज्य सहकारी चीनी मिल प्रसंघ के प्रबंध निदेशक श्री शक्ति सिंह तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
2 254
*मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से मिली जूनियर महिला हैंडबॉल टीम*
*मुख्यमंत्री ने विश्व चैम्पियनशिप के लिए टीम को दी शुभकामनाएं*
हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी से आज उन के निवास स्थान संत कबीर कुटीर पर भारतीय जूनियर महिला हैंडबॉल टीम ने शिष्टाचार भेंट की। मुख्यमंत्री ने आगामी जूनियर महिला हैंडबॉल विश्व चैम्पियनशिप के लिए टीम सदस्यों का हौसला बढ़ाया और अपनी शुभकामनाएं दी।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण और राष्ट्र गौरव का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय टीम चीन में आयोजित होने वाली जूनियर महिला हैंडबॉल विश्व चैम्पियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करेगी।
उल्लेखनीय है कि जूनियर महिला हैंडबॉल विश्व चैम्पियनशिप का आयोजन 23 जून से 4 जुलाई, 2026 तक चीन में किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा और देश के युवा खिलाड़ियों ने खेल जगत में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है और उन्हें विश्वास है कि यह टीम भी नई उपलब्धियां हासिल करेगी।
भारतीय जूनियर महिला हैंडबॉल टीम में सुजाता, कनिष्का, गरिमा, शिवानी, मुस्कान, नेहा, स्वाति, अमृता, परदान्या, सौम्या, लविशा एवं रिदिमा शामिल हैं।
इस अवसर पर टीम इंडिया के कोच श्री सचिन चौधरी तथा श्री नवीन पूनिया भी उपस्थित रहे।
टीम के खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी के स्नेह, प्रोत्साहन एवं शुभकामनाओं के लिए उनका आभार व्यक्त किया तथा आश्वासन दिया कि वे विश्व चैम्पियनशिप में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए देश का नाम रोशन करेंगी।
¡Ya disponible! Investigación de Telegram 2025 — los principales insights del año 
