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MS SSC NOTES

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📈 Analytical overview of Telegram channel MS SSC NOTES

Channel MS SSC NOTES (@msnotes) in the Hindi language segment is an active participant. Currently, the community unites 17 993 subscribers, ranking 11 213 in the Education category and 24 064 in the India region.

📊 Audience metrics and dynamics

Since its creation on невідомо, the project has demonstrated rapid growth, gathering an audience of 17 993 subscribers.

According to the latest data from 21 June, 2026, the channel demonstrates stable activity. Although there has been a change in the number of participants by 396 over the last 30 days and by -9 over the last 24 hours, overall reach remains high.

  • Verification status: Not verified
  • Engagement rate (ER): The average audience engagement rate is 8.78%. Within the first 24 hours after publication, content typically collects 1.98% reactions from the total number of subscribers.
  • Post reach: On average, each post receives 1 580 views. Within the first day, a publication typically gains 357 views.
  • Reactions and interaction: The audience actively supports content: the average number of reactions per post is 4.

📝 Description and content policy

Channel description not provided.

Thanks to the high frequency of updates (latest data received on 22 June, 2026), the channel maintains relevance and a high level of publication reach. Analytics show that the audience actively interacts with content, making it an important point of influence in the Education category.

17 993
Subscribers
-924 hours
-707 days
+39630 days
Posts Archive
1. संविधान के किस अनुच्छेद में देवनागरी लिपि में लिखित हिन्दी को संघ की राजभाषा घोषित किया है? (a) 343 (b) 345 (c) 347 (d) 348 (Ans : a) 2. निम्नलिखित शब्दों में से शुद्ध रूप है– (a) प्रज्वलित (b) प्रज्ज्वलित (c) प्रजलित (d) प्रजवलित (Ans : b) 3. 'निर्गलन' का तद्भव शब्द है– (a) गलना (b) निगलना (c) निर्वसन (d) निकसन (Ans : b) 4. 'गाय' का पर्याय इनमें नहीं है– (a) धेनु (b) गौ (c) सुरभि (d) मंदार (Ans : d) 5. आपेक्ष का विलोम है– (a) असापेक्ष (b) निष्पक्ष (c) निरपेक्ष (d) आपेक्ष (Ans : c) 6. 'व्यक्ति जिसे भूमि के आन्तरिक तत्वों की जानकारी हो'-के लिए समुचित शब्द क्या होगा? (a) वैज्ञानिक (b) ज्योतिषी (c) अनुसंधाता (d) भूगर्भवेत्ता (Ans : d) 7. कौन-सा शब्द क्रिया-विशेषण है? (a) सूर्योदय (b) विगत (c) धीरे-धीरे (d) नीला (Ans : c) 8. कौन-सा शब्द प्रत्यय से नहीं बना है? (a) नवल (b) मृदुल (c) बहुत (d) निगल (Ans : d) 9. जो परिश्रम करेगा वह सफल होगा वाक्य है– (a) संकेतवाचक (b) संदेहवाचक (c) विधिवाचक (d) विस्मयवाचक (Ans : a) 10. आप पधारिए और .......... ग्रहण कीजिए। (a) आसन्न (b) व्यसन (c) असन (d) आसन (Ans : d) 11. दो विपरीतार्थक शब्दों के बीच किस चिन्ह का प्रयोग होता है? (a) योजक (b) विस्मयादि (c) अल्पविराम (d) अर्धविराम (Ans : a) 12. 'नाक पर सुपारी तोड़ना' का अर्थ है– (a) इज्जत उतार देना (b) असम्भव कार्य करना (c) बहुत परेशान करना (d) घृणा प्रकट करना (Ans : c) 13. दोह के विषम चरण में कितनी मात्राएँ होती हैं? (a) सात (b) नौ (c) ग्यारह (d) तेरह (Ans : d) 14. निम्नलिखित में कौन कार्यालयीय प्रारूप नहीं है? (a) सरकारी पत्र (b) कार्यालय आदेश (c) अनुस्मारक पत्र (d) आवेदन पत्र (Ans : d) 15. 'अपरिहार्य' का अंग्रेजी पर्याय है– (a) Necessity (b) Justified (c) Urgent (d) Unavoidable (Ans : d) 16. (1) माखनलाल चतुर्वेदी ने (य) चुने हैं, पर (र) छायावाद युग के विषय (ल) अभिव्यक्ति की (व) राष्ट्रीयता प्रेम और प्रकृति (6) आत्मा द्विवेदी युग की है। (a) य र ल व (b) ल र व य (c) व ल र य (d) र व य ल (Ans : d) 17. याचक को भी अपना .......... भोजन नहीं देना चाहिए। (a) अवशिष्ट (b) उच्छिष्ट (c) गरिष्ठ (d) उद्दिष्ट (Ans : b) 18. निम्नलिखित में से किस शब्द का अर्थ कमल होता है? (a) उत्पल (b) उपल (c) जलद (d) नीरद (Ans : a) 19. अर्धशासकीय पत्र में प्रेषिती का नाम, पद और पता लिखा जाता है– (a) सम्बोधन से पहले (b) पत्रांक, दिनांक से पहले (c) स्वनिर्देश से पहले (d) पत्र के नीचे बायी ओर (Ans : d) 20. 'कबीर वाणी के डिक्टेटर थे' यह अभिमत किस आलोचक का है? (a) डॉ. रामकुमार वर्मा (b) डॉ. परशुराम चतुर्वेदी (c) डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी (d) आचार्य रामचन्द्र शुक्ल (Ans : c) ▰▱▰▱▰▱▰▱▰▱▰▱▰▱▰▱

——————————————- अनेकार्थी शब्द ;- ➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖ • पट – वस्त्र, पर्दा, दरवाजा, स्थान, चित्र का आधार। • पत्र – चिट्ठी, पत्ता, रथ, बाण, शंख, पुस्तक का पृष्ठ। • पद्म – कमल, सर्प विशेष, एक संख्या। • पद – पाँव, चिह्न, विशेष, छन्द का चतुर्थाँश, विभक्ति युक्त शब्द, उपाधि, स्थान, ओहदा, कदम। • पतंग – पतिँगा, सूर्य, पक्षी, नाव, उड़ाने का पतंग। • पय – दूध, अन्न, जल। • पयोधर – बादल, स्तन, पर्वत, गन्ना, तालाब। • पानी – जल, मान, चमक, जीवन, लज्जा, वर्षा, स्वाभिमान। • पुष्कर – तालाब, कमल, हाथी की सूँड, एक तीर्थ, पानी मद। • पृष्ठ – पीठ, पीछे का भाग, पुस्तक का पेज। • प्रत्यक्ष – आँखोँ के सामने, सीधा, साफ। • प्रकृति – स्वभाव, वातावरण, मूलावस्था, कुदरत, धर्म, राज्य, खजाना, स्वामी, मित्र। • कल – मशीन, आराम, सुख, पुर्जा, मधुर ध्वनि, शान्ति, बीता हुआ दिन, आने वाला दिन। • कक्ष – काँख, कमरा, कछौटा, सूखी घास, सूर्य की कक्षा। • कर्त्ता – स्वामी, करने वाला, बनाने वाला, ग्रन्थ निर्माता, ईश्वर, पहला कारक, परिवार का मुखिया। • कलम – लेखनी, कूँची, पेड़-पौधोँ की हरी लकड़ी, कनपटी के बाल। • कलि – कलड, दुःख, पाप, चार युगोँ मेँ चौथा युग। • कशिपु – चटाई, बिछौना, तकिया, अन्न, वस्त्र, शंख। • काल – समय, मृत्यु, यमराज, अकाल, मुहूर्त, अवसर, शिव, युग। • काम – कार्य, नौकरी, सिलाई आदि धंधा, वासना, कामदेव, मतलब, कृति। • किनारा – तट, सिरा, पार्श्व, हाशिया। • कुल – वंश, जोड़, जाति, घर, गोत्र, सारा। • कुशल – चतुर, सुखी, निपुण, सुरक्षित। • कुंजर – हाथी, बाल। • कूट – नीति, शिखर, श्रेणी, धनुष का सिरा। • कोटि – करोड़, श्रेणी, धनुष का सिरा। • कोष – खजाना, फूल का भीतरी भाग। • क्षुद्र – नीच, कंजूस, छोटा, थोड़ा। • खंड – टुकड़े करना, हिस्सोँ मेँ बाँटना, प्रत्याख्यान, विरोध। • खग – पक्षी, बाण, देवता, चन्द्रमा, सूर्य, बादल। • खर – गधा, तिनका, दुष्ट, एक राक्षस, तीक्ष्ण, धतूरा, दवा कूटने की खरल। • खत – पत्र, लिखाई, कनपटी के बाल। • खल – दुष्ट, चुगलखोर, खरल, तलछट, धतूरा। • खेचर – पक्षी, देवता, ग्रह। • गंदा – मैला, अश्लील, बुरा। • गड – ओट, घेरा, टीला, अन्तर, खाई। • गण – समूह, मनुष्य, भूतप्रेत, शिव के अनुचर, दूत, सेना। • गति – चाल, हालत, मोक्ष, रफ्तार। • गद्दी – छोटा गद्दा, महाजन की बैठकी, शिष्य परम्परा, सिँहासन। • गहन – गहरा, घना, दुर्गम, जटिल। • ग्रहण – लेना, सूर्य व चन्द ग्रहण। • गुण – कौशल, शील, रस्सी, स्वभाव, विशेषता, हुनर, महत्त्व, तीन गुण (सत, तम व रज), प्रत्यंचा (धनुष की डोरी)। • गुरु – शिक्षक, बड़ा, भारी, श्रेष्ठ, बृहस्पति, द्विमात्रिक अक्षर, पूज्य, आचार्य, अपने से बड़े। • गौ – गाय, बैल, इन्द्रिय, भूमि, दिशा, बाण, वज्र, सरस्वती, आँख, स्वर्ग, सूर्य। • घट – घड़ा, हृदय, कम, शरीर, कलश, कुंभ राशि। • घर – मकान, कुल, कार्यालय, अंदर समाना। • घन – बादल, भारी हथौड़ा, घना, छः सतही रेखागणितीय आकृति। • घोड़ा – एक प्रसिद्ध चौपाया, बंदूक का खटका, शतरंज का एक मोहरा। • अंक – संख्या के अंक, नाटक के अंक, गोद, अध्याय, परिच्छेद, चिह्न, भाग्य, स्थान, पत्रिका का नंबर। • अंग – शरीर, शरीर का कोई अवयव, अंश, शाखा। • अंचल – सिरा, प्रदेश, साड़ी का पल्लू। • अंत – सिरा, समाप्ति, मृत्यु, भेद, रहस्य। • अंबर – आकाश, वस्त्र, बादल, विशेष सुगन्धित द्रव जो जलाया जाता है। • अक्षर – नष्ट न होने वाला, अ, आ आदि वर्ण, ईश्वर, शिव, मोक्ष, ब्रह्म, धर्म, गगन, सत्य, जीव। • अर्क – सूर्य, आक का पौधा, औषधियोँ का रस, काढ़ा, इन्द्र, स्फटिक, शराब। • अकाल – दुर्भिक्ष, अभाव, असमय। • अज – ब्रह्मा, बकरा, शिव, मेष राशि, जिसका जन्म न हो (ईश्वर)। • अर्थ – धन, ऐश्वर्य, प्रयोजन, कारण, मतलब, अभिप्रा, हेतु (लिए)। • अक्ष – धुरी, आँख, सूर्य, सर्प, रथ, मण्डल, ज्ञान, पहिया, कील। • अजीत – अजेय, विष्णु, शिव, बुद्ध, एक विषैला मूषक, जैनियोँ के दूसरे तीर्थँकर। • अतिथि – मेहमान, साधु, यात्री, अपरिचित व्यक्ति, अग्नि। • अधर – निराधार, शून्य, निचला ओष्ठ, स्वर्ग, पाताल, मध्य, नीचा, पृथ्वी व आकाश के बीच का भाग। • अध्यक्ष – विभाग का मुखिया, सभापति, इंचार्ज। • अपवाद – निँदा, कलंक, नियम के बाहर। • अपेक्षा – तुलना मेँ, आशा, आवश्यकता, इच्छा। • अमृत – जल, दूध, पारा, स्वर्ण, सुधा, मुक्ति, मृत्युरहित। • अरुण – लाल, सूर्य, सूर्य का सारथी, सिँदूर, सोना। • अरुणा – ऊषा, मजीठ, धुँधली, अतिविषा, इन्द्र, वारुणी। • अनन्त – सीमारहित, ब्रह्मा, विष्णु, शिव, शेषनाग, लक्ष्मण, बलराम, बाँह का आभूषण, आकाश, अन्तहीन। • अग्र – आगे का, श्रेष्ठ, सिरा, पहले। • अब्ज – शंख, कपूर, कमल, चन्द्रमा, पद्य, जल मेँ उत्पन्न। • अमल – मलरहित, कार्यान्वयन, नशा-पानी।

🧿भारत में मुख्यतः तीन फसलों की बुआई की जाती है-रबी फसल-बुआई : अक्टूबर-नवंबर, कटाई : मार्च-अप्रैल । ◾प्रमुख फसलें - गेहूं, जौ, चना, मटर, सरसों, मसूर तथा आलू इत्यादि। ◾खरीफ फसल-बुआई : जून-जुलाई, कटाई : अक्टूबर-नवंबर। ◾प्रमुख फसलें-चावल, ज्वार, बाजरा, मक्का, तिल, मूंगफली इत्यादि। ◾जायद फसल- मार्च-जुलाई (ग्रीष्मकालीन फसल) ◾प्रमुख फसलें -तरबूज, खरबूजा, ककड़ी, खीरा, भिंडी आदि विभिन प्रकार की सब्जियों की खेती ।

NCERT-Hindi-Class-12-Geography-Part-1.pdf

की~~मैथिली, संस्कृत और अवहट्ठ 12.आदिकाल को संधिकाल- चारण काल नाम किसने दिया~~ रामकुमार वर्मा 13.वीरगाथा काल में जैन,नाथ और सिद्धों की रचनाओं को साहित्य के अंतर्गत नहीं माना~~ आचार्य शुक्ल ने 14.’प्राकृत पिंगल सूत्र’ के पदों को किसने संकलित किया~~ विद्याधर ने 15.पुरातन प्रबंध संग्रह के रचयिता है~~ मुनि जिन विजय 16.विधेयवादी पद्धति के जनक थे~~तेन 17.’हिंदी साहित्य का आधा इतिहास’ के रचनाकर~~ डॉ. सुमन राजे 18.मिश्र बंधु~~ सुखदेव बिहारी मिश्र, श्याम बिहारी मिश्र, गणेश बिहारी मिश्र 19.’हिंदी साहित्य का इतिहास’ (शुक्ल) जो मूलतः 1929 में नागरी प्रचारिणी सभा के ग्रंथ ‘हिंदी शब्द सागर’ की भूमिका के रूप में ‘हिंदी साहित्य के विकास’ के रूप में पहली बार छपा । 20.हिंदी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास भक्तिकाल (रामकुमार वर्मा) में भक्तिकाल तक का ही वर्णन है अतः यह अधूरा है 21.हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास~ डॉक्टर बच्चन सिंह 22.हिंदी साहित्य का वृहत इतिहास को 16 खंडों में प्रकाशित किया गया 23.हिंदी साहित्य का संक्षिप्त इतिहास~~ डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी 24.पाहुड़ दोहा के रचयिता~~ राम सिंह 25.हरप्रसाद शास्त्री ने रासो शब्द की उत्पत्ति ‘राजयश’ से मानी। 26.प्राकृत का पाणिनि कहते हैं~~ हेमचंद्र को 27.अमीर खुसरो का मूल नाम~ अबुल हसन 28.’काहे को ब्याही परदेस.. सुन बाबुल मोरे’ पंक्ति जो बृजभाषा की है अमीर खुसरो 29.योगचर्या, अक्षराद्विकोपदेश रचनाएं है डोम्भीपा 30-प्रबन्ध चिंतामणि~~मेरुतुंग 31-प्राकृत पैंगलम~~ लक्ष्मीधर 32.बुद्धि रासो~~ जल्हण 33. बुद्धि रास-शालीभद्र सुरि 34.नल्ल सिंह~~ विजयपाल रासो 35.हम्मीर रासो~~ शारंगधर 36.उस हिंदी साहित्य के इतिहास ग्रंथ का नाम बताइए जिसमें लगभग 5000 कवियों का विवरण संकलित है~~ मिश्रबन्धु विनोद 37.अमीर खुसरो का जीवन काल~~1255-1324 ईस्वी 38.’कामिनी करए सनाने, हेरतन्हि हृदय हनए पंचवाने’-पंक्ति है~~विद्यापति 39.आदिकाल के कवि जो ‘कलिकाल सर्वज्ञ’ के नाम से चर्चित थे~~ हेमचन्द्र 40.किस रासो काव्य को रासो ग्रंथ में नहीं गिना जाता है~~ विजयपाल रासो(अपभ्रंश) 41.डॉ. लक्ष्मीसागर वार्ष्णेय ने तासी के ग्रंथ का हिंदी अनुवाद ‘हिन्दुई साहित्य का इतिहास’ नाम से 1952 में प्रकाशन करवाया 42.हिंदी साहित्येतिहास लेखन की परंपरा में हिंदी भाषा में लिखा प्रथम ग्रंथ श्री महेशदत्त शुक्ल द्वारा रचित ‘भाषा काव्य संग्रह’ है 43.डॉ. किशोरी लाल गुप्त ने ‘द मॉडर्न वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिंदुस्तान का हिंदी अनुवाद ‘हिंदी साहित्य का प्रथम इतिहास’ नाम से 1957 ईस्वी में किया 44.हिंदी साहित्य का वृहत इतिहास का पहला भाग ‘हिंदी साहित्य की पीठिका’ के रूप में राजबली पांडेय ने संपादित किया और सोलहवां भाग ‘हिंदी का लोकसाहित्य’ नाम से डॉ. कृष्ण देव उपाध्याय ने सम्पादित किया। 45.’हिंदी साहित्य’ ग्रंथ के रचयिता~~ डॉ. धीरेंद्र वर्मा 46.’हिंदी साहित्य का अतीत’ (दो भाग)~~ विश्वनाथ प्रसाद त्रिपाठी 47.हिंदी भाषा का विकास~~ डॉ. श्यामसुंदर दास 48.’हिंदी साहित्य: बीसवीं शताब्दी’~~ नंददुलारे वाजपेई 49.हिंदी साहित्य विमर्श(1923 ईस्वी)~~ पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी 50.कविता- कौमुदी~~ रामनरेश त्रिपाठी ▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬

महत्वपूर्ण तथ्य हिंदी परीक्षाओं के लिए❣ 1.उलटवासियों का पूर्व रूप हमें किन की भाषा में मिलता है~~ सिद्धों के 2.गेय पदों की परंपरा किसने प्रचलित की थी~~ सिद्धों ने 3.आचार्य शुक्ल ने विद्यापति को किस प्रकार का कवि माना है~~ शुद्ध शृंगारी 4.रास परंपरा की प्रथम रचना~~ भरतेश्वर बाहुबली रास 5.हिंदी रास परंपरा की प्रथम ऐतिहासिक रचना है~~ पंचपांडव चरितरास 6.भरतेश्वर बाहुबली रास किस प्रकार का काव्य ग्रंथ है~~ खंड काव्य 7.’सुमति गुणी’ कृति के रचनाकार है~~ नेमिनाथ रास 8.पृथ्वीराज विजय के रचनाकार है~~ जयानक 9.सर्वाधिक प्रामाणिक पृथ्वीराज रासो की प्रतिलिपि के संपादक है~ माता प्रसाद गुप्त 10.छप्पय छंद किस रासोकार का प्रिय छंद है~~ चंदबरदाई 11.विद्यापति ने किन भाषाओं में रचना की~~मैथिली, संस्कृत और अवहट्ठ 12.आदिकाल को संधिकाल- चारण काल नाम किसने दिया~~ रामकुमार वर्मा 13.वीरगाथा काल में जैन,नाथ और सिद्धों की रचनाओं को साहित्य के अंतर्गत नहीं माना~~ आचार्य शुक्ल ने 14.’प्राकृत पिंगल सूत्र’ के पदों को किसने संकलित किया~~ विद्याधर ने 15.पुरातन प्रबंध संग्रह के रचयिता है~~ मुनि जिन विजय 16.विधेयवादी पद्धति के जनक थे~~तेन 17.’हिंदी साहित्य का आधा इतिहास’ के रचनाकर~~ डॉ. सुमन राजे 18.मिश्र बंधु~~ सुखदेव बिहारी मिश्र, श्याम बिहारी मिश्र, गणेश बिहारी मिश्र 19.’हिंदी साहित्य का इतिहास’ (शुक्ल) जो मूलतः 1929 में नागरी प्रचारिणी सभा के ग्रंथ ‘हिंदी शब्द सागर’ की भूमिका के रूप में ‘हिंदी साहित्य के विकास’ के रूप में पहली बार छपा । 20.हिंदी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास भक्तिकाल (रामकुमार वर्मा) में भक्तिकाल तक का ही वर्णन है अतः यह अधूरा है 21.हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास~ डॉक्टर बच्चन सिंह 22.हिंदी साहित्य का वृहत इतिहास को 16 खंडों में प्रकाशित किया गया 23.हिंदी साहित्य का संक्षिप्त इतिहास~~ डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी 24.पाहुड़ दोहा के रचयिता~~ राम सिंह 25.हरप्रसाद शास्त्री ने रासो शब्द की उत्पत्ति ‘राजयश’ से मानी। 26.प्राकृत का पाणिनि कहते हैं~~ हेमचंद्र को 27.अमीर खुसरो का मूल नाम~ अबुल हसन 28.’काहे को ब्याही परदेस.. सुन बाबुल मोरे’ पंक्ति जो बृजभाषा की है अमीर खुसरो 29.योगचर्या, अक्षराद्विकोपदेश रचनाएं है डोम्भीपा 30-प्रबन्ध चिंतामणि~~मेरुतुंग 31-प्राकृत पैंगलम~~ लक्ष्मीधर 32.बुद्धि रासो~~ जल्हण 33. बुद्धि रास-शालीभद्र सुरि 34.नल्ल सिंह~~ विजयपाल रासो 35.हम्मीर रासो~~ शारंगधर 36.उस हिंदी साहित्य के इतिहास ग्रंथ का नाम बताइए जिसमें लगभग 5000 कवियों का विवरण संकलित है~~ मिश्रबन्धु विनोद 37.अमीर खुसरो का जीवन काल~~1255-1324 ईस्वी 38.’कामिनी करए सनाने, हेरतन्हि हृदय हनए पंचवाने’-पंक्ति है~~विद्यापति 39.आदिकाल के कवि जो ‘कलिकाल सर्वज्ञ’ के नाम से चर्चित थे~~ हेमचन्द्र 40.किस रासो काव्य को रासो ग्रंथ में नहीं गिना जाता है~~ विजयपाल रासो(अपभ्रंश) 41.डॉ. लक्ष्मीसागर वार्ष्णेय ने तासी के ग्रंथ का हिंदी अनुवाद ‘हिन्दुई साहित्य का इतिहास’ नाम से 1952 में प्रकाशन करवाया 42.हिंदी साहित्येतिहास लेखन की परंपरा में हिंदी भाषा में लिखा प्रथम ग्रंथ श्री महेशदत्त शुक्ल द्वारा रचित ‘भाषा काव्य संग्रह’ है 43.डॉ. किशोरी लाल गुप्त ने ‘द मॉडर्न वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिंदुस्तान का हिंदी अनुवाद ‘हिंदी साहित्य का प्रथम इतिहास’ नाम से 1957 ईस्वी में किया 44.हिंदी साहित्य का वृहत इतिहास का पहला भाग ‘हिंदी साहित्य की पीठिका’ के रूप में राजबली पांडेय ने संपादित किया और सोलहवां भाग ‘हिंदी का लोकसाहित्य’ नाम से डॉ. कृष्ण देव उपाध्याय ने सम्पादित किया। 45.’हिंदी साहित्य’ ग्रंथ के रचयिता~~ डॉ. धीरेंद्र वर्मा 46.’हिंदी साहित्य का अतीत’ (दो भाग)~~ विश्वनाथ प्रसाद त्रिपाठी 47.हिंदी भाषा का विकास~~ डॉ. श्यामसुंदर दास 48.’हिंदी साहित्य: बीसवीं शताब्दी’~~ नंददुलारे वाजपेई 49.हिंदी साहित्य विमर्श(1923 ईस्वी)~~ पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी 50.कविता- कौमुदी~~ रामनरेश त्रिपाठी ▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬

हिंदी व्याकरण - वाक्यांश के लिए एक शब्द 02 जिसका स्पर्श वर्जित हो— अस्पृश्य जिसका कोई घर न हो— अनिकेत जिसका कभी अन्त न हो— अनन्त जिसे जाना न जा सके— अज्ञेय जिसे करना ज़रूरी हो— अनिवार्य जिसे क्षमा न किया जा सके— अक्षम्य जिसे भेदा न जा सके— अभेद्य जिस पुस्तक मेँ आठ अध्याय होँ— अष्टाध्यायी जिस स्थान पर कोई न जा सके— अगम्य जिसका वर्णन न हो सके— अवर्णनीय जिसकी गिनती न हो सके— अगणनीय जिसकी कोई उपमा न हो— अनुपम जिसकी गहराई का पता न लग सके— अथाह जिस पर किसी ने अधिकार कर लिया हो— अधिकृत जिसे लाँघा न जा सके— अलंघनीय जिसके आने की तिथि निश्चित न हो— अतिथि जिसका खंडन न किया जा सके— अखंडनीय जिसका कोई शत्रु न हो— अजातशत्रु जिसके समान कोई न हो— अद्वितीय जिसकी कोई तुलना न हो— अतुलनीय जिसके आदि (प्रारम्भ) का पता न हो— अनादि किसी सम्प्रदाय का समर्थन करने वाला— अनुयायी किसी प्रस्ताव का समर्थन करना — अनुमोदन हृदय की बातेँ जानने वाला— अन्तर्यामी परम्परा से चली आ रही कथा— अनुश्रुति सरकार की ओर से जारी सूचना — अधिसूचना फेँक कर चलाया जाने वाला हथियार— अस्त्र अपनी बात से न टलने वाला — अटल अत्यधिक बढ़ा–चढ़ा कर कही गई बात— अतिशयोक्ति किसी संस्था या व्यक्ति के साठ वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य मेँ होने वाला उत्सव— हीरक जयंती किसी संस्था या व्यक्ति के पचास वर्ष पूरे करने के उपलक्ष्य मेँ होने वाला उत्सव— स्वर्ण जयंती आगे आने वाला— आगामी

🥦:: 👭 नारी पर आधारित उपन्यास 👭 ::🥦 ▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬ 1. निर्मला- प्रेमचंद जी दहेज प्रथा और अनमेंल विवाह पर आधारित। 2. तितली -जयशंकर प्रसाद ग्रामीण जीवन को केन्द्र मे रखकर नारी की कहानी। 3. सुनीता--जैनेन्द्र कुमार विधवा विवाह पर आधारित उपन्यास। 4. परख- जैनेंद्र कुमार विधवा विवाह पर आधारित। 5. त्यागपत्र -जैनेन्द्र कुमार मृणाल नामक भाग्यहीन युवती के जीवन पर आधारित। 6. सुखदा--जैनेन्द्र कुमार सुखदा के जीवन पर आधारित 7. नदी के द्वीप--अज्ञेय यौन संबंधों को केन्द्र बनाकर जीवन की परिक्रमा दर्शाया गया है। 8. अपने अपने अजनबी --अज्ञेय सेल्मा कैंसर से पीड़ित महिला है और योको एक नवयुवती 9. दिव्या--यशपाल बौद्धकाल की घटनाओं पर आधारित दलित पीड़ित नारी की करुण कथा है। 10. तिरिया चरित्तर-शिवमूर्ति नायिका विमल के साथ ससुर का अमानवीय व्यवहार 11. अग्निगर्भा--अमृतलाल नागर दहेज और नारी दमन का निकृष्टतम रूप 12. बूंद और समुद्र --अमृतलाल नागर विधवाओं की विडंबनापूर्ण स्थिति। ▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬

घटनासार कंप्लीट (Clean✅).pdf

विश्व के घास के मैदान
🟨शीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदानपम्पास :–अर्जेंटीना एवं उरुग्वे में विस्तृत शीतोष्ण कटिबंधीय घास का मैदान। यहाँ पोषणयुक्त 'अल्फा-अल्फा' घास अधिक पायी जाती है। ■प्रेयरीज :–कनाडा एवं सं.रा. अमेरिका में विस्तृत शीतोष्ण कटिबंधीय घास का मैदान। इन मैदानों में 'चिनूक' हवाएं चलती हैं। यहाँ व्यापक स्तर पर गेहूं की खेती की जाती है। ■डाउन्स :–ऑस्ट्रेलिया के मरें-डार्लिंग बेसिन में विस्तृत शीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदान। मरीनो भेड के बड़े-बड़े बाडे (स्टेशन) पाये जाते हैं। कंगारु बहुतायत में पाये जाते हैं। ■वेल्ड :–द. अफ्रीका में विस्तृत शीतोष्ण कटिबंधीय घास का मैदान। यहाँ गाय एवं भैंस के साथ 'अंगोरा बकरी' एवं 'मेरीनो भेड' का पालन किया जाता है। ■स्टेपीज :–यह यूरोप-एशिया में विस्तृत शीतोष्ण कटिबंधीय घास का मैदान है। यहाँ गेहूं की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। ■पुस्टाज :–हंगरी में विस्तृत शीतोष्ण कटिबंधीय घास का मैदान। ■कैन्टरबरी :– न्यूजीलैंड में विस्तृत शीतोष्ण कटिबंधीय घास का मैदान। ■ग्रानचाको:– अर्जेंटीना एवं पराग्वे में विस्तृत शीतोष्ण कटिबंधीय घास का मैदान एवं वन प्रदेश। यहाँ विश्व की सर्वाधिक मजबूत लकडी 'क्वेब्रेको' पायी जाती है। 🟥उष्ण कटिबंधीय घास के मैदानसवाना :– यह उष्णकटिबंधीय घास का मैदान मृध्य अफ्रीका, सहारा रेगिस्तान के दक्षिणी भाग में विस्तृत है। यहाँ उष्णकटिबंधीय सवाना प्रकार की घास पायी जाती है। ■लानोस  :–यह उष्णकटिबंधीय घास का मैदान वेनेजुएला में विस्तृत है। यह विशेष रूप से ओरिनिको नदी के बेसिन में विस्तृत है। ■काम्पोस :–यह उष्णकटिबंधीय घास का मैदान ब्राजील के दक्षिणी भाग में विस्तृत है। ■सेल्वास :—यह ब्राजील में अमेजन नदी बेसिन में विस्तृत विश्व का सबसे बड़ा उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन एवं घास का मैदान है। यह जैव विविधता की दृष्टि से धनी क्षेत्र है।

✍महत्वपूर्ण तथ्य💐 🦠     🦠    🦠     🦠     🦠 💐ध्रुवदास किसके शिष्य थे- स्वामी हितहरिवंश 💐रसखान ने किस ग्रन्थ में अपने को शाही ख़ानदान का बताया है- प्रेमवाटिका 💐भक्तिकाल के उदय को किसने "बाहरी आक्रमण की प्रतिक्रिया" कहा- आचार्य शुक्ल 💐"भीजत कब देखों इन नैना" पंक्ति किस भक्ति कालीन कवि की हैं- श्री भट्ट ✍ परीक्षा में पूछे जा चुके हैं ये तथ्य✍ 💐ओरछा नरेश मधुकरशाह के राजगुरु कौन भक्तकालीन कवि थे- व्यास जी(हरिराम व्यास) 💐"मन रे परसि हरि के चरण" पंक्ति किसकी है- मीराबाई 💐 शुक्ल जी मीरा के ग्रंथों की संख्या मानी है- 04 💐उपासना पद्धति थी - मीराबाई-माधुर्य भाव, सूरदास-सख्यभाव, तुलसीदास-दास्यभाव 💐"चन्द्रहास अग्रज सुहृद परम् प्रेम पथ में पगे" किसकी पंक्ति और कौन सा छंद है- नन्ददास, छप्पय 💐"उक्ति चोज अनुप्रास बरन अस्थिति अति भारी" नामक पद भक्तमाल में किनके  लिए लिखा गया है- सूरदास 💐सूरदास ने अपनी वंश परम्परा से सम्बंधित पद किस ग्रन्थ में दिया है- सहित्यलहरी 💐किसने कहा है कि मीराबाई और चैतन्य महाप्रभु पर सूफियों का प्रभाव पाया जाता है- आचार्य शुक्ल जी 💐"तुलसी की भक्ति को धर्म और ज्ञान दोनो की रसानुभूति कह सकते हैं" ऐसा किस आलोचक ने कहा- आचार्य शुक्ल ने ▱▰▱▰▱▰▱▰▱▰▱▰▰▱▰

📖 हिन्दी साहित्य प्रश्न पत्र •───────────────────• 1. रामभक्ति काव्य संबंधित प्रथम हिंदी काव्य रचना है – (अ) रामचरितमानस    (ब) भरतमिलाप (स) अष्टयाम              (द) रामरक्षास्त्रोत ✔️ 2. ’रामरक्षा स्रोत’ के रचयिता हैं – (अ) नामदेव       (ब) रामानंद ✔️ (स) राघवानंद     (द) जीवाराम 3. कवि रसखान का मूल नाम था – (अ) सैयद इब्राहिम ✔️ (ब) अमीर बिस्मिलाह (स) बलिद्दय                (द) महेश दत्त 4. तुलसीदास की अन्तिम कृति है – (अ) विनय पत्रिका     (ब) कवितावली ✔️ (स) बरवै रामायण      (द) गीतावली 5. ’पुष्पावती’ के रचनाकार हैं – (अ) रंजन                   (ब) ज्ञानरंजन (स) दुःखहरन दास ✔️ (द) रामशरणदास 6. समाधि जोग ग्रंथ एवं अष्टपदी जोग ग्रंथ के रचनाकार हैं – (अ) हरिदास निरंजनी ✔️ (ब) हरिदास वैष्णवी (स) भर्तृहरि नाथ             (द) जङभरत 7. कादरी संप्रदाय की दो शाखाएँ थी – (अ) अंतरंग और वितरंग (ब) कयास और सायास (स) बहाबिया और रजाकिया ✔️ (द) नक्शबदी और शत्तारी 8. ’शृंगार सोरठा’ के रचयिता हैं – (अ) हरिदास       (ब) रहीमदास ✔️ (स) रामदास       (द) तानसेन 9. हिंदी में भक्तिकाल को ’धार्मिक नवोन्मेष’ का काल’ की संज्ञा देने वाले विद्वान हैं – (अ) राहुल सांकृत्यायन    (ब) हरिऔध (स) शिव सिंह सेंगर        (द) राजनाथ शर्मा ✔️ 10. निम्न में से कौनसा समूह शिष्य-गुरु क्रम से शुद्ध है – (अ) अग्रदास – नाभादास – कृष्णदास पयहारी (ब) अग्रदास – कृष्णदास पयहारी – नाभादास (स) नाभादास – अग्रदास – कृष्णदास पयहारी ✔️ (द) नाभादास – कृष्णदास पयहारी – अग्रदास 11. सत्यनामी संप्रदाय के प्रवर्तक हैं – (अ) सत्यनाथ       (ब) संत जगजीवन दास ✔️ (स) संतवीरभान    (द) विष्णु स्वामी 12. जायसी ने ’पद्मावत’ में स्वयं के गुरु का नाम ’सैयद अशरफ’ बताया है। सैयद महीउद्दीन को जायसी का गुरु निर्धारित करने वाले इतिहासकार हैं – (अ) रामचंद्र शुक्ल        (ब) गणपतिचंद्र गुप्त (स) हजारी प्रसाद द्विवेदी   (द) रामकुमार वर्मा ✔️ 13. रामप्रिया शरणदास कृत भक्ति विषयक ग्रन्थ है – (अ) रामायण        (ब) सीतायन ✔️ (स) कृष्णायन      (द) देवायन 14. कृष्ण भक्ति काव्य परंपरा के प्रवर्तक माने जाते हैं- (अ) मध्वाचार्य     (ब) विद्यापति (स) जयदेव        (द) वल्लभाचार्य ✔️ 15. वल्लभाचार्य ने ब्रह्मसूत्रों पर अणुभाष्य लिखा, ’ब्रह्मसूत्र’ के रचनाकार हैं – (अ) नारदमुनि        (ब) भरतमुनि (स) बादरायण ✔️ (द) हरिनारायण 16. निम्नलिखित भक्तिकालीन कवियों को उनके गुरु के नाम से सुमेलित कीजिए – (क) निम्बार्क (1) नारद मुनि (ख) उस्मान (2) हाजी बाबा (ग) कुतुबन (3) शेख बुरहान (घ) रविदास (4) रामानंद कूट:    क ख ग घ (अ) 3 2 4 1      (ब) 2 3 1 4 (स) 2 1 3 4       (द) 1 2 3 4 ✔️ 17. कबीर के गुरु रामानंद का समयकाल अनुमानित है- (अ) 1268 से 1368 ई. (ब) 1455 से 1555 ई. (स) 1368 से 1468 ई. ✔️(द) 1350 से 1450 ई. 18. भक्तिकालीन रचनाओं को रचनाकारों से सुमेलित कीजिए – (क) ज्ञान समुद्र (1) अक्षर अनन्य (ख) मोहमुद्गार (2) कबीर (ग) मुहम्मदबोध (3) शंकराचार्य (घ) सिद्धांत बोध (4) सुन्दरदास कूट:     क ख ग घ (अ) 1 2 3 4      (ब) 3 4 1 2 (स) 3 4 2 1     (द) 4 3 2 1 ✔️ 19. ’प्रच्छन्न बोध’ उपाधि प्राप्त आचार्य हैं – (अ) राघवाचार्य      (ब) मध्वाचार्य (स) शंकराचार्य ✔️ (द) रामानंदाचार्य 20. निम्नांकित भक्तिकालीन साहित्य सामग्री को उनके रचयिताओं से सुमेलित कीजिए – (क) भक्तनामावली (1) जीव गोस्वामी (ख) भगवत संदर्भ (2) ब्रजवासी दास (ग) कृष्णचरित (3) हरिव्यास देव (घ) महावाणी (4) ध्रुवदास कूट –     क ख ग घ (अ) 1 2 3 4     (ब) 2 1 4 3 (स) 2 3 4 1 ✔️   (द) 2 4 3 1 21. कृष्ण भक्ति को साहित्य की ’रस परिपाटी’ पर स्थापित करने वाले आचार्य थे – (अ) रूप गोस्वामी      (ब) जीव गोस्वामी (स) रामानुज गोस्वामी   (द) सनातन गोस्वामी ✔️ 22. निम्नलिखित भक्तिकालीन रामभक्ति रचनाओं को उनके रचयिताओं से सुमेलित कीजिए – (1) प्रेम दर्पण (क) मुकुंद सिंह (2) रोजतुक हकायक (ख) पुहकर कवि (3) नूरजहाँ (ग) नूर मुहम्मद (4) नल चरित (घ) शेख नजीर कूट:     क ख ग घ (अ) 4 2 3 1    (ब) 3 4 2 1 (स) 4 3 1 2    (द) 4 3 2 1 ✔️ 23. निम्नलिखित भक्तिकालीन रामभक्ति रचनओं को उनके रचयिताओं से सुमेलित कीजिए – (क) पौरुषेय रामायण (1) माधवदास (ख) रघुनाथ चरित (2) माधवदास चारण (ग) रघुनाथ लीला (3) नरहरि बारहठ (घ) राम रासो (4) परशुराम देव कूट –     क ख ग घ (अ) 2 1 4 3    (ब) 3 1 2 4 (स) 4 3 2 1    (द) 3 4 1 2 ✔️ 24. दक्खिनी गद्य की रचनाओं – मेराजुल आशीकीन एवं कल्मितुल हकायक के रचयिता हैं – (अ) बुरहानुद्दीन एवं करीमुद्दीन (ब) मुल्ला गेसुदराज एवं मुल्ला दाउद (स) मुल्ला गेसुदराज एवं बुरहानुद्दीन ✔️ (द) मुल्ला दाउद एवं करीमुद्दीन

💐कुछ नए और उपयोगी तथ्य जो गाइडों में नहीं मिलेंगे। किन्तु परीक्षा में आएंगे💐 💐हिंदी के किस उपन्यासकार ने अपने उपन्यास में सिंधु नदी के पश्चिमी तट के 'अबाण' हिस्से का जिक्र किया है - द्रोणवीर कोहली - तक़सीम 💐गांधी जी के दक्षिण अफ्रीका प्रवास की घटना का वर्णन किस उपन्यास में है - पहला गिरमिटिया 💐"कला कलाकार के आनन्द की श्रेय और प्रेय तथा आदर्श को समन्वित करने वाली प्रभावोत्पादक अभिव्यक्ति है" - बाबू ग़ुलाबराय 💐किस एक उपन्यासकार ने बाबरी विध्वंस पर उपन्यास लिखा - दूधनाथ सिंह/आखिरी क़लाम 💐रमेशचन्द शाह के उपन्यास गोबर गणेश का नायक है - विनायक 💐विनोद कुमार शुक्ल का कौन सा उपन्यास घटना विहीन उपन्यास है - नौकर की कमीज 💐त्रोइका उपन्यास किन तीन उपन्यासों का संयुक्त नाम है - स्नोफ्लावर+पेगी करमेर की रूहानी यात्रा+जोंकें 💐"हमारा सबसे बड़ा विद्रोह यह है कि हम 'कला' को जीवन से विमुख नहीं होने देना चाहते। यह नहीं हो सकता कि जीवन जलता रहे और कला बाँसुरी बजाती रहें" - माखनलाल चतुर्वेदी 💐निन्यानबे उपन्यास रवींद्र वर्मा का है। जो झांसी और झांसी निवासी रामदयाल के परिवार को केंद्र में रखकर की गई है। 💐किसने अपनी जीवनी ऋषि जैमिनी 'बरुआ' को बोलकर लिखाई - माखनलाल चतुर्वेदी 💐प्रणव कुमार बंद्योपाध्याय के किन दो उपन्यासों का संदर्भ 'अयोध्याकांड' है - पदातिक और पंचवटी 💐कौन सा उपन्यास कमलाकांत त्रिपाठी ने 1857 की घटना को केंद्र में रखकर लिखा - पाहीघर 💐कानपुर का गुधौली गाँव किस उपन्यास के केंद्र में है - रमला बहू/रूपसिंह चंदेल

📖 वन लाइनर प्रश्न पत्र 1.    ‘शिरीष की याद आई’ नामक ललित निबंध किसका है - विद्यानिवास मिश्र 2.   ‘शिरीष का फूल’ नामक निबंध किसने लिखा - हजारी प्रसाद द्विवेदी 3.   ‘हत्यारे’ कहानी किन दो साहित्यकारों ने एक ही शीर्षक से लिखी - अमरकांत और शैलेश मटियानी 4.   ‘चील’  कहानी किस कहानीकार की है - शैलेश मटियानी 5.   ‘कील’ कहानी किसकी है - महीप सिंह 6.   ‘भवंति’ नामक पुस्तक किसकी है - अज्ञेय 7.   ‘पश्यंती’ नामक रचना किसने लिखी - धर्मवीर भारती 8.   ‘कविप्रिया’ शीर्षक कहानी किसने लिखी - अज्ञेय और शेखर जोशी 9.    ‘कविप्रिया’ शीर्षक काव्य रचना करने वाले भक्ति काल के श्रेष्ठ कवि हैं - केशवदास 10.   ‘कामधेनु’ कहानी किसने लिखी - रमेश उपाध्याय 11.   ‘कामधेनु’ निबंध संग्रह किसका है - कुबेरनाथ राय 12.   ‘गोबर गणेश संहिता’ निबंध संग्रह लिखने वाले निबंधकार हैं - चंद्रशर्मा गुलेरी 13.   ‘गोबर गणेश’ उपन्यास किस आधुनिक साहित्यकार ने लिखा - रमेशचंद्र शाह 14.   ‘त्रिशंकु’ निबंध संग्रह किसका है - अज्ञेय 15.   ‘त्रिशंकु’ कहानी किसने लिखी - मन्नू भंडारी 16.  ‘त्रिशंकु’ नाटक किसका है - बृजमोहन शाह 17.   ‘मुक्ति’ कहानी लिखने वाले कहानीकार हैं - अखिलेश, तद्भव 18.  ‘मुक्ति’ उपन्यास किसने लिखा - महेंद्रनाथ 19.   मन्नू भंडारी की कहानी ‘यही सच है’ पर कौन सी फिल्म बनी है - रजनीगंधा 20.  ‘विवर्त’ कहानी संग्रह किसका है - जगदीश गुप्त, 1981 21.  ‘विवर्त’ उपन्यास किस महिला उपन्यासकार ने लिखा - शिवानी, 1984

❣💐 आज के टॉप प्रश्नोतर ❣💐 •───────────────────• 1. संत सींगा की रचनाओं में संगत छाँटिए- (अ) सींगा जी की पन्द्रह तिथि, सींगा जी का बारहमासा (ब) सींगा जी की वानी, सींगा जी वी वाणावली (स) सींगा जी की दृढ़ उपदेश, सींगा जी के भजन (द) उपर्युक्त सभी ✓ 2. संत लालदास की समाधि स्थित है ? (अ) नगला (भरतपुर) में ✓ (ब) डीडवाना में (स) तालासर में (द) श्री ध्यानपुर में 3. दादूदयाल का सत्संग स्थल किस नाम से जाना जाता है ? (अ) अलख-दरीबा ✓       (ब) नगला (स) समराथल               (द) कोई नहीं 4. ’हरङे वाणी’ शीर्षक से दादू की रचनाओं का संग्रह किसने किया था ? (अ) रज्जब ने                 (ब) संतदास ने (स) जगन्नाथदास ने       (द) ब एवं स दोनों ✓ 5. संत दादूदयाल की काव्य भाषा है ? (अ) ब्रज ✓             (ब) निमाङी (स) गुजराती        (द) अपभ्रंश 6. दादूदयाल की रचनाओं का प्रामाणिक संकलन ’दादूदयाल’ का संकलन किसके द्वारा किया गया ? (अ) श्यामसुन्दर दास द्वारा (ब) परशुराम चतुर्वेदी द्वारा ✓ (स) पुरोहित हरिनारायण शर्मा द्वारा (द) पीताम्बर दत्त बङथवाल द्वारा 7. दादू किस जाति से थे ? (अ) दर्जी                (ब) चमार (स) मुसलमान✓         (द) राजपूत 8. दादूपंथ को कबीर ग्रंथ की राजस्थानी शाखा किसने कहा है ? (अ) हजारीप्रसाद द्विवेदी    (ब) डाॅ. बच्चन सिंह ने✓  (स) डाॅ. नगेन्द्र ने           (द) डाॅ. गणपति चन्द्र गुप्त ने 9. मलूकदास द्वारा रचित रचनाओं में दार्शनिक विचारों से सम्बन्धित रचना है ? (अ) भक्ति विवेक              (ब) सुखसागर (स) अ एवं ब दोनों✓      (द) भक्तबच्छावली 10. मलूकदास द्वारा अवधी भाषा में रचित काव्य रचनाएँ है ? (अ) ज्ञान बोध         (ब) ज्ञान परोछि (स) रतनखान         (द) उपर्युक्त सभी ✓ 11. मलूकदास कृत ब्रजभाषा में रचित रचना है ? (अ) रतन खान      (ब) विभविभूति ✓ (स) ज्ञान परोछि    (द) ज्ञान बोध 12. बाबालाल तथा दारा का वार्तालाप किसमें सृंगहीत है ? (अ) असरारें मार्फत ✓       (ब) सब्बंगी (स) बावन अखरी           (द) रहिरासा 13. ’बाबालाल का शैल’ कहाँ है ? (अ) श्रीध्यानपुर में        (ब) गुरूदासपुर में (स) बङौदा में  ✓          (द) नंगला में

❣💐 आज के टॉप प्रश्नोतर ❣💐 •───────────────────• 1. सुंदरदास द्वारा कितने ग्रंथों की रचना की गई ? (अ) 40     (ब) 42 ✓ (स) 32     (द) 12 2. सुंदरदास कृत उनकी सभी रचनाओं को प्रामाणिक संकलन ’सुन्दर गंथावली’ में सम्पादक है ? (अ) श्यामसुन्दर दास (ब) परशुराम चतुर्वेदी (स) पुरोहित हरिनारायण शर्मा ✓ (द) अ एवं ब दोनों 3. सुंदरदास कृत रचना है ? (अ) ज्ञान समुद्र, ज्ञान झूलना (ब) सुंदरविलास, प्रचंप्रभाग (स) सुखसमाधि, वेदविचार (द) उपर्युक्त सभी ✓ 4. ’’रसिकाप्रिया रसमंजरी और सिंगारहि जाति चतुराई करि बहुत विधि विषै बनाई आनि है यह अति गम्भीर, उठति लहरि आनंद की मिष्ट सु याकौ नीर, सकल पदारथ मध्य है।’’ उपर्युक्त पद के रचनाकार है ? (अ) गुरूगोविन्द सिंह    (ब) सुंदरदास ✓ (स) मलूकदास             (द) संत सींगा 5. गुरू अर्जुनदेव के कितने पद ’गुरू ग्रंथ साहिब’ में संकलित है ? (अ) 6000 पद✓         (ब) 4000 पद (स) 3500 पद          (द) 5000 पद 6. गुरू गोविन्द सिंह का जन्म कब हुआ था ? (अ) सन् 1660 ई. में        (ब) सन् 1476 ई. में (स) सन् 1664 ई. में✓      (द) सन् 1718 ई. में 7. ’’मेरे सिक्ख, हिन्दू, और मुसलमान, छूत और अछूत, ऊँच और नीच के भेदभाव को मिटाकर छोङेगें’’ कथन किसका है ? (अ) गुरू अर्जुनदेव (ब) गुरू अंगद (स) गुरू गोविन्द सिंह ✓ (द) गुरू अमरदास 8. ’’ऐसी मेरी जाति विख्यात चमार’’ पंक्ति के रचयिता है ? (अ) रैदास✓           (ब) हरिदास निरंजनी (स) दादूदयाल      (द) मलूकदास 9. ’जाति ओछा पातिओछा, ओछा जनम हमारा’ पंक्ति के रचयिता है ? (अ) गुरू अंगद    (ब) रैदास ✓ (स) मलूकदास    (द) हरिदास निरंजनी 10. ’’ऐसी आरतीत्रिभुवन तारै, तेज पुंज तहां प्रान उतारै, पती पंच पुहुप करिपूजा, देव निंरजन ओर न दूजा।।’’ पद के रचयिता है ? (अ) तुलसीदास    (ब) कबीरदास ✓ (स) नामदेव         (द) सुंदरदास 11. सुमेलित कीजिए- (भक्त/आचार्य)        (गुरू) (क) अग्रदास           1. नाभादास (ख) नाभादास         2. कृष्णदास पयहारि (ग) प्रियादास          3. कांचीपूर्ण (घ) रामानुजाचार्य    4. अग्रदास कूटः क ख  ग  घ (अ) 1   3   2  4       (ब) 2    4  1  3 ✓ (स) 2    1  4  3        (द) 3     4  2  1 12. पल्टू साहब द्वारा रचित रचना है ? (अ) साखी, सबद       (ब) कुण्डलिया (स) अरिल्ल, झूलना   (द) उपर्युक्त सभी ✓

संधि:- संधि तीन प्रकार की होती हैं– 1. स्वर संधि 2. व्यंजन संधि 3. विसर्ग संधि ★स्वर संधि के प्रकार ★स्वर संधि के पांच प्रकार होते हैं •दीर्घ संधि •गुण संधि •वृद्धि संधि •यण संधि •अयादि संधि ★दीर्घ संधि:-दीर्घ संधि में दो स्वर्ण या सजातीय स्वरों के बीच संधि होकर उनके दीर्घ रूप हो जाते है। अर्थात दो स्वर्ण स्वर मिलकर दीर्घ हो जाते हैं। इस संधि के चार रूप होते है- जब अ,आ के साथ अ,आ हो तो “आ” बनता है जब इ,ई के साथ इ,ई हो तो “ई” बनता है जब उ,ऊ के साथ उ,ऊ हो तो “ऊ”बनता है ऋ के साथ ऋ/ ऋ हो तो “ऋ” बनता है उदाहरण:- पुस्तक +आलय = पुस्तकालय विद्या+अर्थी = विद्यार्थी भानु+उदय = भानूदय महा + आत्मा = महात्मा दया + आनंद = दयानंद पितृ +ऋण = पितृण धर्म + अर्थ = धर्मार्थ परम + अर्थ = परमार्थ रत्न + आकर = रत्नाकर सीमा + अंत = सीमांत ★गुण संधि:-यदि ‘अ’ या ‘आ’ के साथ इ/ई  आए तो ‘ए’ ; ऊ/ऊ आए तो ‘ओ’ और ‘ऋ’ आए तो ‘अर’ बनता है। इस प्रकार से बनने वाले शब्दों को गुण संधि कहा जाता है। जब अ,आ के साथ इ, ई हो तो “ए” बनता है जब अ,आ के साथ उ,ऊ हो तो “ओ” बनता है जब अ,आ के साथ ऋ हो तो” अर्” बनता है उदाहरण:- नर+ इंद्र = नरेंद्र हेमा + इन्द्र = हेमेन्द्र नर + ईश = नरेश महा + ईश्वर = महैश्वर्य ज्ञान+उपदेश = ज्ञानोपदेश जल + ऊर्मि = जलोर्मि महा + उदय = महोदय दया + ऊर्मि = दयोर्मि देव+ऋषि = देवर्षि महा + ऋषि = महर्षि ★वृद्धि संधि:-यदि ‘अ’/ ‘आ’ के साथ ए/ ऐ आये तो ‘ऐ’ और ओ/ औ आये तो औ बन जाता है। इस प्रकार बनने वाले शब्दों को वृद्धि संधि कहा जाता है। जब अ,आ के साथ ए,ऐ हो तो “ऐ” बनता है। जब अ,आ के साथ ओ,औ हो तो ” औ” बनता है। उदाहरण:- मत+एकता = मतैकता सदा+एव = सदैव महा+ओज = महौज एक + एक = एकैक वन + ओषधि = वनौषधि महा + ऐश्वर्य = महैश्वर्य महा + ओजस्वी = महौजस्वी परम + औषध = परमौषध तत + एव = ततैव महा+औदार्य = महौदार्य ★यण संधि:-यदि इ/ई, उ/ऊ और ऋ के बाद भिन्न स्वर आए तो इ/ई का ‘य’ उ/ऊ का ‘व’ और ऋ का ‘र’ हो जाता है। जब इ,ई के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ” य” बन जाता है जब उ,ऊ के साथ कोई अन्य स्वर हो तो” व” बन जाता है जब ऋ के साथ कोई अन्य स्वर हो तो” र ” बन जाता है उदाहरण:- इति+ आदि = इत्यादि अनु+अय = अनवय सु+ आगत = स्वागत अनु + एषण = अन्वेषण अधि + अयन = अध्ययन अनु + इत = अन्वित प्रति + एक = प्रत्येक अति + आवश्यक = अत्यावश्यक अति + अंत = अत्यंत प्रति + अक्ष = प्रत्यक्ष ★अयादि संधि:-यदि ए, ऐ, ओ और औ के बाद भिन्न स्वर आये तो ‘ए’ का अय ‘ऐ’ का आय, ‘ओ’ का अव और ‘औ’ का आव हो जाता है। अय, आय, अव और आव के य और व आगे वाले भिन्न स्वर से मिल जाते है | जब ए,ऐ,ओ,औ के साथ कोई अन्य स्वर हो तो ” ए- अय “, ” ऐ- आय”, “ओ- अव ” , “औ- आव”  मैं हो जाता है य, वह से पहले व्यंजन पर अ,आ की मात्रा हो तो वह अयादि संधि हो सकती है परंतु अगर कोई विच्छेद ना निकलता हो तो के + बाद आने वाले भाग को वैसा ही लिखना होगा अयादि संधि कहलाता है। उदाहरण ने+अन = नयन नौ+ इक = नाविक भो+अन = भवन नौ + इक = नाविक पो + इत्र = पवित्र चे + अन = चयन पो + अन = पवन शो+ अ = शव विधै+ अक = विधायक विने + अ = विनय

🎤 हिन्दी भाषा एवं साहित्य (पार्ट 6) 🕳🕳🕳🕳🕳🕳🕳🕳🕳🕳🕳🕳🕳 186. भारत-विभाजन और सांप्रदायिकता की घटनाओं से संबंधित कौन-सी कहानी है? उत्तर. मलवे का मालिक 187. किस रस को ‘रसराज’ कहा जाता है? उत्तर. श्रृंगार रस 188. भारतीय आर्यों की भाषा में ‘ट’ वर्ग की ध्वनियाँ किसकी देन हैं? उत्तर. द्रविड़ भाषाओं की 189. ‘बीसलदेव रासो’ के रचनाकार का नाम क्या हैं? उत्तर. नरपति नाल्ह 190. गिला’ कहानी के लेखक का नाम है? उत्तर. प्रेमचन्द्र 191. कालिदास की अन्तिम रचना ‘अभिज्ञान शाकुन्तलम्’ का हिन्दी अनुवाद किसने किया था? उत्तर. राजा लक्ष्मण सिंह 192. ‘गंगावतरण’ काव्य के रचयिता हैं? उत्तर. जगन्नाथदास रत्नाकर 193. भक्तिकाल का एक कवि अवतारवाद और मूर्तिपूजा का विरोधी है. इसके बावज़ूद वह हिन्दुओं के जन्म-मृत्यु सम्बन्धी सिद्धांत को मानता है, ऐसा रचनाकार है? उत्तर. कबीर 194. 2007 ई. का आठवां ‘विश्व हिन्दी सम्मेलन’ कहाँ आयोजित हुआ था? उत्तर. न्यूयॉर्क 195. आचार्य केशवदास को ‘कठिन काव्य का प्रेत’ किस आलोचक ने कहा है? उत्तर. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल 196. सूर्यकान्त त्रिपाठी निराला की कविता ‘जूही की कली’ किसका उदाहरण है? उत्तर. मुक्त छंद का 197. ‘मुख रूपी चाँद पर राहु भी धोखा खा गया’, इन पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है? उत्तर. रूपक 1998. इनमें से सही शब्द कौन-सा है? उत्तर. श्रृंगार 199. मुग़ल काल में किस भाषा को रेख्यां कहा गया है? उत्तर. उर्दू 200. ‘रसोईघर’ में कौन-सा समास है? उत्तर. तत्पुरुष 201. जयशंकर प्रसाद की ‘चन्द्रगुप्त’ निम्नांकित में से क्या है? उत्तर. नाटक 202. हिन्दी साहित्य के किस भाव को व्यभिचारी भाव कहा जाता है? उत्तर. संचारी भाव 203. निम्नलिखित में कौन-सी हिन्दी पत्रिका है? उत्तर. केरल ज्योति 204. उर्दू किस भाषा का मूल शब्द है? उत्तर. तुर्की भाषा 205. ‘एक भारतीय आत्मा’ नाम से कविता की रचना किसने की? उत्तर. माखन लाल चतुर्वेदी ने 206. ‘राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय’ कहाँ है? उत्तर. नई दिल्ली 207. हिन्दी साहित्य के इतिहास के सर्वप्रथम लेखक का नाम क्या है? उत्तर. गार्सा द तासी 208. मसि कागद छुयो नहीं कलम गही नहिं हाथ॥ प्रस्तुत पंक्ति के रचयिता हैं? उत्तर. कबीरदास 209. जीवन में हास्य का महत्त्व इसलिए है कि, वह जीवन को? उत्तर. सरस बनाता है 210. ‘रामचरितमानस’ में कितने काण्ड हैं? उत्तर. 7 211. अर्थ के आधार पर वाक्य के कितने भेद होते हैं? उत्तर. आठ 212. पृथ्वीराज रासो’ किस काल की रचना है? उत्तर. आदि काल 213. अज्ञेय की कौन-सी रचना यात्रा पर आधारित है? उत्तर. एक बूंद सहसा उछली 214. साहित्य को क्या माना गया है? उत्तर. कठिन तपस्या और महान यज्ञ 215. कवि कालिदास की ‘अभिज्ञान शाकुंतलम’ का हिन्दी अनुवाद किसने किया? उत्तर. राजा लक्ष्मण सिंह 216. ‘परिवर्तन’ नामक कविता सर्वप्रथम सुमित्रानन्दन पंत के किस कविता संग्रह में संगृहीत हुई है? उत्तर. पल्लव 217. ‘ग्रियर्सन’ ने किसे ‘देशी हिन्दुस्तानी’ कहा है? उत्तर. खड़ी बोली 218. चौपाई के चारों चरणों में कितनी मात्राएँ होती हैं? उत्तर. सोलह 219. भक्ति को रस रूप में प्रतिष्ठित करने वाले आचार्य कौन हैं? उत्तर. वल्लभाचार्य 220. हिन्दी की पहली कहानी लेखिका का नाम है? उत्तर. बंग महिला 221. ‘विखंडन’ की अवधारणा का संबंध किस ‘वाद’ से है? उत्तर. संरचनावाद 222. देवनागरी लिपि का विकास किस लिपि से हुआ है? उत्तर. ब्राह्मी लिपि 223. अर्द्धसम मात्रिक जाति का छन्द है? उत्तर. दोहा 224. ‘प्रेमसागर’ के लेखक कौन हैं।? उत्तर. लल्लू लाल 225. बिहारी, बंगाली, उड़िया और असमिया भाषाओं का जन्म कौन-से अपभ्रंश से हुआ है? उत्तर. मागधी 226. गंगा छवि वर्णन’ कविता के रचनाकार हैं? उत्तर. भारतेन्दु हरिश्चन्द्र 227. स्वयंभू ने किस भाषा को ‘देसी भाषा’ कहा है? उत्तर. अपभ्रंश 228. ‘मोक्ष की इच्छा करने वाला’ कहलाता है? उत्तर. मुमुक्षु 229. भावों और विचारों को प्रकट करने वाले मानव-मुख से निकले ध्वनि-संकेतों को क्या कहते हैं? उत्तर. भाषा 230. दक्षिण भारत की सर्वाधिक प्राचीन भाषा है? उत्तर. तमिल 231. निम्नलिखित में से कौन-सी पुस्तक ‘रामचन्द्र शुक्ल’ द्वारा लिखी गई है? उत्तर. हिन्दी साहित्य का इतिहास 232. रहीम द्वारा लिखित इन पंक्तियों में ‘बड़े’ शब्द का प्रयोग जिस रूप में हुआ है, वह है- 233. ‘राग दरबारी’ उपन्यास के रचयिता हैं? उत्तर. श्रीलाल शुक्ल 234. ‘प्रभुजी तुम चन्दन हम पानी’ किसकी पंक्ति है? उत्तर. रैदास 235. हिन्दी में स्वतंत्र रूप से बोले जाने वाले अक्षर क्या कहलाते हैं? उत्तर. स्वर

📖 दैनिक प्रश्नोत्तरी (अनिवार्य) ••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• ◾️ प्रसाद जी के किस नाटक में जयचन्द काल का चित्रण हुआ है - प्रायश्चित । ◾️ "शिवशम्भू के चिट्ठा" किस पत्रिका में प्रकाशित हुआ - भारत मित्र । ◾️ मुसलमानों की राष्ट्रीय भावना को चित्रित करने वाला नाटक है- शेरशाह । ◾️ कहानी कला किसका निबन्ध है- मुंशी प्रेमचन्द । ◾️ उपेन्द्रनाथ अश्क जी की सर्वाधिक प्रौढ नाट्य कृति है- अंजो दीदी । ◾️नागरी प्रचारिणी सभा, काशी (1893) संस्थापक : श्यामसुंदर दास, पंडित रामनारायण मिश्रा, शिव कुमार सिंह। ◾️ 14 अक्टूबर 1899 को 'नागरी प्रचारिणी सभा' में सरस्वती के संपादक मंडल का नाम घोषित किया। ◾️ सरस्वती के आरंभिक संपादक मंडल : जगन्नाथदास रत्नाकर, श्यामसुंदर दास, किशोरी लाल गोस्वामी, राधा कृष्णदास, कार्तिक प्रसाद खत्री। ◾️ सरस्वती पत्रिका के संस्थापक : 'चिंतामणि घोष' ◾️ सरस्वती पत्रिका के संपादक : महावीर प्रसाद द्विवेदी (1903-1920) तक रहें ◾️ वर्तमान में सरस्वती पत्रिका का प्रकाशन--  17 अक्टूबर 2020 (हिंदुस्तान एकेडमी, प्रयागराज)

📖 दैनिक प्रश्नोत्तरी - 25/10/2023 ••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• 1- "व्यक्तिवादी काव्य" या "वैयक्तिक कविता" के नाम से जाना जाता है ? -- हालावाद 2- "इस काव्य में समग्रतः एवं संपूर्णतः वैयक्तिक चेतनाओं को ही काव्यमय स्वरों और भाषा में संजोया गया है।" यहाँ किस काव्य के बारे में कहा गया है ? -- हालावादी काव्य के बारे में 3- "नव्य-स्वछंदतावाद" के नाम से जाना जाता है ? -- हालावाद 4- "उन्मुक्त प्रेमकाव्य" या "प्रेम व मस्ती के काव्य" के नाम से जाना जाता है ? -- हालावादी काव्य 5- "इसमें अपनी ही मस्ती, अल्हड़ता एवं अक्खड़ता है।" किसमें ? -- हालावादी काव्य में 6- हालावादी काव्य पर किसका प्रभाव है ? -- फारसी साहित्य का / उमरखैयाम का 7- "क्षयी रोमांस का कवि" कहा जाता है ? -- हरिवंश राय बच्चन को 8- "प्रेम और रोमांस का कवि" कहा जाता है ? -- रामेश्वर शुक्ल अंचल को 9- मांसलवाद के प्रवर्तक माने जाते है ? -- रामेश्वर शुक्ल अंचल 10- "इनके काव्य में रोमांस तो है लेकिन निराशा और दुःख जनित।" किसके बारे में कहा गया है ? -- नरेन्द्र शर्मा के 11- हालावाद के प्रवर्तक माने जाते है ? -- हरिवंश राय बच्चन 12- हालावाद का समय काल माना जाता है ? -- 1933 से 1936 13- हालावादी कविता को "वैयक्तिक कविता" किसने कहा है ? -- डा नगेन्द्र ने 14- "वैयक्तिक कविता छायावाद की अनुजा और प्रगतिवाद की अग्रजा है।" कथन किसका है ? -- डा नगेन्द्र का 15- हालावादी काव्य को "मस्ती, उमंग और उल्लास की कविता" किसने कहा है ? -- हजारी प्रसाद द्विवेदी ने 16- हालावादी कविता का प्रबल भाव है ? -- वैयक्तिकता का 17- "निराशावादी कवि" कहा जाता है ? -- हालावादियों को 18- "व्यक्तिवादी कविता का प्रमुख स्वर निराशा का है, अवसाद का है, थकान का है, टूटन का है, चाहे किसी भी परिप्रेक्ष्य में हो ।" कथन किसका है ? -- डा रामदरश मिश्र का 19- व्यक्तिवादी गीति कविता की सभी प्रवृत्तियाँ ( प्रेम, निराशा, वेदना, सामाजिक चेतना ) किसके काव्य में लक्षित होती है ? -- आरसी प्रसाद सिंह के 20- "अशरीरी प्रेम के स्थान पर शरीरी प्रेम को इन्होंने तरजीह दी है।" किन्होंने तरजीह दी है ? -- हालावादी कवियों ने 21- "मूलतः प्रेम यौवन और सौन्दर्य के कवि" माने जाते है ? -- रामेश्वर शुक्ल अंचल 22- हालावादी काव्य को "क्षयी रोमांस और कुण्ठा का काव्य" किसने कहा है ? -- डा हेतु भारद्वाज ने 23- हालावाद प्रचलित कब से हुआ ? -- बच्चन की मधुशाला से 24- किसकी रचनाओं में आत्मसंदेह और मृत्यु भय की भावना सर्वाधिक पाई जाती है ? -- हरिवंश राय बच्चन की 25- बच्चन की रचना त्रय में शामिल है ? -- मधुशाला, मधुबाला और मधुकलश