MS SSC NOTES
📈 Análisis del canal de Telegram MS SSC NOTES
El canal MS SSC NOTES (@msnotes) en el segmento lingüístico de Hindú es un actor destacado. Actualmente la comunidad reúne a 17 987 suscriptores, ocupando la posición 11 210 en la categoría Educación y el puesto 23 992 en la región India.
📊 Métricas de audiencia y dinámica
Desde su creación el невідомо, el proyecto ha mostrado un crecimiento acelerado, reuniendo a 17 987 suscriptores.
Según los últimos datos del 22 junio, 2026, el canal mantiene una actividad estable. En los últimos 30 días la variación de miembros fue de 404, y en las últimas 24 horas de -2, conservando un alto alcance.
- Estado de verificación: No verificado
- Tasa de interacción (ER): El promedio de interacción de la audiencia es 8.20%. Durante las primeras 24 horas tras publicar, el contenido suele obtener 1.98% de reacciones respecto al total de suscriptores.
- Alcance de las publicaciones: Cada publicación recibe en promedio 1 476 visualizaciones. En el primer día suele acumular 357 visualizaciones.
- Reacciones e interacción: La audiencia responde de forma activa: el promedio de reacciones por publicación es 4.
📝 Descripción y política de contenido
No se ha proporcionado la descripción del canal.
Gracias a la alta frecuencia de actualizaciones (últimos datos recibidos el 23 junio, 2026), el canal mantiene la vigencia y un amplio alcance. La analítica demuestra que la audiencia interactúa activamente con el contenido, lo que lo convierte en un punto de referencia dentro de la categoría Educación.
की~~मैथिली, संस्कृत और अवहट्ठ
12.आदिकाल को संधिकाल- चारण काल नाम किसने दिया~~ रामकुमार वर्मा
13.वीरगाथा काल में जैन,नाथ और सिद्धों की रचनाओं को साहित्य के अंतर्गत नहीं माना~~ आचार्य शुक्ल ने
14.’प्राकृत पिंगल सूत्र’ के पदों को किसने संकलित किया~~ विद्याधर ने
15.पुरातन प्रबंध संग्रह के रचयिता है~~ मुनि जिन विजय
16.विधेयवादी पद्धति के जनक थे~~तेन
17.’हिंदी साहित्य का आधा इतिहास’ के रचनाकर~~ डॉ. सुमन राजे
18.मिश्र बंधु~~ सुखदेव बिहारी मिश्र, श्याम बिहारी मिश्र, गणेश बिहारी मिश्र
19.’हिंदी साहित्य का इतिहास’ (शुक्ल) जो मूलतः 1929 में नागरी प्रचारिणी सभा के ग्रंथ ‘हिंदी शब्द सागर’ की भूमिका के रूप में ‘हिंदी साहित्य के विकास’ के रूप में पहली बार छपा ।
20.हिंदी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास भक्तिकाल (रामकुमार वर्मा) में भक्तिकाल तक का ही वर्णन है अतः यह अधूरा है
21.हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास~ डॉक्टर बच्चन सिंह
22.हिंदी साहित्य का वृहत इतिहास को 16 खंडों में प्रकाशित किया गया
23.हिंदी साहित्य का संक्षिप्त इतिहास~~ डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी
24.पाहुड़ दोहा के रचयिता~~ राम सिंह
25.हरप्रसाद शास्त्री ने रासो शब्द की उत्पत्ति ‘राजयश’ से मानी।
26.प्राकृत का पाणिनि कहते हैं~~ हेमचंद्र को
27.अमीर खुसरो का मूल नाम~ अबुल हसन
28.’काहे को ब्याही परदेस.. सुन बाबुल मोरे’ पंक्ति जो बृजभाषा की है अमीर खुसरो
29.योगचर्या, अक्षराद्विकोपदेश रचनाएं है डोम्भीपा
30-प्रबन्ध चिंतामणि~~मेरुतुंग
31-प्राकृत पैंगलम~~ लक्ष्मीधर
32.बुद्धि रासो~~ जल्हण
33. बुद्धि रास-शालीभद्र सुरि
34.नल्ल सिंह~~ विजयपाल रासो
35.हम्मीर रासो~~ शारंगधर
36.उस हिंदी साहित्य के इतिहास ग्रंथ का नाम बताइए जिसमें लगभग 5000 कवियों का विवरण संकलित है~~ मिश्रबन्धु विनोद
37.अमीर खुसरो का जीवन काल~~1255-1324 ईस्वी
38.’कामिनी करए सनाने, हेरतन्हि हृदय हनए पंचवाने’-पंक्ति है~~विद्यापति
39.आदिकाल के कवि जो ‘कलिकाल सर्वज्ञ’ के नाम से चर्चित थे~~ हेमचन्द्र
40.किस रासो काव्य को रासो ग्रंथ में नहीं गिना जाता है~~ विजयपाल रासो(अपभ्रंश)
41.डॉ. लक्ष्मीसागर वार्ष्णेय ने तासी के ग्रंथ का हिंदी अनुवाद ‘हिन्दुई साहित्य का इतिहास’ नाम से 1952 में प्रकाशन करवाया
42.हिंदी साहित्येतिहास लेखन की परंपरा में हिंदी भाषा में लिखा प्रथम ग्रंथ श्री महेशदत्त शुक्ल द्वारा रचित ‘भाषा काव्य संग्रह’ है
43.डॉ. किशोरी लाल गुप्त ने ‘द मॉडर्न वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिंदुस्तान का हिंदी अनुवाद ‘हिंदी साहित्य का प्रथम इतिहास’ नाम से 1957 ईस्वी में किया
44.हिंदी साहित्य का वृहत इतिहास का पहला भाग ‘हिंदी साहित्य की पीठिका’ के रूप में राजबली पांडेय ने संपादित किया और सोलहवां भाग ‘हिंदी का लोकसाहित्य’ नाम से डॉ. कृष्ण देव उपाध्याय ने सम्पादित किया।
45.’हिंदी साहित्य’ ग्रंथ के रचयिता~~ डॉ. धीरेंद्र वर्मा
46.’हिंदी साहित्य का अतीत’ (दो भाग)~~ विश्वनाथ प्रसाद त्रिपाठी
47.हिंदी भाषा का विकास~~ डॉ. श्यामसुंदर दास
48.’हिंदी साहित्य: बीसवीं शताब्दी’~~ नंददुलारे वाजपेई
49.हिंदी साहित्य विमर्श(1923 ईस्वी)~~ पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी
50.कविता- कौमुदी~~ रामनरेश त्रिपाठी
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬1.उलटवासियों का पूर्व रूप हमें किन की भाषा में मिलता है~~ सिद्धों के
2.गेय पदों की परंपरा किसने प्रचलित की थी~~ सिद्धों ने
3.आचार्य शुक्ल ने विद्यापति को किस प्रकार का कवि माना है~~ शुद्ध शृंगारी
4.रास परंपरा की प्रथम रचना~~ भरतेश्वर बाहुबली रास
5.हिंदी रास परंपरा की प्रथम ऐतिहासिक रचना है~~ पंचपांडव चरितरास
6.भरतेश्वर बाहुबली रास किस प्रकार का काव्य ग्रंथ है~~ खंड काव्य
7.’सुमति गुणी’ कृति के रचनाकार है~~ नेमिनाथ रास
8.पृथ्वीराज विजय के रचनाकार है~~ जयानक
9.सर्वाधिक प्रामाणिक पृथ्वीराज रासो की प्रतिलिपि के संपादक है~ माता प्रसाद गुप्त
10.छप्पय छंद किस रासोकार का प्रिय छंद है~~ चंदबरदाई
11.विद्यापति ने किन भाषाओं में रचना की~~मैथिली, संस्कृत और अवहट्ठ
12.आदिकाल को संधिकाल- चारण काल नाम किसने दिया~~ रामकुमार वर्मा
13.वीरगाथा काल में जैन,नाथ और सिद्धों की रचनाओं को साहित्य के अंतर्गत नहीं माना~~ आचार्य शुक्ल ने
14.’प्राकृत पिंगल सूत्र’ के पदों को किसने संकलित किया~~ विद्याधर ने
15.पुरातन प्रबंध संग्रह के रचयिता है~~ मुनि जिन विजय
16.विधेयवादी पद्धति के जनक थे~~तेन
17.’हिंदी साहित्य का आधा इतिहास’ के रचनाकर~~ डॉ. सुमन राजे
18.मिश्र बंधु~~ सुखदेव बिहारी मिश्र, श्याम बिहारी मिश्र, गणेश बिहारी मिश्र
19.’हिंदी साहित्य का इतिहास’ (शुक्ल) जो मूलतः 1929 में नागरी प्रचारिणी सभा के ग्रंथ ‘हिंदी शब्द सागर’ की भूमिका के रूप में ‘हिंदी साहित्य के विकास’ के रूप में पहली बार छपा ।
20.हिंदी साहित्य का आलोचनात्मक इतिहास भक्तिकाल (रामकुमार वर्मा) में भक्तिकाल तक का ही वर्णन है अतः यह अधूरा है
21.हिंदी साहित्य का दूसरा इतिहास~ डॉक्टर बच्चन सिंह
22.हिंदी साहित्य का वृहत इतिहास को 16 खंडों में प्रकाशित किया गया
23.हिंदी साहित्य का संक्षिप्त इतिहास~~ डॉ. विश्वनाथ त्रिपाठी
24.पाहुड़ दोहा के रचयिता~~ राम सिंह
25.हरप्रसाद शास्त्री ने रासो शब्द की उत्पत्ति ‘राजयश’ से मानी।
26.प्राकृत का पाणिनि कहते हैं~~ हेमचंद्र को
27.अमीर खुसरो का मूल नाम~ अबुल हसन
28.’काहे को ब्याही परदेस.. सुन बाबुल मोरे’ पंक्ति जो बृजभाषा की है अमीर खुसरो
29.योगचर्या, अक्षराद्विकोपदेश रचनाएं है डोम्भीपा
30-प्रबन्ध चिंतामणि~~मेरुतुंग
31-प्राकृत पैंगलम~~ लक्ष्मीधर
32.बुद्धि रासो~~ जल्हण
33. बुद्धि रास-शालीभद्र सुरि
34.नल्ल सिंह~~ विजयपाल रासो
35.हम्मीर रासो~~ शारंगधर
36.उस हिंदी साहित्य के इतिहास ग्रंथ का नाम बताइए जिसमें लगभग 5000 कवियों का विवरण संकलित है~~ मिश्रबन्धु विनोद
37.अमीर खुसरो का जीवन काल~~1255-1324 ईस्वी
38.’कामिनी करए सनाने, हेरतन्हि हृदय हनए पंचवाने’-पंक्ति है~~विद्यापति
39.आदिकाल के कवि जो ‘कलिकाल सर्वज्ञ’ के नाम से चर्चित थे~~ हेमचन्द्र
40.किस रासो काव्य को रासो ग्रंथ में नहीं गिना जाता है~~ विजयपाल रासो(अपभ्रंश)
41.डॉ. लक्ष्मीसागर वार्ष्णेय ने तासी के ग्रंथ का हिंदी अनुवाद ‘हिन्दुई साहित्य का इतिहास’ नाम से 1952 में प्रकाशन करवाया
42.हिंदी साहित्येतिहास लेखन की परंपरा में हिंदी भाषा में लिखा प्रथम ग्रंथ श्री महेशदत्त शुक्ल द्वारा रचित ‘भाषा काव्य संग्रह’ है
43.डॉ. किशोरी लाल गुप्त ने ‘द मॉडर्न वर्नाक्यूलर लिटरेचर ऑफ हिंदुस्तान का हिंदी अनुवाद ‘हिंदी साहित्य का प्रथम इतिहास’ नाम से 1957 ईस्वी में किया
44.हिंदी साहित्य का वृहत इतिहास का पहला भाग ‘हिंदी साहित्य की पीठिका’ के रूप में राजबली पांडेय ने संपादित किया और सोलहवां भाग ‘हिंदी का लोकसाहित्य’ नाम से डॉ. कृष्ण देव उपाध्याय ने सम्पादित किया।
45.’हिंदी साहित्य’ ग्रंथ के रचयिता~~ डॉ. धीरेंद्र वर्मा
46.’हिंदी साहित्य का अतीत’ (दो भाग)~~ विश्वनाथ प्रसाद त्रिपाठी
47.हिंदी भाषा का विकास~~ डॉ. श्यामसुंदर दास
48.’हिंदी साहित्य: बीसवीं शताब्दी’~~ नंददुलारे वाजपेई
49.हिंदी साहित्य विमर्श(1923 ईस्वी)~~ पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी
50.कविता- कौमुदी~~ रामनरेश त्रिपाठी
▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬▬विश्व के घास के मैदान🟨शीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदान ■पम्पास :–अर्जेंटीना एवं उरुग्वे में विस्तृत शीतोष्ण कटिबंधीय घास का मैदान। यहाँ पोषणयुक्त 'अल्फा-अल्फा' घास अधिक पायी जाती है। ■प्रेयरीज :–कनाडा एवं सं.रा. अमेरिका में विस्तृत शीतोष्ण कटिबंधीय घास का मैदान। इन मैदानों में 'चिनूक' हवाएं चलती हैं। यहाँ व्यापक स्तर पर गेहूं की खेती की जाती है। ■डाउन्स :–ऑस्ट्रेलिया के मरें-डार्लिंग बेसिन में विस्तृत शीतोष्ण कटिबंधीय घास के मैदान। मरीनो भेड के बड़े-बड़े बाडे (स्टेशन) पाये जाते हैं। कंगारु बहुतायत में पाये जाते हैं। ■वेल्ड :–द. अफ्रीका में विस्तृत शीतोष्ण कटिबंधीय घास का मैदान। यहाँ गाय एवं भैंस के साथ 'अंगोरा बकरी' एवं 'मेरीनो भेड' का पालन किया जाता है। ■स्टेपीज :–यह यूरोप-एशिया में विस्तृत शीतोष्ण कटिबंधीय घास का मैदान है। यहाँ गेहूं की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। ■पुस्टाज :–हंगरी में विस्तृत शीतोष्ण कटिबंधीय घास का मैदान। ■कैन्टरबरी :– न्यूजीलैंड में विस्तृत शीतोष्ण कटिबंधीय घास का मैदान। ■ग्रानचाको:– अर्जेंटीना एवं पराग्वे में विस्तृत शीतोष्ण कटिबंधीय घास का मैदान एवं वन प्रदेश। यहाँ विश्व की सर्वाधिक मजबूत लकडी 'क्वेब्रेको' पायी जाती है। 🟥उष्ण कटिबंधीय घास के मैदान ■सवाना :– यह उष्णकटिबंधीय घास का मैदान मृध्य अफ्रीका, सहारा रेगिस्तान के दक्षिणी भाग में विस्तृत है। यहाँ उष्णकटिबंधीय सवाना प्रकार की घास पायी जाती है। ■लानोस :–यह उष्णकटिबंधीय घास का मैदान वेनेजुएला में विस्तृत है। यह विशेष रूप से ओरिनिको नदी के बेसिन में विस्तृत है। ■काम्पोस :–यह उष्णकटिबंधीय घास का मैदान ब्राजील के दक्षिणी भाग में विस्तृत है। ■सेल्वास :—यह ब्राजील में अमेजन नदी बेसिन में विस्तृत विश्व का सबसे बड़ा उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन एवं घास का मैदान है। यह जैव विविधता की दृष्टि से धनी क्षेत्र है।
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