en
Feedback
Hindu Dharma सनातन हिन्दू धर्म शास्त्र वेद पुराण ज्योतिष वास्तु हिन्दुत्व तंत्र मंत्र Jyotish Hindutva Astrology Vaastu

Hindu Dharma सनातन हिन्दू धर्म शास्त्र वेद पुराण ज्योतिष वास्तु हिन्दुत्व तंत्र मंत्र Jyotish Hindutva Astrology Vaastu

Open in Telegram

हिन्दू धर्म से सम्बंधित पुस्तकें। ज्योतिष, वास्तु, धर्म सम्बंधित प्रश्न कर सकते हैं @havishya1 पर ☀️ 𝐘𝐨𝐮𝐓𝐮𝐛𝐞  @YugSamvad ☀️ 𝐈𝐧𝐬𝐭𝐚𝐠𝐫𝐚𝐦 @YugSamvad ☀️ 𝐓𝐞𝐥𝐞𝐠𝐫𝐚𝐦 @HinduDharmaGroup   

Show more
1 041
Subscribers
-124 hours
-47 days
-430 days
Attracting Subscribers
September '26
September '26
+2
in 0 channels
August '26
+11
in 0 channels
Get PRO
July '26
+3
in 0 channels
Get PRO
June '26
+9
in 0 channels
Get PRO
May '26
+7
in 0 channels
Get PRO
April '26
+5
in 0 channels
Get PRO
March '26
+6
in 0 channels
Get PRO
February '26
+3
in 0 channels
Get PRO
January '26
+8
in 0 channels
Get PRO
December '25
+15
in 0 channels
Get PRO
November '25
+7
in 0 channels
Get PRO
October '25
+7
in 0 channels
Get PRO
September '25
+8
in 0 channels
Get PRO
August '25
+16
in 0 channels
Get PRO
July '25
+7
in 0 channels
Get PRO
June '25
+19
in 0 channels
Get PRO
May '25
+11
in 0 channels
Get PRO
April '25
+13
in 0 channels
Get PRO
March '25
+14
in 0 channels
Get PRO
February '25
+14
in 0 channels
Get PRO
January '25
+22
in 0 channels
Get PRO
December '24
+20
in 0 channels
Get PRO
November '24
+22
in 0 channels
Get PRO
October '24
+20
in 0 channels
Get PRO
September '24
+12
in 0 channels
Get PRO
August '24
+38
in 0 channels
Get PRO
July '24
+10
in 0 channels
Get PRO
June '24
+16
in 0 channels
Get PRO
May '24
+16
in 0 channels
Get PRO
April '24
+7
in 0 channels
Get PRO
March '24
+21
in 0 channels
Get PRO
February '24
+24
in 0 channels
Get PRO
January '24
+38
in 0 channels
Get PRO
December '23
+42
in 0 channels
Get PRO
November '23
+31
in 0 channels
Get PRO
October '23
+36
in 0 channels
Get PRO
September '23
+40
in 0 channels
Get PRO
August '23
+348
in 0 channels
Get PRO
July '23
+262
in 0 channels
Get PRO
June '23
+19
in 0 channels
Get PRO
May '23
+11
in 0 channels
Get PRO
April '23
+14
in 0 channels
Get PRO
March '23
+8
in 0 channels
Get PRO
February '23
+11
in 0 channels
Get PRO
January '23
+16
in 0 channels
Get PRO
December '22
+35
in 0 channels
Get PRO
November '22
+138
in 0 channels
Get PRO
October '22
+3
in 0 channels
Get PRO
September '22
+9
in 0 channels
Get PRO
August '22
+8
in 0 channels
Get PRO
July '22
+3
in 0 channels
Get PRO
June '22
+8
in 0 channels
Get PRO
May '22
+7
in 0 channels
Get PRO
April '22
+11
in 0 channels
Get PRO
March '22
+6
in 0 channels
Get PRO
February '22
+7
in 0 channels
Get PRO
January '22
+60
in 0 channels
Get PRO
December '21
+13
in 0 channels
Get PRO
November '21
+115
in 0 channels
Get PRO
October '21
+16
in 0 channels
Get PRO
September '21
+17
in 0 channels
Get PRO
August '21
+10
in 0 channels
Get PRO
July '21
+11
in 0 channels
Get PRO
June '21
+39
in 0 channels
Get PRO
May '21
+223
in 0 channels
Date
Subscriber Growth
Mentions
Channels
07 September0
06 September0
05 September0
04 September+1
03 September+1
02 September0
01 September0
Channel Posts
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं। भजहुं रे मन श्री नन्दनन्दन अभयचरण अरविन्द रे।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं। भजहुं रे मन श्री नन्दनन्दन अभयचरण अरविन्द रे।

2
मुझ जैसा गर्वीला मानव इस संसार में शायद ही हो, पर मैं यह स्पष्ट रूप से बता देना चाहता हूँ कि यह गर्व मुझे अपने स्वयं के गुण या शक्ति के कारण नहीं, वरन् अपने पूर्वजों के गौरव के कारण है। जितना ही मैंने अतीत का अध्ययन किया है, जितनी ही मैंने भूतकाल की ओर दृष्टि डाली है, उतना ही यह गर्व मुझमें अधिक आता गया है। #sv
126
3
malleus maleficarum.pdf
145
4
The Hammer of Witches.pdf
147
5
malleusMaleficarum.pdf
143
6
रामचरितमानस गोस्वामी तुलसीदास कृत, गीताप्रेस
160
7
Upakarma Paddhati of Chaturthi Lal with Comments - Gangadhar Sharma.pdf
196
8
YajurUpakarma-devanagari.pdf
181
9
+1
वर्ण बीज प्रकाश आचार्य सरयूप्रसाद द्विवेदी कृतं
209
10
श्रावणी उपाकर्म.pdf
203
11
https://ancient-buddhist-texts.net/English-Texts/Asokan-Missions/index.htm
201
12
Mahavamsa.pdf
245
13
Mahavamsa.pdf
248
14
मोज़ेस से लेकर आज तक के सभी महान लोग जानते हैं कि जिस शत्रु से भय हो, उसे पूरी तरह से कुचल देना चाहिए। (कई बार उन्होंने यह सबक कष्ट उठाकर सीखा था।) अगर एक भी चिंगारों बची रही, तो चाहे यह कितनी ही मद्धिम हो, अंततः आग उठेगी। शत्रु को पूरी तरह मिटाने के बजाय आधा कुचलने से बहुत नुक़सान होता है। शत्रु फिर से शक्तिशाली बन जाएगा प्रतिशोध लेगा। उसे पूरी तरह कुचल डालो, शरीर से ही नहीं, बल्कि अंतरतम से भी।
317
15
मुक्त होओ, किसी दूसरे के पास से कुछ न चाहो। मैं यह निश्चित रूप से कह सकता हूँ कि यदि तुम अपने जीवन की अतीत घटनाएँ याद करो तो देखोगे कि तुम सदैव व्यर्थ ही दूसरों से सहायता पाने की चेष्टा करते रहे, किन्तु कभी पा नहीं सके। जो कुछ सहायता पायी है, वह अपने अन्दर से ही थी। #SV
322
16
रूद्री.pdf
396
17
रुद्री
1
18
।। गुरु आरती ।। ॐ जय-जय गुरु देवा। जय गुरुदेव दयानिधि, दीनन हितकारी, स्वामी दीनन हितकारी। जय-जय मोह विनाशन, जय-जय मोह विनाशन, भव बंधन हारी।। ॐ जय-जय गुरुदेवा ।। ब्रह्मा विष्णु सदाशिव, गुरु मूरति धारी, स्वामी गुरु मूरति धारी। वेद पुरान बखानत, वेद पुरान बखानत, गुरु महिमा भारी ॐ जय-जय गुरुदेवा।। जप तप तीरथ संयम, दान विविध दीन्हें, स्वामी दान विविध दीन्हें। गुरु बिन ज्ञान न होवे, गुरु बिन ज्ञान न होवे, कोटि जतन कीन्हें ॐ जय-जय गुरुदेवा ।। माया मोह नदी जल, जीव बहे सारे, स्वामी जीव बहे सारे। नाम जहाज बिठा कर, नाम जहाज बिठा कर, गुरु पल में तारे। ॐ जय-जय गुरुदेवा।। काम क्रोध मद मत्सर, चोर बड़े भारी, स्वामी चोर बड़े भारी। ज्ञान खड्ग दे कर में, ज्ञान खड्ग दे कर में, गुरु सब संघारी। ॐ जय-जय गुरुदेवा।। नाना पंथ जगत में, निज-निज गुण गावें, स्वामी निज-निज गुण गावें। सब का सार बताकर, सब का सार बताकर, गुरु मारग लावें। ॐ जब-जय गुरुदेवा ।। गुरु चरणामृत निर्मल, सब पातक हारी, स्वामी सब पातक हारी। बचन सुनत तम नाशै, बचन सुनत तम नारी, सब संशय टारी। ॐ जय-जय गुरुदेवा।। तन मन धन सब अर्पण, गुरु चरनन कीजे, स्वामी गुरु चरनन कोजे। ब्रह्मानन्द परमपद, ब्रह्मानन्द परमपद, मोक्ष गती लीजे। ॐ जय-जय गुरुदेवा।।
406
19
पूज्य दार्शनिक श्री रामस्वरूप जी हमेशा कहते थे कि संघ वाले उस को पूछते हैं जिनकी अपनी सामाजिक कोई हैसियत हो। जो इनके लिए समर्पित हो जाए उसे यह फिर राष्ट्र के स्थान पर संगठन का सेवक मानने लगते हैं । जिस तरह से कट्टर ईसाई सोनम वांगचुक को जेपी नड्डा आदि आज महत्व दे रहे हैं , उस से स्पष्ट है कि वस्तुत हिंदुत्व या हिंदू धर्म किसी भी पार्टी का एजेंडा भारत में नहीं है आप किसी भी क्षेत्र में यदि अपनी हैसियत बना लेते हैं तो सभी दल पूछेंगे जिनके लिए आप उपयोगी होंगे। परंतु आज की स्थिति में जब राज्य के द्वारा ही राष्ट्रीय जीवन के सब क्षेत्र नियंत्रित हैं , यूरो अमेरिकी संरचना और आदर्शों से ही सब कुछ संचालित है, उसमें हैसियत तो तभी बनेगी जब आप इन्हीं संरचनाओं में से किसी एक में दक्ष हों यानी व्यावहारिक और वैचारिक दोनों स्तर पर आप "अभारतीय भारतीय" हों। परंतु इससे जो भयंकर निष्कर्ष निकलता है ,वह यह है कि हिंदुत्व की कोई सशक्त धारा भारतीय राजनीति में वस्तुतः कार्यरत ही नहीं है और सनातन धर्म का ज्ञान और उसके प्रति निष्ठा राजनीति के क्षेत्र में किसी सम्मान और अनुकरण का विषय नहीं है । उपादेयता के हिसाब से कभी उसका उपयोग हो सकता है । बस। रामेश्वर मिश्र पङ्कज
313
20
धन्य हैं वे जो मन के दीन हैं, क्योंकि वे परमेश्वर को देखेंगे।
63