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स्याह रात घिरते ही लौट आयेंगे गुज़रे ज़माने वापिस ,
मैं तेरी यादों को मशरूफियत का बहाना आख़िर कब तक दूंगा ..... 🥂
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शुक्र है!
ईश्वर ने!
दुःख सहने वालों के साथ रखा!
दुःख देने वालों के साथ नहीं!
~Abhi⭐️
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शगुफ्ता लोग भी टूटे होते हैं अंदर से
बहुत रोते हैं वो , जिनको लतीफे याद रहते हैं ... 🥂💜
~इब्नेबतूती ( दिव्यप्रकाश दूबे )
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" पूरा दिन गुज़र गया और आपने याद तक ना किया .... ? "
मुझे नहीं पता था कि इश्क़ में भी इतवार होता है...!!
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वो भी अपने ना हुए , दिल भी गया हाथों से ...
ऐसे आने से तो बेहतर था , ना आना उनका .. 💔
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जमीं पे ना मुक्कमल हुई दास्तां ,
तो , थक कर , आसमां का सितारा वो एक रोज़ बन गया
ज़माने के कहे , मोहब्बत उसके बस की बात नहीं, और
वो इश्क़ में इमरोज़ बन गया .... 🪷
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न भेजे सारे खतों का जवाब लाना ,
तोहफ़े में हां ,
और सुकून से साथ बिताने वाली शाम लाना
तुम अगली ज़िंदगी की सारी सांसे मेरे नाम लाना 💜
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रूठूंगी मैं तुमसे एक दिन इस बात पे
जब रूठी थी तो मनाया क्यूं नहीं
मुंह फेर कर जब खड़ी थी मैं वहां
बुलाकर पास अपने सीने से लगाया क्यूं नहीं
पकड़ कर तेरा हाथ पूछूंगी मैं कि
हक अपना तूने मुझ पर जताया क्यूं नहीं
इस धागे का एक सिरा तुम्हारे पास भी तो था
उलझा था अगर मुझसे तो तुमने सुलझाया क्यूं नहीं ।।
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Wishing you a very happy birthday
@Happy_machine beyy 🥂
May God bless you with all health , wealth and happiness 💜
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नज़र भर बस देखूं ना उसे ,
साथ , सुकून और सोहबत का पूछ लूं
जो वो वादा करे , दोस्ती कायम रखने का
तो मैं भी उससे मोहब्बत का पूछ लूं ... 🌷
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कभी पिता होकर घर की छत बने
कभी प्रेम में रहकर फिर बच्चे बने
कभी बेटा होकर सपनों से समझौता किया
कभी जिम्मेदारियों का बस्ता उम्र से पहले कंधों पर लिया
कभी लड़े जंग के मैदान में डटकर
कभी हार गए लड़ाई अपनो की खातिर
कभी तेज़ बरसात में गाड़ी चलाते
कभी हॉस्पिटल में मरीज़ को दिन रात संभालते
कभी लाइनों में धक्के खाकर टिकट कटवाते
कभी बसों में अपनी सीट देकर घंटों खड़े रह जाते
इन पुरुषों ने निरंतर वे सभी ज़रूरी किरदार निभाए
जहां ज़रूरत थी , थककर कुछ देर बैठ जाने की
~ Aishwarya Sharma
( जाना ज़रूरी है क्या )
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एक सुकून की तलाश में ना जाने कितनी बेचेनियाँ पाल ली ,
और लोग कहते हैं हम बड़े हो गए हमने ज़िंदगी संभाल ली .... 😌
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दिल टूट ना जाये , कितना ज़ोर लगाया मैंने
तुम तक आवाज़ जाए , कितना शोर मचाया मैंने
रिश्तों में हार ठीक है , फ़ायदा नहीं उठाया मैंने
मजाल कोई बुरा कहे तुम्हे , इतना अच्छा बताया मैंने
तुम से , सब से , कब से , कितना दर्द छुपाया मैंने
खप गई मोहब्बत अब , इतना तुम पे लुटाया मैंने
~U/k
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हज़ार आईने तलाश करूं
मुझे वो एक खूबसूरत अक्श नहीं मिलेगा
और मुझे बद्दुआ है किसी की मोहब्बत की
कि मुझे भी ख्वाहिश–ए –शख्स नहीं मिलेगा
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एक रात एक बात लिखूंगा,
खुद को दाग़ ,तुझको साफ लिखूंगा!
हक़ीक़त में तू कभी कभी मिलेगा नहीं,
एक किताब में अपनी मुलाकात लिखूंगा!
~🩷💙
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