ar
Feedback

لا تقع ضحية للمخادعين! تيليمتريو يكتشف ويُميّز هذه القنوات 👉 إذا كنت تريد رؤية العلامة، اشترك

· "🍃 𝐔𝝶𝘀𝝴𝝴𝝶 𝐖𝞂𝗿𝗱 ✿‌

· "🍃 𝐔𝝶𝘀𝝴𝝴𝝶 𝐖𝞂𝗿𝗱 ✿‌

الذهاب إلى القناة على Telegram

ᴍᴀᴋᴇ ᴀᴅᴍɪɴ @KANHA24_93 𝘀𝗼𝗺𝝴 𝘀𝞃𝗼𝗿𝝸𝞊𝘀 𝝰𝝶𝗱 𝘄𝝸𝞃𝗵𝗼𝞄𝞃 𝗴𝗼𝗼𝗱𝗯𝝲𝝴𝘀...- - ❤️‍🩹 !

إظهار المزيد
1 074
المشتركون
-124 ساعات
-67 أيام
-3130 أيام
أرشيف المشاركات
महफील मे सजा है नाम मेरा… . मुस्कुरा रहा है दिल मेरा… . चहक रही है महफील मेरे कामयाबी कि गुँज से… . सब देख रहे हैं मुझे बडी ही गौर से… . बात कर रहे है सब मुझसे, दिखाकर जरा शराफत… . देख मेरी उचाई आज समझी है इन्हे मेरी किमत… . पास आ रहे है मुझे भुलाने वाले कई… . याद आ रहे है इन्हे इनके कहे बदतमीज लफ्ज कई… . इनमे दिख रहे मुझसे किए वादे तोडने वाले कई… . दिखादे इन्हे भी हमारी नजाकत कई… . पुछ रहे है कई मेरी यहा पहुंच पाने की कहानी यही… . इन्से अब नही रही मुझे शिकायत कोई… . देक़ महफील मे मेरी ऐहमीयत उठ रहे है सवाल कई… . क्या आ रही है इन्पे कयामत कोई… . आज कर लिया मंजिल को हासिल मिली कामयाबी मुझ… . सनाया हर कोई खुश है देख कर इस मुकाम पर मुझे... . @Sanaya_10_13✨

तुम रो लेना मेरे गले लग कर, मै बिलकुल नहीं कहूंगी मर्द रोया नहीं करते !! ♥️

तेरे कांधे पर सर रखा तो जाना, खुदा ने हमें भी एक घर दिया है....❤️

तर्कों की कसौटी पर बगावत करना सीखिए, जवानी ....हां में हां मिलाने के लिए नहीं है।

वो एक शख्स ......... कभी था।। 💔

मैं गणित हूँ सुलझ ही जाऊँगा कभी ना कभी तुम...तुम,, हिंदी हो तुम्हारा व्याकरण आसान नही। 🤗

पानी पर तैरती लाश ने बताया... सारा बोझ सिर्फ सांसो का था...🩵

सारी दुनिया लगा चुकी तोहमत आप भी मुझ को बेवफ़ा कहिए #तनवीर_गौहर

फ़क़त ख़ुलूस पे बुनियाद है मुहब्बत की अगर मकीं न रहे तो मकान भी न रहे #सऊद_अशरफ़_उस्मानी

दायरा इतना छोटा है मेरा फोन बजते ही, पता चल जाता है कौन कॉल कर रहा है।

जीवन में एक बार प्रेम ज़रूर करना और ऐसा प्रेम करना कि जब कोई तुमसे पूछे प्रेम क्या होता है तो तुम्हें किसी परिभाषा की नहीं केवल एक चेहरे एक नाम और एक आवाज़ की याद आए... 💚

किसी बुजुर्ग से पूछा ... सब्र किसे कहते हैं, मुस्कुराये और बोले जहां तू सही होकर भी खामोश रहे.!

रत-जगे तक़्सीम करती फिर रही हैं शहर में शौक़ जिन आँखों को कल तक रात में सोने का था

मै इस क़दर तुझे आजाद करूंगा, ताउम्र तू मेरे कैद को तरसेगी...💜💜

मैं अपने खानदान का वाहिद ज़हीन लड़का था मेरा दिमाग़ तुम्हारी यादें खा गई लड़की...🩵

“अगर मैं तुमसे न मिलता तो शायद ... ये राज़ राज़ ही रह जाता कि मोहब्बत कैसी होती है।”

पा लेने के लिए तो दुनिया इश्क़ करती है, हम तो ना मिलने की शर्त पर इश्क़ कर रहे है.!!