ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
Kanalga Telegram’da o‘tish
1 140
Obunachilar
+124 soatlar
+87 kun
+530 kun
Postlar arxiv
1 140
वो बचपन भी कमाल था ,
मिट्टी के खिलौने देख दिल से मुस्कुरा दिया करते थे हम .....✍
1 140
मन के शमशान का ना पूछो ,
कलम रोयेगी , कागज़ों पे जलती लाशों को
तुम बस उन्हे देखो ...... #deep
1 140
कुछ यूं उसे व्रत करने से मना कर दिया मैंने ,
Ind vs Pak का match है, मैं खुलवा नहीं पाऊंगा 🙂✍
1 140
रूठे से थे तुम , हम मनाने आयें हैं
बिगड़े से रिश्ते बनाने आयें हैं
कुछ कहना होगा तुम्हें
कुछ हम सुनाने आयें हैं ..... 🌸✍
1 140
दीवाली पे जो दिल की अलमारी खोली
अब भी धूल जमे तेरे साथ के लम्हे पड़े हैं वहां ...... ✨✍
1 140
किसी और से बातें कर मुस्कुराने लगा हूं ,
लगता है मैं अब तुम्हे भूलाने लगा हूं ।। 🙂✍
1 140
मेरी नज़र अन्दाज़गी को मौज समझ बैठे ,
प्यार से देखना था जिस पागलपन को , वो बोझ समझ बैठे ...... 🙂✍
1 140
पत्थरों के घाव सहने वाले अक्सर
एक इंसान की ज़रा सी बात से बिखर जाते हैं ...... 🥺✍
1 140
सितारों की भीड़ में चांद सी हूं मैं ,
अपनी अकेली रोशनी के साथ
तन्हा
दूर दूर तक कोई अपना सा नहीं
ख्वाहिशों में बंधी हूं पर
यकीनन आजाद सी हूं मैं
अपनी ही मुस्कुराहटों में जीने वाली
दिल से चाहती हूं सबको
पर अपनी बारी , बरबाद सी हूं मैं
अकेले रोने वाली
दुनिया की इस भीड़ में तन्हा हूं मैं
सितारों में चांद सी
सितारों में चांद सी .......
✨✨🌸✨✨🌈✨✨🌸✨✨
1 140
सितारों की भीड़ में चांद सी हूं मैं ,
अपनी अकेली रोशनी के साथ
तन्हा
दूर दूर तक कोई अपना सा नहीं
ख्वाहिशों में बंधी हूं पर
यकीनन आजाद सी हूं मैं
अपनी ही मुस्कुराहटों में जीने वाली
दिल से चाहती हूं सबको
पर अपनी बारी , बरबाद सी हूं मैं
अकेले रोने वाली
दुनिया की इस भीड़ में तन्हा हूं मैं
सितारों में चांद सी
सितारों में चांद सी .......
✨✨🌸✨✨🌈✨✨🌸✨✨
