ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
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वो बचपन भी कमाल था ,
मिट्टी के खिलौने देख दिल से मुस्कुरा दिया करते थे हम .....✍
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मन के शमशान का ना पूछो ,
कलम रोयेगी , कागज़ों पे जलती लाशों को
तुम बस उन्हे देखो ...... #deep
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कुछ यूं उसे व्रत करने से मना कर दिया मैंने ,
Ind vs Pak का match है, मैं खुलवा नहीं पाऊंगा 🙂✍
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रूठे से थे तुम , हम मनाने आयें हैं
बिगड़े से रिश्ते बनाने आयें हैं
कुछ कहना होगा तुम्हें
कुछ हम सुनाने आयें हैं ..... 🌸✍
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दीवाली पे जो दिल की अलमारी खोली
अब भी धूल जमे तेरे साथ के लम्हे पड़े हैं वहां ...... ✨✍
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किसी और से बातें कर मुस्कुराने लगा हूं ,
लगता है मैं अब तुम्हे भूलाने लगा हूं ।। 🙂✍
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मेरी नज़र अन्दाज़गी को मौज समझ बैठे ,
प्यार से देखना था जिस पागलपन को , वो बोझ समझ बैठे ...... 🙂✍
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पत्थरों के घाव सहने वाले अक्सर
एक इंसान की ज़रा सी बात से बिखर जाते हैं ...... 🥺✍
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सितारों की भीड़ में चांद सी हूं मैं ,
अपनी अकेली रोशनी के साथ
तन्हा
दूर दूर तक कोई अपना सा नहीं
ख्वाहिशों में बंधी हूं पर
यकीनन आजाद सी हूं मैं
अपनी ही मुस्कुराहटों में जीने वाली
दिल से चाहती हूं सबको
पर अपनी बारी , बरबाद सी हूं मैं
अकेले रोने वाली
दुनिया की इस भीड़ में तन्हा हूं मैं
सितारों में चांद सी
सितारों में चांद सी .......
✨✨🌸✨✨🌈✨✨🌸✨✨
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सितारों की भीड़ में चांद सी हूं मैं ,
अपनी अकेली रोशनी के साथ
तन्हा
दूर दूर तक कोई अपना सा नहीं
ख्वाहिशों में बंधी हूं पर
यकीनन आजाद सी हूं मैं
अपनी ही मुस्कुराहटों में जीने वाली
दिल से चाहती हूं सबको
पर अपनी बारी , बरबाद सी हूं मैं
अकेले रोने वाली
दुनिया की इस भीड़ में तन्हा हूं मैं
सितारों में चांद सी
सितारों में चांद सी .......
✨✨🌸✨✨🌈✨✨🌸✨✨
