ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
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Hugs are a powerful way to express love, comfort, and support. They can convey emotions that words sometimes fail to capture, offering a sense of warmth and connection.
~Good morning 🌼
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जो हर पल रहे आँखों के सामने ऐसी हीर बना रहा हूँ,
वो न मिले तो न सही मैं उसकी तस्वीर बना रहा हूँ!
~🌼
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एक अरसा गुज़ारा है मैंने तेरे बगैर
अब तेरे साथ का सिलसिला यूं चले ,
एक मौसम रहूं मैं तेरी बाहों में
और वो मौसम कभी न ढले ।।❤️🫠
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ये सुर्ख लब,
ये रुखसार,
ये मदहोश नजरें ,
ये नाक की नथनी और ये कानों के झुमके...!
इतने कम फासलों पर तो मयखाने भी नहीं होते!
~🧣
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बेजान आईने का दखल गवारा नहीं हमें !
हम खुद को तेरी आँखों में देखना चाहते हैं !
~🔐
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मिज़ाज हुआ बेपरवाह सा ,
मगर दिल में एक सादगी आयी...
मुझे कहां थी तलब दो चार शख़्स जानने की
मुझमें तो उसके बाद आवारगी आयी ... 🍂
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खैरियत नहीं पूछते मेरी, मगर ख़बर रखते हैं..
मैंने सुना है कि वो, मुझ पर ही नज़र रखते हैं!
~🌟
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ख्वाहिश ही रह गयी उसके साथ डूबता सूरज और सांझ का सितारा देखने की मेरी ,
ना उसे प्यार की कद्र रही ना इंतज़ार की .... 🍂
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खुदगर्ज़ बना देती है शिद्दत की तलब भी...
प्यासे को कोई दूसरा प्यासा नहीं लगता...!!
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जब भी टकरायेगी सर्द हवाएँ तुमसे , तुम्हें गरमाहट याद आयेंगीं , तुम्हें मैं याद आऊंगी ..
बूंदे सूनी ही रह जायेंगी छत की , जब बरसात आयेगी , तुम्हें मैं याद आऊंगी ...
बिन बातों की रह जायेंगी वो चार दीवारें ,
जब मुस्कुराहट यादों के साथ आयेंगी , तुम्हें मैं याद आऊंगी...
लगे रहना दिन भर दुनियादारी के कामों में तुम ,
रात को बंद कमरे में शराब आयेगी , फिर तुम्हें मैं याद आऊंगी...
एक पल में भुला दूंगा तुम्हें मैं , तुमने कहा ...
तुम आज़मा लेना , मैं दिल से नहीं जाऊंगी
तुम्हें मैं याद आऊंगी ... ❤️
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मैं कैसे सर्द हाथों से तुम्हारे गाल छूता था!
दिसम्बर में तुम्हें मेरी शरारत याद आयेगी!
~🌼💙
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कुछ लोग जो हम पर मानसिक हुकूमत करते है साधारण नहीं होते। उनके प्रेम बीज धंसे होते है हमारे मन के अंतिम कोने में। ऐसे लोग कभी भूले नहीं जाते बस मन मे इधर से उधर होते है। उनकी दरारे जीवन पर्यंत चलती रहती है। और वे सदैव के लिए विद्धमान हो जाते है मन मे सबसे भीतरी कमरे में!
और कभी याद आते है पुरविया हवा के दर्द की तरह!
~Abhiwrites✅
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सर्द सवेरा,गर्म सांसे,ठंडी फिजाएं, जालिम हवाएं!
चाय तो ठीक है बस खुदा मोहब्बत से बचाए!
~🩷
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ना बात रही , ना बेकरारी रही
ना शौक रहे , ना यारी रही ,
कुछ यूं खुद को हमने हर पहर बदल लिया
उसने ज़िंदगी बदल ली , हमने शहर बदल लिया .... 🌸
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यकीनन कमी है मुझमें,इंसान हूँ ना मैं,
तुम फरिश्ते जो ठहरे, खुद सा कहा ढूंढोगे!
~💙
Endi mavjud! Telegram Tadqiqoti 2025 — yilning asosiy insaytlari 
