ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
Ir al canal en Telegram
1 132
Suscriptores
Sin datos24 horas
-47 días
+330 días
Archivo de publicaciones
1 132
ज़िंदगी के सफ़र में मिले होंगे मुसाफ़िर कई तुम्हें ,
उम्र भर रह जाए जो ज़हन में , वो दो पल की मुलाकात हूं मैं ....🦋
1 132
आखिरी बार हो , विध्वंशक प्रहार हो ।
परिणाम तेरे वश में है , बस तुझे स्वीकार हो ।।
तेज तेरी सूर्य सी ,न इसमें कोई विकार हो ।
इस बार के युद्ध में ,इस पार हो या उस पार हो ।।
1 132
अलग अलग शहर , मानो ठहर गये.... सुकून का एक बसेरा नहीं होता ,
उलझे रह रहें हैं एक अरसे से , नई ज़िंदगी का भी सवेरा नहीं होता ,
कितना सब तो होता है इस कायनात में हर रोज़ ,
एक वो है कि मेरा नहीं होता ...👀
1 132
ऐन मौके पर ये तस्वीर बदल सकती है,
एक लम्हे में ही तकदीर बदल सकती है,
खूब विश्वास पड़े तभी भगाना राँझे,
कटघरे में भी तेरी हीर बदल सकती है!
~💙
1 132
इश्क़ की बड़ी बड़ी कहानियां हमसे नहीं लिखी जायेगी ,
तुम हर रोज मेरा पागलपन संभाल लेना...
मैं कभी कभी तुम्हारी समझदारी समझ लूंगी 😌
1 132
समझदारियां समझने से लेकर समझदारियां जताने तक ले आया वक्त मुझे ,
वो एक शख़्स मेरी सारी नादानियां ले गया... 🍂
1 132
कितनी पी कैसे कटी रात मुझे होश नहीं
रात के साथ गई बात मुझे होश नहीं
मुझको ये भी नहीं मालूम कि जाना है कहाँ
थाम ले कोई मेरा हाथ मुझे होश नहीं
आँसुओं और शराबों में गुजारी है हयात
मैं ने कब देखी थी बरसात मुझे होश नहीं
जाने क्या टूटा है पैमाना कि दिल है मेरा
बिखरे-बिखरे हैं खयालात मुझे होश नहीं
-राहत इंदौरी
1 132
पुरुष भी थक जाते हैं...
बस कहना मुश्किल होता है पुरुषों के पास मायक़ा नहीं होता,
ना कोई ऐसा आंगन,
जहां वे निःसंकोच लौट सकें,
जहां कोई माथा चूमकर कहे - थक गए हो न ? थोड़ा आराम कर लो...!
वे चलते रहते हैं निरंतर, एक पुत्र, एक पति, एक पिता होकर, अपने कंधे पर ज़िम्मेदारी का बोझ लिए, पर कभी...
खुद के लिए ठहर नहीं पाते..!
~💙
1 132
Don't blame others for your shit!
If you made it worst ,
then only you can make it sweet!
Believe in yourself🤞
Gm everyone 🌼
~Abhiwrites🩵
1 132
जो हो मौसम सुहाना , हर बार बरसात नहीं
होती
याद किए बगैर तुझे , मेरी कोई रात नहीं
होती
सिर्फ़ नजरें मिलती है, हमारी मुलाकात नहीं
होती ,
और ज़माने में बात हमारी भी होती है जिनकी कोई बात नहीं होती 🤭🩵
1 132
तुम न मिल पाए तो शिद्दत से ख्याल आने लगा,
हाय उन लोगों की तकलीफ़ जिन्हें हम न मिले!
~🤍
