ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
Ir al canal en Telegram
1 123
Suscriptores
Sin datos24 horas
+17 días
+130 días
Archivo de publicaciones
1 123
Hugs are a powerful way to express love, comfort, and support. They can convey emotions that words sometimes fail to capture, offering a sense of warmth and connection.
~Good morning 🌼
1 123
जो हर पल रहे आँखों के सामने ऐसी हीर बना रहा हूँ,
वो न मिले तो न सही मैं उसकी तस्वीर बना रहा हूँ!
~🌼
1 123
एक अरसा गुज़ारा है मैंने तेरे बगैर
अब तेरे साथ का सिलसिला यूं चले ,
एक मौसम रहूं मैं तेरी बाहों में
और वो मौसम कभी न ढले ।।❤️🫠
1 123
ये सुर्ख लब,
ये रुखसार,
ये मदहोश नजरें ,
ये नाक की नथनी और ये कानों के झुमके...!
इतने कम फासलों पर तो मयखाने भी नहीं होते!
~🧣
1 123
बेजान आईने का दखल गवारा नहीं हमें !
हम खुद को तेरी आँखों में देखना चाहते हैं !
~🔐
1 123
मिज़ाज हुआ बेपरवाह सा ,
मगर दिल में एक सादगी आयी...
मुझे कहां थी तलब दो चार शख़्स जानने की
मुझमें तो उसके बाद आवारगी आयी ... 🍂
1 123
खैरियत नहीं पूछते मेरी, मगर ख़बर रखते हैं..
मैंने सुना है कि वो, मुझ पर ही नज़र रखते हैं!
~🌟
1 123
ख्वाहिश ही रह गयी उसके साथ डूबता सूरज और सांझ का सितारा देखने की मेरी ,
ना उसे प्यार की कद्र रही ना इंतज़ार की .... 🍂
1 123
खुदगर्ज़ बना देती है शिद्दत की तलब भी...
प्यासे को कोई दूसरा प्यासा नहीं लगता...!!
1 123
जब भी टकरायेगी सर्द हवाएँ तुमसे , तुम्हें गरमाहट याद आयेंगीं , तुम्हें मैं याद आऊंगी ..
बूंदे सूनी ही रह जायेंगी छत की , जब बरसात आयेगी , तुम्हें मैं याद आऊंगी ...
बिन बातों की रह जायेंगी वो चार दीवारें ,
जब मुस्कुराहट यादों के साथ आयेंगी , तुम्हें मैं याद आऊंगी...
लगे रहना दिन भर दुनियादारी के कामों में तुम ,
रात को बंद कमरे में शराब आयेगी , फिर तुम्हें मैं याद आऊंगी...
एक पल में भुला दूंगा तुम्हें मैं , तुमने कहा ...
तुम आज़मा लेना , मैं दिल से नहीं जाऊंगी
तुम्हें मैं याद आऊंगी ... ❤️
1 123
मैं कैसे सर्द हाथों से तुम्हारे गाल छूता था!
दिसम्बर में तुम्हें मेरी शरारत याद आयेगी!
~🌼💙
1 123
कुछ लोग जो हम पर मानसिक हुकूमत करते है साधारण नहीं होते। उनके प्रेम बीज धंसे होते है हमारे मन के अंतिम कोने में। ऐसे लोग कभी भूले नहीं जाते बस मन मे इधर से उधर होते है। उनकी दरारे जीवन पर्यंत चलती रहती है। और वे सदैव के लिए विद्धमान हो जाते है मन मे सबसे भीतरी कमरे में!
और कभी याद आते है पुरविया हवा के दर्द की तरह!
~Abhiwrites✅
1 123
सर्द सवेरा,गर्म सांसे,ठंडी फिजाएं, जालिम हवाएं!
चाय तो ठीक है बस खुदा मोहब्बत से बचाए!
~🩷
1 123
ना बात रही , ना बेकरारी रही
ना शौक रहे , ना यारी रही ,
कुछ यूं खुद को हमने हर पहर बदल लिया
उसने ज़िंदगी बदल ली , हमने शहर बदल लिया .... 🌸
1 123
यकीनन कमी है मुझमें,इंसान हूँ ना मैं,
तुम फरिश्ते जो ठहरे, खुद सा कहा ढूंढोगे!
~💙
¡Ya disponible! Investigación de Telegram 2025 — los principales insights del año 
