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Riseup Classes [RAJASTHAN]

Riseup Classes [RAJASTHAN]

Kanalga Telegram’da o‘tish

REET, RPSC एवं RSMSSB द्वारा विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्नों का विषय वार, टॉपिक वाइज एवं Year Wise संकलन Riseup Classes App पर उपलब्ध है। Riseup Classes Youtube Chennal https://youtube.com/@riseupclassesrajasthan?si=iH5sNlHVi_ATi1vZ

Ko'proq ko'rsatish

📈 Telegram kanali Riseup Classes [RAJASTHAN] analitikasi

Riseup Classes [RAJASTHAN] (@riseupclasses) Hind til segmentidagi kanali faol ishtirokchi. Hozirda hamjamiyat 15 719 obunachidan iborat bo'lib, Taʼlim toifasida 12 729-o'rinni va Hindiston mintaqasida 25 674-o'rinni egallagan.

📊 Auditoriya ko‘rsatkichlari va dinamika

невідомо sanasidan buyon loyiha tez o‘sib, 15 719 obunachiga ega bo‘ldi.

11 Sentabr, 2026 dagi oxirgi ma’lumotlarga ko‘ra kanal barqaror faollikka ega. Oxirgi 30 kunda obunachilar soni 2 937 ga, so‘nggi 24 soatda esa -5 ga o‘zgardi va umumiy qamrov yuqori darajada qolmoqda.

  • Tasdiqlash holati: Tasdiqlanmagan
  • Jalb etish (ER): Auditoriya o‘rtacha 33.03% darajada jalb etiladi. Nashrdan keyingi dastlabki 24 soatda kontent odatda umumiy obunachilar sonining 15.15% ini tashkil etuvchi reaksiyalarni to‘playdi.
  • Post qamrovi: Har bir post o‘rtacha 5 192 marta ko‘riladi; birinchi sutkada odatda 2 381 ta ko‘rish yig‘iladi.
  • Reaksiyalar va o‘zaro ta’sir: Auditoriya faol: har bir postga o‘rtacha 15 ta reaksiya keladi.
  • Tematik yo‘nalishlar: Kontent #riseup_classes, अभ्यर्थी, भर्ती, राजस्थान, अपडेट kabi asosiy mavzularga jamlangan.

📝 Tavsif va kontent siyosati

Muallif resursni shaxsiy fikrni ifoda etish maydoni sifatida ta’riflaydi:
REET, RPSC एवं RSMSSB द्वारा विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्नों का विषय वार, टॉपिक वाइज एवं Year Wise संकलन Riseup Classes App पर उपलब्ध है। Riseup Classes Youtube Chennal https://youtube.com/@riseupclassesrajasthan?si=iH5sNlHVi_ATi1vZ

Yuqori yangilanish chastotasi (oxirgi ma’lumot 12 Sentabr, 2026 da olingan) sababli kanal doimo dolzarb va katta qamrovli bo‘lib qoladi. Analitika auditoriya kontent bilan faol hamkorlik qilishini, uni Taʼlim toifasidagi muhim ta’sir nuqtasiga aylantirishini ko‘rsatadi.

15 719
Obunachilar
-524 soatlar
-87 kun
+2 93730 kun
Postlar arxiv
लाइव मैराथन हिंदी क्लास 9:00 pm

वाद्य यंत्रों से जुड़ा सवाल फिक्स है और आगामी भर्ती व समान पात्रता परीक्षा (CET) के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। गंभीर विद्यार्थी
वाद्य यंत्रों से जुड़ा सवाल फिक्स है और आगामी भर्ती व समान पात्रता परीक्षा (CET) के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। गंभीर विद्यार्थी जानते हैं कि वाद्य यंत्र केवल क्या है नहीं, बल्कि किस प्रकार, किससे संबंधित और किस तरीके से प्रश्न पूछा जा सकता है—यह समझना जरूरी है।

नगर निकाय चुनाव में पीठासीन अधिकारी (PRO) की भूमिका—जिम्मेदारी और नए अनुभव की यादगार यात्रा... नगर निकाय चुनाव के प्रथम चरण में मुझे बाड़मेर शहर के गांधीनगर क्षेत्र में पीठासीन अधिकारी के रूप में मतदान करवाने का अवसर मिला। कॉलेज से मतदान सामग्री और EVM प्राप्त करके जब टीम के साथ मतदान केंद्र के लिए रवाना हुआ, तब मन में जिम्मेदारी के साथ एक नए अनुभव को लेकर उत्सुकता भी थी। इससे पहले मैं लोकसभा, विधानसभा और पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों में पीठासीन अधिकारी के रूप में कार्य कर चुका हूँ, लेकिन शहर में मतदान करवाने का यह पहला अनुभव था। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग सामान्यतः अधिक सहयोगी रहते हैं, इसलिए शुरुआत में मन में यह आशंका थी कि शहर में व्यवस्थाएँ कैसी रहेंगी। लेकिन गांधीनगर के मतदाताओं ने पूरे दिन अनुशासन और सहयोग का परिचय दिया। मतदान शुरू होने से पहले एजेंट से थोड़ी चर्चा हुई। मैंने सभी एजेंटों से स्पष्ट कहा—“हम सभी की जिम्मेदारी है कि चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो। किसी भी प्रकार की समस्या हो तो सीधे हमें बताइए और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग कीजिए।” इसके बाद सभी ने सकारात्मक सहयोग किया और मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। मेरी टीम में उपस्थित PO-1, PO-2, PO-3 एवं अन्य साथियों ने पूरी जिम्मेदारी से मेरा सहयोग किया। हमने गंभीरता से कर्तव्य निभाया, साथ ही आपसी समन्वय और हल्के-फुल्के पलों के कारण दिनभर की थकान भी महसूस नहीं होने दी। पीठासीन अधिकारी होना केवल एक चुनावी ड्यूटी नहीं है। उस बूथ की पूरी जिम्मेदारी आपके कंधों पर होती है। मतदान सामग्री से लेकर प्रत्येक मतदाता, एजेंट, कर्मचारी और चुनाव प्रक्रिया तक—किसी भी समस्या का पहला उत्तर पीठासीन अधिकारी से ही माँगा जाता है। ऐसी जिम्मेदारियाँ हमें केवल काम करना नहीं, बल्कि धैर्य, निष्पक्षता, नेतृत्व और विपरीत परिस्थितियों में सही निर्णय लेना भी सिखाती हैं। मतदान समाप्त होने के बाद जब EVM और अन्य सामग्री जमा करवाने कॉलेज पहुँचे, तो वहाँ अनेक परिचित अधिकारियों और कर्मचारियों से मुलाकात हुई। थकान बहुत थी, लेकिन लोकतंत्र के इस महत्त्वपूर्ण दायित्व को सफलतापूर्वक पूरा करने का संतोष उससे कहीं बड़ा था। इस अनुभव की सबसे खास बात यह रही कि मैं पहले पुलिस कांस्टेबल के रूप में मतदान कक्ष के बाहर सुरक्षाकर्मी की ड्यूटी भी कर चुका हूँ और अब पीठासीन अधिकारी के रूप में मतदान कक्ष के भीतर पूरी प्रक्रिया का संचालन भी कर रहा था। इसलिए मतदान केंद्र पर तैनात पुलिसकर्मियों को देखकर अपनापन महसूस हुआ। मुझे दोनों जिम्मेदारियों की कठिनाइयों, अनुशासन और महत्त्व का प्रत्यक्ष अनुभव है। नगर निकाय चुनाव का प्रथम चरण शांतिपूर्ण ढंग से पूरा हो चुका है और अब द्वितीय चरण की बारी है। द्वितीय चरण में चुनावी दायित्व निभाने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएँ। जिम्मेदारी छोटी या बड़ी नहीं होती—उसे निभाने वाला व्यक्ति अपने समर्पण से उसे महत्त्वपूर्ण बनाता है। लोकतंत्र की असली शक्ति केवल मतदान करने में नहीं, बल्कि मतदान की पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष, सुरक्षित और शांतिपूर्ण बनाए रखने में भी निहित है। यह ड्यूटी मेरे लिए केवल एक आदेश नहीं, बल्कि सीख, सेवा और गर्व से भरा एक यादगार अनुभव रही। - पुष्पेंद्र बेनिवाल

जब तुम सरकारी नौकरी लग जाओ, तो उन लोगों को कभी मत भूलना जिन्होंने तुम्हारे मुश्किल दिनों में तुम्हारा हाथ थामे रखा था। आज दुनिया तुम्हें “सफल” कहेगी, तुम्हारी तस्वीरें लगेंगी, तुम्हारी तारीफ़ होगी… लेकिन याद रखना, तुम्हारी इस सफलता के पीछे कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने तुम्हारे साथ चलने के लिए अपने कई सपनों को पीछे छोड़ दिया। उन साथियों को हमेशा सम्मान देना जिन्हें दुनिया ने सिर्फ “Aspirant” कहकर भुला दिया। क्योंकि तुम जानते हो कि तुम दोनों के बीच का फ़ासला काबिलियत का नहीं, बस वक़्त और किस्मत का था। आज अगर तुम्हारी मंज़िल मिल गई है, तो उनकी अधूरी राह का दर्द समझना। कभी उनकी मेहनत को छोटा मत समझना, क्योंकि हो सकता है कल वही तुम्हारे सबसे बड़े सहारे रहे हों। सफलता का असली अर्थ ऊँचा उठना नहीं, बल्कि ऊपर उठकर भी उन हाथों को याद रखना है जिन्होंने तुम्हें गिरने से बचाया था।

जब तुम सरकारी नौकरी लग जाओ, तो उन लोगों को कभी मत भूलना जिन्होंने तुम्हारे मुश्किल दिनों में तुम्हारा हाथ थामे रखा था। आज दुनिया तुम्हें “सफल” कहेगी, तुम्हारी तस्वीरें लगेंगी, तुम्हारी तारीफ़ होगी… लेकिन याद रखना, तुम्हारी इस सफलता के पीछे कुछ ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने तुम्हारे साथ चलने के लिए अपने कई सपनों को पीछे छोड़ दिया। उन साथियों को हमेशा सम्मान देना जिन्हें दुनिया ने सिर्फ “Aspirant” कहकर भुला दिया। क्योंकि तुम जानते हो कि तुम दोनों के बीच का फ़ासला काबिलियत का नहीं, बस वक़्त और किस्मत का था। आज अगर तुम्हारी मंज़िल मिल गई है, तो उनकी अधूरी राह का दर्द समझना। कभी उनकी मेहनत को छोटा मत समझना, क्योंकि हो सकता है कल वही तुम्हारे सबसे बड़े सहारे रहे हों। **सफलता का असली अर्थ ऊँचा उठना नहीं, बल्कि ऊपर उठकर भी उन हाथों को याद रखना है जिन्होंने तुम्हें गिरने से बचाया था।** ❤️

10K का खूबसूरत परिवार ❤️ RiseUp Classes के Instagram परिवार ने आज 10,000 सदस्यों का आँकड़ा पूरा कर लिया है। यह केवल एक संख्या
10K का खूबसूरत परिवार ❤️ RiseUp Classes के Instagram परिवार ने आज 10,000 सदस्यों का आँकड़ा पूरा कर लिया है। यह केवल एक संख्या नहीं, बल्कि आप सभी का विश्वास, प्रेम और साथ है। इस उपलब्धि का पूरा श्रेय हमारे विद्यार्थियों और शुभचिंतकों को जाता है। RiseUp Classes परिवार से जुड़े प्रत्येक सदस्य का दिल से धन्यवाद। आपका विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी प्रेरणा है। 🙏 यूँ ही साथ बने रहिए, सीखते रहिए और आगे बढ़ते रहिए। यह तो बस शुरुआत है… अभी बहुत आगे जाना है! ❤️

Instagram पर 10K परिवार पूरा होने में सिर्फ 9 Followers की कमी है। ❤️ आपका एक Follow हमारे इस छोटे-से प्रयास को बड़े मुकाम तक
Instagram पर 10K परिवार पूरा होने में सिर्फ 9 Followers की कमी है। ❤️ आपका एक Follow हमारे इस छोटे-से प्रयास को बड़े मुकाम तक पहुँचा सकता है। अभी Follow करके अपना अमूल्य योगदान जरूर दें। 🙏 https://www.instagram.com/riseupclassesrajasthan?stkn=MWxwOGhwM2dqYm9hbw==

जस्टिस संजय अग्रवाल राजस्थान हाईकोर्ट के 44 वे सीजे बने 👍
जस्टिस संजय अग्रवाल राजस्थान हाईकोर्ट के 44 वे सीजे बने 👍

राजस्थान अध्ययन (कक्षा 6–12) सम्पूर्ण सार-संग्रह RPSC एवं RSSB की परीक्षाओं में बदलते प्रश्न-पैटर्न को देखते हुए अब केवल तथ्य
राजस्थान अध्ययन (कक्षा 6–12) सम्पूर्ण सार-संग्रह RPSC एवं RSSB की परीक्षाओं में बदलते प्रश्न-पैटर्न को देखते हुए अब केवल तथ्यों को पढ़ना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उनका नवीनतम परीक्षा प्रारूप के अनुसार अभ्यास करना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से RBSE की कक्षा 6 से 12 तक की ‘राजस्थान अध्ययन’ पुस्तकों की महत्वपूर्ण पंक्तियों एवं तथ्यों पर आधारित विशेष MCQs सार-संग्रह तैयार किया गया है। इसमें अधिकथन–कारण, कूट आधारित, सत्य– असत्य तथा सुमेलित/ मिलान आधारित प्रश्नों को शामिल किया गया है। प्रत्येक प्रश्न के साथ हमारी अनुभवी व्याख्याता टीम द्वारा तैयार विस्तृत व्याख्या और संबंधित RBSE पुस्तक का नाम व Page Number सहित स्रोत दिया गया है। सभी प्रश्न Test Format में उपलब्ध हैं और Unlimited Attempt की सुविधा के कारण विद्यार्थी बार-बार अभ्यास कर अपनी तैयारी को और मजबूत कर सकते हैं। https://play.google.com/store/apps/details?id=co.lenord.xfewx नवीनतम पैटर्न के MCQs और प्रामाणिक व्याख्या सब कुछ एक ही स्थान RiseUp Classes App पर

राजस्थान अध्ययन अब कक्षा 6 से 12 तक एक ही स्थान पर! RPSC एवं RSSB की नवीनतम परीक्षाओं के पैटर्न पर आधारित अध्यायवार टेस्ट और
राजस्थान अध्ययन अब कक्षा 6 से 12 तक एक ही स्थान पर! RPSC एवं RSSB की नवीनतम परीक्षाओं के पैटर्न पर आधारित अध्यायवार टेस्ट और उपयोगी अध्ययन सामग्री RiseUp Classes App पर उपलब्ध है। https://play.google.com/store/apps/details?id=co.lenord.xfewx आज ही RiseUp Classes App डाउनलोड करें और अपनी तैयारी को मजबूत बनाएं।

राजस्थान की सांस्कृतिक और कृषि विरासत: कुल 24 उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (GI Tag) राजस्थान अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अनू
राजस्थान की सांस्कृतिक और कृषि विरासत: कुल 24 उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (GI Tag) राजस्थान अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अनूठे हस्तशिल्प और विशिष्ट कृषि उत्पादों के लिए दुनिया भर में एक अमिट पहचान रखता है। राज्य की इसी विशिष्टता को प्रमाणित करते हुए अब तक यहाँ के कुल 24 उत्पादों को भौगोलिक संकेतक (GI Tag) प्रदान किया जा चुका है।हाल ही में, जुलाई 2026 में चेन्नई स्थित जीआई रजिस्ट्री द्वारा 'जोधपुरी मोजड़ी' को राजस्थान का 24वां जीआई टैग घोषित किया गया है, जो राज्य की पारंपरिक जूती निर्माण कला के लिए एक बड़ी वैश्विक उपलब्धि है।

Screenshot (5 Sept 2026 10:00:19 pm)
Screenshot (5 Sept 2026 10:00:19 pm)

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पिता ही मेरे पहले गुरु हैं… आज शिक्षक दिवस पर जब मैं अपने जीवन के सभी गुरुओं को याद करता हूँ, तो सबसे पहले जिस चेहरे की तस्वीर आँखों के सामने आती है, वह मेरे पिताजी जोधाराम जी का है। मेरी पहली पाठशाला कोई बड़ा विद्यालय नहीं, बल्कि मेरा अपना घर था और मेरे पहले गुरु मेरे पिताजी। उन्होंने बचपन में घर पर हमें अक्षर ज्ञान दिया, फिर विद्यालय में शिक्षक बनकर पढ़ाया और जीवन के प्रत्येक मोड़ पर मार्गदर्शक बनकर सही रास्ता दिखाते रहे। हमारे परिवार के पास शायद बहुत अधिक सुविधाएँ नहीं थीं, लेकिन पिताजी के पास शिक्षा का उजाला, संस्कारों की पूँजी और अपने बच्चों को सफल बनाने का अटूट विश्वास था। उन्होंने हमें केवल किताबों के पाठ नहीं पढ़ाए, बल्कि मेहनत, ईमानदारी, अनुशासन और संघर्ष का वास्तविक अर्थ भी समझाया। जब हम निराश हुए, उन्होंने हमारा हौसला बढ़ाया। जब रास्ते कठिन हुए, उन्होंने हमारा हाथ थामा। और जब सफलता मिली, तो स्वयं पीछे खड़े होकर मुस्कुराते रहे। यह उन्हीं की तपस्या, त्याग और मार्गदर्शन का परिणाम है कि आज हम चारों भाई-बहन सरकारी सेवा में चयनित होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे हैं। हमारी सफलता के प्रमाण-पत्रों पर भले ही हमारे नाम लिखे हों, लेकिन उनकी हर उपलब्धि के पीछे पिताजी का संघर्ष, विश्वास और आशीर्वाद अंकित है। पिताजी, आपने हमें केवल पढ़ाया नहीं—हमें बनाया है। आप हमारे पिता भी हैं, गुरु भी और जीवन के सबसे बड़े प्रेरणास्रोत भी। शिक्षक दिवस पर अपने प्रथम गुरु, परम आदरणीय पिताजी के चरणों में सादर वंदन। यदि जीवन दोबारा मिले, तो पिता भी आप ही हों और गुरु भी आप ही। 🙏 - पुष्पेंद्र बेनिवाल

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शिक्षक दिवस हर व्यक्ति के जीवन में शिक्षक का विशेष स्थान होता है। शिक्षक हमें केवल किताबों का ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि सही और गलत की पहचान भी कराते हैं। वे हमें अनुशासन, मेहनत और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ना सिखाते हैं। एक अच्छा शिक्षक अपने विद्यार्थी की कमजोरी को समझकर उसे दूर करने का प्रयास करता है। जब विद्यार्थी निराश होता है, तब शिक्षक उसका हौसला बढ़ाता है। शिक्षक की सबसे बड़ी खुशी अपने विद्यार्थियों को जीवन में सफल होते देखना होती है। शिक्षक स्वयं कठिन परिश्रम करके विद्यार्थियों के भविष्य को उज्ज्वल बनाते हैं। माता-पिता हमें जीवन देते हैं और शिक्षक उस जीवन को सही दिशा देते हैं। उनकी शिक्षा और संस्कार जीवनभर हमारे साथ रहते हैं। शिक्षक दिवस हमें अपने गुरुजनों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर देता है। हमें हमेशा अपने शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए और उनके बताए मार्ग पर चलने का प्रयास करना चाहिए। सभी गुरुजनों को शिक्षक दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।

Screenshot (4 Sept 2026 11:22:04 pm)
Screenshot (4 Sept 2026 11:22:04 pm)