Riseup Classes [RAJASTHAN]
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REET, RPSC एवं RSMSSB द्वारा विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्नों का विषय वार एवं टॉपिक वाइज संकलन Riseup Classes App पर उपलब्ध है।
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频道 Riseup Classes [RAJASTHAN] (@riseupclasses) 印地语 语言赛道中的 是活跃参与者。目前社区聚集了 12 472 名订阅者,在 教育 类别中位列第 16 042,并在 印度 地区排名第 32 687 位。
📊 受众指标与增长动态
自 невідомо 创建以来,项目保持高速增长,吸引了 12 472 名订阅者。
根据 26 七月, 2026 的最新数据,频道保持稳定运转。过去 30 天订阅人数变化为 228,过去 24 小时变化为 4,整体触达仍然可观。
- 认证状态: 未认证
- 互动率 (ER): 平均受众互动率为 62.67%。内容发布后 24 小时内通常能获得 43.74% 的反应,占订阅者总量。
- 帖子覆盖: 每篇帖子平均可获得 7 814 次浏览,首日通常累积 5 454 次浏览。
- 互动与反馈: 受众积极参与,单帖平均反应数为 13。
- 主题关注点: 内容集中在 #riseup_classes, अभ्यर्थी, भर्ती, राजस्थान, अपडेट 等核心主题上。
📝 描述与内容策略
作者将该频道定位为表达主观观点的平台:
“REET, RPSC एवं RSMSSB द्वारा विगत वर्षों में पूछे गए प्रश्नों का विषय वार एवं टॉपिक वाइज संकलन Riseup Classes App पर उपलब्ध है।”
凭借高频更新(最新数据采集于 27 七月, 2026),频道始终保持新鲜度与高覆盖。分析显示受众积极互动,使其成为 教育 类别中的关键影响点。
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परीक्षा केवल अंकों का नहीं, विश्वास का भी विषय है।
यदि परीक्षा व्यवस्था पारदर्शी, निष्पक्ष और विश्वसनीय होगी, तो हर विद्यार्थी को उसकी मेहनत का सही सम्मान मिलेगा। सरकार द्वारा परीक्षा सुधारों के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन इस दिशा में एक सकारात्मक और स्वागतयोग्य कदम है।
अब समय है कि प्रतिभा की पहचान केवल मेहनत से हो, न कि किसी अनियमितता से।
विद्यार्थियों को विश्वास रखना चाहिए कि ईमानदार प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाते। हम सभी की अपेक्षा है कि आने वाली परीक्षाएँ पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता के साथ आयोजित हों, ताकि हर सफल अभ्यर्थी का चयन उसकी योग्यता का वास्तविक प्रमाण बने।
https://t.me/RiseupClasses
राजस्थान CET (10+2) & (Graduation) परीक्षा को ध्यान में रखते हुए Riseup Classes लेकर आया है CET टेस्ट सीरीज 2026
इस टेस्ट सीरीज में क्या मिलेगा ?
CET सिलेबस से रिलेटेड 275+ टॉपिक वाइज PYQ टेस्ट App पर उपलब्ध करा दिए गए हैं।
इन 275+ Topic-wise PYQ टेस्टों में RSSB द्वारा अब तक आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में CET सिलेबस से रिलेटेड पूछे गए सभी प्रश्न विस्तृत व्याख्या सहित दिए गए हैं।
PYQS के साथ और क्या मिलेगा ?
• व्याख्याता टीम द्वारा तैयार 25 मौलिक टेस्ट-
https://play.google.com/store/apps/details?id=co.lenord.xfewx
• मौलिक टेस्ट 03 आज शाम 8.00 बजे
किसी भी विषय की तैयारी का सबसे अच्छा तरीका यह है कि पहले उस टॉपिक को अच्छी तरह पढ़ा जाए और उसके बाद उसी टॉपिक से जुड़े पिछले वर्षों के सभी प्रश्न (PYQs) हल किए जाएँ।
ऐसा करने से यह स्पष्ट हो जाता है कि आयोग उस टॉपिक से किस प्रकार के प्रश्न पूछता है, किन तथ्यों और अवधारणाओं पर अधिक ध्यान देता है तथा कौन-से विषय बार-बार दोहराए जाते हैं। इससे पढ़ाई अधिक व्यवस्थित और परीक्षा-केंद्रित हो जाती है।
यदि PYQs Test Format में हों और प्रत्येक प्रश्न के साथ सरल एवं सटीक व्याख्या भी दी गई हो, तो हर प्रश्न एक नया Concept सिखाता है। सही उत्तर के साथ यह भी समझ में आता है कि अन्य विकल्प गलत क्यों हैं। इससे विषय की समझ गहरी होती है, गलतियाँ कम होती हैं और आत्मविश्वास बढ़ता है।
यही कारण है कि Topic-wise अध्ययन के बाद उसी टॉपिक के सभी PYQs का अभ्यास करना किसी भी RPSC या RSSB भर्ती परीक्षा की तैयारी का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
विद्यार्थियों के नाम एक संदेश
RPSC एवं RSSB द्वारा विगत 17 वर्षों में आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे गए सभी 50,000 से अधिक प्रश्नों का Topic-wise संकलन तैयार करना केवल एक संपादकीय कार्य नहीं, बल्कि एक दीर्घकालीन शोध, विश्लेषण और शैक्षणिक उत्तरदायित्व का परिणाम है। इस उद्देश्य को लेकर RiseUp Classes की अनुभवी व्याख्याता टीम ने वर्षों तक निरंतर कार्य किया है।
प्रत्येक विषय के हजारों प्रश्नों का सूक्ष्म अध्ययन कर उन्हें Topic-wise व्यवस्थित किया गया है। इतना ही नहीं, हर प्रश्न के साथ सरल, सटीक, प्रामाणिक एवं परीक्षा-उपयोगी व्याख्या तैयार की गई है, ताकि विद्यार्थी केवल उत्तर याद न करें, बल्कि उसके पीछे की अवधारणा को भी भली-भांति समझ सकें।
इस संपूर्ण कार्य की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि प्रत्येक विषय की व्याख्या उसी विषय के विशेषज्ञ व्याख्याता द्वारा तैयार की गई है तथा तथ्य, भाषा और संदर्भ की पुनः जाँच के बाद ही उसे अंतिम रूप दिया गया है। हमारा प्रयास रहा है कि विद्यार्थियों तक केवल विश्वसनीय, त्रुटिरहित और परीक्षा-केंद्रित अध्ययन सामग्री ही पहुँचे।
RiseUp Classes की विशेषज्ञ व्याख्याता टीम
• राजस्थान एवं भारत का इतिहास – एम.आर. गोरसिया (व्याख्याता, इतिहास)
• राजस्थान भूगोल – हनुमान सारण (व्याख्याता, भूगोल)
• राजस्थान राजव्यवस्था – धर्माराम चौधरी (व्याख्याता, राजनीति विज्ञान)
• राजस्थान कला एवं संस्कृति – टी.आर. बेनिवाल (व्याख्याता, इतिहास)
• हिंदी व्याकरण – हनुमान विश्नोई (व्याख्याता, हिंदी)
• हिंदी साहित्य – अशोक विश्नोई (व्याख्याता, हिंदी)
• English Grammar – मोती राम डऊकिया (प्राचार्य, स्कूल शिक्षा)
• सामान्य विज्ञान – प्रवीण सोनी (व्याख्याता, रसायन विज्ञान)
• गणित – त्रिलोक लेगा (वरिष्ठ अध्यापक, गणित)
RiseUp Classes का विश्वास है कि गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री ही सफलता की सबसे मजबूत नींव होती है। इसी सोच के साथ प्रश्नों का चयन, वर्गीकरण, तथ्य-पुष्टि और व्याख्या—प्रत्येक चरण में विषय विशेषज्ञों ने पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ कार्य किया है।
हमें विश्वास है कि यह प्रयास आपकी तैयारी को अधिक व्यवस्थित, प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाएगा तथा राजस्थान की प्रत्येक प्रतियोगी परीक्षा में सफलता की दिशा में आपका विश्वसनीय साथी सिद्ध होगा।
— पुष्पेंद्र बेनिवाल
व्याख्याता (स्कूल शिक्षा)
Founder, RiseUp Classes
व्यक्ति अपने जीवन में अनेक कठिन दौरों से गुजरता है।
जीवन में एक समय ऐसा भी आता है, जब व्यक्ति को अपनी ही वफादारी पर प्रश्न उठाने पड़ते हैं। आत्मसम्मान बचाए तो रिश्ते दरकने लगते हैं, और रिश्ते बचाए तो आत्मसम्मान आहत होने लगता है। इसी द्वंद्व में इंसान भीतर ही भीतर टूटता, थकता और खोखला होता चला जाता है।
फिर भी जीवन का सबसे बड़ा सत्य यह है कि हर परिस्थिति हमेशा एक-सी नहीं रहती। बुरे समय के बीच भी मन में अच्छे दिनों की उम्मीद जीवित रहनी चाहिए, क्योंकि यही उम्मीद कठिन से कठिन राह पर भी आगे बढ़ने का साहस देती है।
कभी-कभी मन में एक क्षणिक विचार भी आता है—काश! मैं भी थोड़ा चाटुकार होता; थोड़ा झूठ बोलना जानता, थोड़ी चालाकी कर लेता, वादे करके उन्हें भूल जाता और समय के साथ अपनी बात से मुकर जाना सीख लेता। शायद तब जीवन कुछ आसान होता और मैं भी अधिक खुश दिखाई देता।
लेकिन यह विचार केवल एक क्षणिक भ्रम होता है। सच्चे और स्वाभिमानी व्यक्ति का मन छल, कपट और अवसरवादिता में कभी रम नहीं सकता। उसका जीवन उसे बार-बार सत्य के मार्ग पर ही लौटाता है।
अंततः यही सत्य है कि ईमानदारी, वफादारी और आत्मसम्मान की कीमत अक्सर संघर्षों से चुकानी पड़ती है। परंतु समय के साथ वही व्यक्ति सबसे अधिक सम्मान पाता है, जो परिस्थितियों से समझौता कर सकता है, लेकिन अपने जीवन और अपने आत्मसम्मान से कभी समझौता नहीं करता। क्योंकि संसार का सबसे बड़ा सम्मान वही है, जब इंसान अपनी ही नज़रों में गिरता नहीं।
— हनुमान विश्नोई
राजस्थान की सभी भर्ती परीक्षाओं के PYQs, अब एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर!
RPSC एवं RSSB द्वारा आयोजित राजस्थान की सभी भर्ती परीक्षाओं में पूछे गए प्रश्न 14+ विषयों में पूरी तरह Topic-wise टेस्ट फॉर्मेट में उपलब्ध। प्रत्येक प्रश्न के साथ हमारी अनुभवी व्याख्याता टीम द्वारा तैयार की गई सरल, सटीक एवं परीक्षा-उपयोगी व्याख्या, ताकि आपकी तैयारी बने अधिक प्रभावी और परिणामदायी।
सात दिवसीय मानसून ऑफर! 23 से 29 जुलाई 2026 तक Coupon Code: MONSOON55 का उपयोग करें और पाएं 55% तक Extra Discount।
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राजस्थान की सभी परीक्षाओं के Topic-wise PYQs, विस्तृत व्याख्या और नियमित अपडेट के साथ। RiseUp Classes App पर उपलब्ध
राजस्थान GK की सम्पूर्ण तैयारी एक ही कोर्स में!
RPSC एवं RSSB द्वारा विगत 17 वर्षों में पूछे गए राजस्थान GK के सभी प्रश्न टॉपिक-वाइज टेस्ट फॉर्मेट में एवं विस्तृत व्याख्या सहित
मुख्य विशेषताएँ :
• 17 वर्षों के सभी प्रश्नों का टॉपिक-वाइज संकलन
• प्रत्येक प्रश्न की व्याख्याता टीम द्वारा सटीक व्याख्या
• सभी प्रश्नोत्तर टेस्ट फॉर्मेट में दिए गए हैं
• समय-समय पर नए प्रश्नों सहित नियमित अपडेट
RAS, SI, CET, REET, VDO, LDC, 2nd Grade, School Lecturer, Patwar, आदि सभी भर्तियों के लिए उपयोगी Join Riseup Classes App👇
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एक ही कोर्स – राजस्थान GK की सम्पूर्ण तैयारी।
Objective Type Exam System (OMR आधारित परीक्षा प्रणाली)...?
वस्तुनिष्ठ (Objective) एवं OMR आधारित परीक्षा प्रणाली में सफलता केवल इस बात से तय नहीं होती कि आपको कितना याद है, बल्कि इससे कहीं अधिक इस बात से तय होती है कि आप उपलब्ध विकल्पों में से सही उत्तर तक कितनी सटीकता से पहुँचते हैं।
ऐसी परीक्षाओं में आपकी सबसे बड़ी ताकत Accuracy (शुद्धता) होती है। प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़ना, विकल्पों का तार्किक विश्लेषण करना, Elimination Method के माध्यम से गलत विकल्पों को हटाना और अंततः सबसे उपयुक्त उत्तर का चयन करना— इस प्रकार की परीक्षा का यह वास्तविक परीक्षा-कौशल है।
यह भ्रम मन से निकाल दीजिए कि किसी अभ्यर्थी को शत-प्रतिशत सब कुछ याद रहता है। ऐसा लगभग किसी के साथ संभव नहीं होता। सफल वही होता है जो अपनी तैयारी, विवेक और विश्लेषण क्षमता के आधार पर अधिकतम प्रश्नों के सटीक उत्तर देता है।
याद रखिए, OMR आधारित परीक्षा केवल ज्ञान की नहीं, बल्कि ज्ञान के सही उपयोग, निर्णय क्षमता और उत्तर देने की शुद्धता की परीक्षा होती है।
इसलिए अधिक से अधिक अध्ययन कीजिए, नियमित अभ्यास कीजिए, प्रश्नों की प्रकृति को समझिए और परीक्षा हॉल में शांत मन एवं आत्मविश्वास के साथ सटीक उत्तर देने पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कीजिए।
हमारी यह परीक्षा प्रणाली मांग करती है—कम गलतियाँ के साथ अधिक शुद्धता, बेहतर निर्णय क्षमता और अधिकतम Accuracy। OMR आधारित परीक्षा में यह सब ही हमारे चयन की भूमिका तय करते है।
— हनुमान विश्नोई
LDC भर्ती में टाइप टेस्ट का 03 गुना का परिणाम अगस्त अंत का प्रयास रहेगा, बात नहीं बनी तो सितंबर अंत तक खिंच सकता है :- आलोक राज जी
आज शाम 8:00 बजे CET (10+2) एवं CET Graduation का दूसरा मौलिक टेस्ट
वर्तमान समय में RSSB की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में RBSE की कक्षा 6 से 12 तक की पाठ्यपुस्तकों से लगातार प्रश्न पूछे जा रहे हैं। इसी प्रवृत्ति को ध्यान में रखते हुए Riseup Classes द्वारा आयोजित दूसरा मौलिक टेस्ट भी RBSE की पुस्तकों को आधार बनाकर तैयार किया गया है।
इस टेस्ट में परीक्षा स्तर के संभावित प्रश्न, नवीनतम पैटर्न तथा प्रत्येक प्रश्न की विस्तृत व्याख्या शामिल है, ताकि अभ्यर्थी केवल उत्तर ही नहीं, बल्कि विषय की गहराई को भी समझ सकें।
आज शाम 8:00 बजे Riseup Classes App पर आयोजित इस टेस्ट में अवश्य शामिल हों और अपनी तैयारी को नई मजबूती दें।
CET (10+2) & (Graduation) 2026
इस टेस्ट सीरीज में क्या मिलेगा ?
CET सिलेबस से रिलेटेड 275+ टॉपिक वाइज PYQ टेस्ट इस टेस्ट सीरीज के साथ अपलोड कर दिए गए हैं।
इन 275+ Topic-wise PYQ टेस्टों में RSSB द्वारा अब तक आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में CET सिलेबस से रिलेटेड पूछे गए सभी प्रश्न विस्तृत व्याख्या सहित दिए गए हैं।
PYQS के साथ और क्या मिलेगा ?
• व्याख्याता टीम द्वारा तैयार 25 मौलिक टेस्ट -
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अब समय है सही मार्गदर्शन के साथ-साथ मूल पुस्तकों और भर्ती परीक्षा में उनकी वेटेज के अनुसार अध्ययन का।
अब सजग अभ्यर्थी के सिवा rpsc परीक्षा को आसानी से पार करना मुश्किल ही नहीं, नामुमकिन है।
सचेत होकर, समझदारी के साथ और परीक्षा-उपयोगी अध्ययन से ही सफलता की राह आसान होगी।
आरपीएससी ने पेपर बनाने का तरीका जरूर बदला है, लेकिन इतना नहीं कि एक गंभीर, सजग और सचेत अभ्यर्थी उसमें अपना चयन सुनिश्चित नहीं कर पाए।
राजस्थान लोक सेवा आयोग हमेशा से ही लगभग हर चार-पाँच वर्ष में प्रश्नपत्र निर्माण का तरीका बदलता रहा है। इसलिए एक गंभीर अभ्यर्थी को यह समझना चाहिए कि इस बार किन मानक पुस्तकों को आधार बनाया जा रहा है और लगातार किस प्रकार के प्रश्न पूछे जा रहे हैं। यही बदलते परीक्षा पैटर्न का सही संकेत देता है। इसके लिए विगत तीन-चार वर्षों के PYQ का अध्ययन अवश्य करना चाहिए।
आज बात करते हैं वरिष्ठ अध्यापक भर्ती परीक्षा 2025 (हिंदी) की, जिसका आयोजन 13 जुलाई 2026 को हुआ। इसमें प्रश्नों की संख्या क्या रहेगी, प्रश्न किस प्रकार के होंगे और पेपर का पैटर्न कैसा रहेगा—इसका अनुमान हमने स्कूल व्याख्याता भर्ती 2025 के प्रश्नपत्र का विश्लेषण करके पहले ही लगा लिया था।
अब समझदार अभ्यर्थी को यह समझना होगा कि आयोग फिलहाल हिंदी साहित्य के इतिहास को सीमित कर रहा है, जबकि हिंदी व्याकरण तथा गद्य-पद्य विधाओं (रचनाओं) पर विशेष जोर दे रहा है।
इस भर्ती परीक्षा में हिंदी साहित्य के इतिहास से मात्र 10 प्रश्न पूछे गए, वह भी अपेक्षाकृत सरल स्तर के।
सर्वाधिक प्रश्न हिंदी व्याकरण से पूछे गए जिनकी संख्या 52 थी। जिसमें कुछ अवधारणात्मक और कुछ मॉडर्ड स्तर के जो काफी उलझन भरे थे।
गद्य-पद्य विधाओं (रचनाओं) से 40 प्रश्न पूछे गए, जिनका स्तर काफी उच्च था। लगभग हर प्रकार की भर्ती परीक्षा में अब इस भाग का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इसलिए हिंदी साहित्य के अभ्यर्थियों को इस पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
भारतीय काव्यशास्त्र (जो ग्रेड सेकंड का हिस्सा है) से 23 प्रश्न पूछे गए, जिनका स्तर भी काफी अच्छा और स्तरीय रहा।
हिंदी भाषा एवं देवनागरी लिपि से पूर्व की तरह 5 प्रश्न पूछे गए, जिन्हें आसानी से किया जा सकता था।
वहीं शिक्षण विधियों से संबंधित 20 प्रश्न पूर्ववत निर्धारित संख्या में पूछे गए, जिनका स्तर भी काफी अच्छा रहा।
संक्षेप में प्रश्नों का वितरण इस प्रकार रहा—
" हिंदी व्याकरण — 52 प्रश्न"
"गद्य-पद्य विधाएँ (रचनाएँ) — 40 प्रश्न"
"भारतीय काव्यशास्त्र — 23 प्रश्न"
"शिक्षण विधियाँ — 20 प्रश्न"
"हिंदी साहित्य का इतिहास — 10 प्रश्न"
"हिंदी भाषा एवं देवनागरी लिपि — 5 प्रश्न"
इसी प्रकार प्रश्नपत्र का विश्लेषण करते हुए हिंदी साहित्य के गंभीर अभ्यर्थियों को निकट भविष्य में आरपीएससी द्वारा आयोजित होने वाली भर्तियों की तैयारी को आगे बढ़ाना चाहिए।
वरिष्ठ अध्यापक हिंदी और स्कूल व्याख्याता हिंदी में आरपीएससी किन-किन मानक पुस्तकों को आधार बनाकर प्रश्नपत्र तैयार कर रही है, इस विषय पर भी शीघ्र ही विस्तार से चर्चा करेंगे तथा प्रत्येक भाग के लिए महत्वपूर्ण पुस्तकों का नामोल्लेख करेंगे।
आशा है कि मेरे द्वारा साझा की गई यह जानकारी आपकी तैयारी को सही दिशा देने में सहायक सिद्ध होगी।
आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए अनेकानेक शुभकामनाएँ।
— हनुमान विश्नोई
🔔 राजस्थान समान पात्रता परीक्षा (CET) 12वीं स्तर (Senior Secondary Level) 2026 का नोटिफिकेशन जारी
✅परीक्षा तिथि - 23 से 25 अक्टूबर 2026
✅ CET पात्रता अब 3 साल तक मान्य रहेगी।
✅ CET परीक्षा में 1/3 नेगेटिव मार्किंग रहेगी।
✅ CET पात्रता के लिए 40% अंक जरूरी।
📌 ऑनलाइन आवेदन शुरू अंतिम दिनांक 23 जुलाई 2026 तक भरें जाएंगे
राजस्थान CET (10+2) & (Graduation) परीक्षा को ध्यान में रखते हुए Riseup Classes लेकर आया है CET टेस्ट सीरीज 2026
इस टेस्ट सीरीज में क्या मिलेगा ?
CET सिलेबस से रिलेटेड 275+ टॉपिक वाइज PYQ टेस्ट App पर उपलब्ध करा दिए गए हैं।
इन 275+ Topic-wise PYQ टेस्टों में RSSB द्वारा अब तक आयोजित विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में CET सिलेबस से रिलेटेड पूछे गए सभी प्रश्न विस्तृत व्याख्या सहित दिए गए हैं।
PYQS के साथ और क्या मिलेगा ?
• कुल 25 मौलिक टेस्ट जिसमें -
• 12 माइनर टेस्ट
• 03 रिवीजन टेस्ट
• 10 फुल लेंथ टेस्ट
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राजस्थान CET (12वीं स्तर) परीक्षा 2026 में अब तक भरे गए आवेदन संख्या - 14 लाख
आवेदन अंतिम तिथि - 23 जुलाई 2026
राजस्थान CET (स्नातक स्तर) परीक्षा 2026 में भरे गए आवेदन संख्या - 07 लाख
आवेदन अंतिम तिथि - 02 अगस्त 2026
लगातार साथियों के संदेश आ रहे हैं कि, "सर, आसान सवाल भी गलत हो गए।"
वास्तव में परीक्षा हॉल में आसान प्रश्न गलत होने के कई कारण होते हैं।
सबसे बड़ा कारण समय का दबाव है। जल्दबाजी में अभ्यर्थी प्रश्न को पूरा नहीं पढ़ पाता और अंत में लिखे सत्य, असत्य, संगत, असंगत, सही युग्म, बेमेल जैसे महत्वपूर्ण शब्दों पर ध्यान दिए बिना ही उत्तर अंकित कर देता है।
बहुत से विद्यार्थी एक और सामान्य गलती करते हैं। वे प्रश्न को पूरा पढ़े बिना, केवल उसकी शुरुआत देखकर ही उत्तर टिक कर देते हैं। अति उत्साह और समय का दबाव कई बार सही उत्तर को भी गलत बना देता है।
एक कारण यह भी रहता है कि अंत समय में अभ्यर्थी अपना उत्तर बदल देता है। ऐसा प्रायः उसी टॉपिक से जुड़े तथ्यों के मिश्रण और स्वयं पर पर्याप्त आत्मविश्वास न होने के कारण होता है। परिणामस्वरूप, जो उत्तर पहले सही था, वही बदलकर गलत हो जाता है।
एक महत्वपूर्ण कारण यह भी है कि हम किसी टॉपिक की Depth में जाने के चक्कर में उसकी Surface को नज़रअंदाज़ कर देते हैं। जबकि प्रतियोगी परीक्षाओं में कई बार सबसे आसान प्रश्न उसी Surface Level से पूछे जाते हैं।
इसलिए बार-बार पाठ्यक्रम का रिवीजन करें, पढ़ने का सही तरीका अपनाएँ और परीक्षा हॉल में उपरोक्त बातों का विशेष ध्यान रखें। ऐसा करने से आसान प्रश्नों में होने वाली अनावश्यक गलतियों से काफी हद तक बचा जा सकता है।
— हनुमान विश्नोई
