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देववाणी संस्कृतम् ई-गुरुकुलम्

देववाणी संस्कृतम् ई-गुरुकुलम्

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पठन्तु संस्कृतं वदन्तु संस्कृतं रक्षन्तु संस्कृतं च। । जयतु संस्कृतम्। जयतु भारतम्। ।वसुधैव कुटुम्बकम् ।।

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सम्पूर्ण लघुसिद्धान्त कौमुदी यूट्यूब चैनल पर स्मार्ट बोर्ड पर निःशुल्क पढ़िए। लघुसिद्धान्तकौमुदी की कक्षाएँ: https://www.youtube.com/playlist?list=PLXYdCipgusUaz0BB_tJqAzBUdj6_aPKA2 लघुसिद्धान्त कौमुदी लाइव —(षड्लिङ्गा:): https://www.youtube.com/playlist?list=PLXYdCipgusUaVOoLaia-GJyLoCDyY2h4I समास-प्रकरणम् लघुसिद्धान्त ( p): https://www.youtube.com/playlist?list=PLXYdCipgusUb7i4eUSM5IR0-r_hstYhYk

💐 संस्कृत भाषायां शुभकामना: 💐 (संस्कृत भाषा में शुभकामनाएँ ) १ नमस्ते प्रणाम Hello २ शुभकामना: शुभकामनाएँ Greetings ३ मम शुभकामना: मेरी शुभकामनाएँ। My Greetings ४ अनुगृहीतोSस्मि आपका आभारी हूँ / कृतज्ञ हूँ। (पु.) I'm grateful to you.(Male) ५ अनुगृहीताSस्मि आपकी आभारी हूँ / कृतज्ञ हूँ।(स्त्री.) I'm grateful to you(female) ६ धन्योSस्मि। आपका आभारी हूँ / कृतज्ञ हूँ। (पु.) Your thankful (male) ७ धन्याSस्मि। आपकी आभारी हूँ / कृतज्ञ हूँ।(स्त्री.) Your thankful(female) ८ मुदितोSस्मि मैं खुश हूँ। (पु.) I'm happy (Male) ९ मुदिताSस्मि मैं खुश हूँ। (स्त्री.) I'm happy (female) १० अभिनन्दनम् बधाई हो। Congratulations ११ जन्मदिवसस्य हार्दिक्य: शुभकामना:। जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ। Happy birthday. १२ जन्मदिवसस्य कोटिश: शुभकामना:। जन्मदिन की कोटि कोटि शुभकामनाएँ। Very Very Greetings on birthday १३जन्मदिवसस्य अनेकश: शुभकामना:*। जन्मदिन की अनेक शुभकामनाएँ। A lot Greetings on your birthday. १४ जन्मदिवसस्य अभिनन्दनानि। जन्मदिन की बधाईयाँ। Happy Birthday १५ त्वं जीव शतं वर्धमान:। तुम सौ साल जिओ।(पुं.) Live long (100years)(M) १६ त्वं शतं जीव शरदः वर्धमाना। (स्त्री.) तुम सौ साल जिओ (स्त्री.) Live long (100 years) (F) 👉 शुभकामना: के स्थान पर मंगलकामना: भी लिख सकते हैं , बोल सकते हैं । 👈 १७ पुत्रप्राप्त्यर्थं हार्दिकानि अभिनन्दनानि। पुत्र प्राप्ति की हार्दिक बधाईयाँ। Greetings on Having a baby boy. १८ पुत्रस्य जन्मन: हार्दिकानि अभिनन्दनानि। पुत्र के जन्म की हार्दिक बधाईयाँ। Greetings on Birth of a son १९पुत्रीप्राप्त्यर्थं हार्दिकानि अभिनन्दनानि। पुत्री प्राप्ति की हार्दिक बधाईयाँ। Greetings on having a girl. २० पुत्र्या: जन्मन: हार्दिकानि अभिनन्दनानि। पुत्री के जन्म की हार्दिक बधाईयाँ। Greetings on birth of a girl

।। संस्कृत - हिन्दी शब्दकोश: ।। एतदीयः - इसका, तदीयः - उसका, यदीयः - जिसका, परकीयः (अन्यदीयः) - दूसरे का, आत्मीयः (स्वकीयः, स्वीयः) - अपना। महत् - महान्, यावत् - जितना तावत् - उतना, कियत् - कितना, एतावत् (इयत्) - इतना। तत्र - वहाँ, अत्र - यहाँ, कुत्र - कहाँ, यत्र - जहाँ, कुत्रापि - कहीं भी, अन्यत्र - दूसरे स्थान पर, सर्वत्र - सब स्थानों पर, उभयत्र - दोनों स्थानों पर, अत्रैव - यहीं पर तत्रैव - वहीं पर, यत्र-कुत्रापि - जहाँ कहीं भी, इतः - यहाँ से, ततः - वहाँ से, कुतः - कहाँ से, कुतश्चित् - कहीं से, यतः - जहाँ से, इतस्ततः - इधर-उधर, सर्वतः - सब ओर से, उभयतः - दोनों ओर से, उपरि - ऊपर, अधः - नीचे, अग्रे, (पुरः, पुरस्तात्) - आगे, पश्चात् - पीछे, बहिः - बाहर, अन्तः - भीतर उपरि-अधः - ऊपर-नीचे, इदानीम् (सम्प्रति, अधुना) - अब / इस समय, तदा / तदानीम् - तब / उस समय, कदा - कब यदा - जब, सदा (सर्वदा) - हमेशा, एकदा - एक समय कदाचित् - कभी, क्व - कब क्वापि - कभी भी, सद्यः - तत्काल (अतिशीघ्र) पुनः - फिर अद्य - आज अद्यैव - आज ही, अद्यापि - आज भी, श्वः - आने वाला कल ह्यः - बीता हुआ कल, परश्वः - आने वाला परसों परह्य: - बीता हुआ परसों प्रपरश्वः - आने वाला नरसों प्रपरह्य: - बीता हुआ नरसों, शीघ्रम् - जल्दी, शनैः शनैः - धीरे-धीरे, पुनः पुनः - बार-बार, युगपत् - एक ही समय में, सकृत् - एक बार असकृत् - अनेक बार, अनन्तरम् - इसके बाद, कियत् कालम् - कब तक, एतावत् कालम् - अब तक, तावत् कालम् - तब तक, यावत् कालम् - जब तक, अद्यावधि - आज तक, कथम् - कैसे / किस प्रकार इत्थम् - ऐसे / इस प्रकार, यथा - जैसे, तथा - वैसे / उस प्रकार, सर्वथा - सब तरह से, अन्यथा - नहीं तो / अन्य प्रकार से, कथञ्चित्, कथमपि - किसी भी प्रकार से, यथा यथा - जैसे-जैसे, तथा-तथा - वैसे-वैसे, यथा-कथञ्चित् - जिस किसी प्रकार से, तथैव - उसी प्रकार, बहुधा / प्रायः - अक्सर। स्वयम् - खुद, वस्तुतः - असल में, कदाचित् (सम्भवतः) - शायद , सम्यक् - अच्छी तरह, सहसा (अकस्मात्) - अचानक, वृथा - व्यर्थ, समक्षम् (प्रत्यक्षम्) - सामने , मन्दम् - धीरे, च - और, अपि - भी , वा / अथवा - या , किम् - क्या, प्रत्युत (अपितु) - बल्कि, यतः - चूँकि, यत् - कि, यदि - अगर, तथापि - तो भी / फिर भ

।। संस्कृत - हिन्दी शब्दकोश: ।। एतदीयः - इसका, तदीयः - उसका, यदीयः - जिसका, परकीयः (अन्यदीयः) - दूसरे का, आत्मीयः (स्वकीयः, स्वीयः) - अपना। महत् - महान्, यावत् - जितना तावत् - उतना, कियत् - कितना, एतावत् (इयत्) - इतना। तत्र - वहाँ, अत्र - यहाँ, कुत्र - कहाँ, यत्र - जहाँ, कुत्रापि - कहीं भी, अन्यत्र - दूसरे स्थान पर, सर्वत्र - सब स्थानों पर, उभयत्र - दोनों स्थानों पर, अत्रैव - यहीं पर तत्रैव - वहीं पर, यत्र-कुत्रापि - जहाँ कहीं भी, इतः - यहाँ से, ततः - वहाँ से, कुतः - कहाँ से, कुतश्चित् - कहीं से, यतः - जहाँ से, इतस्ततः - इधर-उधर, सर्वतः - सब ओर से, उभयतः - दोनों ओर से, उपरि - ऊपर, अधः - नीचे, अग्रे, (पुरः, पुरस्तात्) - आगे, पश्चात् - पीछे, बहिः - बाहर, अन्तः - भीतर उपरि-अधः - ऊपर-नीचे, इदानीम् (सम्प्रति, अधुना) - अब / इस समय, तदा / तदानीम् - तब / उस समय, कदा - कब यदा - जब, सदा (सर्वदा) - हमेशा, एकदा - एक समय कदाचित् - कभी, क्व - कब क्वापि - कभी भी, सद्यः - तत्काल (अतिशीघ्र) पुनः - फिर अद्य - आज अद्यैव - आज ही, अद्यापि - आज भी, श्वः - आने वाला कल ह्यः - बीता हुआ कल, परश्वः - आने वाला परसों परह्य: - बीता हुआ परसों प्रपरश्वः - आने वाला नरसों प्रपरह्य: - बीता हुआ नरसों, शीघ्रम् - जल्दी, शनैः शनैः - धीरे-धीरे, पुनः पुनः - बार-बार, युगपत् - एक ही समय में, सकृत् - एक बार असकृत् - अनेक बार, अनन्तरम् - इसके बाद, कियत् कालम् - कब तक, एतावत् कालम् - अब तक, तावत् कालम् - तब तक, यावत् कालम् - जब तक, अद्यावधि - आज तक, कथम् - कैसे / किस प्रकार इत्थम् - ऐसे / इस प्रकार, यथा - जैसे, तथा - वैसे / उस प्रकार, सर्वथा - सब तरह से, अन्यथा - नहीं तो / अन्य प्रकार से, कथञ्चित्, कथमपि - किसी भी प्रकार से, यथा यथा - जैसे-जैसे, तथा-तथा - वैसे-वैसे, यथा-कथञ्चित् - जिस किसी प्रकार से, तथैव - उसी प्रकार, बहुधा / प्रायः - अक्सर। स्वयम् - खुद, वस्तुतः - असल में, कदाचित् (सम्भवतः) - शायद , सम्यक् - अच्छी तरह, सहसा (अकस्मात्) - अचानक, वृथा - व्यर्थ, समक्षम् (प्रत्यक्षम्) - सामने , मन्दम् - धीरे, च - और, अपि - भी , वा / अथवा - या , किम् - क्या, प्रत्युत (अपितु) - बल्कि, यतः - चूँकि, यत् - कि, यदि - अगर, तथापि - तो भी / फिर भ

।। संस्कृत - हिन्दी शब्दकोश: ।। एतदीयः - इसका, तदीयः - उसका, यदीयः - जिसका, परकीयः (अन्यदीयः) - दूसरे का, आत्मीयः (स्वकीयः, स्वीयः) - अपना। महत् - महान्, यावत् - जितना तावत् - उतना, कियत् - कितना, एतावत् (इयत्) - इतना। तत्र - वहाँ, अत्र - यहाँ, कुत्र - कहाँ, यत्र - जहाँ, कुत्रापि - कहीं भी, अन्यत्र - दूसरे स्थान पर, सर्वत्र - सब स्थानों पर, उभयत्र - दोनों स्थानों पर, अत्रैव - यहीं पर तत्रैव - वहीं पर, यत्र-कुत्रापि - जहाँ कहीं भी, इतः - यहाँ से, ततः - वहाँ से, कुतः - कहाँ से, कुतश्चित् - कहीं से, यतः - जहाँ से, इतस्ततः - इधर-उधर, सर्वतः - सब ओर से, उभयतः - दोनों ओर से, उपरि - ऊपर, अधः - नीचे, अग्रे, (पुरः, पुरस्तात्) - आगे, पश्चात् - पीछे, बहिः - बाहर, अन्तः - भीतर उपरि-अधः - ऊपर-नीचे, इदानीम् (सम्प्रति, अधुना) - अब / इस समय, तदा / तदानीम् - तब / उस समय, कदा - कब यदा - जब, सदा (सर्वदा) - हमेशा, एकदा - एक समय कदाचित् - कभी, क्व - कब क्वापि - कभी भी, सद्यः - तत्काल (अतिशीघ्र) पुनः - फिर अद्य - आज अद्यैव - आज ही, अद्यापि - आज भी, श्वः - आने वाला कल ह्यः - बीता हुआ कल, परश्वः - आने वाला परसों परह्य: - बीता हुआ परसों प्रपरश्वः - आने वाला नरसों प्रपरह्य: - बीता हुआ नरसों, शीघ्रम् - जल्दी, शनैः शनैः - धीरे-धीरे, पुनः पुनः - बार-बार, युगपत् - एक ही समय में, सकृत् - एक बार असकृत् - अनेक बार, अनन्तरम् - इसके बाद, कियत् कालम् - कब तक, एतावत् कालम् - अब तक, तावत् कालम् - तब तक, यावत् कालम् - जब तक, अद्यावधि - आज तक, कथम् - कैसे / किस प्रकार इत्थम् - ऐसे / इस प्रकार, यथा - जैसे, तथा - वैसे / उस प्रकार, सर्वथा - सब तरह से, अन्यथा - नहीं तो / अन्य प्रकार से, कथञ्चित्, कथमपि - किसी भी प्रकार से, यथा यथा - जैसे-जैसे, तथा-तथा - वैसे-वैसे, यथा-कथञ्चित् - जिस किसी प्रकार से, तथैव - उसी प्रकार, बहुधा / प्रायः - अक्सर। स्वयम् - खुद, वस्तुतः - असल में, कदाचित् (सम्भवतः) - शायद , सम्यक् - अच्छी तरह, सहसा (अकस्मात्) - अचानक, वृथा - व्यर्थ, समक्षम् (प्रत्यक्षम्) - सामने , मन्दम् - धीरे, च - और, अपि - भी , वा / अथवा - या , किम् - क्या, प्रत्युत (अपितु) - बल्कि, यतः - चूँकि, यत् - कि, यदि - अगर, तथापि - तो भी / फिर भ

🌹 *शुभसंध्या मित्राणि*🌹 🙏🏻 *नमोनमः*🙏🏻 🌹 *शिशुपालवध महाकाव्य जो बृहत्त्रयी में सम्मलित*🌹 *महाकवि माघ का स्थितिकाल:-* ६७५ ई. (लगभग) या भारवि के बाद का समय। *जन्म स्थान:-* भीनमाल, जिला:-जालौर,राजस्थान। *महाकवि माघ के पिता:-* श्री सुप्रभवदेव *महाकवि माघ का जाति:-* श्रीमाली ब्राह्मण *महाकवि माघ की उपाधि:-* घण्टामाघ *महाकवि माघ का प्रिय छन्द:-* मालिनी। *माघ के मृत्यु का कारण:-* पादशोथ रोग। 🌷 *शिशुपालवध महाकाव्य*🌷 *शिशुपालवध महाकाव्य के लेखक:-* महाकवि माघ। *शिशुपालवध महाकाव्य में कुल सर्गः-*२० सर्ग *शिशुपालवध महाकाव्य में कुल श्लोक:-* १६५० *शिशुपालवध महाकाव्य का उपजीव्य:-* १. महाभारत का सभापर्व २. श्रीमद्भागवत् पुराण का दशम स्कन्ध । *शिशुपालवध महाकाव्य का प्रधान रस:-* वीर रस *शिशुपालवध महाकाव्य का सहायक रस:-* श्रृंगार व हास्य। *शिशुपालवध महाकाव्य का प्रमुख छन्द:-* वंशस्थ, अनुष्टुप, उपजाति और वसन्ततिलका। *शिशुपालवध महाकाव्य का प्रमुख अलंकार:-* उपमा, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति,यमक, श्लेष ,रूपक। *शिशुपालवध महाकाव्य का नायक:-* श्रीकृष्ण *शिशुपालवध महाकाव्य का प्रतिनायक:-* चेदिनरेश शिशुपाल। *शिशुपालवध महाकाव्य की मुख्य कथावस्तु:-* भगवान् कृष्ण द्वारा शिशुपाल का वध किए जाने का वर्णन। *शिशुपाल की राजधानी:-* महिष्मती *शिशुपाल का राज्य:-* चेदि *द्वारिका का राजा:-* श्रीकृष्ण *हिरण्यगर्भ और ब्रह्मा के मानस पुत्र:-* नारद जी *शिशुपाल का मौसेरा भाई:-* श्रीकृष्ण *शिशुपालबध के तेजस्वी ऋषि:-* नारद *शिशुपाल का पूर्वजन्म:*-हिरण्यकश्यपु, रावण, शिशुपाल क्रमशः। 🌷 *मुख्य बातें*🌷 *शिशुपालवध महाकाव्य श्री शब्द से प्रारम्भ है और प्रत्येक सर्ग का अंत भी श्री शब्द से हीं हुआ है।* *शिशुपालबध "काव्येषु माघ:" से भी प्रसिद्ध है।* *शिशुपालवध महाकाव्य में राजसूय यज्ञ युधिष्ठिर करते हैं।* *श्रीकृष्ण शिशुपाल को १००गलती माफ़ करने का वचन दे रखे थे।* *शिशुपाल का वध श्रीकृष्ण, बलराम और उद्धव जी तीनों मिलकर किये थे।* 🌷 *माघ के लिए प्रचलित उक्ति:-*🌷 १.मेघे माघे गतं वयः। २. माघे सन्ति त्रयोः गुणाः। ३.तवाद् भा भारवेर्भाति, यावन्माघस्य नोदयः। ४. नवसर्ग गते माघे नव शब्दों न विद्यते।

Tiffin-अल्पाहार: Hotel - उपाहारशाला Cantteen - उपाहारगृहम् Tiffin center - उपाहारकेंद्रम् Breakfast - प्रातराशः Idly - शाल्यपूपः Puri - पूरिका Blackgram dosa - माषदोस Moong dosa - मुद् गदोसा Onion dosa - पलांडुदोसा Masala dosa - सोपस्करदोसा Wheet upama - गोधूमपिष्टिका Vada - वटिका Vada pav -वटिकरोटिका Samosa - समाशः Kachori - मुद् गपूर्णिका Pani puri - जलपूरीका Bread - मृदुरोटिका Cake - स्निग्धपिष्टकम् Biscuit - सुपिष्टकम् Burger - शाकरोटिका Pizza - पिष्टजा Fruit jam - फलपाकः Butter - नवनीतम् Milk cream - मस्तु Snacks - उपाहारः Mirchi bajji - मरीचभर्जी Brinjal bajji - वार्ताकभर्जी Alu bajji - आलुकभर्जी Chips - कासालुः Pakodi - पक्ववटी Palak pakodi - जीवन्तीपक्ववटी Tamarind chutney - तिन्त्रिण्युपसेचनम् Groundnut power - कलायचूर्णम् Mirchi power - मरीचचूर्णम् Ginger chutney - आर्द्रकोपसेचनम् Sand witch - सम्पुटाशः Alu chips with pounded rice - आलुपृथुकम् Tea centre - चायकेन्द्रम् Tea party - सपीतिः Milk - क्षीरम् Tea powder -चायचूर्णम् Coffee powder - काफीचूर्णम् Decoction - क्वाथः Sugar - शर्करा Tea - चायम् Coffee - काफी Grean tea - हरितचायम् Cold coffee - शीतलकापी Cool drink - शीतलपानीयम् Straw - नालम् Honey - मधु Fruit juice - फलरसः Brittel milk - पीयूषः Chocolate - चाकलेहः Chewing gum - चर्वणकम् Jaggery water -गुडपानकम् Sharbath - फलपानीयम् Soda water - विक्षारजलम् Vegetable soup -शाकतरला Sprouts - अङ्कुराः Moong sprouts - मुद्गाङ्कुराः Groundnut sprouts - कलायांकुराः Channa sprouts - चणकाङ्कुराः Fluffed rice laddu - लाजमोदकम् Pounded rice - पृथुकम् Fluffed rice - लाजः Fried chana - अभ्यूषः Mango paste layer - आम्रमण्डकः Shiraa - मोहनभोगः Boondi laddu - लड्डुकम् Ravva laddu -चुर्णलड्डुकम् Besan laddu -कुट्टितलड्डुकम् Motichur laddu - मुक्ताचूर्णलड्डूकम् Poli(Holige) - पोलिकः Atraasa - अतिरसः Jilebi - अमृतशष्कुली Mysorepak - मैसूरपिष्टकम् Rasagulla - रसगोलकम् Gulab jamun - पानकगोलकम् Kova - गव्या Kova cake - गव्यपिटकः Agra halwa - आग्रारसवती Kara boondi - क्षारबिन्दवः Kara mixture - मिश्रितम् Chakli - शष्कुली Lunch - अहराशः Dinner - नक्ताशः Leaf plate - विस्तरी

सर्वेभ्यो नमो नमः ... अतः -इसलिये इतः-यहाँ से अग्रतः -आगे से ततः -वहाँ से कुतः -कहाँ से यतः -जहाँ.से सर्वतः -सब और से तथा -वैसे तत् -पूर्वकथित न; नो -नहीं नमः -प्रणाम. पश्चात् -पीछे पृथक -अलग . प्रायः- अकसर वरम् -उत्तम वा - अथवा विना-बगैर कथम्-कैसे एकत्र-एक जगह अत्र-यहाँ तत्र-वहाँ कुत्र-कहाँ सर्वत्र-सब जगह यत्र -यहाँ द्वेधा-दो प्रकार से ;दो भागों मे त्रेधा-तीन भागो मे तावत् -तब तक यावत् -जब तक अनेकशः-अनेक बार गत्वा-जाकर पठित्वा-पढ़कर हसित्वा-हँसकर यथा -जैसे इत्थम-इस प्रकार पंचकृत्वः-पाँच बार ..

संस्कृत में शरीर के अंगों के नाम (Parts of Body in Sanskrit) सिर (Head) – शिरः/शीर्षम् माथा (Forehead) – ललाटम् /मस्तकम् दिमाग (Brain) – मस्तिष्कः बुद्धि (Wisdom) – प्रज्ञाः खोपड़ी (Skull) – कपालः चेहरा (Face) – मुखः आँख (Eye) – नेत्रम् /लोचनम् /नयनम् /चक्षुः पलक (Eyelid) – पक्ष्मः पुतली (Pupil) – कनीनिका भौंह (Eyebrow) – भ्रूः गरदन (Neck) – ग्रीवाः जीभ (Tongue) – जिह्वाः /रसना मूँछ (Moustaches) – श्मश्रुः गला (Throat) – कण्ठः होंठ (Lips) – अधरम् ऊपरी होठ (Upper Lip) – ओष्ठः निचला होठ (Lower Lip) – अधरम् दाँत (Teeth) – दन्तः बाल (Hair) – केशः/शिरोरूहः सफेद बाल (White Hair) – पलितकेशः गाल (Cheek) – कपोलः नाक (Nose) – नासिकाः, घ्राणेन्द्रिय कान (Ear) – कर्णः/श्रोतम् जिगर (Liver) – यकृतः कंधा (Shoulder) – स्कन्धः भुजा (Arm) – बाहुः, भुजः हाथ (Hand) – करः/हस्तः/पाणिः कोहनी( Elbow) – कूर्परः हाथ का अँगूठा (Thumb) – अंगुष्ठः अंगुली (Finger) – अंगुलिः दाँत (Teeth) – रदनः ठुड्डी (Chin) – चिबुकम् हृदय/दिल (Heart) – हृदयम् मन (Mind) – चित्तम्/मनः छाती (Chest) – उरः/वक्षःस्थलम् स्तन (Breast) – स्तनः नाखून (Nail) – नखः दाढ़ी (Beard) – कूर्चम् कलाई (Wrist) – मणिबन्धः हथेली (Palm) – करतलम् पेट (Stomach/Belly) – उदरम् फेफड़ा (Lung) – फुफ्फुसः कमर (Waist) – कटिः रीढ़ की हड्डी (Spine) – मेरूदण्डः पीठ (Back) – पृष्ठम् खून/रक्त (Blood) – रक्तम्/रूधिरम् त्वचा (Skin) – चर्मः/त्वक् पैर (Leg/Foot) – चरणः, पाद: घुटना (Knee) – जानुः टखना (Ankle) – गुल्फः एडी (Heel) – पार्ष्णिः तलवा (Sole) – पदतलम् हड्डी (Bone) – अस्थिः आँसू (Tears) – अश्रु जाँघ (Thigh) – जंघा

सादर प्रणाम 🙏🏻 ध्यान दीजिए, ✔प्रत्येक संस्कृत के पाठक तक शेयर कर पहुंचाइए। । 🚩संस्कृत के महान् पण्डित डॉक्टर कपिल देव द्विवेदी जी द्वारा संस्कृत सीखने के लिए लिखित सर्वजगत् प्रसिद्ध निम्न तीन पुस्तकों को ऑनलाइन निःशुल्क पढ़िए। 1—प्रारम्भिकरचनानुवादकौमुदी 2—रचनानुवादकौमुदी 3—प्रौढरचनानुवादकौमुदी प्रारम्भिकरचनानुवादकौमुदी ( for beginners ): https://www.youtube.com/playlist?list=PLXYdCipgusUZDrrkrpjAFXhvrez_yPdq0 प्रारम्भिकरचनानुवादकौमुदी—उत्तरपत्रिका: https://www.youtube.com/playlist?list=PLXYdCipgusUYyeYJe-TvTw8CFBZWK3-9w रचनानुवादकौमुदी—2: https://www.youtube.com/playlist?list=PLXYdCipgusUbc4IR7z7dZzg_iMXkZuo5D रचनानुवादकौमुदी-उत्तरपत्रिका सीरीज: https://www.youtube.com/playlist?list=PLXYdCipgusUZ4uBK9mYK9DQNdrDB5aQAV प्रौढरचनानुवादकौमुदी: https://www.youtube.com/playlist?list=PLXYdCipgusUaTfB8itzRNp82-2XXNMdG8

सम्पूर्ण रचनानुवादकौमुदी पढ़िए https://t.co/AcamslN30g रचनानुवादकौमुदी—2: https://www.youtube.com/playlist?list=PLXYdCipgusUbc4IR7z7dZzg_iMXkZuo5D रचनानुवादकौमुदी-उत्तरपत्रिका सीरीज: https://www.youtube.com/playlist?list=PLXYdCipgusUZ4uBK9mYK9DQNdrDB5aQAV