देववाणी संस्कृतम् ई-गुरुकुलम्
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पठन्तु संस्कृतं वदन्तु संस्कृतं रक्षन्तु संस्कृतं च। । जयतु संस्कृतम्। जयतु भारतम्। ।वसुधैव कुटुम्बकम् ।।
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सम्पूर्ण लघुसिद्धान्त कौमुदी यूट्यूब चैनल पर स्मार्ट बोर्ड पर निःशुल्क पढ़िए।
लघुसिद्धान्तकौमुदी की कक्षाएँ: https://www.youtube.com/playlist?list=PLXYdCipgusUaz0BB_tJqAzBUdj6_aPKA2
लघुसिद्धान्त कौमुदी लाइव —(षड्लिङ्गा:): https://www.youtube.com/playlist?list=PLXYdCipgusUaVOoLaia-GJyLoCDyY2h4I
समास-प्रकरणम् लघुसिद्धान्त ( p): https://www.youtube.com/playlist?list=PLXYdCipgusUb7i4eUSM5IR0-r_hstYhYk
💐 संस्कृत भाषायां शुभकामना: 💐
(संस्कृत भाषा में शुभकामनाएँ )
१ नमस्ते
प्रणाम
Hello
२ शुभकामना:
शुभकामनाएँ
Greetings
३ मम शुभकामना:
मेरी शुभकामनाएँ।
My Greetings
४ अनुगृहीतोSस्मि
आपका आभारी हूँ / कृतज्ञ हूँ। (पु.)
I'm grateful to you.(Male)
५ अनुगृहीताSस्मि
आपकी आभारी हूँ / कृतज्ञ हूँ।(स्त्री.)
I'm grateful to you(female)
६ धन्योSस्मि।
आपका आभारी हूँ / कृतज्ञ हूँ। (पु.)
Your thankful (male)
७ धन्याSस्मि।
आपकी आभारी हूँ / कृतज्ञ हूँ।(स्त्री.)
Your thankful(female)
८ मुदितोSस्मि
मैं खुश हूँ। (पु.)
I'm happy (Male)
९ मुदिताSस्मि
मैं खुश हूँ। (स्त्री.)
I'm happy (female)
१० अभिनन्दनम्
बधाई हो।
Congratulations
११ जन्मदिवसस्य हार्दिक्य: शुभकामना:।
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।
Happy birthday.
१२ जन्मदिवसस्य कोटिश: शुभकामना:।
जन्मदिन की कोटि कोटि शुभकामनाएँ।
Very Very Greetings on birthday
१३जन्मदिवसस्य अनेकश: शुभकामना:*।
जन्मदिन की अनेक शुभकामनाएँ।
A lot Greetings on your birthday.
१४ जन्मदिवसस्य अभिनन्दनानि।
जन्मदिन की बधाईयाँ।
Happy Birthday
१५ त्वं जीव शतं वर्धमान:।
तुम सौ साल जिओ।(पुं.)
Live long (100years)(M)
१६ त्वं शतं जीव शरदः वर्धमाना। (स्त्री.)
तुम सौ साल जिओ (स्त्री.)
Live long (100 years) (F)
👉 शुभकामना: के स्थान पर मंगलकामना: भी लिख सकते हैं , बोल सकते हैं । 👈
१७ पुत्रप्राप्त्यर्थं हार्दिकानि अभिनन्दनानि।
पुत्र प्राप्ति की हार्दिक बधाईयाँ।
Greetings on Having a baby boy.
१८ पुत्रस्य जन्मन: हार्दिकानि अभिनन्दनानि।
पुत्र के जन्म की हार्दिक बधाईयाँ।
Greetings on Birth of a son
१९पुत्रीप्राप्त्यर्थं हार्दिकानि अभिनन्दनानि।
पुत्री प्राप्ति की हार्दिक बधाईयाँ।
Greetings on having a girl.
२० पुत्र्या: जन्मन: हार्दिकानि अभिनन्दनानि।
पुत्री के जन्म की हार्दिक बधाईयाँ।
Greetings on birth of a girl
।। संस्कृत - हिन्दी शब्दकोश: ।।
एतदीयः - इसका,
तदीयः - उसका,
यदीयः - जिसका,
परकीयः (अन्यदीयः) - दूसरे का,
आत्मीयः (स्वकीयः, स्वीयः) - अपना।
महत् - महान्,
यावत् - जितना
तावत् - उतना,
कियत् - कितना,
एतावत् (इयत्) - इतना।
तत्र - वहाँ,
अत्र - यहाँ,
कुत्र - कहाँ,
यत्र - जहाँ,
कुत्रापि - कहीं भी,
अन्यत्र - दूसरे स्थान पर,
सर्वत्र - सब स्थानों पर,
उभयत्र - दोनों स्थानों पर,
अत्रैव - यहीं पर
तत्रैव - वहीं पर,
यत्र-कुत्रापि - जहाँ कहीं भी,
इतः - यहाँ से,
ततः - वहाँ से,
कुतः - कहाँ से,
कुतश्चित् - कहीं से,
यतः - जहाँ से,
इतस्ततः - इधर-उधर,
सर्वतः - सब ओर से,
उभयतः - दोनों ओर से,
उपरि - ऊपर,
अधः - नीचे,
अग्रे, (पुरः, पुरस्तात्) - आगे,
पश्चात् - पीछे,
बहिः - बाहर,
अन्तः - भीतर
उपरि-अधः - ऊपर-नीचे,
इदानीम् (सम्प्रति, अधुना) - अब / इस समय,
तदा / तदानीम् - तब / उस समय,
कदा - कब
यदा - जब,
सदा (सर्वदा) - हमेशा,
एकदा - एक समय
कदाचित् - कभी,
क्व - कब
क्वापि - कभी भी,
सद्यः - तत्काल (अतिशीघ्र)
पुनः - फिर
अद्य - आज
अद्यैव - आज ही,
अद्यापि - आज भी,
श्वः - आने वाला कल
ह्यः - बीता हुआ कल,
परश्वः - आने वाला परसों
परह्य: - बीता हुआ परसों
प्रपरश्वः - आने वाला नरसों
प्रपरह्य: - बीता हुआ नरसों,
शीघ्रम् - जल्दी,
शनैः शनैः - धीरे-धीरे,
पुनः पुनः - बार-बार,
युगपत् - एक ही समय में,
सकृत् - एक बार
असकृत् - अनेक बार,
अनन्तरम् - इसके बाद,
कियत् कालम् - कब तक,
एतावत् कालम् - अब तक,
तावत् कालम् - तब तक,
यावत् कालम् - जब तक,
अद्यावधि - आज तक,
कथम् - कैसे / किस प्रकार
इत्थम् - ऐसे / इस प्रकार,
यथा - जैसे,
तथा - वैसे / उस प्रकार,
सर्वथा - सब तरह से,
अन्यथा - नहीं तो / अन्य प्रकार से,
कथञ्चित्, कथमपि - किसी भी प्रकार से,
यथा यथा - जैसे-जैसे,
तथा-तथा - वैसे-वैसे,
यथा-कथञ्चित् - जिस किसी प्रकार से,
तथैव - उसी प्रकार,
बहुधा / प्रायः - अक्सर।
स्वयम् - खुद,
वस्तुतः - असल में,
कदाचित् (सम्भवतः) - शायद
, सम्यक् - अच्छी तरह,
सहसा (अकस्मात्) - अचानक,
वृथा - व्यर्थ,
समक्षम् (प्रत्यक्षम्) - सामने
, मन्दम् - धीरे,
च - और,
अपि - भी
, वा / अथवा - या
, किम् - क्या,
प्रत्युत (अपितु) - बल्कि,
यतः - चूँकि,
यत् - कि,
यदि - अगर,
तथापि - तो भी / फिर भ
।। संस्कृत - हिन्दी शब्दकोश: ।।
एतदीयः - इसका,
तदीयः - उसका,
यदीयः - जिसका,
परकीयः (अन्यदीयः) - दूसरे का,
आत्मीयः (स्वकीयः, स्वीयः) - अपना।
महत् - महान्,
यावत् - जितना
तावत् - उतना,
कियत् - कितना,
एतावत् (इयत्) - इतना।
तत्र - वहाँ,
अत्र - यहाँ,
कुत्र - कहाँ,
यत्र - जहाँ,
कुत्रापि - कहीं भी,
अन्यत्र - दूसरे स्थान पर,
सर्वत्र - सब स्थानों पर,
उभयत्र - दोनों स्थानों पर,
अत्रैव - यहीं पर
तत्रैव - वहीं पर,
यत्र-कुत्रापि - जहाँ कहीं भी,
इतः - यहाँ से,
ततः - वहाँ से,
कुतः - कहाँ से,
कुतश्चित् - कहीं से,
यतः - जहाँ से,
इतस्ततः - इधर-उधर,
सर्वतः - सब ओर से,
उभयतः - दोनों ओर से,
उपरि - ऊपर,
अधः - नीचे,
अग्रे, (पुरः, पुरस्तात्) - आगे,
पश्चात् - पीछे,
बहिः - बाहर,
अन्तः - भीतर
उपरि-अधः - ऊपर-नीचे,
इदानीम् (सम्प्रति, अधुना) - अब / इस समय,
तदा / तदानीम् - तब / उस समय,
कदा - कब
यदा - जब,
सदा (सर्वदा) - हमेशा,
एकदा - एक समय
कदाचित् - कभी,
क्व - कब
क्वापि - कभी भी,
सद्यः - तत्काल (अतिशीघ्र)
पुनः - फिर
अद्य - आज
अद्यैव - आज ही,
अद्यापि - आज भी,
श्वः - आने वाला कल
ह्यः - बीता हुआ कल,
परश्वः - आने वाला परसों
परह्य: - बीता हुआ परसों
प्रपरश्वः - आने वाला नरसों
प्रपरह्य: - बीता हुआ नरसों,
शीघ्रम् - जल्दी,
शनैः शनैः - धीरे-धीरे,
पुनः पुनः - बार-बार,
युगपत् - एक ही समय में,
सकृत् - एक बार
असकृत् - अनेक बार,
अनन्तरम् - इसके बाद,
कियत् कालम् - कब तक,
एतावत् कालम् - अब तक,
तावत् कालम् - तब तक,
यावत् कालम् - जब तक,
अद्यावधि - आज तक,
कथम् - कैसे / किस प्रकार
इत्थम् - ऐसे / इस प्रकार,
यथा - जैसे,
तथा - वैसे / उस प्रकार,
सर्वथा - सब तरह से,
अन्यथा - नहीं तो / अन्य प्रकार से,
कथञ्चित्, कथमपि - किसी भी प्रकार से,
यथा यथा - जैसे-जैसे,
तथा-तथा - वैसे-वैसे,
यथा-कथञ्चित् - जिस किसी प्रकार से,
तथैव - उसी प्रकार,
बहुधा / प्रायः - अक्सर।
स्वयम् - खुद,
वस्तुतः - असल में,
कदाचित् (सम्भवतः) - शायद
, सम्यक् - अच्छी तरह,
सहसा (अकस्मात्) - अचानक,
वृथा - व्यर्थ,
समक्षम् (प्रत्यक्षम्) - सामने
, मन्दम् - धीरे,
च - और,
अपि - भी
, वा / अथवा - या
, किम् - क्या,
प्रत्युत (अपितु) - बल्कि,
यतः - चूँकि,
यत् - कि,
यदि - अगर,
तथापि - तो भी / फिर भ
।। संस्कृत - हिन्दी शब्दकोश: ।।
एतदीयः - इसका,
तदीयः - उसका,
यदीयः - जिसका,
परकीयः (अन्यदीयः) - दूसरे का,
आत्मीयः (स्वकीयः, स्वीयः) - अपना।
महत् - महान्,
यावत् - जितना
तावत् - उतना,
कियत् - कितना,
एतावत् (इयत्) - इतना।
तत्र - वहाँ,
अत्र - यहाँ,
कुत्र - कहाँ,
यत्र - जहाँ,
कुत्रापि - कहीं भी,
अन्यत्र - दूसरे स्थान पर,
सर्वत्र - सब स्थानों पर,
उभयत्र - दोनों स्थानों पर,
अत्रैव - यहीं पर
तत्रैव - वहीं पर,
यत्र-कुत्रापि - जहाँ कहीं भी,
इतः - यहाँ से,
ततः - वहाँ से,
कुतः - कहाँ से,
कुतश्चित् - कहीं से,
यतः - जहाँ से,
इतस्ततः - इधर-उधर,
सर्वतः - सब ओर से,
उभयतः - दोनों ओर से,
उपरि - ऊपर,
अधः - नीचे,
अग्रे, (पुरः, पुरस्तात्) - आगे,
पश्चात् - पीछे,
बहिः - बाहर,
अन्तः - भीतर
उपरि-अधः - ऊपर-नीचे,
इदानीम् (सम्प्रति, अधुना) - अब / इस समय,
तदा / तदानीम् - तब / उस समय,
कदा - कब
यदा - जब,
सदा (सर्वदा) - हमेशा,
एकदा - एक समय
कदाचित् - कभी,
क्व - कब
क्वापि - कभी भी,
सद्यः - तत्काल (अतिशीघ्र)
पुनः - फिर
अद्य - आज
अद्यैव - आज ही,
अद्यापि - आज भी,
श्वः - आने वाला कल
ह्यः - बीता हुआ कल,
परश्वः - आने वाला परसों
परह्य: - बीता हुआ परसों
प्रपरश्वः - आने वाला नरसों
प्रपरह्य: - बीता हुआ नरसों,
शीघ्रम् - जल्दी,
शनैः शनैः - धीरे-धीरे,
पुनः पुनः - बार-बार,
युगपत् - एक ही समय में,
सकृत् - एक बार
असकृत् - अनेक बार,
अनन्तरम् - इसके बाद,
कियत् कालम् - कब तक,
एतावत् कालम् - अब तक,
तावत् कालम् - तब तक,
यावत् कालम् - जब तक,
अद्यावधि - आज तक,
कथम् - कैसे / किस प्रकार
इत्थम् - ऐसे / इस प्रकार,
यथा - जैसे,
तथा - वैसे / उस प्रकार,
सर्वथा - सब तरह से,
अन्यथा - नहीं तो / अन्य प्रकार से,
कथञ्चित्, कथमपि - किसी भी प्रकार से,
यथा यथा - जैसे-जैसे,
तथा-तथा - वैसे-वैसे,
यथा-कथञ्चित् - जिस किसी प्रकार से,
तथैव - उसी प्रकार,
बहुधा / प्रायः - अक्सर।
स्वयम् - खुद,
वस्तुतः - असल में,
कदाचित् (सम्भवतः) - शायद
, सम्यक् - अच्छी तरह,
सहसा (अकस्मात्) - अचानक,
वृथा - व्यर्थ,
समक्षम् (प्रत्यक्षम्) - सामने
, मन्दम् - धीरे,
च - और,
अपि - भी
, वा / अथवा - या
, किम् - क्या,
प्रत्युत (अपितु) - बल्कि,
यतः - चूँकि,
यत् - कि,
यदि - अगर,
तथापि - तो भी / फिर भ
🌹 *शुभसंध्या मित्राणि*🌹
🙏🏻 *नमोनमः*🙏🏻
🌹 *शिशुपालवध महाकाव्य जो बृहत्त्रयी में सम्मलित*🌹
*महाकवि माघ का स्थितिकाल:-* ६७५ ई. (लगभग) या भारवि के बाद का समय।
*जन्म स्थान:-* भीनमाल, जिला:-जालौर,राजस्थान।
*महाकवि माघ के पिता:-* श्री सुप्रभवदेव
*महाकवि माघ का जाति:-* श्रीमाली ब्राह्मण
*महाकवि माघ की उपाधि:-* घण्टामाघ
*महाकवि माघ का प्रिय छन्द:-* मालिनी।
*माघ के मृत्यु का कारण:-* पादशोथ रोग।
🌷 *शिशुपालवध महाकाव्य*🌷
*शिशुपालवध महाकाव्य के लेखक:-* महाकवि माघ।
*शिशुपालवध महाकाव्य में कुल सर्गः-*२० सर्ग
*शिशुपालवध महाकाव्य में कुल श्लोक:-* १६५०
*शिशुपालवध महाकाव्य का उपजीव्य:-*
१. महाभारत का सभापर्व
२. श्रीमद्भागवत् पुराण का दशम स्कन्ध ।
*शिशुपालवध महाकाव्य का प्रधान रस:-* वीर रस
*शिशुपालवध महाकाव्य का सहायक रस:-* श्रृंगार व हास्य।
*शिशुपालवध महाकाव्य का प्रमुख छन्द:-* वंशस्थ, अनुष्टुप, उपजाति और वसन्ततिलका।
*शिशुपालवध महाकाव्य का प्रमुख अलंकार:-* उपमा, उत्प्रेक्षा, अतिशयोक्ति,यमक, श्लेष ,रूपक।
*शिशुपालवध महाकाव्य का नायक:-* श्रीकृष्ण
*शिशुपालवध महाकाव्य का प्रतिनायक:-* चेदिनरेश शिशुपाल।
*शिशुपालवध महाकाव्य की मुख्य कथावस्तु:-* भगवान् कृष्ण द्वारा शिशुपाल का वध किए जाने का वर्णन।
*शिशुपाल की राजधानी:-* महिष्मती
*शिशुपाल का राज्य:-* चेदि
*द्वारिका का राजा:-* श्रीकृष्ण
*हिरण्यगर्भ और ब्रह्मा के मानस पुत्र:-* नारद जी
*शिशुपाल का मौसेरा भाई:-* श्रीकृष्ण
*शिशुपालबध के तेजस्वी ऋषि:-* नारद
*शिशुपाल का पूर्वजन्म:*-हिरण्यकश्यपु, रावण, शिशुपाल क्रमशः।
🌷 *मुख्य बातें*🌷
*शिशुपालवध महाकाव्य श्री शब्द से प्रारम्भ है और प्रत्येक सर्ग का अंत भी श्री शब्द से हीं हुआ है।*
*शिशुपालबध "काव्येषु माघ:" से भी प्रसिद्ध है।*
*शिशुपालवध महाकाव्य में राजसूय यज्ञ युधिष्ठिर करते हैं।*
*श्रीकृष्ण शिशुपाल को १००गलती माफ़ करने का वचन दे रखे थे।*
*शिशुपाल का वध श्रीकृष्ण, बलराम और उद्धव जी तीनों मिलकर किये थे।*
🌷 *माघ के लिए प्रचलित उक्ति:-*🌷
१.मेघे माघे गतं वयः।
२. माघे सन्ति त्रयोः गुणाः।
३.तवाद् भा भारवेर्भाति, यावन्माघस्य नोदयः।
४. नवसर्ग गते माघे नव शब्दों न विद्यते।
Tiffin-अल्पाहार:
Hotel - उपाहारशाला
Cantteen - उपाहारगृहम्
Tiffin center - उपाहारकेंद्रम्
Breakfast - प्रातराशः
Idly - शाल्यपूपः
Puri - पूरिका
Blackgram dosa - माषदोस
Moong dosa - मुद् गदोसा
Onion dosa - पलांडुदोसा
Masala dosa - सोपस्करदोसा
Wheet upama - गोधूमपिष्टिका
Vada - वटिका
Vada pav -वटिकरोटिका
Samosa - समाशः
Kachori - मुद् गपूर्णिका
Pani puri - जलपूरीका
Bread - मृदुरोटिका
Cake - स्निग्धपिष्टकम्
Biscuit - सुपिष्टकम्
Burger - शाकरोटिका
Pizza - पिष्टजा
Fruit jam - फलपाकः
Butter - नवनीतम्
Milk cream - मस्तु
Snacks - उपाहारः
Mirchi bajji - मरीचभर्जी
Brinjal bajji - वार्ताकभर्जी
Alu bajji - आलुकभर्जी
Chips - कासालुः
Pakodi - पक्ववटी
Palak pakodi - जीवन्तीपक्ववटी
Tamarind chutney - तिन्त्रिण्युपसेचनम्
Groundnut power - कलायचूर्णम्
Mirchi power - मरीचचूर्णम्
Ginger chutney - आर्द्रकोपसेचनम्
Sand witch - सम्पुटाशः
Alu chips with pounded rice - आलुपृथुकम्
Tea centre - चायकेन्द्रम्
Tea party - सपीतिः
Milk - क्षीरम्
Tea powder -चायचूर्णम्
Coffee powder - काफीचूर्णम्
Decoction - क्वाथः
Sugar - शर्करा
Tea - चायम्
Coffee - काफी
Grean tea - हरितचायम्
Cold coffee - शीतलकापी
Cool drink - शीतलपानीयम्
Straw - नालम्
Honey - मधु
Fruit juice - फलरसः
Brittel milk - पीयूषः
Chocolate - चाकलेहः
Chewing gum - चर्वणकम्
Jaggery water -गुडपानकम्
Sharbath - फलपानीयम्
Soda water - विक्षारजलम्
Vegetable soup -शाकतरला
Sprouts - अङ्कुराः
Moong sprouts - मुद्गाङ्कुराः
Groundnut sprouts - कलायांकुराः
Channa sprouts - चणकाङ्कुराः
Fluffed rice laddu - लाजमोदकम्
Pounded rice - पृथुकम्
Fluffed rice - लाजः
Fried chana - अभ्यूषः
Mango paste layer - आम्रमण्डकः
Shiraa - मोहनभोगः
Boondi laddu - लड्डुकम्
Ravva laddu -चुर्णलड्डुकम्
Besan laddu -कुट्टितलड्डुकम्
Motichur laddu - मुक्ताचूर्णलड्डूकम्
Poli(Holige) - पोलिकः
Atraasa - अतिरसः
Jilebi - अमृतशष्कुली
Mysorepak - मैसूरपिष्टकम्
Rasagulla - रसगोलकम्
Gulab jamun - पानकगोलकम्
Kova - गव्या
Kova cake - गव्यपिटकः
Agra halwa - आग्रारसवती
Kara boondi - क्षारबिन्दवः
Kara mixture - मिश्रितम्
Chakli - शष्कुली
Lunch - अहराशः
Dinner - नक्ताशः
Leaf plate - विस्तरी
सर्वेभ्यो नमो नमः ...
अतः -इसलिये
इतः-यहाँ से
अग्रतः -आगे से
ततः -वहाँ से
कुतः -कहाँ से
यतः -जहाँ.से
सर्वतः -सब और से
तथा -वैसे
तत् -पूर्वकथित
न; नो -नहीं
नमः -प्रणाम.
पश्चात् -पीछे
पृथक -अलग
. प्रायः- अकसर
वरम् -उत्तम
वा - अथवा
विना-बगैर
कथम्-कैसे
एकत्र-एक जगह
अत्र-यहाँ
तत्र-वहाँ
कुत्र-कहाँ
सर्वत्र-सब जगह
यत्र -यहाँ
द्वेधा-दो प्रकार से ;दो भागों मे
त्रेधा-तीन भागो मे
तावत् -तब तक
यावत् -जब तक
अनेकशः-अनेक बार
गत्वा-जाकर
पठित्वा-पढ़कर
हसित्वा-हँसकर
यथा -जैसे
इत्थम-इस प्रकार
पंचकृत्वः-पाँच बार ..
संस्कृत में शरीर के अंगों के नाम (Parts of Body in Sanskrit)
सिर (Head) – शिरः/शीर्षम्
माथा (Forehead) – ललाटम् /मस्तकम्
दिमाग (Brain) – मस्तिष्कः
बुद्धि (Wisdom) – प्रज्ञाः
खोपड़ी (Skull) – कपालः
चेहरा (Face) – मुखः
आँख (Eye) – नेत्रम् /लोचनम् /नयनम् /चक्षुः
पलक (Eyelid) – पक्ष्मः
पुतली (Pupil) – कनीनिका
भौंह (Eyebrow) – भ्रूः
गरदन (Neck) – ग्रीवाः
जीभ (Tongue) – जिह्वाः /रसना
मूँछ (Moustaches) – श्मश्रुः
गला (Throat) – कण्ठः
होंठ (Lips) – अधरम्
ऊपरी होठ (Upper Lip) – ओष्ठः
निचला होठ (Lower Lip) – अधरम्
दाँत (Teeth) – दन्तः
बाल (Hair) – केशः/शिरोरूहः
सफेद बाल (White Hair) – पलितकेशः
गाल (Cheek) – कपोलः
नाक (Nose) – नासिकाः, घ्राणेन्द्रिय
कान (Ear) – कर्णः/श्रोतम्
जिगर (Liver) – यकृतः
कंधा (Shoulder) – स्कन्धः
भुजा (Arm) – बाहुः, भुजः
हाथ (Hand) – करः/हस्तः/पाणिः
कोहनी( Elbow) – कूर्परः
हाथ का अँगूठा (Thumb) – अंगुष्ठः
अंगुली (Finger) – अंगुलिः
दाँत (Teeth) – रदनः
ठुड्डी (Chin) – चिबुकम्
हृदय/दिल (Heart) – हृदयम्
मन (Mind) – चित्तम्/मनः
छाती (Chest) – उरः/वक्षःस्थलम्
स्तन (Breast) – स्तनः
नाखून (Nail) – नखः
दाढ़ी (Beard) – कूर्चम्
कलाई (Wrist) – मणिबन्धः
हथेली (Palm) – करतलम्
पेट (Stomach/Belly) – उदरम्
फेफड़ा (Lung) – फुफ्फुसः
कमर (Waist) – कटिः
रीढ़ की हड्डी (Spine) – मेरूदण्डः
पीठ (Back) – पृष्ठम्
खून/रक्त (Blood) – रक्तम्/रूधिरम्
त्वचा (Skin) – चर्मः/त्वक्
पैर (Leg/Foot) – चरणः, पाद:
घुटना (Knee) – जानुः
टखना (Ankle) – गुल्फः
एडी (Heel) – पार्ष्णिः
तलवा (Sole) – पदतलम्
हड्डी (Bone) – अस्थिः
आँसू (Tears) – अश्रु
जाँघ (Thigh) – जंघा
सादर प्रणाम 🙏🏻
ध्यान दीजिए,
✔प्रत्येक संस्कृत के पाठक तक शेयर कर पहुंचाइए। ।
🚩संस्कृत के महान् पण्डित डॉक्टर कपिल देव द्विवेदी जी द्वारा संस्कृत सीखने के लिए लिखित सर्वजगत् प्रसिद्ध निम्न तीन पुस्तकों को ऑनलाइन निःशुल्क पढ़िए।
1—प्रारम्भिकरचनानुवादकौमुदी
2—रचनानुवादकौमुदी
3—प्रौढरचनानुवादकौमुदी
प्रारम्भिकरचनानुवादकौमुदी ( for beginners ): https://www.youtube.com/playlist?list=PLXYdCipgusUZDrrkrpjAFXhvrez_yPdq0
प्रारम्भिकरचनानुवादकौमुदी—उत्तरपत्रिका: https://www.youtube.com/playlist?list=PLXYdCipgusUYyeYJe-TvTw8CFBZWK3-9w
रचनानुवादकौमुदी—2: https://www.youtube.com/playlist?list=PLXYdCipgusUbc4IR7z7dZzg_iMXkZuo5D
रचनानुवादकौमुदी-उत्तरपत्रिका सीरीज: https://www.youtube.com/playlist?list=PLXYdCipgusUZ4uBK9mYK9DQNdrDB5aQAV
प्रौढरचनानुवादकौमुदी: https://www.youtube.com/playlist?list=PLXYdCipgusUaTfB8itzRNp82-2XXNMdG8
सम्पूर्ण रचनानुवादकौमुदी पढ़िए
https://t.co/AcamslN30g
रचनानुवादकौमुदी—2: https://www.youtube.com/playlist?list=PLXYdCipgusUbc4IR7z7dZzg_iMXkZuo5D
रचनानुवादकौमुदी-उत्तरपत्रिका सीरीज: https://www.youtube.com/playlist?list=PLXYdCipgusUZ4uBK9mYK9DQNdrDB5aQAV
