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Obunachilar
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चलो जाओ अब जी लेंगे
पर सच बताओ मजबूरी है क्या ,..?
मुझे यह कहानी थोड़ी और लिखनी थी. तुम्हारे हिसाब से पूरी है क्या!!
इजहार_ए_इश्क़ इन आँखों के
बखूबी समझते हैं हम....!!
इल्जाम ना लगे आप पे कहीं
इसीलिए खामोश रहते हैं हम...!!!!
दिल का दर्द छुपाना कितना मुश्किल है🏵
ग़म में मुस्कुराना कितना मुश्किल है....!!
दूर तक जब चलो किसी के साथ,💕
फिर तन्हा लौट के आना कितना मुश्किल है....!!
Taras jaoge tm mahfile wafa ke liye
Kisi se itna pyar na karo khuda ke liye
Jb lagegi ishq ki adalat
Tumhi chune jaoge saza ke liye
तुमने कहा था हर शाम तुम्हारा हाल पूछेंगे,
तुम बदल गए हो या तुम्हारे शहर में अब शाम नहीं होती !
दोनों ये शर्त मान के फिर तन्हा ही रह गए।
ना तुम किसी के होगे ना हम किसी के होंगें।😔.... A!!M..
