uz
Feedback
Geography (भूगोल)

Geography (भूगोल)

Kanalga Telegram’da o‘tish

🔹 विश्व और भारत का भूगोल 🌎 🔹 महाद्वीप, देश, राज्य और शहरों की विशेषताएँ 🗺️ 🔹 भौगोलिक घटनाएँ – जलवायु, पर्वत, नदियाँ, महासागर 🌊🏔️ अपडेट पाने के लिए चैनल से जुड़े रहें और ज्ञान बढ़ाएँ!

Ko'proq ko'rsatish
3 164
Obunachilar
+224 soatlar
+167 kunlar
+3530 kunlar
Postlar arxiv
यूनेस्को हेरिटेज लिस्ट में भारत के स्थल
यूनेस्को हेरिटेज लिस्ट में भारत के स्थल

UPPCS PYQs Series
परियोजना नदी नांगल बांध सतलज सरदार सरोवर परियोजना नर्मदा नागार्जुन सागर कृष्णा हीराकुड बांध महानदी

UPPCS PYQs Series
पश्चिमी तट के प्रमुख बंदरगाह नौरा तोण्डी मुशिरी नेल्सिंडा

पूर्वी हिमालय में संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि ग्लॉ लेक (Glaw Lake) को अरुणाचल प्रदेश का पहला रामसर स्थल (भारत का
पूर्वी हिमालय में संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि ग्लॉ लेक (Glaw Lake) को अरुणाचल प्रदेश का पहला रामसर स्थल (भारत का 101वाँ) घोषित किया गया है। यह मान्यता इसकी असाधारण पारिस्थितिक महत्ता को दर्शाती है और आर्द्रभूमियों, जैव विविधता तथा जल सुरक्षा के संरक्षण के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करती है। कामलांग टाइगर रिज़र्व एवं वन्यजीव अभयारण्य के भीतर स्थित यह स्वच्छ मीठे पानी की झील समृद्ध वनस्पतियों और जीव-जंतुओं का प्राकृतिक आवास है। यह संरक्षण, जलवायु अनुकूलन (Climate Resilience) और सतत आजीविका (Sustainable Livelihoods) की दृष्टि से एक अत्यंत महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र है।

एक प्रश्न यहां से देखने के लिए हर एग्जाम में मिलता है....👍

🔳 भारत के नए टाइगर रिजर्व
◾️51वाँ - श्रीवल्लीपुत्तुर मेघमलाई (तमिलनाडु ) ◾️52वाँ - रामगढ़ विषधारी (राजस्थान) ◾️53वाँ - रानीपुर टाइगर रिजर्व (यूपी) ◾️54वाँ -वीरांगना दुर्गावती (MP) ◾️ 55वाँ- धौलपुर - करौली (राजस्थान) ◾️ 56वाँ गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व ( छत्तीसगढ़ ) ◾️ 57वाँ रातापानी वन्य जीव अभ्यारण्य ( मध्य प्रदेश) ◾️58वाँ माधव राष्ट्रीय उद्यान (मध्य प्रदेश)
🔸अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस
▫️29 July ▫️इसकी शुरुआत 2010 में रूस में सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित बाघ शिखर सम्मेलन में की गई थी। ▫️IUCN रेड लिस्ट: लुप्तप्राय ▫️CITES: परिशिष्ट-I ▫️WPA 1972: अनुसूची-I
बाघों के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे उपाय:-
▫️प्रोजेक्ट टाइगर -1973 ▫️ग्लोबल टाइगर रिकवरी प्रोग्राम :-2010 ▫️ग्लोबल टाइगर फोरम- 1994 ▫️इंटरनेशनल बिग कैट एलायंस-2023 👉नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिज़र्व (आंध्र प्रदेश) भारत का सबसे बड़ा बाघ रिज़र्व है। 👉कॉर्बेट (उत्तराखंड) में भारत का सबसे अधिक बाघ घनत्व पाई जाती है। 👉क्वीन मदर ऑफ टाइगर्स- T16 बाघ को कहते हैं। 👉कैलााश संखला, को ‘टाइगर मैन ऑफ इंडिया’ के नाम से जाना जाता है।
✅  भारत की प्रमुख वन्यजीव संरक्षण योजनाएँ
1. कस्तूरी मृग परियोजना – 1970 2. हंगुल प्रोजेक्ट – 1970 3. गिर सिंह परियोजना – 1972 4. बाघ परियोजना (Project Tiger) – 1973 5. कछुआ संरक्षण परियोजना – 1975 6. घड़ियाल प्रजनन परियोजना – 1975 7. मणिपुर थामिन परियोजना – 1977 8. गैंडा परियोजना – 1987 9. हाथी परियोजना (Project Elephant) – 1992 10. लाल पांडा परियोजना – 1996 11. गिद्ध संरक्षण प्रोजेक्ट – 2006 12. हिम तेंदुआ परियोजना – 2009 Join 🔜@PCS_Samrat

विश्व धरोहर सूची उत्तर प्रदेश के वाराणसी के निकट स्थित प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ को यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में
विश्व धरोहर सूची उत्तर प्रदेश के वाराणसी के निकट स्थित प्राचीन बौद्ध स्थल सारनाथ को यूनेस्को (UNESCO) की विश्व धरोहर सूची में शामिल कर लिया गया है। दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में आयोजित यूनेस्को की विश्व धरोहर समिति के 48वें सत्र में यह ऐतिहासिक घोषणा की गई। ज्ञान प्राप्ति के बाद भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश (धम्मचक्कपवत्तन सुत्त) इसी स्थान पर अपने प्रथम पांच शिष्यों को दिया था।

✅ विश्व के प्रमुख मरुस्थल एवं उनके स्थान: 🔸 सहारा मरुस्थल – अफ्रीका 🔸 अरब मरुस्थल – सऊदी अरब 🔸 थार मरुस्थल – भारत एवं पाकि
विश्व के प्रमुख मरुस्थल एवं उनके स्थान: 🔸 सहारा मरुस्थल – अफ्रीका 🔸 अरब मरुस्थल – सऊदी अरब 🔸 थार मरुस्थल – भारत एवं पाकिस्तान 🔸 गोबी मरुस्थल – मंगोलिया एवं चीन 🔸 कालाहारी मरुस्थल – दक्षिणी अफ्रीका 🔸 अटाकामा मरुस्थल – चिली 🔸 पटागोनियन मरुस्थल – अर्जेंटीना 🔸 सोनोरन मरुस्थल – अमेरिका एवं मेक्सिको 🔸 मोजावे मरुस्थल – अमेरिका 🔸 अंटार्कटिका – विश्व का सबसे बड़ा ध्रुवीय (शीत) मरुस्थल ❄️ 📌 महत्वपूर्ण तथ्य: 🌍 विश्व का सबसे बड़ा मरुस्थल – अंटार्कटिका 🏜️ विश्व का सबसे बड़ा गर्म मरुस्थल – सहारा 🇮🇳 भारत का प्रमुख मरुस्थल – थार मरुस्थल

#QuickRevisionSeries 🔳भारत के प्रमुख दर्रे
▪️चांगला दर्रा–लद्दाख ▪️खारदुंग दर्रा–लद्दाख ▪️लिपुलेख दर्रा–उत्तराखण्ड ▪️माना दर्रा–उत्तराखण्ड ▪️नीति दर्रा–उत्तराखण्ड ▪️नाथूला दर्रा–सिक्किम ▪️जैलेप्ला दर्रा–सिक्किम ▪️तुजु दर्रा–मणिपुर ▪️बोम्डिला दर्रा–अरुणाचल प्रदेश ▪️यांग्याप दर्रा–अरुणाचल प्रदेश ▪️दिफू दर्रा–अरुणाचल प्रदेश ▪️चंकन दर्रा–अरुणाचल प्रदेश

भारत के 4 हॉटस्पॉट क्षेत्र
भारत के 4 हॉटस्पॉट क्षेत्र

भारत के महत्वपूर्ण चैनल/जलडमरूमध्य/रेखा/दर्रा Join 🔜@PCS_Samrat
भारत के महत्वपूर्ण चैनल/जलडमरूमध्य/रेखा/दर्रा
Join 🔜@PCS_Samrat

निम्नलिखित में से कौन सा/सही ढंग से मिलान किया गया है? 1. मनामा-बहरीन 2. अबूजा-नाइजीरिया 3. मिंस्क-बेलारूस
Anonymous voting

लोग मृत सागर (Dead Sea) में क्यों नहीं डूबते?
Anonymous voting

निम्नलिखित में से कौन-कौन से स्थान गुजरात राज्य में स्थित है? 1. हड़प्पा 2. लोथल 3. रंगपुर  4. बनवाली 5. भागत्राव 6. रोपड।
Anonymous voting

Countries bordering Syria Trick: TIJIL T - Turkey I - Iraq J -Jordan I - Israel L - Lebanon #pre
Countries bordering Syria Trick: TIJIL T - Turkey I - Iraq J -Jordan I - Israel L - Lebanon #pre

० संरक्षित क्षेत्र (Protected Areas) :- • संरक्षित क्षेत्रों (Protected Areas) का मुख्य उद्देश्य जैव विविधता, वन्यजीवों एवं उनके प्राकृतिक आवास का संरक्षण करना है। • भारत में संरक्षित क्षेत्रों की व्यवस्था वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अंतर्गत की गई है। • भारत के प्रमुख संरक्षित क्षेत्र हैं – राष्ट्रीय उद्यान (National Park), वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuary), जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserve), संरक्षण रिज़र्व (Conservation Reserve) एवं सामुदायिक रिज़र्व (Community Reserve)। • राष्ट्रीय उद्यान (National Park) में संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) का संरक्षण किया जाता है। • राष्ट्रीय उद्यान की घोषणा राज्य सरकार द्वारा की जाती है। • राष्ट्रीय उद्यान में शिकार, चराई, लकड़ी कटाई एवं अन्य मानवीय गतिविधियाँ सामान्यतः प्रतिबंधित होती हैं। • राष्ट्रीय उद्यान में स्थानीय लोगों के अधिकार सामान्यतः समाप्त कर दिए जाते हैं। • राष्ट्रीय उद्यान की सीमाओं में परिवर्तन राज्य विधानमंडल की स्वीकृति से ही किया जा सकता है। • भारत का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान – जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान (1936) (पूर्व नाम – हैली राष्ट्रीय उद्यान) है। • भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान – हेमिस राष्ट्रीय उद्यान (लद्दाख) है। • उत्तर प्रदेश का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान – दुधवा राष्ट्रीय उद्यान है। • वन्यजीव अभयारण्य (Wildlife Sanctuary) का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों एवं उनके आवास का संरक्षण करना है। • वन्यजीव अभयारण्य की घोषणा राज्य सरकार द्वारा की जाती है। • वन्यजीव अभयारण्य में सीमित मानवीय गतिविधियाँ एवं चराई की अनुमति दी जा सकती है। • वन्यजीव अभयारण्य में स्थानीय लोगों के कुछ पारंपरिक अधिकार बने रह सकते हैं। • राष्ट्रीय उद्यान की तुलना में वन्यजीव अभयारण्य में संरक्षण के नियम कम कठोर होते हैं। • जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र (Biosphere Reserve) का उद्देश्य जैव विविधता का संरक्षण, अनुसंधान एवं सतत विकास है। • जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र की अवधारणा यूनेस्को के "मनुष्य एवं जैवमंडल (MAB) कार्यक्रम" पर आधारित है। • जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र में कोर (Core), बफ़र (Buffer) एवं संक्रमण (Transition) क्षेत्र होते हैं। • कोर क्षेत्र में मानव गतिविधियाँ पूर्णतः निषिद्ध होती हैं। • बफ़र क्षेत्र में अनुसंधान, शिक्षा एवं सीमित गतिविधियों की अनुमति होती है। • संक्रमण क्षेत्र में स्थानीय समुदायों द्वारा सतत विकास संबंधी गतिविधियाँ की जाती हैं। • भारत का प्रथम जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र – नीलगिरि (1986) है। • भारत का प्रथम यूनेस्को विश्व जैवमंडल नेटवर्क में शामिल जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र – नीलगिरि है। • एक जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र में राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य एवं वन क्षेत्र सम्मिलित हो सकते हैं। • जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र का गठन वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के अंतर्गत नहीं किया जाता। • संरक्षण रिज़र्व (Conservation Reserve) की स्थापना सरकारी भूमि पर वन्यजीव गलियारों (Wildlife Corridors) एवं संरक्षित क्षेत्रों के बीच संपर्क बनाए रखने हेतु की जाती है। • सामुदायिक रिज़र्व (Community Reserve) की स्थापना स्थानीय समुदायों की सहभागिता से निजी अथवा सामुदायिक भूमि पर की जाती है। ० क्विक रिवीजन :- • भारत का प्रथम राष्ट्रीय उद्यान → जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान (1936) • उत्तर प्रदेश का एकमात्र राष्ट्रीय उद्यान → दुधवा राष्ट्रीय उद्यान • भारत का सबसे बड़ा राष्ट्रीय उद्यान → हेमिस राष्ट्रीय उद्यान (लद्दाख) • भारत का प्रथम जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र → नीलगिरि (1986) • प्रथम यूनेस्को जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र → नीलगिरि • राष्ट्रीय उद्यान → सबसे कठोर संरक्षण • वन्यजीव अभयारण्य → सीमित मानवीय गतिविधियाँ संभव • जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र → संरक्षण + अनुसंधान + सतत विकास • कोर क्षेत्र → मानव गतिविधियाँ पूर्णतः निषिद्ध • बफ़र क्षेत्र → अनुसंधान एवं शिक्षा • संक्रमण क्षेत्र → सतत विकास एवं स्थानीय समुदाय की सहभागिता • सामुदायिक रिज़र्व → निजी/सामुदायिक भूमि पर #Prelims #PCS2026 #PYQFacts #PrelimsModeActivated_ThePCSHub

० जैव विविधता (Biodiversity:- • जैव विविधता से तात्पर्य पृथ्वी पर पाए जाने वाले सभी जीवों, उनकी प्रजातियों, आनुवंशिक विविधता तथा पारितंत्रों की विविधता से है। • 'जैव विविधता' शब्द का प्रथम प्रयोग Walter G. Rosen ने 1986 में किया था। • जैव विविधता को लोकप्रिय बनाने का श्रेय Edward O. Wilson को दिया जाता है। • जैव विविधता के तीन स्तर हैं— • आनुवंशिक विविधता • प्रजातीय विविधता • पारितंत्रीय विविधता • भारत विश्व के 17 मेगा जैव-विविधता वाले देशों में शामिल है। • भारत में विश्व की लगभग 8% ज्ञात जैव विविधता पाई जाती है। • भारत के चार जैव विविधता हॉटस्पॉट हैं— • हिमालय • इंडो-बर्मा • पश्चिमी घाट एवं श्रीलंका • सुंडालैंड (निकोबार द्वीप समूह) • जैव विविधता हॉटस्पॉट की अवधारणा Norman Myers ने 1988 में दी थी। • हॉटस्पॉट बनने की दो प्रमुख शर्तें हैं— • कम-से-कम 1500 स्थानिक (Endemic) पादप प्रजातियाँ हों। • मूल प्राकृतिक वनस्पति का 70% से अधिक नष्ट हो चुका हो। • स्थानिक (Endemic) प्रजातियाँ केवल एक निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में ही पाई जाती हैं। • विदेशी (Exotic) प्रजातियाँ अन्य क्षेत्रों से लाई गई प्रजातियाँ होती हैं। • आक्रामक विदेशी प्रजातियाँ स्थानीय जैव विविधता के लिए खतरा उत्पन्न करती हैं। • की-स्टोन (Keystone) प्रजाति के विलुप्त होने से पूरा पारितंत्र प्रभावित हो सकता है। • फ्लैगशिप (Flagship) प्रजाति संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए प्रतीक के रूप में उपयोग की जाती है। उदाहरण: बाघ। • अम्ब्रेला (Umbrella) प्रजाति के संरक्षण से अनेक अन्य प्रजातियों का भी संरक्षण हो जाता है। • रेड डाटा बुक संकटग्रस्त प्रजातियों की जानकारी प्रदान करती है। • International Union for Conservation of Nature (IUCN) प्रजातियों की संरक्षण स्थिति निर्धारित करता है। • IUCN की प्रमुख श्रेणियाँ हैं— • विलुप्त (EX) • वन्य अवस्था में विलुप्त (EW) • अति संकटग्रस्त (CR) • संकटग्रस्त (EN) • असुरक्षित (VU) • संकट के निकट (NT) • कम चिंता (LC) • जैव विविधता संरक्षण दो प्रकार का होता है— • यथास्थल (In-situ) संरक्षण – राष्ट्रीय उद्यान, वन्यजीव अभयारण्य, बायोस्फीयर रिज़र्व। • बहिःस्थल (Ex-situ) संरक्षण – चिड़ियाघर, वनस्पति उद्यान, बीज बैंक, जीन बैंक। • जैव विविधता पर अभिसमय (CBD) को 1992 के United Nations Conference on Environment and Development (रियो पृथ्वी सम्मेलन) में अपनाया गया। • CBD के तीन प्रमुख उद्देश्य हैं— • जैव विविधता का संरक्षण। • जैव संसाधनों का सतत उपयोग। • आनुवंशिक संसाधनों से प्राप्त लाभों का न्यायसंगत एवं समान वितरण। ० महत्त्वपूर्ण तथ्य:- • विश्व पर्यावरण दिवस – 5 जून • अंतर्राष्ट्रीय जैव विविधता दिवस – 22 मई • भारत का पहला राष्ट्रीय उद्यान – Jim Corbett National Park (1936) • भारत का पहला बायोस्फीयर रिज़र्व – Nilgiri Biosphere Reserve (1986) • भारत में सर्वाधिक राष्ट्रीय उद्यान – Madhya Pradesh • भारत में सर्वाधिक वन क्षेत्र – Madhya Pradesh • भारत में सर्वाधिक वन प्रतिशत – Mizoram • सुन्दरवन विश्व का सबसे बड़ा मैंग्रोव वन है। • रेड डाटा बुक संकटग्रस्त प्रजातियों की सूची प्रकाशित करती है। • IUCN का मुख्यालय Gland में स्थित है। #PYQFacts #Prelims #PCS2026 #PrelimsModeActivated_ThePCsHub@ThePCSHub1

० पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी की मूल अवधारणाएँ:- पर्यावरण (Environment) – जीवों तथा उन्हें चारों ओर से घेरने वाले जैविक (Biotic) एवं अजैविक (Abiotic) घटकों का समग्र समूह है। • पारिस्थितिकी (Ecology) – जीवों एवं उनके पर्यावरण के बीच पारस्परिक संबंधों का अध्ययन है। • 'पारिस्थितिकी (Ecology)' शब्द का प्रतिपादन 1866 में Ernst Haeckel ने किया था। • 'पारितंत्र (Ecosystem)' शब्द 1935 में Arthur Tansley ने दिया था। • पारितंत्र (Ecosystem) जैविक एवं अजैविक घटकों तथा उनके बीच होने वाली पारस्परिक क्रियाओं से मिलकर बना एक क्रियाशील तंत्र है। • पारितंत्र के जैविक घटक – उत्पादक, उपभोक्ता एवं अपघटक। • पारितंत्र के अजैविक घटक – जल, वायु, मिट्टी, प्रकाश, तापमान, आर्द्रता एवं खनिज। • आवास (Habitat) किसी जीव का प्राकृतिक निवास स्थान होता है। • निश (Niche) पारितंत्र में किसी जीव की भूमिका, कार्य एवं स्थान को कहते हैं। • इकोटोन (Ecotone) दो पारितंत्रों के बीच का संक्रमण क्षेत्र होता है। • एज प्रभाव (Edge Effect) इकोटोन में पाया जाता है, जिसके कारण यहाँ जैव विविधता अधिक होती है। • बायोम (Biome) समान जलवायु एवं समान वनस्पति वाला विशाल पारिस्थितिक क्षेत्र होता है। • जीवमंडल (Biosphere) पृथ्वी का वह भाग है जहाँ जीवन संभव है। • जीवमंडल का निर्माण स्थलमंडल, जलमंडल एवं वायुमंडल के परस्पर संपर्क से होता है। • उत्पादक (Producers) स्वपोषी जीव होते हैं जो प्रकाश संश्लेषण द्वारा अपना भोजन स्वयं बनाते हैं। उदाहरण: हरे पौधे एवं शैवाल। • उपभोक्ता (Consumers) वे जीव हैं जो भोजन के लिए अन्य जीवों पर निर्भर रहते हैं। • अपघटक (Decomposers) मृत पौधों एवं जीवों को सरल पदार्थों में परिवर्तित करते हैं। उदाहरण: जीवाणु एवं कवक। • डिट्रिटिवोर (Detritivores) मृत जैव पदार्थों को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ते हैं। उदाहरण: केंचुआ। • खाद्य श्रृंखला (Food Chain) ऊर्जा प्रवाह का सरल एवं रैखिक मार्ग है। • खाद्य जाल (Food Web) अनेक खाद्य श्रृंखलाओं का परस्पर जुड़ा हुआ जाल है। खाद्य जाल, खाद्य श्रृंखला की अपेक्षा अधिक स्थिर होता है। • ऊर्जा का अंतिम एवं प्रमुख स्रोत सूर्य है। • ऊर्जा प्रवाह सदैव एकदिशीय (Unidirectional) होता है। • 10% नियम के अनुसार एक ट्रॉफिक स्तर से अगले ट्रॉफिक स्तर तक औसतन केवल 10% ऊर्जा ही स्थानांतरित होती है। • 10% नियम का प्रतिपादन Raymond Lindeman ने किया था। • पारिस्थितिक पिरामिड (Ecological Pyramid) तीन प्रकार के होते हैं। संख्या पिरामिड, जैवभार पिरामिड एवं ऊर्जा पिरामिड। • ऊर्जा पिरामिड सदैव सीधा (Upright) होता है। ऊर्जा पिरामिड कभी भी उल्टा नहीं होता। • जलीय पारितंत्र में जैवभार पिरामिड उल्टा हो सकता है। #PCS2026 #PYQFacts #Prelims #PrelimsModeActivated_ThePCsHub@ThePCSHub1

० जलवायु परिवर्तन (Climate Change) :- • जलवायु परिवर्तन से आशय पृथ्वी की जलवायु में होने वाले दीर्घकालिक परिवर्तनों से है। • वर्तमान जलवायु परिवर्तन का प्रमुख कारण ग्रीनहाउस गैसों की बढ़ती सांद्रता है। • प्रमुख ग्रीनहाउस गैसें कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂), मीथेन (CH₄), नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O), जलवाष्प, ओज़ोन एवं CFCs हैं। • ग्रीनहाउस प्रभाव एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जो पृथ्वी का औसत तापमान जीवन के अनुकूल बनाए रखती है। • ग्रीनहाउस गैसों की अत्यधिक वृद्धि से वैश्विक तापवृद्धि (Global Warming) होती है। • वैश्विक तापवृद्धि से हिमनदों का पिघलना, समुद्र-स्तर में वृद्धि, सूखा, बाढ़ एवं चरम मौसमी घटनाएँ बढ़ती हैं। • कार्बन पदचिह्न (Carbon Footprint) किसी व्यक्ति, उद्योग, संस्था या देश द्वारा उत्सर्जित कुल ग्रीनहाउस गैसों की मात्रा को कहते हैं। • कार्बन सिंक (Carbon Sink) वायुमंडल से CO₂ को अवशोषित करते हैं, जैसे– वन, महासागर एवं आर्द्रभूमियाँ। • वनों की कटाई से कार्बन सिंक घटते हैं और जलवायु परिवर्तन की गति बढ़ती है। • कार्बन क्रेडिट (Carbon Credit) 1 टन CO₂ अथवा उसके समतुल्य ग्रीनहाउस गैस के उत्सर्जन में कमी का प्रमाणपत्र होता है। • कार्बन ट्रेडिंग का उद्देश्य उद्योगों को उत्सर्जन कम करने के लिए प्रोत्साहित करना है। • नेट ज़ीरो (Net Zero) का अर्थ है जितना उत्सर्जन हो, उतनी ही मात्रा को अवशोषित या कम करके शुद्ध उत्सर्जन शून्य करना। • नेट ज़ीरो का अर्थ शून्य उत्सर्जन नहीं, बल्कि शुद्ध उत्सर्जन शून्य होता है। • भारत ने वर्ष 2070 तक नेट ज़ीरो प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। • भारत ने वर्ष 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य निर्धारित किया है। • पेरिस समझौता (2015) का उद्देश्य वैश्विक तापमान वृद्धि को 2°C से कम तथा 1.5°C तक सीमित रखने का प्रयास करना है। • UNFCCC जलवायु परिवर्तन से संबंधित प्रमुख अंतरराष्ट्रीय अभिसमय है। ० क्विक रिवीजन :- • जलवायु परिवर्तन का प्रमुख कारण → ग्रीनहाउस गैसों में वृद्धि • सबसे अधिक उत्सर्जित ग्रीनहाउस गैस → कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂) • सबसे प्रभावी प्राकृतिक ग्रीनहाउस गैस → जलवाष्प • कार्बन सिंक → वन, महासागर एवं आर्द्रभूमियाँ • कार्बन क्रेडिट → 1 टन CO₂ समतुल्य उत्सर्जन में कमी • नेट ज़ीरो → शुद्ध उत्सर्जन = शून्य • भारत का नेट ज़ीरो लक्ष्य → 2070 • पेरिस समझौता → 2015 • UNFCCC → 1992 #Prelims #PCS2026 #PYQFacts #PrelimsModeActivated_ThePCSHub

० ओजोन परत (Ozone Layer) :- • ओजोन परत समतापमंडल (Stratosphere) में स्थित ओजोन (O₃) गैस की एक परत है। • ओजोन परत पृथ्वी को सूर्य की हानिकारक पराबैंगनी (UV) किरणों से सुरक्षा प्रदान करती है। • ओजोन परत मुख्यतः 15 से 35 किमी की ऊँचाई पर पाई जाती है। • ओजोन का रासायनिक सूत्र O₃ है। • ओजोन का निर्माण सूर्य की पराबैंगनी किरणों की उपस्थिति में ऑक्सीजन (O₂) से होता है। • समतापमंडल की ओजोन लाभदायक, जबकि क्षोभमंडल (Troposphere) की ओजोन हानिकारक प्रदूषक मानी जाती है। • ओजोन क्षय (Ozone Depletion) से आशय ओजोन परत की मोटाई में कमी से है। • ओजोन क्षय का प्रमुख कारण क्लोरोफ्लोरोकार्बन (CFCs), हैलॉन, कार्बन टेट्राक्लोराइड एवं मिथाइल क्लोरोफॉर्म जैसी गैसें हैं। • CFCs का उपयोग रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर, एयरोसोल स्प्रे एवं फोम उद्योग में किया जाता था। • ओजोन परत के क्षय से त्वचा कैंसर, मोतियाबिंद, प्रतिरक्षा तंत्र की कमजोरी तथा फसलों एवं समुद्री जीवों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। • अंटार्कटिका के ऊपर ओजोन छिद्र (Ozone Hole) सबसे अधिक विकसित होता है। • ओजोन परत के संरक्षण हेतु मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) अपनाया गया। • मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का उद्देश्य ओजोन-क्षयकारी पदार्थों (ODS) के उत्पादन एवं उपयोग को समाप्त करना है। • 16 सितंबर को प्रत्येक वर्ष विश्व ओजोन दिवस (World Ozone Day) मनाया जाता है। • भारत मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल का हस्ताक्षरकर्ता देश है। • ओजोन परत का संरक्षण जलवायु एवं जैव विविधता की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। ० क्विक रिवीजन :- • ओजोन का सूत्र → O₃ • ओजोन परत का स्थान → समतापमंडल (15–35 किमी) • सबसे अधिक ओजोन छिद्र → अंटार्कटिका • ओजोन क्षय का प्रमुख कारण → CFCs • ओजोन संरक्षण संधि → मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल (1987) • विश्व ओजोन दिवस → 16 सितंबर • समतापमंडल की ओजोन → लाभदायक • क्षोभमंडल की ओजोन → हानिकारक प्रदूषक #Prelims #PCS2026 #PYQFacts #PrelimsModeActivated_ThePCSHub @ThePCSHub1