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भारत में हाल ही में नए रामसर स्थलों (Ramsar Sites) को शामिल किया गया है, जिससे देश में कुल रामसर स्थलों की संख्या 103 हो गई है।
नवीनतम रामसर स्थल (अक्टूबर 2026 तक के अनुसार):• सौज झील (Sauj Wetland): मैनपुरी, उत्तर प्रदेश (यह उत्तर प्रदेश का रामसर स्थल है, जिससे राज्य में कुल रामसर स्थल बढ़े हैं)। • सुखना झील (Sukhna Lake): चंडीगढ़। • ग्लाव झील (Glaw Lake): अरुणाचल प्रदेश (101वीं रामसर साइट, अगस्त 2026)। • शेखा झील पक्षी अभयारण्य: अलीगढ़, उत्तर प्रदेश (अप्रैल 2026)। • पटना पक्षी अभयारण्य: एटा, उत्तर प्रदेश (जनवरी/फरवरी 2026)। • छारी-ढांड (Chhari-Dand): कच्छ, गुजरात (जनवरी/फरवरी 2026)। #PrelimsFacts Join 🔜@PCS_Samrat
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📍हाल ही नेपाल आई भयंकर बाढ़ त्रासदी को लेकर विशेष तथ्य -
नदी-मार्ग को ऐसे समझें:-
📌हिमालय/लांगटांग क्षेत्र
⬇️ ग्लेशियर का बड़ा हिस्सा टूटा
⬇️ बर्फ + चट्टान + मलबा + पानी
⬇️ ल्हेंदे खोला (Lhende Khola)
⬇️ भोटे कोशी (Bhote Koshi)
⬇️ त्रिशूली (Trishuli)
⬇️ आगे नारायणी/गंडक नदी तंत्र की ओर
इस घटना में शुरुआती मलबा प्रवाह ल्हेंदे खोला में आया और फिर भोटे कोशी तथा त्रिशूली की घाटियों में तेजी से नीचे की ओर बढ़ा।
📌भारत पर इसका क्या संबंध है ..?
त्रिशूली आगे चलकर नारायणी (गंडक) नदी तंत्र का हिस्सा बनती है। नारायणी नेपाल से निकलकर भारत में प्रवेश करती है और बिहार की ओर बहती हुई गंडक नदी के रूप में आगे बढ़ती है। इसलिए नेपाल की ऐसी बड़ी बाढ़ का नीचे की ओर भारत के सीमावर्ती क्षेत्रों पर भी जल-प्रवाह के रूप में प्रभाव पड़ सकता है।
📌परीक्षा में याद रखने योग्य क्रम:-
ग्लेशियर → ल्हेंदे खोला → भोटे कोशी → त्रिशूली → नारायणी/गंडक → भारत (बिहार)
@TRDogiyal
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📚 1996 में भारत और नेपाल के बीच हुई महाकाली संधि साझा नदी के जल संसाधनों के समेकित विकास और उपयोग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण समझौता है।
✅इसमें तीन प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं:
🚩शारदा बैराज
🚩 टनकपुर बैराज
🚩पंचेश्वर बहुउद्देशीय परियोजना
🐋सिंचाई, जलविद्युत और जल संसाधनों के सहयोगात्मक प्रबंधन की संभावनाओं के साथ, यह समझौता आज भी साझा नदियों के महत्व को दर्शाता है।
@TRDogiyal 📱📱
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🔴 भारत की प्रमुख घाटियाँ🔘 लद्दाख एवं जम्मू-कश्मीर मर्खा घाटी — लद्दाख की प्रसिद्ध घाटी है। मर्खा नदी इस घाटी से होकर बहती है। कश्मीर घाटी — महान हिमालय एवं पीर पंजाल श्रेणियों के मध्य स्थित है। बनिहाल दर्रा इसे जम्मू क्षेत्र से जोड़ता है। गलवान घाटी — गलवान नदी द्वारा निर्मित घाटी, लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के निकट स्थित है। नुब्रा घाटी — लद्दाख में स्थित है। श्योक एवं सियाचिन क्षेत्र से आने वाली जलधाराएँ इसके अपवाह तंत्र का प्रमुख भाग हैं। सुरु घाटी — लद्दाख के कारगिल क्षेत्र में स्थित महत्वपूर्ण घाटी है। शक्सगाम घाटी — काराकोरम क्षेत्र में स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घाटी है।
🔘 हिमाचल प्रदेशपार्वती घाटी — हिमाचल प्रदेश में स्थित है। किन्नौर घाटी — हिमाचल प्रदेश में स्थित; सेब उत्पादन के लिए प्रसिद्ध। कुल्लू घाटी — धौलाधार एवं पीर पंजाल श्रेणियों के मध्य स्थित है। सांगला घाटी — इसे बस्पा घाटी भी कहा जाता है। चंबा घाटी — चंबा, भरमौर, डलहौजी एवं खज्जियार जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल लाहौल घाटी — चंद्र एवं भागा नदियाँ लाहौल क्षेत्र की प्रमुख नदियाँ हैं; टांडी में इनके संगम के बाद चंद्रभागा/चिनाब बनती है। स्पीति घाटी — ताबो मठ इसी घाटी में स्थित है। कांगड़ा घाटी — धर्मशाला इस घाटी का प्रमुख सांस्कृतिक एवं पर्यटन केंद्र है।
🔘 उत्तराखंडसोर घाटी — उत्तराखंड नेलांग घाटी — उत्तरकाशी जिले में स्थित है और गंगोत्री राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र से संबंधित है। दून घाटी — शिवालिक हिमालय और लघु हिमालय के मध्य स्थित है। देहरादून इस घाटी का प्रमुख नगर है। जोहार घाटी — उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में स्थित है। इसे मिलम घाटी तथा गोरी गंगा घाटी के नाम से भी जाना जाता है। फूलों की घाटी — चमोली जिले में स्थित है। #PrelimsFacts Join 🔜@PCS_Samrat
3 206
🔳 विश्व भर में स्थानांतरण कृषि के स्थानीय नामों की सूची◾️स्थानांतरण कृषि के स्थानीय नाम - क्षेत्र
▪️रे - वियतनाम ▪️तावी - मेडागास्कर ▪️मसोले - कांगो (ज़ैर नदी घाटी) ▪️फंग - भूमध्यरेखीय अफ्रीकी देश ▪️लोगन - पश्चिमी अफ्री ▪️कोमील - मेक्सिको ▪️मिल्पा - युकाटन और ग्वाटेमाला ▪️एकालिन - ग्वाडेलोप ▪️मिल्या - मेक्सिको और मध्यअमेरिका ▪️कोनुको - वेनेजुएला ▪️रोका - ब्राजील ▪️चेतेमिनी - युगांडा, ज़ाम्बिया और जिम्बाब्वे ▪️कईगिन - फिलीपींस ▪️तौन्ग्य - म्यांमार ▪️चेना - श्रीलंका ▪️लादांग - जावा और इंडोनेशिया ▪️तमराइ - थाईलैंड ▪️हुमाह - जावा और इंडोनेशिया #PrelimsFacts Join 🔜 @PCS_Samrat
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पर्यावरण | प्रमुख अधिनियम एवं उनके वर्षभारतीय वन अधिनियम — 1927 वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम — 1972 जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम — 1974 वन (संरक्षण) अधिनियम — 1980 वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम — 1981 पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम — 1986 लोक दायित्व बीमा अधिनियम — 1991 जैव विविधता अधिनियम — 2002 वन अधिकार अधिनियम — 2006 राष्ट्रीय हरित अधिकरण अधिनियम (NGT) — 2010 प्रतिपूरक वनीकरण निधि अधिनियम (CAF) — 2016 राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एवं आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम (CAQM) — 2021 वन (संरक्षण) संशोधन अधिनियम — 2023 #PrelimsFacts Join 🔜 @PCS_Samrat
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दक्षिण अमेरिका के रेगिस्तान▪️पेटागोनिया रेगिस्तान – क्षेत्रफल के हिसाब से अर्जेंटीना में स्थित सबसे बड़ा रेगिस्तान। ▪️ला गुजीरा रेगिस्तान - उत्तरी कोलंबिया और उत्तर-पश्चिमी वेनेजुएला के कुछ हिस्से में एक रेगिस्तान ▪️अटाकामा – चिली में स्थित एक रेगिस्तान, जो पृथ्वी पर सबसे शुष्क स्थान है। ▪️सेचुरा रेगिस्तान – दक्षिण अमेरिका के उत्तर-पश्चिमी तट के एक हिस्से में स्थित एक रेगिस्तान ▪️मोंटे रेगिस्तान - अर्जेंटीना में स्थित, पेटागोनिया रेगिस्तान के ऊपर एक छोटा रेगिस्तान। #PrelimsFacts Join 🔜@PCS_Samrat
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• लेटिक पारिस्थितिकी तंत्र -झील (Lakes), तालाब (Ponds), दलदल (Swamps), और जलाशय (Reservoirs).
• लोटिक पारिस्थितिक तंत्र- नदियाँ (Rivers), धाराएँ (Streams), झरने (Springs/Waterfalls) #PrelimsFacts
3 206
गोबी मरुस्थल निम्नलिखित में से कौन-से देशों में फैला है?
1. मंगोलिया
2. चीन
3. रूस
4. कजाखस्तान
नीचे दिए गए कूट से सही उत्तर चुनिएः (इमोजी द्वारा)
कूटः
(a) केवल 1 और 2 ❤️
(b) केवल 1, 2 और 4👍
(c) केवल 1, 2 और 3🙏
(d) केवल 1👌
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🔳 विश्व के प्रमुख पठार:-◾️कोलंबिया का पठार - संयुक्त राज्य अमेरिका ◾️ओजार्क पठार - अमेरिका ◾️अनातोलिया पठार - तुर्की ◾️तासिली पठार - अल्जीरिया ◾️बाई का पठार - अंगोला ◾️अदामावा का पठार - नाइजीरिया ◾️लॉरेशिया पठार - कनाडा #PrelimsFacts Join 🔜@PCS_Samrat
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🔴 पश्चिमी घाट (Western Ghats) —
विस्तार: गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल — 6 राज्यों में। लंबाई: ताप्ती नदी के मुहाने से कन्याकुमारी तक लगभग 1,600 किमी. भौगोलिक स्वरूप: यह वास्तविक पर्वतश्रेणी न होकर प्रायद्वीपीय पठार का भ्रंश कगार (Fault Scarp) है। उत्तरी भाग: मुख्यतः बेसाल्ट/लावा से आवरित। औसत ऊँचाई: लगभग 1,200 मीटर। सह्याद्रि: महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक में पश्चिमी घाट को सह्याद्रि भी कहा जाता है। ढाल: पश्चिमी ढाल तीव्र एवं खड़ी, जबकि पूर्वी ढाल मंद एवं सीढ़ीनुमा है। 🔹 विभाजन: उत्तरी सह्याद्रि → दक्षिणी सह्याद्रि दोनों के बीच लगभग 16° उत्तरी अक्षांश को विभाजन माना जाता है। जैव-विविधता: पश्चिमी घाट विश्व के 8 प्रमुख जैव-विविधता हॉटस्पॉट में शामिल है। UNESCO: पश्चिमी घाट UNESCO विश्व धरोहर स्थल है।#FactbookECA #PrelimsECA JOIN🔛@EternalCivilAcademy
