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नमस्कार, राज्याचे मुख्यमंत्री, मा. देवेंद्र फडणवीस साहेबांच्या सर्व कट्टर चाहत्यांचे या ग्रुप मध्ये स्वागत.
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मैं देशवासियों से भी कहूंगा कि हमें हर चुनौती के लिए तैयार रहना ही होगा।
लेकिन मैं देशवासियों को भरोसा देता हूं। देश की जनता का हित हमारे लिए सर्वोपरि है।
कोरोना के महासंकट में केंद्र और राज्यों ने टीम इंडिया बनकर कोविड मैनेजमेंट का एक बेहतरीन मॉडल सामने रखा था।
हमें उसी भावना के साथ आगे भी काम करना है। सभी राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के प्रयासों से देश इस गंभीर वैश्विक संकट का प्रभावी रूप से सामना कर पाएगा।
सरकारों को एक और चुनौती पर भी बहुत अधिक ध्यान देना होगा। ऐसे समय में कालाबाजारी करने वाले, जमाखोरी करने वाले बहुत एक्टिव हो जाते हैं। जहां से भी ऐसी शिकायतें आती हैं, वहां त्वरित कार्यवाही होनी चाहिए।
यह राज्यों का सदन है। आने वाले समय में यह संकट हमारे देश की बड़ी परीक्षा लेने वाला है। और इस परीक्षा में सफलता के लिए राज्यों का सहयोग बहुत आवश्यक है।
मैं देश के किसानों को फिर आश्वस्त करूंगा कि सरकार हर चुनौती के समाधान के लिए उनके साथ खड़ी है.
कोरोना के समय में अलग-अलग सेक्टर्स की चुनौतियों से निपटने के लिए एक्सपर्ट्स और ऑफिसर्स के एम्पावर्ड ग्रुप्स (empowered groups) बने थे, वैसे ही कल ही ऐसे सात नए एम्पावर्ड ग्रुप्स का भी गठन किया गया है
भारत अपने डिफेंस सेक्टर को भी अधिक रेजिलियंट बना रहा है। बीते दशक में किए गए प्रयासों से भारत आज अपनी जरूरत के अधिकांश हथियार भारत में ही बना रहा है।
भारत का 90% से अधिक ट्रेड विदेशी जहाजों पर होता है। इसलिए सरकार ने मेड इन इंडिया जहाज बनाने के लिए करीब 70 हजार करोड़ का अभियान शुरू किया है.
मैं आपके माध्यम से सदन को और देश को यह आश्वासन देना चाहता हूं कि भारत के पास क्रूड ऑयल के पर्याप्त स्टोरेज के और निरंतर सप्लाई की व्यवस्थाएं हैं
कोई भी संकट हो वो हमारे हौसलों और हमारे प्रयास दोनों की परीक्षा लेता है।
पहले क्रूड ऑयल, एलएनजी, एलपीजी ऐसी एनर्जी जरूरतों के लिए 27 देशों से इंपोर्ट किया जाता था। वहीं आज भारत 41 देशों से एनर्जी इंपोर्ट करता है।
बीते कुछ दिनों में दुनिया के अनेक देशों से कच्चा तेल और एलपीजी से भरे जहाज भारत आए हैं।
संकट की स्थिति में देश-विदेश में भारतीयों की सुरक्षा हमारी बहुत बड़ी प्राथमिकता है। युद्ध शुरू होने के बाद से लेकर अब तक 3 लाख 75,000 से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। ईरान से ही अभी तक 1000 से अधिक भारतीय सुरक्षित वापस लौटे हैं, जिनमें 700 से अधिक मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं।
कमर्शियल जहाजों पर हमला और हॉर्मुज व्यापार जैसे अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में रुकावट अस्वीकार्य है। भारत डिप्लोमेसी के जरिए युद्ध के इस माहौल में भी भारतीय जहाजों के सुरक्षित आवागमन के लिए सतत प्रयास कर रहा है। भारत ने इस समस्या के समाधान के लिए संवाद का ही रास्ता सुझाया है।
प्रधानसेवक नरेंद्र मोदी यांनी न थकता, न थांबता, एकही सुट्टी न घेता देशसेवेत अखंड कार्यरत राहून सर्वाधिक काळ प्रमुख पदावर काम करण्याचा ऐतिहासिक विक्रम
हमारा लक्ष्य डायलॉग और डिप्लोमेसी के माध्यम से क्षेत्र में शांति की बहाली का है।
भारत की संसद के इस उच्च सदन से शांति और संवाद की एकजुट आवाज पूरे विश्व में जाए
एखाद्या अधिकाऱ्यावर कारवाई करण्याचे निर्देश देण्याचा अधिकार सभापती किंंवा अध्यक्ष यांना आहे पण अशी कारवाई करण्याचा हक्क त्यांना नाही. त्यांनी निर्देश दिल्यानंतर ते योग्य आहेत किंवा नाही हे ठरवण्याचा अधिकार प्रशासनाला आहे
अमोल मिटकरी यांच्याबद्दल खोटी माहिती देणारी बातमी दिल्याबद्दल पत्रकार गणेश सोनोने आणि इतर ३ जणांविरूद्ध शिक्षा देण्याचा निर्णय विधान परिषदेत संमत
Endi mavjud! Telegram Tadqiqoti 2025 — yilning asosiy insaytlari 
