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Two things I don't like: A disrespectful child and a parent who thinks it's funny. Manners are important.
तारीखों में धीरे धीरे व्यतीत हो रहे है हम ,
आज अभी हैं, पर हर क्षण अतीत हो रहे है हम।।
एक दूसरे की नेक नियत ना समझ पाए तो आपस में लड़कर मर जाएंगे
—Captain America Brave New World
सिक्किम से गया लौटने के बाद ऐसा महसूस हो रहा है जैसे मैं किसी दूसरी दुनिया में आ गया हूँ। वहाँ की स्वच्छता, अनुशासन और लोगों की जागरूकता देखकर समझ आया कि एक सभ्य समाज कैसा होना चाहिए। सिक्किम की संकरी और कठिन सड़कों पर भी लोग सफाई बनाए रखते हैं। वहाँ न तो कचरा बिखरा मिलता है, न ही लोग प्लास्टिक फेंकते हैं, और न ही कहीं खुले में गंदगी फैलती है। लेकिन जैसे ही गया पहुँचा, स्थिति बिल्कुल उलट दिखी, सड़कों पर कचरे के ढेर, प्लास्टिक हर जगह बिखरा हुआ, और लोग कहीं भी खुले में शौच कर रहे हैं।
हमारे शहर और राज्य की समस्या सिर्फ प्रशासन की नहीं, बल्कि मानसिकता की है। जब सिक्किम जैसे छोटे राज्य के लोग अपने परिवेश को स्वच्छ रख सकते हैं, तो हम क्यों नहीं? हमारी सबसे बड़ी गलती यह है कि हम सफाई की जिम्मेदारी सिर्फ सरकार पर छोड़ देते हैं और खुद कुछ नहीं करते। अगर हमें अपने शहर, अपने बिहार को स्वच्छ और सुंदर बनाना है, तो यह बदलाव हमें खुद से शुरू करना होगा। जब तक हर व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेगा, तब तक स्थिति नहीं बदलेगी। समय आ गया है कि हम खुद सुधरें, तभी हमारा बिहार सुधरेगा।
if only i could just disappear for a while and forget everything, be completely unknown by everyone, maybe go to a place where i could just do my own thing, where i wouldn't have to think about anything, and just enjoy being by myself. for sure, that would be a nice feeling.
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