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Soch Manthan Study

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“जिस बेटी को लोग साधारण समझते थे, उसने असाधारण इतिहास लिख दिया।” ✨ “499/500 सिर्फ अंक नहीं, वर्षों की मेहनत और संघर्ष की पहचान हैं।” 📚🔥 “हालात नहीं, हौसले तय करते हैं कि मंज़िल कितनी बड़ी होगी।” 💯 “दीपिका ने साबित कर दिया कि मेहनत करने वालों की पहचान एक दिन पूरा राज्य करता है।” 👑 “सपनों को सच करने के लिए शोर नहीं, लगातार मेहनत चाहिए।” 🌟 “एक बेटी की मेहनत ने पूरे हरियाणा का सिर गर्व से ऊँचा कर दिया।” ❤️ “जब इरादे मजबूत हों, तो इतिहास खुद बन जाता है।” 🔥 “499/500 — ये नंबर नहीं, एक नई प्रेरणा की शुरुआत है।” ✨ “किताबों से दोस्ती करने वालों को एक दिन दुनिया सलाम करती है।” 📖🏆 “मेहनत इतनी खामोशी से करो कि सफलता पूरे राज्य में आवाज़ बन जाए।” 💫

नाम : दीपिका जाति : जाटव वर्ग : अनुसूचित जाति जिला : रेवाड़ी राज्य : हरियाणा उपलब्धि : हरियाणा बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में
नाम : दीपिका जाति : जाटव वर्ग : अनुसूचित जाति जिला : रेवाड़ी राज्य : हरियाणा उपलब्धि : हरियाणा बोर्ड की 12वीं की परीक्षा में कला वर्ग में 499/500 (99.80%) अंक लाकर पूरे हरियाणा राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करना।

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छत्रपति शाहूजी महाराज — एक राजा जिसने समाज बदल दिया --- 1️⃣ एक समय की बात है… भारत में एक ऐसा समाज था जहाँ जन्म ही इंसान की किस्मत तय करता था। कोई ऊँचा, कोई नीचा… और “नीचे” वालों के लिए शिक्षा, सम्मान—सब बंद। --- 2️⃣ इसी दौर में जन्म हुआ एक ऐसे शासक का, जिसने ये अन्याय देखा… और सोचा — “राज करना नहीं, समाज बदलना है।” ये थे — शाहूजी महाराज। --- 3️⃣ 1894 में जब उन्होंने कोल्हापुर की गद्दी संभाली, तो उनके सामने दो रास्ते थे: 👉 आराम से राज करो 👉 या समाज की जड़ें हिला दो उन्होंने दूसरा रास्ता चुना। --- 4️⃣ उन्होंने सबसे पहले शिक्षा पर वार किया… क्योंकि वो जानते थे — "अज्ञान ही असली गुलामी है।" 👉 गरीब और दलित बच्चों के लिए स्कूल खोल दिए 👉 पढ़ाई को मुफ्त कर दिया --- 5️⃣ सोचो उस समय… जब कुछ लोगों को स्कूल के दरवाज़े तक जाने नहीं दिया जाता था, तब एक राजा उन्हें किताबें दे रहा था। ये सिर्फ नीति नहीं, क्रांति थी। --- 6️⃣ फिर आया 1902… एक ऐसा फैसला जिसने इतिहास बदल दिया 👉 50% आरक्षण लागू किया आज जो reservation की बात होती है, उसकी शुरुआत यहीं से मानी जाती है। --- 7️⃣ समाज में हलचल मच गई… ऊँची जातियों ने विरोध किया लेकिन शाहूजी महाराज नहीं झुके। क्योंकि वो जानते थे — "बराबरी बिना संघर्ष नहीं मिलती।" --- 8️⃣ उन्होंने छुआछूत को भी खुलकर चुनौती दी 👉 दलितों को सार्वजनिक जगहों पर अधिकार दिलाए 👉 मंदिर प्रवेश की बात उठाई उस समय ये करना आसान नहीं था… लेकिन उन्होंने किया। --- 9️⃣ उन्होंने महिलाओं के लिए भी आवाज उठाई 👉 लड़कियों की शिक्षा 👉 विधवा विवाह का समर्थन जब समाज चुप था, तब वो बदलाव की बात कर रहे थे। --- 🔟 उनका साथ मिला एक और महान सोच वाले व्यक्ति को — डॉ. भीमराव आंबेडकर 👉 शाहूजी महाराज ने आंबेडकर जी को समर्थन दिया 👉 उनके विचारों को आगे बढ़ाने में मदद की --- 11. वो सिर्फ राजा नहीं थे… वो जनता के बीच रहने वाले नेता थे 👉 किसानों के लिए राहत 👉 मजदूरों के लिए बेहतर हालात उनका राज “सत्ता” नहीं, “सेवा” था। --- 6 मई 1922… एक महान अध्याय खत्म हुआ लेकिन उनकी सोच आज भी जिंदा है— हर उस जगह, जहाँ बराबरी की बात होती है। --- "जिस समाज में सबको बराबरी मिले, वही असली प्रगति है।" — शाहूजी महाराज

पहले किसी को भी लाइफ़ जैकेट नहीं दी गई. जब पानी अंदर आया, तो क्रूज वालों ने जैकेट देना शुरू किया. लोग एक-दूसरे से जैकेट छीनने लगे और तभी क्रूज़ पलट गया. क्रूज वालों ने ये भी नहीं सोचा कि जिनसे कमा रहे हैं, कम से कम उन्हें तो सुरक्षित रख लें. - परिवार के लोगों को खो चुकी महिला वाकया बताते वक़्त भावुक हो गई

इस तस्वीर ने सुन्न कर दिया है! इस बात में कोई अतिशयोक्ति नहीं कि दुनिया में सिर्फ एक मां ही है जो आखिरी सांस तक भी अपने बच्चे
इस तस्वीर ने सुन्न कर दिया है! इस बात में कोई अतिशयोक्ति नहीं कि दुनिया में सिर्फ एक मां ही है जो आखिरी सांस तक भी अपने बच्चे की सलामती के लिए लड़ सकती है. मध्यप्रदेश के जबलपुर हादसे की ये सबसे मार्मिक तस्वीर है. बरगी डैम में एमपी सरकार के पर्यटन विभाग का एक क्रूज पलट गया. अब तक 9 लोगों के मौत की पुष्टि हुई है. ये मां-बेटा अपने परिवार के साथ दिल्ली से जबलपुर घूमने आए थे. इनका नाम मरिना मैसी और उनके चार साल के बेटे का नाम त्रिशान है. बरगी डैम नर्मदा नदी पर बना है. भारत में नर्मदा नदी भी 'मां' है. इस बात की कल्पना करते ही अंग सिहर उठता है कि आखिरी क्षण तक इस मां ने कैसे नर्मदे मैया से अपने बच्चे की सांस के लिए मन्नतें की होंगी, तूफान के बीच तेज लहरों से कैसे लड़ी होंगी, अपनी मां के सीने से लिपटा बच्चा तब भी खुद को महफूज ही समझ रहा होगा कि जैसे मां उसे कुछ नहीं होने देगी.. ओह ! ये घटना दिल को झकझोर रही है. लेकिन इस मां-बेटे के साथ-साथ कुल 9 लोगों की मौत को महज हादसा कह देना न्यायसंगत नहीं होगा. ये बहुत बड़ी प्रशासनिक चूक है.

20 साल पुराने क्रूज में 40 लोगों को सवार किया गया, कईयों ने लाइफ जैकेट तक नहीं पहना था, खराब मौसम के बावजूद भी एमपी टूरिज्म का क्रूज लोगों को डैम घुमाने निकल पड़ा, NGT के आदेशों और दिशा-निर्देशों का पालन क्यों नहीं हो रहा था?क्या इस हत्यारे चूक के लिए जिला प्रशासन और एमपी टूरिज्म विभाग से संबंधित लोगों पर कार्रवाई होगी?

👉 “Appo Deepo Bhava — खुद ही अपना मार्ग बनो। बुद्ध पूर्णिमा की शुभकामनाएँ, अपने लक्ष्य पर डटे रहो।” 📚🪷

🌼 बुद्ध पूर्णिमा स्पेशल – मेरे खास सब्सक्राइबर्स के लिए 🌼 आज का दिन सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि खुद को समझने का एक मौका है… 🪷
🌼 बुद्ध पूर्णिमा स्पेशल – मेरे खास सब्सक्राइबर्स के लिए 🌼 आज का दिन सिर्फ उत्सव नहीं, बल्कि खुद को समझने का एक मौका है… 🪷 🔸 भगवान बुद्ध की अनमोल बातें: ✨ “शांति बाहर नहीं, हमारे भीतर होती है।” ✨ “जितना ज्यादा हम छोड़ते हैं, उतना ही मन हल्का होता है।” ✨ “दुख का कारण हमारी इच्छाएँ हैं, और उनका अंत ही सच्चा सुख है।” ✨ “खुद पर विजय पाना, सबसे बड़ी जीत है।” ✨ “ना बीता हुआ कल है, ना आने वाला कल—सिर्फ आज ही सत्य है।” 🔸 आज के दिन क्या करें? 👉 एक बुरी आदत छोड़ने का संकल्प लें 👉 कुछ समय शांत बैठकर अपने मन को समझें 👉 किसी जरूरतमंद की मदद करें 👉 नकारात्मक सोच को सकारात्मक बनाने की कोशिश करें 💫 याद रखें: बुद्ध बनना मतलब परफेक्ट होना नहीं, बल्कि हर दिन खुद को बेहतर बनाना है। 🙏 आप सभी को बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएँ 🙏 ❤️ धन्यवाद, आप इस परिवार का हिस्सा हैं ❤️

“भारत बना Heat Zone 🔥 – दुनिया के सबसे गर्म शहरों में शामिल”

नागपुर में आरएसएस के कार्यक्रम में धीरेंद्र शास्त्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान किया। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, शिवाजी
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नागपुर में आरएसएस के कार्यक्रम में धीरेंद्र शास्त्री ने छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान किया। धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, शिवाजी महाराज जब लड़ाई से थक हार गए थे तब अपने गुरु रामदास के पास गए और उनके चरणों में तलवार रखकर अपना राजपाट देने को कहा। यह बयान धीरेंद्र शास्त्री ने मोहन भागवत के सामने दिया। धीरेंद्र ने इस बयान के जरिए बहुत महीन तरीके से छत्रपति शिवाजी महाराज का अपमान और ब्राह्मण जाति के गुरु रामदास का गुणगान किया। जिस तरह चाणक्य सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य के गुरु नहीं हैं। उसी तरह रामदास भी छत्रपति शिवाजी महाराज के गुरु नहीं हैं। रामदास का अस्तित्व है, लेकिन छत्रपति शिवाजी से रामदास से कोई वास्ता नहीं है। झूठे इतिहास के नाम पर सवर्ण हेगेमोनी की दुकानदारि बंद होनी चाहिए।

🚨DSSSB Exam Dates for June, July and August for Various Posts are OUT🚨

RRB_Science_Chapterwise_Solved_Papers_HINDI_Medium_2026_join_@pdfhub.pdf38.70 MB

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Hasi nhi rok paoge 😁

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Economy Complete English Notes (1).pdf70.24 MB

Parmar sir 4.0 batch Complete pdf