ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
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Архів дописів
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मंज़िलें मिलने पर किसी सफ़ल औरत के बालों में गजरे लगाना तुम ,
मुझे अंदाज़ा है कि मेरे हिस्से सिर्फ तुम्हारी ज़िम्मेदारियां आयेंगी... 🦋
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थके जब भी दुनिया से, तुमने मेरी बाहों का आराम लिया है
हर शाम मेरे हाथों से तुमने मोहब्बत का जाम लिया है
और तुम कहते हो मुझे इश्क़ है , मैं यकीन करूं कैसे ,
कल नशे में तुमने फिर उसी लड़की का नाम लिया है ।। ⚡️🍂
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और गर मोहब्बत हो भी गई दोबारा तो फिर से वो पैमाना नहीं होगा ,
दिल धड़का भी तो फिर से वो अफसाना नहीं होगा ,
इन ग़जलों में न तुम रहोगे न मैं ,
हम न होंगे कि फिर से वो गुज़रा ज़माना नहीं होगा ❤️
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तेरे बाद कुछ खयाल आए नहीं ज़हन में
तू दिल की गहरायी में ठहरी कोई बात हो गया
इश्क़ मुझे तुझसे इस क़दर है
मानो , तू मेरे शहर की पहली बरसात हो गया ।। 🌱🌺
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चूम के तेरे रुख़सार को
ये हवाएँ जब चलतीं हैं,
डूब जाता है फिर वो शहर नशे में
ये जिस शहर से भी गुजरती हैं!
~💕💕
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मैं अक्सर हार जाता हूँ किसी की जीत की ख़ातिर,
मेरा अपना तरीका है, किसी से जीत जाने का!
~⭐️🤔
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मैंने कहा बहुत प्यार आता है तुम पर ,
वो हंस कर बोले ,
इसके सिवा तुम्हें आता ही क्या है ... 😐😁
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पढ़ा मैंने इस क़दर ज़िंदगी की किताब को ,
जो पन्ना ज़रा भी मुस्कुराया, उसे मोड़ दिया
किसी को लापरवाही में मैंने ठुकराया
तो किसी ने मेरा दिल तोड़ दिया ।। 🍁
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एक तरफ़ का तूफ़ान नहीं , दो हिस्सों की बरसात आती
उसकी हंसी से गूंजती लंबी रात आती ,
काश! ये इश्क़ मेरा बस कागज़ी ना रहता ,
मेरी मोहब्बत में भी एक मुलाकात आती..... 💐🌈
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कब कहाँ किसी हकीम से इश्क़ का मर्ज़ सुधरता है;
मुहब्ब्त की सीढियां जो चढ़ता है वही उतरता है!
~⭐🩷
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ख़्वाब खयाल में रखा मैंने जिसे , हकीकत में उसे आना नहीं है
बिखरा बिखरा सा कमरा पड़ा है, खैर!
दिल भी उसे सजाना नहीं है
हर रात रोती हूं मैं, उसके ज़रा से साथ को भी
मुमकिन है, कोई ले मेरा नाम उसके सामने
और वो कहे ,
कौन ...? मैंने पहचाना नहीं है 🥲
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मई की सुस्त दोपहरियों में तेरे कांधे पे यूं गिरना
हाये!
ऐसी नजदीकियों पे सौ सौ रातें कुर्बान 🫠
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न तेरी कहानी है ,न किरदार है तेरे!
मसरूफियती ज़िंदगी में, आप इतवार है मेरे!
~अभिराइट्स🪶⭐
