ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
Відкрити в Telegram
1 121
Підписники
Немає даних24 години
-17 днів
+330 день
Архів дописів
1 122
मक्का री रोटी दीज्यो , ऊपर दीज्यो गोर
जोड़ो इस्यो बनावजो , ज्यूँ लागे गणगौर ...
Good bye Gangour 🥹❤️
1 122
The art of not being ready and doing it anyway will carry you farther than perfection ever could.
Good morning 🌻🦋1 122
या देवी सर्वभूतेषु शक्ति रूपेण संस्थिता
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः।।
बुद्धि , शक्ति एवं ऊर्जा की देवी आपके जीवन में सुख शांति एवं समृद्धि लेकर आए ।
चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं ❤️
1 122
किसी ने मोहब्बत की ज़रा भी तो उससे आसमां सा इश्क जताया मैंने ,
किसी ने दिया ज़रा भी वक्त तो उसे खुदा सा बनाया मैंने ,
समंदर सी ही रही फितरत मेरी ,
जिसने जितना दिया , उसे उतना ही लौटाया मैंने ❤️🌊
1 122
मैं रंग चाहे जो भी पहनूं ... तुम , हाय ! कहके मुझपे ही मरना
और मैं कहूंगी , मुझे पसंद है देखना चांद को
तुम हामी भरकर मुझे ही देखा करना ।।🤧😂
1 122
हम जिसको भी मिले हैं उसे आरजी़ मिले ,
लेकिन तुझे मिले तो तुझे वाक़ई मिले।
दुनिया में और कुछ भी मिले या नहीं मिले ,
मनचाहा शख़्स ज़िंदगी में लाज़मी मिले।।
1 122
To make him fall in love ,I tried making him laugh
But every time he laughed ,I'm the one who fell in love. ❤️
1 122
Appreciate your -
कुछ बातें करनी है तुमसे , एक शाम फुरसत से आना
मैं अपने खयाल लाऊंगी , तुम वक्त लेते आना
Before it turns to -
एक रोज़ आयेगा कोई सारी फुरस्तें लेकर
एक रोज़ हम कहेंगे अब ज़रूरत नहीं है।।😌🌸
1 122
वो लौट के आया तो फौरन गले से लगाया मैंने
जिसके ना ठहरने की मेरे पास शिकायतें हज़ारों थी.... 💕
1 122
बिंदी , झुमके ,चूड़ी , दुपट्टा ...
सब और खूबसूरती से पहनने लगी मैं ,
मुझे चाहने वाले छोड़ गए हैं
मरे थोड़ी हैं ... 🥱
Вже доступно! Дослідження Telegram за 2025 — головні інсайти року 
