uk
Feedback
𝗜𝗔𝗦 𝗥𝗜𝗩𝗘𝗥 (𝐁𝐏𝐒𝐂)

𝗜𝗔𝗦 𝗥𝗜𝗩𝗘𝗥 (𝐁𝐏𝐒𝐂)

Відкрити в Telegram

UPSC और अन्य राज्य PCS से संबंधित ग्रुप में आपका स्वागत है इस ग्रुप में 👇👇 👉​🅑 🅟 🅢 🅒 👉PCS #PYQ 👉BPSC #TEST_SERIES 👉PCS #TEST_SERIES 👉IMPORTANT #NOTES 👉MIND #MAP 👉IMPORTANT #BOOK 👉CURRENT #AFFAIRS 👉PIB/THE #HINDU 👉MOTIVATION #IAS 👉PDF

Показати більше

📈 Аналітичний огляд Telegram-каналу 𝗜𝗔𝗦 𝗥𝗜𝗩𝗘𝗥 (𝐁𝐏𝐒𝐂)

Канал 𝗜𝗔𝗦 𝗥𝗜𝗩𝗘𝗥 (𝐁𝐏𝐒𝐂) (@ias_river) у мовному сегменті Англійська є активним учасником. На даний момент спільнота об'єднує 14 121 підписників, посідаючи 14 233 місце в категорії Освіта та 29 440 місце у регіоні Індія.

📊 Показники аудиторії та динаміка

З моменту свого створення невідомо, проект продемонстрував стрімке зростання, зібравши аудиторію у 14 121 підписників.

За останніми даними від 09 липня, 2026, канал демонструє стабільну активність. Хоча за останні 30 днів спостерігається зміна кількості учасників на 79, а за останні 24 години на -5, загальне охоплення залишається високим.

  • Статус верифікації: Не верифікований
  • Рівень залученості (ER): Середній показник залученості аудиторії становить 22.79%. Протягом перших 24 годин після публікації контент зазвичай збирає 14.63% реакцій від загальної кількості підписників.
  • Охоплення публікацій: В середньому кожен допис отримує 3 217 переглядів. Протягом першої доби публікація в середньому набирає 2 066 переглядів.
  • Реакції та взаємодія: Аудиторія активно підтримує контент: середня кількість реакцій на один пост – 29.
  • Тематичні інтереси: Контент зосереджений навколо ключових тем, таких як bpsc, essay, aedo, कार्यक्रम, पानी.

📝 Опис та контентна політика

Автор описує ресурс як майданчик для висловлення суб'єктивної думки:
UPSC और अन्य राज्य PCS से संबंधित ग्रुप में आपका स्वागत है इस ग्रुप में 👇👇 👉​🅑 🅟 🅢 🅒 👉PCS #PYQ 👉BPSC #TEST_SERIES 👉PCS #TEST_SERIES 👉IMPORTANT #NOTES 👉MIND #MAP 👉IMPORTANT #BOOK 👉CURRENT #AFFAIRS 👉PIB/THE #HINDU 👉MOTIVATION #IAS ...

Завдяки високій частоті оновлень (останні дані отримано 10 липня, 2026), канал підтримує актуальність та високий рівень охоплення публікацій. Аналітика показує, що аудиторія активно взаємодіє з контентом, що робить його важливою точкою впливу в категорії Освіта.

14 121
Підписники
-524 години
+167 днів
+7930 день
Архів дописів
एकीकृत 72वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन निर्धारित तिथि, दिनांक 26.07.2026 को राज्य के विभिन्न जिलों में
एकीकृत 72वीं संयुक्त (प्रारंभिक) प्रतियोगिता परीक्षा का आयोजन निर्धारित तिथि, दिनांक 26.07.2026 को राज्य के विभिन्न जिलों में 12:00 बजे मध्याह्न से 02:00 बजे अपराह्न तक किया जाएगा।

. Any queries 👉 @Prajapati_Gokul .

⚡⚡इस चैनल https://t.me/IAS_RIVER पर Paid Promotions के लिए संपर्क करें ~ @Prajapati_Gokul

Join this group 👇👇 UPSC/BPSC and other State PCS, Join 👉 https://t.me/pcsyatra

. Any queries 👉 @Prajapati_Gokul .

Bpsc auditor 2026_260705_124031.pdf3.25 MB

9142575084

70th BPSC
70th BPSC

Bihar ke sabhi school/ college/university band kar de bihar sarkar BPSC ye bataye ki bihar ke college/ university se kitne hindi medium ke baccho ke selection hua hai

1. यूपीएससी के बाद बीपीएससी से भी हिंदी माध्यम का योजनाबद्ध सफाया: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षाओं में हिंदी माध्यम का प्रभाव तकनीकी और नीतिगत कमियों के कारण पहले ही लगभग समाप्त कर दिया गया है। ऐसे में बिहार के छात्रों के लिए बीपीएससी ही एकमात्र अंतिम उम्मीद बची थी। लेकिन 70वीं बीपीएससी के शीर्ष 100 परिणामों में हिंदी माध्यम के अभ्यर्थियों का प्रतिनिधित्व 'शून्य समान' होना यह साबित करता है कि अब योजनाबद्ध तरीके से हिंदी माध्यम को बीपीएससी से भी बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। मात्र एक वर्ष के भीतर (69वीं बनाम 70वीं) हिंदी माध्यम के हजारों छात्रों की मेधा अचानक विलुप्त नहीं हो सकती, जब तक कि मूल्यांकन के पैमाने (Evaluation Yardsticks) में अंग्रेजी बनाम हिंदी का घोर पूर्वाग्रह न किया गया हो।    2. बिहार राजभाषा अधिनियम का माखौल और 'बिहारी अस्मिता' पर चोट: बिहार देश का वह अग्रणी राज्य है जिसने हिंदी को अपनी प्रथम आधिकारिक भाषा स्वीकार किया था। राज्य सरकार के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बिहार में 2.25 करोड़ से अधिक बच्चे सरकारी स्कूलों में नामांकित हैं, जो कुल नामांकित बच्चों का लगभग 90% हिस्सा है। राज्य के 77 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में केवल हिंदी माध्यम में ही संपूर्ण शिक्षा दी जाती है, यहाँ तक कि मैट्रिक की परीक्षा में अंग्रेजी अनिवार्य विषय तक नहीं है।    * विभाग और सरकार यह स्पष्ट करे कि यदि माध्यम ही हमारी योग्यता की अयोग्यता बनने वाला है, तो राज्य के सभी 77 हजार सरकारी स्कूलों को तत्काल प्रभाव से पूर्णतः 'अंग्रेजी माध्यम' (English Medium) में क्यों नहीं बदल दिया जाता?       * या फिर सरकारी स्कूलों से पढ़कर निकलने वाले 90% गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को बीपीएससी (BPSC) जैसी परीक्षाओं में बैठने से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया जाए? गरीब बच्चों को प्रशासनिक सेवा के झूठे सपने दिखाकर उनकी मेधा का मज़ाक उड़ाना बंद होना चाहिए। यह बिहार के गरीब बच्चों के संवैधानिक अधिकारों और बिहारी अस्मिता पर सीधा कुठाराघात है।    3. डेटा की अपारदर्शिता और जवाबदेही से भागना: व्यवस्था में व्याप्त इस विसंगति को छुपाने के लिए माध्यम-वार डेटा को दबाया जा रहा है। हमारी स्पष्ट और कड़क मांग है कि विभाग बीपीएससी को आदेश जारी करे कि वह यह डेटा सार्वजनिक करे कि हिंदी माध्यम से प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) में कुल कितने प्रतिशत अभ्यर्थी पास हुए थे, और अंतिम चयन (Final Merit List) में उनका प्रतिशत अनुपात क्या रह गया है? प्रारंभिक परीक्षा को अपनी मेधा से पास करने वाले छात्रों का बौद्धिक स्तर मुख्य परीक्षा के मूल्यांकन में अचानक शून्य नहीं हो सकता।    4. माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों का खुला उल्लंघन: माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा 'संजय सिंह बनाम उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग' व अन्य ऐतिहासिक मामलों में दिए गए न्यायिक निर्णयों के अनुसार, विभिन्न माध्यमों या विषयों के अंकों में समरूपता लाने के लिए 'स्केलिंग' (Scaling) या 'मॉडरेशन' (Moderation) की वैज्ञानिक पद्धति का पालन अनिवार्य है। ऐसा प्रतीत होता है कि आयोग ने इस बार इस अनिवार्य वैज्ञानिक पद्धति की खुली अवहेलना की है, जो कि एक गंभीर प्रशासनिक और कानूनी चूक है। चूंकि इस पूरी प्रशासनिक विफलता और नियमों के उल्लंघन की अंतिम जवाबदेही सामान्य प्रशासन विभाग की है, अतः आपसे कड़े शब्दों में मांग की जाती है कि: * इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग के स्तर से तत्काल एक उच्च स्तरीय स्वतंत्र जांच समिति का गठन किया जाए, जो 70वीं बीपीएससी में हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के अभ्यर्थियों के अंकों के वितरण और सफलता अनुपात की निष्पक्ष जांच करे। * बीपीएससी (BPSC) को कड़े निर्देश जारी किए जाएं कि वह प्रारंभिक परीक्षा बनाम अंतिम चयन का माध्यम-वार प्रतिशत अनुपात (Medium-wise Success Rate) व डेटा सार्वजनिक (Public Domain) करे। * भविष्य की परीक्षाओं में 'स्केलिंग' और 'मॉडरेशन' की व्यवस्था को अत्यंत पारदर्शी और कड़ाई से लागू करवाया जाए ताकि किसी भी अभ्यर्थी के साथ उसकी भाषा के कारण अन्याय न हो।

जिस बिहार के 90% सरकारी स्कूल में विशुद्ध हिन्दी माध्यम में पढ़ाई होती है, लेकिन जब बिहार के प्रशासनिक पद पर नियुक्ति की बारी आती है तो, गरीब छात्र, शोषण के शिकार हो जाते है वहीं, कुछ चुनिंदा छात्र जो इंग्लिश माध्यम से पढ़े होते है उनका चयन होता है,या दूसरे राज्य के बच्चे का चयन होता है, बिहार सरकार को जब स्कूलिंग नहीं सुधारना है, तो बोल दे BPSC में भर्ती केवल इंग्लिश माध्यम के बच्चों के होगा, हिंदी माध्यम के बच्चों के नहीं होगा lll

जिसको DSP के फूल फॉर्म तक पता नहीं है, वो DSP बनी है, जिस प्रकार से हिंदी मीडियम के बच्चों के साथ नाइंसाफी किया गया है, वो शर्म के अलावा कुछ नहीं है

Notice-सभी सदस्यों को सूचित किया जाता है कि कोर ग्रुप मेंबर के द्वारा यह तय किया गया है कि दिनांक-29/06/2026 (सोमवार) को हिंदी माध्यम के मामला को लेकर माननीय मुख्यमंत्री से मिला जाएगा इसलिए सभी मेंबर सोमवार के लिए तैयार रहें। सभी मेंबर को पटना आना पड़ेगा। 👏धन्यवाद

Follow this link to join my WhatsApp group: https://chat.whatsapp.com/DuSQHVkE9Tp7mFPT1q8TQx?mode=gi_t

सभी 70th BPSC hindi medium students bpsc ko mail kigiye क्यों हिंदी मीडियम के साथ भेदभाव किया गया इसका कारण बताए नोटिस दे के।