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Computer Courses | Computer Tutorial | Computer Classes | Computer Institute | Computer Tricks

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हमें कितनी RAM की जरूरत होती है? यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कंप्यूटर में किस type की एप्लीकेशन और प्रोग्राम run करने वाले है. और आप एक समय में कितने programs को run करने वाले हैं. इसे समझने के लिए आपको system requirements को समझना होगा. जितनी सिस्टम की जरुरत होगी आपको उससे double RAM चाहिए होती है. इसकी general requirements निम्नलिखित है:- minimum (निम्नतम) : 2 GB Recommended: 4-6 GB Excellent (बढिया): 8 GB or more. अगर आप कंप्यूटर में बड़े game खेलना है तो आपको 16 से 24 gb तक की रैम चाहिए.

difference between RAM and Virtual memory in hindi (रैम तथा वर्चुअल मैमोरी के मध्य अंतर) रैम वर्चुअल मैमोरी रैम को कंप्यूटर के motherboard के slot पर स्थापित किया जाता है. वर्चुअल मैमोरी hard drive में स्टोर रहती है. इसमें data को first in first out (FIFO) के सिधांत पर allocate किया जाता है. virtual memory एक प्रक्रिया का प्रयोग करती है जिसे paging कहते है. इसका size छोटा होता है. इसका size हार्ड ड्राइव पर निर्भर करता है इसलिए इसकी स्टोरेज क्षमता अधिक होती है.

history of RAM in hindi (रैम का इतिहास) पहले के computers में main memory के कार्य के लिए relays, mechanical counters या delay lines का प्रयोग किया जाता था. सबसे पहली random access memory को 1947 में बनाया गया. जिसका नाम william tube था. इसमें CRT (cathode ray tube) का प्रयोग किया जाता था. दूसरी RAM को भी 1947 में बनाया गया था. जिसका नाम magnetic core memory था. आजकल जिस RAM का प्रयोग किया जाता है उसका नाम है- solid state memory. इसे सबसे पहले 1968 में Robert Dennard ने विकसित किया था.

difference between RAM and ROM in hindi (रैम तथा रोम के मध्य अंतर) RAM ROM यह volatile मैमोरी है. यह non-volatile है. data या सूचना को temporary स्टोर करके रखती है. data को permanently स्टोर करके रखता है. यह बहुत ही तेज है परंतु इसमें बहुत power का इस्तेमाल होता है. रोम तेज है पर RAM से कम. और इसमें कम power का इस्तेमाल होता है. यह data को MB में स्टोर करता है. डेटा को GB में स्टोर करता है. इसका प्रयोग normal operation करने के लिए किया जाता है. इसका प्रयोग कंप्यूटर की शुरूआती process के लिए किया जाता है. इसकी chip का साइज़, ROM से बढ़ा होता है. इसकी chip का size छोटा होता है. यह दो प्रकार का होता है- static and dynamic PROM, EPROM, EEPROM इसके प्रकार है. इसे data को एक्सेस करने के लिए power कि आवश्यकता होती है. इसे data को एक्सेस करने के लिए power की आवश्यकता नहीं होती है.

disadvantage of DRAM in hindi 1. SRAM की तुलना में इसकी speed बहुत ही कम है. 2. जब power चली जाती है तो इसका data समाप्त हो जाता है. 3. इसमें power consumption अधिक होता है. SRAM तथा DRAM के अलावा इसके और भी प्रकार होते है जो नीचे दिए गये है (इन्हें पढने के नीचे लिंक पर क्लिक करें)

advantage of DRAM in hindi इसके फायदे निम्न है:- 1. SRAM की तुलना में यह सस्ता है. 2. इसका memory cell स्ट्रक्चर बहुत ही simple है. 3. इसका size बहुत ही छोटा होता है. 4. इसकी storage क्षमता अधिक होती है.

what is DRAM in hindi DRAM का पूरा नाम dynamic random access memory (डायनामिक एक्सेस मैमोरी) है. इसे कार्य करने के लिए एक refresh power की जरूरत होती है. तथा इसके पास memory cell के लिए transistor तथा capacitor होते है. इसको 1970 के दशक में बनाया गया था और इसका प्रयोग video game consoles, networking hardware, तथा सिस्टम मैमोरी आदि में किया जाता है.

disadvantage of SRAM in hindi इसके नुकसान निम्न है; 1. DRAM की तुलना में यह महँगा है. 2. यह volatile है जब power नहीं होती है तो इसका डेटा lost हो जाता है. 3. इसकी storage क्षमता कम है. 4. इसका design बहुत ही complex (कठिन) है.

advantage of SRAM in hindi इसके फायदे निम्नलिखित है:- 1. यह DRAM की तुलना में बहुत तेज है. 2. इसे refresh करने की जरुरत नहीं पड़ती है. 3. इसका प्रयोग cache को create करने के लिए किया जाता है. 4. इसमें medium power की आवश्यकता होती है.

what is SRAM in hindi SRAM का पूरा नाम static random access memory (स्टैटिक रैंडम एक्सेस मैमोरी) है. इसे कार्य करने के लिए एक निरंतर (constant) power की जरूरत होती है. निरंतर power मिलते रहने के कारण इसे refresh करने की आवश्यकता नहीं होती है. SRAM प्रत्येक memory cell के लिए बहुत सारें transistors का प्रयोग करता है परन्तु इसमें प्रत्येक cell के लिए capacitor नहीं होता है. आजकल इसका प्रयोग cache मैमोरी तथा registers में किया जाता है. इसकी खोज 1990 के दशक में की गयी थी और इसका प्रयोग digital camera, routers, printers तथा LCD screens में किया जाता है.

types of RAM in hindi (रैम के प्रकार) यह मुख्यतया दो प्रकार का होता है जो कि निम्नलिखित है:- 1. SRAM 2. DRAM

disadvantage of RAM in hindi (रैम की हानियाँ) इसके नुकसान निम्नलिखित है:- 1:- computer में RAM कम होती है क्योंकि इसकी प्रत्येक bit की cost बहुत अधिक होती है. 2:- यह volatile होती है अर्थात् इसमें डाटा हमेशा के लिए स्टोर नहीं हो सकता है. 3:- यह बहुत महँगी होती है. 4:- यह CPU cache से slow (धीमी) होती है. figure

advantage of RAM in hindi (रैम के लाभ) इसके लाभ निम्नलिखित है:- 1:- इससे कंप्यूटर सिस्टम की speed (गति) बढती है जितनी ज्यादा ram होगी सिस्टम कि गति उतनी ही अधिक होगी. 2:- CPU, रैम से data को तेजी से read कर सकता है. (हार्ड डिस्क, CD, DVD, FLOPPY DISK तथा USB की तुलना में) 3:- इसमें power का बहुत कम use होता है जिससे battery life बढती है. 4:- इसमें कोई भी moving parts नहीं होते है अर्थात् इसके कोई भी parts हिलते नहीं है. 5:- इसमें write तथा erase operations कर सकते है.

RAM के द्वारा कंप्यूटर data को randomly एक्सेस करता है जिससे कि कंप्यूटर बहुत तेजी से कार्य कर सकता है. CD तथा hard drive में डेटा sequence में एक्सेस होता है जिसके कारण वे slow होते है. RAM एक volatile मैमोरी है तथा इसके data को एक्सेस करने के लिए power की आवश्यकता होती है यदि कंप्यूटर को बंद कर दिया जाएँ तो RAM में जितना भी data होगा वह lost (समाप्त) हो जाएगा. यदि कंप्यूटर को reboot कर दिया जाए तो operating system तथा अन्य फाइल्स RAM में हार्ड डिस्क के द्वारा दूबारा load होती है. यह motherboard में स्थित रहती है और एक ही समय में read तथा write का कार्य करती है. इसकी read तथा write करने की speed अन्य storage devices की तुलना में बहुत अधिक तेज होती है. तथा RAM मैमोरी को bytes (GB, MB) में मापा जाता है.

What is RAM in Hindi (रैम क्या है?) RAM का पूरा नाम random access memory (रैंडम एक्सेस मैमोरी) है. यह कंप्यूटर में स्थित एक हार्डवेयर डिवाइस होती है जो कि data को temporarily स्टोर करती है. (temporarily मतलब यह कुछ समय के लिए ही data को स्टोर करती है) RAM को main memory, primary memory या system memory भी कहते है. इसे कभी कभी read-write मैमोरी भी कहते है

BIOS और CMOS के बीच के अंतर CMOS बायोस CMOS का फुल फॉर्म Complementary Metal Oxide Semiconductor होता है इसका फुल फॉर्म Basic Input Output System होता है. CMOS एक हार्डवेयर है जो मदरबोर्ड में लगी रहती है. बायोस एक सॉफ्टवेयर है जो ROM में स्टोर रहता है CMOS का कार्य BIOS की Setting को सुरक्षित तरीके से स्टोर करना होता है. बायोस का कार्य POST की प्रक्रिया करना, Boot करना और ड्राइवर को लोड करना होता है. CMOS को एक बैटरी के द्वारा Power मिलती है जिसे कि CMOS बैटरी कहते हैं. बायोस को CMOS के द्वारा Power (शक्ति) मिलती है.

4. आधुनिक समय में, कुछ कंप्यूटरों में BIOS सॉफ्टवेयर हो सकता है, जिसका आकार 16 मेगाबाइट या उससे अधिक हो सकता है। वर्ष 1981 में पहली बार IBM ने अपने पर्सनल कंप्यूटर में बायोस का इस्तेमाल किया था। BIOS को बनाने वाली कंपनीयां 1. Foxconn 2. AMI 3. Hewlett Packard (HP) 4. Ricoh 5. Asus