Не попадись на ботовода! Telemetrio знаходить і позначає такі канали мітками 👉 Хочеш бачити мітку, оформляй підписку 👈
काम संहिता🙏
Відкрити в Telegram
सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
Показати більше2 477
Підписники
Немає даних24 години
+237 днів
+3630 днів
2 878
Перегляди допису
~ 53824 години
Немає даних48 годин
116.19%
Коефіцієнт залучення
Немає даних
Дописів на день
Архів дописів
2 477
संभोग से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव जय भोलेनाथ
https://t.me/dev_your_buddy
2 477
मोह की कैसी विचित्र महिमा है कि बड़े बड़े विद्वान् पण्डित भी प्रत्यक्ष ही अपवित्रता की पुतली #स्त्री को देखकर मोहित होते हैं । उसकी स्तुति करते हैं, आनंदित होते हैं, रमन करते हैं और उत्कण्ठित होकर हे कमलनयनी ! हे विशाल नितम्बों वाली ! हे विशालाक्षी ! हे कल्याणी ! हे शुभे ! हे पुष्टपयोधरवाली ! हे सुन्दर भौंहों वाली प्रभृति नाना प्रकार के सम्बोधनों से उसे सम्बोधित करते हैं ।
#Pls_शेयर.....
2 477
#प्रेम
इतना भी आसान नहीं है
जितनी सहजता से तुम कह गए कि तुम्हें मुझसे प्रेम है !!
प्रेम को जानने के लिए कबीर होना पड़ता है,
मीरा, तुलसी और रैदास होना पड़ता है
लोग, न जाने कितने ही
शास्त्र, वेद, पुराण और कुरान घोलकर पी गये
लेकिन, अफ़सोस ! वो नही जान पाए प्रेम के मर्म को
रस से अनजान गुठली के लिये लड़ते देखा है उनको
हड्डियों सा चूसते रहते हैं वो ग्रन्थों को,
कोसते रहते हैं एक दूसरे को धर्म के नाम पर
उस धर्म के नाम पर..जहाँ प्रेम नहीं,
करुणा नहीं! ...हाँ
इतना भी आसान नहीं है यह प्रेम
पूरी जिंदगी खर्च की है कबीर जैसे सन्तों ने
तब जाकर इस अढ़ाई आखर की बात की
और, तुमने मुझें इतनी सहजता से कह दिया
कि तुम्हें मुझसे प्रेम है !!!
#सोचना_जरा ! #यह_प्रेम_है_या_फिर_कुछ_और... .
2 477
प्रेम और काम क्या जरूरी हैं जीवन में ? एक जाल सबसे कठिन और शक्त जाल ना कोई बचा है ना कोई बचेगा। आइए जानते है...साथ में शेरों शायरी का भी आनंद लीजिए। जुड़ते ही आप अपने_100_मित्रों को ग्रुप में जुड़ने के लिए invite करें, और इस ग्रुप के लिंक को शेयर करते रहिए टेलीग्राम पर 🙏🙏
2 477
💞 *सेक्स दो ऊर्जाओं का नृत्य है
तुम्हे जिस स्त्री से प्रेम है। यदि कभी वह किसी और के साथ आनंदित होती है इसमें गलत क्या है? तुम्हें खुश होना चाहिए कि यह प्रसन्न है क्योंकि तुम उससे प्रेम करते हो केवल ध्यानी ही ईर्ष्या से मुक्त हो सकता है।
सेक्स तो आमोद-प्रमोद पूर्ण होना चाहिए। न कि गंभीर मामला जैसा कि अतीत में बना दिया गया। यह तो एक नाटक की तरह होना चाहिए एक खेल कि तरह मात्र दो लोग एक दूसरे की शारीरिक ऊर्जा के साथ खेल रहे है। यदि वे दोनों खुश है तो इसमें किसी दूसरे की दखल अंदाजी नहीं होनी चाहिए। वे किसी को नुकसान नहीं पहुंचा रहे। वे बस एक दूसरे की ऊर्जा का आनंद ले रहे है। यह ऊर्जाओं का एक साथ नृत्य है। इसमें समाज का कुछ लेना देना नहीं है। जब तक कि कोई एक दूसरे के जीवन में नुकसान न दें। अपने को थोपे लादे हिंसात्मक न हो किसी के जीवन को नुकसान न पहुँचाए तब ही समाज को बीच में आना चाहिए। अन्यथा कोई समस्या नहीं है इसका किसी तरह से लेना देना नहीं होना चाहिए।
सेक्स के बारे में भविष्य में पूरा अलग ही नजरिया होगा। यह अधिक खेल पूर्ण आनंद पूर्ण अधिक मित्रतापूर्ण अधिक सहज होगा। अतीत की तरह गंभीर बात नहीं। इसने लोगों का जीवन बर्बाद कर दिया है। बेवजह सरदर्द बन गया था। इसने बिना किसी कारण ईर्ष्या अधिकार मलकियत किचकिच झगड़ा मारपीट भर्त्सना पैदा की।
सेक्स साधारण बात है जैविक घटना मात्र। इसे इतना महत्व नहीं दिया जाना चाहिए। इसका इतना ही महत्व है कि ऊर्जा का ऊर्ध्वगमन किया जा सके। यह अधिक से अधिक आध्यात्मिक हो सकता है। और अधिक आध्यात्मिक बनाने के लिए इसे कम से कम गंभीर मसला बनाना होगा। सेक्स से संबंधित नैतिकता के भविष्य को लेकर बहुत चिंतित मत होओ यह पूरी तरह से समाप्त हो जाने वाला है। भविष्य में सेक्स के बारे में पूरी तरह से नया ही दृष्टिकोण होगा। और एक बार सेक्स का नैतिकता से इतना गहरा संबंध समाप्त हो जायेगा। तो नैतिकता का संबंध दूसरी अन्य बातों से हो जायेगा जिनका अधिक महत्व है।
सत्य, ईमानदारी, प्रामाणिकता, पूर्णता, करूण, सेवा, ध्यान, असल में इन बातों का नैतिकता से संबंध होना चाहिए। क्योंकि ये बातें है जो तुम्हारे जीवन को रूपांतरित करती है। ये बातें है जो तुम्हें अस्तित्व के करीब लाती है।
एक प्रेमी बनो यह एक शुभ प्रारंभ है लेकिन अंत नहीं अधिक और अधिक ध्यान मय होने में शक्ति लगाओ। और शीध्रता करो क्योंकि संभावना है कि तुम्हारा प्रेम तुम्हारे हनीमून पर ही समाप्त हो जाए। इसलिए ध्यान और प्रेम हाथ में हाथ लिए चलने चाहिए। यदि हम ऐसे
जगत का निर्माण कर सकें जहां प्रेमी ध्यानी भी हो। तब प्रताड़ना दोषारोपण ईष्र्या हर संभव मार्गसे एक दूसरे को चोट पहुंचाने की एक लंबी शृंखला समाप्त हो जाएगी।
और जब मैं कहता हूं प्रेम हमारी स्वतंत्रता होनी चाहिए। वे सारे जगत में मेरी निंदा करते है। एक ‘सेक्स गुरू’ की भांति। निश्चित ही में प्रेम की स्वतंत्रता का पक्षपाती हूं। और एक भांति वे ठीक भी है। मैं नहीं चाहता कि प्रेम
बाजार में मिलने वाली एक वस्तु हो। यह मात्र उन दो लोगों के बीच मुक्त रूप से उपलब्ध होनी चाहिए। जो राज़ी है। इतना ही पर्याप्त है। और यह करार इसी क्षण के लिए है। भविष्य के लिए कोई वादा नहीं है। इतना ही पर्याप्त है।
तुम्हारी गर्दन की ज़ंजीरें बन जायेगी। वे तुम्हारी हत्या कर देंगी। भविष्य के कोई वादे नही इसी क्षण का आनंद लो। और यदि अगले क्षण भी तुम साथ रहे तो तुम इसका और भी आनंद लो। और यदि अगले क्षण तुम साथ रह सके तुम और भी आनंद ले पाओगे। तुम संबद्ध हो सकते हो। इसे एक संबंध मत बनाओ। यदि तुम्हारी संबद्धता संपूर्ण जीवन चले अच्छा है। यदि न चले वह और भी अच्छा है।
संभवत: यह उचित साथी न था शुभ हुआ कि तुम विदा हुए। दूसरा साथ खोजों। कोई न कोई कहीं न कहीं होगा जो तुम्हारी प्रतीक्षा कर रहा है। लेकिन यह समाज तुम्हें उसे खोजने की अनुमति नहीं देता है। जो तुम्हारी प्रतीक्षा
कर रहा है। जो तुम्हारे अनुरूप है। वे मुझे अनैतिक कहेंगे मेरे लिए यही नैतिकता है। जिसे वे प्रचलन में लाने का प्रयास कर रहे है वह अनैतिक है।
❣ _*ओशो*_ ❣
2 477
#प्रियत्मा_क्या_चाहती_है_प्रिय_से❤❤
❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤
अक्सर झिझक ,शर्म,हया के कारण स्त्रियां अपने पति या प्रेमी से कुछ कह नही पाती चाहे सेक्स की विस्तर हो या प्रेम की इतराना हो या आवश्यकता की ही चीज क्यों न हो आमतॊर पर यह समझना मुश्किल रहता है किसी पुरुष को कि महिलाऎ क्या चाहती है
#आमतॊर पर महिलाओ को ऎसे साथी की जरूरत रहती है जो उसे प्यार करे ऒर उसकी केयर करे ऒर उसे समझे
#प्रेमी सही समय पर सही बात कहे ऒर उसे महत्व देते हुए उसका सम्मान करे।
#अक्सर महिलाऒ को वे पुरुष पसन्द आते है जो सवेदनशील हो ऒर समझदार होते हैं ऒर महिलाओं का आदर सम्मान करते हो।
#महिलाओ का मन भी सेक्स करने को कहता हॅ ऒर वो इसके बारे मे बात चित भी करना चाहती है लेकिन वह झिझक के कारण से नहि कह पाति इससे वह चाहती है कि उनका साथी गलत ना समझे उनके भावनाओं को समझे।
#कुछ महिलाएं सेक्स पर बात करने ऒर सेक्स करने से कतराती हैं वही कुछ महिलाओ को इसमे आनन्द आता है।
#महिलाएं चाहती है की उनका साथी सेक्स करने के तुरन्त बाद अलग ना हो जाऎ सेक्स के बाद भी फोरप्ले करे।
#महिलाएँ चाहती है की उनका साथी सप्ताह मे कम से कम तीन - चार बार सेक्स करे। (
2 477
हेल्थ मॅगजिन के द्वारा सेक्स टिप्स
💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓💓
1)अपने साथी के भग्नाशय. के आस-पास कुछ खाने के दाने डाले ऒर फिर उसे धिर,धीरे-धीरे खाये, जैसे अंगूर,चॉकलेट आदि
2) उसे बेडरूम. के चादर मे ऎसे लपेट दे जॅसे कोई ब्रेड. रोल ताकि वह अपने हाथों से कुछ ना कर सके ऒर आप जो चाहे करने का मजा ले।
3) अपने पार्टनर के बुब्स. पर इस तरह कोमलता से किस करे कि उसे लगे किसी तितली ने छू लिया हो,
4) अगर आप किसी पब्लिक प्लेस पे हैं अपने Girlfriend. के साथ तो धिरे से उसकी हथेली पर अपने जिभ से छु ले
5) , क ई बार महिलाऎ समझ नही पाती कॊन सी चिज उन्हे उतेजित करती है पहले खुद हि पता लगाए. क ई बार वे जानकर बताने से शरमाती हॅ अतः खुद ही कल्पना करे व एंजाय करे जब सहज लगे तो अपने पार्टनर को बताए.
6) सहवास के पहले हल्का ऒर सुपाच्य भोजन करे यह भी ध्यान रख कि भोजन और सेक्स के बिच कम से कम दो घन्टे का अंतर हो
2 477
मत देख इन कातिल
कजरारी नयनों से प्रिये
तुम्हारी अंगराती इठलाती
जवानी टपका रहा नल का
पानी प्रिये !
2 477
इस पोज में आनन्द भी और आसान भी । पीछे से हलके से कान ओठ पेट के बगल के हिस्से पर जिभ से टिकलिंग, चुम्बन करें और लिंग प्रवेश भी आसानी से परन्तु ध्यान रखे जिनका शीघ्रपात होता है वो इस पोज में नही करें ये आनन्द ,मनोरंजन क्रिया का पोज है।
2 477
सभी मजहब में स्त्री का शोषण पौराणिक काल से होते आया है इस्लाम मे ज्यादा है । हूर हो या अप्सरा इनका प्रयोग वासना की पूर्ति ,मोह, आकर्षन में किया गया ।हिंदू कथाओं में अप्सरा देवलोक की नृत्यांगनायें हैं। इनमें से प्रमुख हैं उर्वशी, रम्भा, मेनका आदि।
ईस्लाम की तरह हिन्दु धर्म में नारी के प्रति गंदी नजर नही दर्शायी गई है ईस्लाम में हूरें काम पुर्ति ,सम्भोग के लिये बताई गई है लेकिन सनातन धर्म में अप्सरायें माता तुल्य है अप्सरा जो काल्पनिक, परंतु नितांत रूपवती स्त्री के रूप में चित्रित की गई हैं।
अप्सराएं तरुण, सुंदर, अविवाहित, कमर तक वस्त्र से आच्छादित और हाथ में पानी से भरे हुआ पात्र लिए स्त्री के रूप में चित्रित की गई हैं जिनका स्थान देवीतुल्य है जल तथा स्थल पर निवास के कारण इनके दो वर्ग होते हैं।
भारतवर्ष में अप्सरा और गंधर्व का सहचर्य नितांत घनिष्ठ है। अपनी व्युत्पति के अनुसार ही अप्सरा (अप्सु सरत्ति गच्छतीति अप्सरा) जल में रहनेवाली मानी जाती है। अथर्व तथा यजुर्वेद के अनुसार ये पानी में रहती हैं इसलिए कहीं-कहीं मनुष्यों को छोड़कर नदियों और जल-तटों पर जाने के लिए उनसे कहा गया है। यह इनके बुरे प्रभाव की ओर सं
2 477
सेक्स करना एक्सरसाइज का बेहतरीन तरीका है
💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕💕
इंटरकोर्स के दौरान शारीरिक गतिविधि होती है और आपके शरीर एक्टिव मोड़ में रहता है। इस दौरान शरीर उतनी ही मेहनत करता है, जितना किसी वर्कआउट या व्यायाम करते समय करनी होती है। पोजिशन सेक्स का बदलना, फॉरप्ले करना आदि।
सेक्स शरीर की कैलोरी बर्न करने में मददगार होता है। रिसर्च की मानें तो हफ्ते में तीन बार सेक्स करने से एक साल में शरीर उतनी कैलोरी बर्न कर सकता है, जितनी 75 मील जॉगिंग करने से बर्न होती है।
जो लोग जिम में जाकर एक्सरसाइज करना पसंद नहीं करते हैं, उनके लिए सेक्स करना सरल उपाय है।
2 477
आजकल जैसे-जैसे 14 फरवरी नजदीक आता जा रहा है वैसे-वैसे इस सोशल मीडिया पर तथाकथित "#वैलेंटाइन_डे" की खुमारी छाती जा रही है.
लेकिन, क्या आप जानते हैं कि आखिर ये "वेलेंटाइन डे" है क्या....
और, ये मनाया क्यों जाता है ???
असल में इसकी जड़ पश्चिमी देशों से जुड़ी हुई है और लगभग 400 AD की है.
उस समय यूरोप और अमेरिका का समाज ... शादी से ज्यादा “Live in Relationship” (बिना शादी के पती-पत्नी की तरह से रहना) पर भरोसा करता था.
खुद प्लेटो (एक यूरोपीय दार्शनिक) ने लिखा है कि “मेरा 20-22 स्त्रियों से सम्बन्ध रहा है”
कमोबेश यही बात अरस्तु और देकातेर ने भी कहा है.
रूसो ने तो अपनी आत्मकथा में लिखा है कि “एक
स्त्री के साथ रहना, ये तो कभी संभव ही नहीं हो सकता, It’s Highly Impossible”.
मतलब कि.... वहाँ, एक पत्नी जैसा कुछ नहीं होता था.
लेकिन , बीच-बीच
में यूरोप में कुछ ऐसे लोग भी हुए जिन्होंने इन बातों का विरोध किया और इस तरह के रहन-सहन की व्यवस्थाओं पर कड़ी टिप्पणी की.
ऐसा ही एक व्यक्ति वैलेंटाइन था जिसका जन्म 478 AD (after death) हुआ था.
उस वैलेंटाइन का कहना था कि “हम लोग (यूरोप के लोग) जो जानवरों की तरह कई लोगों से शारीरिक सम्बन्ध रखते हैं वो उचित नहीं है क्योंकि इससे सेक्स-जनित रोग (venereal disease) होते हैं.
इसीलिए, हमें भी भारतीयों की तरह शादी करके किसी एक के साथ रहना चाहिए..
उसी बीच वो चर्च के पादरी हो गए तो चर्च में आने वाले हर व्यक्ति को वो ये सब बताने लगे.
और, जो लोग उनकी बात से सहमत हो जाते थे, वैलेंटाइन उनकी शादियाँ चर्च में कराते थे.
इस तरह से उन्होंने सैकड़ों शादियाँ करवाई थी.
उस समय रोम का राजा था.... क्लौड़ीयस.
क्लौड़ीयस ने कहा
कि “ ये वैलेंटाइन, हमारे यूरोप की परंपरा को बिगाड़ रहा है और यहाँ अपसंस्कृति फैला रहा है.
इसीलिए... वैलेंटाइन को पकड़ के लाओ “, तो उसके सैनिक वैलेंटाइन को पकड़ के ले आये.
फिर, वैलेंटाइन को शादी करवाने के जुर्म में फाँसी की सजा सुनाई गई.
और, जिनलोगों की शादी वैलेंटाइन ने करवाई थी.... उन सभी के सामने वैलेंटाइन को 14 फ़रवरी 498 ईस्वी को फाँसी दे गई.
इससे, जिन बच्चों ने वैलेंटाइन के कहने पर शादी की थी... वे बहुत दुखी हुए और उन सब ने उस वैलेंटाइन की दुखद याद में 14 फ़रवरी को वैलेंटाइन डे मनाना शुरू किया.
और, उसी दिन से यूरोप में वैलेंटाइन डे मनाया जाता है.
कुल मिलाकर कहने का मतलब ये है कि.... वैलेंटाइन, जो कि यूरोप में शादियाँ करवाते फ़िरते थे... और, चूंकि, राजा ने उनको फाँसी की सजा दे दी....
तो, उनकी याद में वैलेंटाइन डे मनाया जाता है.
अब यही "वैलेंटाइन डे" हमारे हिंदुस्तान के स्कूल- कॉलजों
में आ गया है और बड़े धूम-धाम से मनाया जा रहा है जहाँ लड़के-लड़िकयां बिना सोचे-समझे एक दूसरे को वैलेंटाइन डे का कार्ड दे रहे हैं.
जो कार्ड होता है उसमे लिखा होता है ” Would You Be My Valentine”
जिसका मतलब होता है .... “क्या आप मुझसे शादी करेंगे” ???
अब ये मतलब तो किसी को मालूम होता नहीं है...
और, वो समझते हैं कि जिससे हम प्यार करते हैं... उन्हें ये कार्ड देना चाहिए तो वो ये कार्ड अपने मम्मी-पापा और दादा-दादी को भी दे देते हैं.
इसका पूरा संदर्भ समझने के बाद सिर्फ एक ही बात कहा जा सकती है कि....
नकल के लिए अकल चाहिए होती है...!
नहीं तो सकल भी चला जाता है.
नोट : लेख पर अगर किसी सज्जन अथवा दुर्जन को आपत्ति हो तो वे कमेंट में लिखने के लिए स्वतन्त्र है.
मैंने , इसके पीछे की पूरी कहानी बता दी है और इसके बाद उम्मीद है कि आशिक मिजाज मित्रगण समझ जाएँगे.
2 477
#कामवासना से ग्रसित हे मानव ! उस #स्त्री के पुष्ट स्तनों, मनोहर जाँघों और सुन्दर मुख को देखकर व्यर्थ ही क्यों व्याकुल होते हो ? यदि तुम उसके कठोर स्तनों कि प्रभृत्ति का आनन्द लेना ही चाहते हो, तो पुण्य करो, क्योंकि बिना पुण्य किये मनोरथ सिद्ध नहीं होता है ।
2 477
सेक्स के दौरान महिला और पुरुष दोनों के शरीर से ऑक्सिटोसिन की मात्रा ज्यादा रिलीज होती है, जो प्यार बढ़ाने और प्लेजर पाने के लिए मददगार होता है।
इसे फील गुड हॉर्मोन भी कहा जाता है। जब आप किसी के साथ सेक्स करते हैं, तो आपके शरीर में इस हॉर्मोन के रिलीज होने के कारण आप अपने साथी के साथ एक अच्छी बॉन्डिंग बनाने में कामयाब हो सकते हैं।
यही कारण है कि सेक्स के बाद आपको और भी ज्यादा अच्छा महसूस होने लगता है और आपको अपने पार्टनर के लिए और भी प्यार आने लगता है।
महिलाओं में अधिक होती है ऑक्सिटोसिन की मात्रा
सेक्स के दौरान ऑक्सिटोसिन की मात्रा महिला और पुरुष दोनों के ही शरीर में रिलीज होती है।
लेकिन, महिलाओं में ऑक्सिटोसिन की भरपूर मात्रा होती है, जिसकी वजह से महिलाएं सेक्स के बाद पुरुष साथी के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ने का प्रयास करती हैं।
2 477
#चॉकलेट_सेक्स
डार्क चॉकलेट का सेवन करने से इंसान में अंदर प्यार करने की भावना पैदा हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें फिनाइल इथेलामाइन (पीईए) रसायन होता है। इस रसायन को ‘लव केमिकल’ के नाम से जाना जाता है। पीईए केमिकल रिलेशनशिप शुरू होने के कुछ महीनों बाद पैदा होता है। पीईए हमारे शरीर में डोपामाइन जैसे अच्छे हार्मोन को बनाता है। बेल्जियम के वैज्ञानिक भी अपने अध्ययन में इस बात का दावा कर चुके हैं कि चॉकलेट का सेवन करने से पुरुषों की सेक्स परफॉर्मेंस छह घंटे तक बढ़ सकती है।
इसके अलावा कई रिसर्च में यह भी दावा किया गया है कि कोकोआ रक्त प्रवाह को बढ़ाता है जिससे ब्लड सर्कुलेशन शरीर के सभी आवश्यक हिस्सों तक पहुंच पाता है। इसके साथ ही इसका सेवन करने से खुश रखने वाले हार्मोन सेरोटोनिन के स्तर को बढ़ाता है। चॉकलेट लव मेकिंग के दौरान ताजगी पैदा करने का काम करती है। इस तरह सेक्स के लिए चॉकलेट को फायदेमंद माना जाता है।
सेक्स के लिए चॉकलेट के इस्तेमाल का कारण
ऑर्गेज्म के बाद एमिग्डाला ( ये मष्तिष्क का एक हिस्सा है जो बादाम के आकर का होता है ) महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। दरअसल एमिग्डाला डर और उत्तेजना दोनों में सक्रिय
2 477
शाम की सुहानी बेला में
इंतजार की राह पर
दरवाजे के दोनों पटो को खोल
प्रियत्मा आलिंगन में लेने को
पुकार रही है तुम !
2 477
शरीर में सेक्स की उत्तेजना अत्याधिक उठने लग जाये या संभोग करने की इच्छा चरम पे हो तो उस समय आँखे बंद कर आसन लगानके बैठ जाए और गुदा द्वार को ऊपर खींचकर रोक कर रखे और आँखे बंद करके ध्यान को अपनी शीर की ओर सहस्त्रार पर केन्द्रित करे ।
ध्यान केन्द्रित करने के पांच मिनट के बाद ही उठी कामोत्तेजना शांत हो जाती है और वीर्य ऊर्जा नीचे की ओर लिंग योनि के मार्ग से निकलने के वजाय ऊपर के चक्रों की ओर जाने लगती है। अर्थात ऊर्जा का अधोगमन होने के बजाय उर्धगमन होने लग जाता है । यह तंत्र की बहुत महत्वपूर्ण और गुप्त विधी है।
2 477
#विधवा_हुई_गर्भवती_महापाप 😀😀😀
💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐
एक विधवा बहू ने अपनी सास को बताया कि वह तीन माह के गर्भ से है। परिवार में हंगामा मच गया समाज में भूचाल आ गया लोगों ने पंचायत जुटाई और उस बहू से बच्चे के बाप का नाम जानना चाहा।
भरी पंचायत में बहुत ने बताया कि तीन माह पूर्व मैं प्रयाग राज त्रिवेणी संगम स्नान करने गई थी स्नान के समय मैंने गंगा का आचवन करते हुए तीन बार गंगा जल पिया था। हो सकता है उसी समय किसी ऋषि,महात्मा महापुरुष का गंगा में वीर्य स्खलन हो गया और वो आचवन के साथ मैं पी गयी उसी से मैं गर्भवती हो गई।
सरपंच जी ने कहा यह असंभव है ऐसा कभी हो नहीं सकता कि किसी के वीर्य पी लेने से कोई गर्भवती हो जाय । बिल्कुल यही प्रश्न हमलोग होते तो कहते ।
उस महिला ने सरपंच को जवाब दिया और कहा हमारे धर्म ग्रंथों में यही बात तो दिखाई गई है कि विभंडक ऋषि के वीर्य स्खलन हो जाने से श्रृंगी ऋषि पैदा हुए।
हनुमान जी का पसीना मछली ने पी लिया वह गर्भवती हुई और मकरध्वज पैदा हुए।
सूर्य के आशीर्वाद से कुंती गर्भवती हो गई और कर्ण पैदा हुए
मछली के पेट से मत्स्यगंधा (सत्यवती) पैदा हुई।
खीर खाने से राजा दशरथ क
Контент доступний для користувачів 18+
Авторизувавшись на сервісі, ви підтверджуєте, що вам виповнилося 18 років.
