BPSC- "THE AiM"
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STET 2019
☑️Paper 1 (9-10)
☑️Science
☑️Question with Provisional Ans Key (Bilingual)
☑️14.09.2020 Shift 1
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समसामयिक_घटनासार_करंट_अफेयर्स_2023फरवरी_2023_से_15_अगस्त_2023_तक.pdf17.14 MB
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________________________________राजेंद्र नगर टर्मिनल बना बिहार का प्रथम स्टेशन जिसे 'Eat Right' स्टेशन का प्रमाण पत्र प्राप्त करने का गौरव हासिल हुआ।________________________________
FSSAI India यह प्रमाणन उन रेलवे स्टेशन को प्रदान करता है जो यात्रियों को उच्च गुणवत्तायुक्त पौष्टिक आहार प्रदान करने में निर्धारित मानक स्तर को पूरा करते है।
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🔥STET 2023: P-1 विशेष विद्यालय अध्यापक के लिए आवेदन कर चुके सभी अभ्यर्थी ध्यान देंगे,
उपर्युक्त नोटिस का अनुपालन कर 29-अगस्त, 2023 से 31-अगस्त 2023 के बीच अनिवार्य रूप से विषय का चयन में सुधार कर लेंगे☝️
💢Advertisement P.R. 276/2023: Dated 29-08-2023
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Aditya L1 Mission: सूर्य का अध्ययन करने वाला मिशन 2 सितंबर को होगा लॉन्च
चंद्रयान-3 के चांद पर सफल लैंडिंग के बाद इसरो जल्द ही एक और बड़ी लॉन्चिंग करने को तैयार है। अब इसरो सूर्य से जुड़े कई फैक्ट का पता करने के लिए ‘आदित्य-एल1 मिशन के साथ तैयार है।
चंद्र अभियान की सफलता के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) सूरज का अध्ययन करने के लिए दो सितंबर को ‘आदित्य-एल1’ सूर्य मिशन को लॉन्च करेगा। इसरो ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि आदित्य एल-1 दो सितंबर को 11 बजकर 50 मिनट पर श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा। आदित्य एल वन सूर्य का अध्ययन करने वाली पहली अंतरिक्ष-आधारित भारतीय वेधशाला है।
आदित्य एल वन की लॉन्चिंग देख सकेंगे
इसरो ने बताया कि आदित्य एल वन की लॉन्चिंग आम नागरिक भी देख सकेंगे। इसरो ने श्रीहरिकोटा में लॉन्च व्यू गैलरी से लॉन्चिंग देखने के लिए लोगों को आमंत्रित भी किया है। इसके लिए लोग lvg.shar.gov.in/VSCREGISTRATIO...पर पंजीकरण कर सकते हैं।
मिशन का फायदा
बता दें कि ‘आदित्य-एल 1’ सूर्य के अवलोकन के लिए पहला समर्पित भारतीय अंतरिक्ष मिशन होगा, जिससे अंतरिक्ष एजेंसी इसरो द्वारा प्रक्षेपित किया जाएगा। आदित्य-एल1 मिशन का उद्देश्य एल1 (सूर्य-पृथ्वी लाग्रेंज बिंदु) के चारों ओर की कक्षा से सूर्य का अध्ययन करना है। यह अंतरिक्ष यान सात पेलोड लेकर जाएगा। अंतरिक्ष यान को सौर कोरोना (सूर्य की सबसे बाहरी परतों) के दूरस्थ अवलोकन और एल1 (सूर्य-पृथ्वी लाग्रेंज बिंदु) पर सौर हवा के यथास्थिति अवलोकन के लिए बनाया गया है। एल1 पृथ्वी से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर है। बता दें कि पृथ्वी से सूर्य की दूरी 150 मिलियन लाख किलोमीटर है। आदित्य-एल1 मिशन, जिसका उद्देश्य L1 के चारों ओर की कक्षा से सूर्य का अध्ययन करना है।_____________
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Aditya L1 Mission: सूर्य का अध्ययन करने वाला मिशन 2 सितंबर को होगा लॉन्च
चंद्रयान-3 के चांद पर सफल लैंडिंग के बाद इसरो जल्द ही एक और बड़ी लॉन्चिंग करने को तैयार है। अब इसरो सूर्य से जुड़े कई फैक्ट का पता करने के लिए ‘आदित्य-एल1 मिशन के साथ तैयार है।
चंद्र अभियान की सफलता के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) सूरज का अध्ययन करने के लिए दो सितंबर को ‘आदित्य-एल1’ सूर्य मिशन को लॉन्च करेगा। इसरो ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि आदित्य एल-1 दो सितंबर को 11 बजकर 50 मिनट पर श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा। आदित्य एल वन सूर्य का अध्ययन करने वाली पहली अंतरिक्ष-आधारित भारतीय वेधशाला है।
आदित्य एल वन की लॉन्चिंग देख सकेंगे
इसरो ने बताया कि आदित्य एल वन की लॉन्चिंग आम नागरिक भी देख सकेंगे। इसरो ने श्रीहरिकोटा में लॉन्च व्यू गैलरी से लॉन्चिंग देखने के लिए लोगों को आमंत्रित भी किया है। इसके लिए लोग lvg.shar.gov.in/VSCREGISTRATIO...पर पंजीकरण कर सकते हैं।
मिशन का फायदा
बता दें कि ‘आदित्य-एल 1’ सूर्य के अवलोकन के लिए पहला समर्पित भारतीय अंतरिक्ष मिशन होगा, जिससे अंतरिक्ष एजेंसी इसरो द्वारा प्रक्षेपित किया जाएगा। आदित्य-एल1 मिशन का उद्देश्य एल1 (सूर्य-पृथ्वी लाग्रेंज बिंदु) के चारों ओर की कक्षा से सूर्य का अध्ययन करना है। यह अंतरिक्ष यान सात पेलोड लेकर जाएगा। अंतरिक्ष यान को सौर कोरोना (सूर्य की सबसे बाहरी परतों) के दूरस्थ अवलोकन और एल1 (सूर्य-पृथ्वी लाग्रेंज बिंदु) पर सौर हवा के यथास्थिति अवलोकन के लिए बनाया गया है। एल1 पृथ्वी से करीब 15 लाख किलोमीटर दूर है। बता दें कि पृथ्वी से सूर्य की दूरी 150 मिलियन लाख किलोमीटर है। आदित्य-एल1 मिशन, जिसका उद्देश्य L1 के चारों ओर की कक्षा से सूर्य का अध्ययन करना है।................
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