879
Підписники
-124 години
-47 днів
-1730 днів
Архів дописів
पीर की मिश्री कभी घुलती नही है।
लग गयी जो गांठ फिर खुलती नही है।
बारिशें हो दर्द की कितनी मगर,
प्यार की स्याही कभी धुलती नही है।
हस्ती हुई जिंदगी में दुःख कब आकर गुजर जाते हैं, इसका पता मुश्किल ही लग पाता हैं।।✨🙂✨
घूम रहा है, उसके डाले दाने चुगने कि जगह,
ये क़बूतर भी देखना, मोहब्बत में मरेगा एक दिन..
किसी से करो प्यार इतना,
*कि किसी ओर से मिलने की गुंजाइश ना रहे*
वो मुस्कुरा देँ आपको देख कर एक बार
*तो जिंदगी से फिर कोई ख्वाहिश न रहे*
@amit_akv
