879
Підписники
-124 години
-47 днів
-1730 днів
Архів дописів
*वो पन्ना ,,, तुमने ,,, पढ़ा ही कहाँ ,,,*
*अधूरा छोड़ा था ,,, हमने जिसे ,,, तुम्हारे लिए..!!*
Ak....✍
अब उन्हें ये कौन बताये कि
उनके ना हो सकेंगे तो किसी के भी ना होंगे
ऐसा वादा भी हमने उनसे ही किया था
हुनर मोहब्बत का हर किसी को कहाँ आता है?
लोग हुस्न पर फ़िदा होकर..... उसे इश्क़ कह देते हैं
आज मैंने अपने दिल से पूछा,प्यार क्या है?
दिल ने कहा देख मेरा काम है खून सप्लाई
करना.....फालतू की बात मत किया कर...🙄😂😂
फूल जब माँगते है बरसो दुआ,
तब बहारो की कली खिलती है |
वो तो आई है कही जन्नत से,
ऐसी महबूबा जमाने मे कहाँ मिलती है |
तेरी मुहब्बत की तलब थी तो हाथ फैला दिए वरना,
हम तो अपनी ज़िन्दगी के लिए भी दुआ नहीं करते…
उसका मुझसे मेरा उससे अब कोई रिश्ता नहीं है
लेकिन....
आज भीं वो मेरी मोहब्बत कहलाया जाता है....
