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UJJWAL IAS AYODHYA®™

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📈 Аналітичний огляд Telegram-каналу UJJWAL IAS AYODHYA®™

Канал UJJWAL IAS AYODHYA®™ (@ujjawaliasayodhya) у мовному сегменті Хінді є активним учасником. На даний момент спільнота об'єднує 21 575 підписників, посідаючи 9 313 місце в категорії Освіта та 18 971 місце у регіоні Індія.

📊 Показники аудиторії та динаміка

З моменту свого створення невідомо, проект продемонстрував стрімке зростання, зібравши аудиторію у 21 575 підписників.

За останніми даними від 17 жовтня, 2026, канал демонструє стабільну активність. Хоча за останні 30 днів спостерігається зміна кількості учасників на 1 262, а за останні 24 години на 29, загальне охоплення залишається високим.

  • Статус верифікації: Не верифікований
  • Рівень залученості (ER): Середній показник залученості аудиторії становить 28.19%. Протягом перших 24 годин після публікації контент зазвичай збирає 20.55% реакцій від загальної кількості підписників.
  • Охоплення публікацій: В середньому кожен допис отримує 6 077 переглядів. Протягом першої доби публікація в середньому набирає 4 431 переглядів.
  • Реакції та взаємодія: Аудиторія активно підтримує контент: середня кількість реакцій на один пост – 12.
  • Тематичні інтереси: Контент зосереджений навколо ключових тем, таких як टेस्ट, सफलता, मेहनत, तैयारी, सीरीज.

📝 Опис та контентна політика

Автор описує ресурс як майданчик для висловлення суб'єктивної думки:
“Ujjwal IAS official Telegram channel. Youtube- https://www.youtube.com/@UJJAWALIASAYODHYA App- https://play.google.com/store/apps/details?id=com.cbbzwd.oggulz”

Завдяки високій частоті оновлень (останні дані отримано 18 жовтня, 2026), канал підтримує актуальність та високий рівень охоплення публікацій. Аналітика показує, що аудиторія активно взаємодіє з контентом, що робить його важливою точкою впливу в категорії Освіта.

21 575
Підписники
+2924 години
+1837 днів
+1 26230 днів
Архів дописів
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🟥 संवैधानिक निकाय ▪️अनुच्छेद-76- महान्यायवादी ▪️अनुच्छेद-148-नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक ▪️अनुच्छेद-165-महाधिवक्ता ▪️अनुच्छेद - 243I - राज्य वित्त आयोग ▪️अनुच्छेद - 243K- राज्य निर्वाचन आयोग ▪️अनुच्छेद 243ZD- जिला योजना समिति ▪️ अनुच्छेद 263- अंतरराज्यीय परिषद ▪️ अनुच्छेद 280- वित्त आयोग ▪️ अनुच्छेद 279ए- जीएसटी परिषद ▪️ अनुच्छेद 315- लोक सेवा आयोग ▪️ अनुच्छेद 324- निर्वाचन आयोग ▪️अनुच्छेद 338- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ▪️अनुच्छेद 338A- राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ▪️अनुच्छेद 338B- राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग ▪️अनुच्छेद 350B- भाषाई अल्पसंख्यकों के लिए विशेष अधिकारी 

🚆 रेलवे ग्रुप डी परीक्षा वर्ष 2024 में शुरू हुई 32,438 पदों वाली ग्रुप डी भर्ती परीक्षा में शामिल देशभर के लगभग एक करोड़ से
🚆 रेलवे ग्रुप डी परीक्षा वर्ष 2024 में शुरू हुई 32,438 पदों वाली ग्रुप डी भर्ती परीक्षा में शामिल देशभर के लगभग एक करोड़ से अधिक अभ्यर्थियों का इंतजार समाप्त होने जा रहा है।

🟥 भारतीय संविधान की 12 अनुसूचियां ◽️ प्रथम अनुसूची इसमें भारतीय संघ के घटक राज्यों एवं संघ शासित क्षेत्रों का उल्लेख है • संविधान के 69वें संशोधन के द्वारा दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का दर्जा दिया गया है  ◽️ द्वितीय अनुसूची इसमें भारत राज व्यवस्था के विभिन्न पदाधिकारियों (राष्ट्रपति, राज्यपाल, लोकसभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष, राज्य सभा के सभापति एवं उपसभापति, विधान सभा के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष आदि) को प्राप्त होने वाले वेतन, पेंशन और भत्ते का उल्लेख किया गया है। ◽️ तृतीय अनुसूची तृतीय अनुसूची विभिन्न पदाधिकारियों द्वारा पद ग्रहण के समय ली जाने वाली शपथ का उल्लेख ◽️चौथी अनुसूची चौथी अनुसूची विभिन्न राज्यों तथा संघीय क्षेत्रों की राज्य सभा में प्रतिनिधित्व का विवरण किया गया है। ◽️ पांचवीं अनुसूची पांचवीं अनुसूची विभिन्न अनुसूचित क्षेत्रों और अनुसूचित जनजाति के प्रशासन और नियंत्रण के बारे में उल्लेख किया गया है ◽️ छठी अनुसूची छठी अनुसूची असम, मेघालय, त्रिपुरा, मिजोरम राज्यों के जनजाति क्षेत्रों के प्रशासन के बारे में l ◽️सांतवी अनुसूची सूची 1. संघ सूची- इस सूची में दिए गए विषय पर केंद्र सरकार कानून बनाती है ॥. राज्य सूची- इस सूची में दिए गए विषय पर राज्य सरकार कानून बनाती है राष्ट्रीय हित से संबंधित होने पर केंद्र सरकार भी कानून बना सकती है। III. समवर्ती सूची- इसके अन्तर्गत दिए गए विषय पर केंद्र एवं राज्य दोनों सरकारें कानून बना सकती हैं परंतु कानून के विषय समान होने पर केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया कानून ही मान्य होता है ◽️ आठवीं अनुसूची आठवीं अनुसूची में भारत की 22 भाषाओँ का उल्लेख किया गया है मूल रूप से आठवीं अनुसूची में 14 भाषाएं थीं ◽️नौवीं अनुसूची नौवीं अनुसूची के अंतर्गत राज्य द्वारा संपत्ति के अधिग्रहण की विधियों का उल्लेख किया गया है. संविधान में नौवीं अनुसूची प्रथम संविधान संशोधन अधिनियम 1951 के द्वारा जोड़ी गई दसवीं अनुसूची ▪️इसमें दल-बदल से संबंधित प्रावधानों का उल्लेख है ▪️ दसवीं अनुसूची संविधान में 52 वें संशोधन (1985) के में जोड़ी गई थी . ग्यारहवीं अनुसूची ▪️ इसमें पंचायतीराज संस्थाओं को कार्य करने के विषय का उल्लेख हैं . ▪️ ग्यारहवीं अनुसूची संविधान में 73 वें संवैधानिक संशोधन (1993) के द्वारा जोड़ी गई है . ◽️ बारहवीं अनुसूची इसमें शहरी क्षेत्र की स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को कार्य करने के विषय का उल्लेख हैं • बारहवीं अनुसूची 74 वें संवैधानिक संशोधन (1993) के द्वारा जोड़ी गई है 

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🟧 पंचायती राज से सम्बंधित समितियां एवं गठन वर्ष 🔘बलवंत राय मेहता समिति - 1957 🔘अशोक मेहता समिति - 1977 🔘हनुमंत राव समिति - 1983 🔘जीवीके राव समिति - 1985 🔘एलएम सिंघवी समिति - 1986 🔘थुंगन समिति - 1988 🔘गाडगिल समिति - 1988 🔘हरलाल सिंह खाड़ा समिति - 1990 

प्रिय साथियों, नमस्कार। 🙏 अत्यंत महत्वपूर्ण सूचना कल से आप सभी की UPTET टेस्ट सीरीज़ प्रारंभ हो रही है। 🕛 UPTET PRT: दोपहर 12:00 बजे से 2:30 बजे तक 🕞 UPTET जूनियर: शाम 3:30 बजे से 6:00 बजे तक साथियों, यह केवल एक टेस्ट सीरीज़ नहीं है, बल्कि आपके उस सपने की शुरुआत है जिसके लिए आप और आपका परिवार लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं। आज जो पसीना आपकी मेहनत में बह रहा है, वही कल आपकी सफलता की कहानी लिखेगा। करीब 60,000 पदों का अवसर सामने है। ऐसे अवसर बार-बार नहीं आते। इसलिए अब समय बहानों का नहीं, बल्कि खुद को पूरी ताकत से साबित करने का है। जब भी थकान महसूस हो, अपने माता-पिता के उन सपनों को याद करिए जो उन्होंने आपकी आँखों में सजाए हैं। याद करिए उन संघर्षों को जिनसे गुजरकर आप यहाँ तक पहुँचे हैं। कुछ महीनों की कठिन मेहनत आपकी पूरी जिंदगी बदल सकती है। इसलिए अब हर टेस्ट को अंतिम परीक्षा समझकर दीजिए, हर गलती से सीखिए और हर दिन खुद को पहले से बेहतर बनाइए। हो सकता है रास्ता कठिन हो, लेकिन मंजिल असंभव नहीं है। आज की मेहनत ही कल आपके चयन पत्र का आधार बनेगी। कल समय पर जुड़ें, पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ। आपकी सफलता आपका इंतजार कर रही है। 🌹📚✍️ "जब सपने बड़े हों, तो मेहनत भी बड़ी करनी पड़ती है।" ✨

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वीरता पुरस्कार भारत के राष्ट्रपति ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह 2026 (चरण-I) में 51 वीरता पुरस्कार प्रदान किये, जिनमें 7 कीर्ति चक्र, 15 वीर चक्र और 29 शौर्य चक्र शामिल हैं। यह सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) तथा पुलिस बलों के कर्मियों के अदम्य साहस एवं बलिदान को सम्मानित करता है। वीरता पुरस्कारों के संबंध में प्रमुख बिंदु क्या हैं? परिचय: वीरता पुरस्कार भारत के उन सर्वोच्च सम्मानों में से हैं, जो राष्ट्र सेवा में अद्वितीय साहस, असाधारण पराक्रम और सर्वोच्च आत्म-बलिदान देने वाले वीर सैनिकों एवं नागरिकों को प्रदान किये जाते हैं। युद्धकालीन वीरता पुरस्कार: ये पुरस्कार ऐसे साहसिक कार्यों को मान्यता देते हैं जो प्रत्यक्ष शत्रु की उपस्थिति में संपन्न हुए हों। परम वीर चक्र भारत का सर्वोच्च सैन्य अलंकरण है, जिसके बाद महा वीर चक्र और वीर चक्र आते हैं। ये पुरस्कार सैन्य अभियानों के दौरान प्रदर्शित विभिन्न स्तर की विशिष्ट वीरता के लिये प्रदान किये जाते हैं। परम वीर चक्र, महा वीर चक्र और वीर चक्र स्वतंत्र भारत द्वारा स्थापित किये गए पहले वीरता पुरस्कार थे। शांति काल के वीरता पुरस्कार: ये पुरस्कार तब दिये जाते हैं जब कोई सैनिक या नागरिक सीधे दुश्मन के सामने न होकर भी बहादुरी, वीरता या आत्म-बलिदान का काम करता है। इसमें उग्रवादियों के खिलाफ ऑपरेशन, लोगों को बचाने के मिशन, आपदा के समय की गई मदद और देश के अंदर सुरक्षा की ड्यूटी को सँभालना शामिल है। अशोक चक्र शांतिकालीन वीरता पुरस्कारों में सर्वोच्च है, इसके बाद कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र आते हैं। यह पुरस्कार मूल रूप से वर्ष 1952 में स्थापित किये गए थे और इनका प्रभाव 15 अगस्त, 1947 से लागू किया गया। स्वतंत्र भारत में शांतिकालीन वीरता पुरस्कारों को प्रारंभ में ‘अशोक चक्र वर्ग-I’, ‘अशोक चक्र वर्ग-II’ और ‘अशोक चक्र वर्ग-III’ के रूप में नामित किया गया था। वर्ष 1967 में इन पुरस्कारों का नाम बदलकर क्रमशः अशोक चक्र, कीर्ति चक्र और शौर्य चक्र कर दिया गया। प्राथमिकता का क्रम: वीरता पुरस्कारों में आधिकारिक प्राथमिकता क्रम इस प्रकार है: परम वीर चक्र, अशोक चक्र, महा वीर चक्र, कीर्ति चक्र, वीर चक्र और शौर्य चक्र, जो उनके सापेक्ष रैंक तथा मान-सम्मान को प्रदर्शित करता है।

नया कै्रश कोर्स व प्रैक्टिस बैच
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उज्ज्वल संस्थान से जुड़ने का सुनहरा अवसर- अच्छे सैलरी पैकेज के साथ
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प्राथमिक शिक्षक भर्ती डीएलएड/बीटीसी अभ्यर्थियों हेतु सुनहरा अवसर- आप सभी अपनी पढाई में लग जाइये इससे अच्छा मौका नही मिलने वाला है। कम्पटीशन भी रहेगा। बोर्ड द्वारा सेलेब्स जारी कर दिया गया है। तो अपनी तैयारी में अच्छे से लग जाओ।

प्राथमिक शिक्षक भर्ती