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₹40 लाख से कम टर्नओवर है तो GST नहीं लगेगा? जानिए नियम
हर छोटे दुकानदार को कारोबार शुरू करते ही GST नंबर लेना जरूरी नहीं है। सामान्य तौर पर सामान बेचने वाले कारोबारियों के लिए GST Registration की सीमा ₹40 लाख सालाना टर्नओवर है, जबकि कुछ राज्यों में यह ₹20 लाख है।
Services के लिए सामान्य सीमा ₹20 लाख और कुछ राज्यों में ₹10 लाख है।
लेकिन कम टर्नओवर के बावजूद कुछ मामलों में GST Registration जरूरी हो सकता है। जैसे कुछ inter-state supply, e-commerce और reverse charge वाले मामलों में अलग नियम लागू होते हैं।
GST नंबर लेने के बाद लागू returns और compliance भी पूरे करने पड़ते हैं। छोटे कारोबारी eligibility होने पर Composition Scheme का विकल्प भी देख सकते हैं।
इसलिए turnover और कारोबार का सही रिकॉर्ड जरूर रखें।
iPhone बनाने में भारत की बेटियों का बड़ा रोल!
दुनिया जिस iPhone की दीवानी है, उसे भारत में बनाने वाली workforce में महिलाओं की भागीदारी चौंकाने वाली है।
Apple की global workforce करीब 1.66 लाख है, जिसमें लगभग 35% महिलाएं हैं। लेकिन भारत में iPhone manufacturing से जुड़ी Foxconn में महिला कर्मचारियों की हिस्सेदारी करीब 80% तक पहुंचती है।
तमिलनाडु प्लांट में 2024 के आंकड़ों के अनुसार 41,281 कर्मचारियों में करीब 33,360 महिलाएं थीं। वहीं बेंगलुरु के देवनहल्ली प्लांट में दिसंबर 2025 तक करीब 30 हजार कर्मचारियों में लगभग 24 हजार महिलाएं थीं।
Apple के भारत स्थित पूरे ecosystem में करीब 2.5 लाख नौकरियां हैं और इनमें लगभग 70% workforce महिलाओं की बताई गई है। यानी iPhone की India story में भारतीय बेटियों का रोल लगातार बड़ा हो रहा है।
₹5 लाख की FD पर कितना रिटर्न?
कुछ Small Finance Banks इस समय सामान्य बैंकों के मुकाबले ज्यादा FD ब्याज दे रहे हैं।
🔹 सूर्योदय SFB: 5 साल पर 8.25%
₹5 लाख → करीब ₹7,52,132
ब्याज करीब ₹2,52,132
🔹 जना SFB: 3 साल पर 8%
🔹 उत्कर्ष SFB: 3 साल पर 7.5%
🔹 शिवालिक SFB: 3 साल पर 7.5%
🔹 उज्जीवन SFB: 1 और 3 साल पर 7.25%
🔹 ईसॉफ SFB: 1 और 3 साल पर 6%
सरकारी बैंकों में Bank of India की Green Deposit Scheme में 999 दिन पर 6.85% ब्याज है। ₹5 लाख करीब ₹7,02,193 हो सकते हैं।
Senior Citizens को कुछ योजनाओं में अतिरिक्त 0.50% ब्याज मिलता है।
FD कराने से पहले मौजूदा ब्याज दर और नियम जरूर जांच लें।
NPS Swasthya: इलाज के लिए NPS से 25% तक पैसा निकाल सकेंगे
PFRDA ने NPS Swasthya की ऑपरेशनल गाइडलाइन जारी कर दी है। यह योजना अक्टूबर 2026 में शुरू होने की तैयारी में है और इसमें NPS निवेश के साथ सुपर टॉप-अप हेल्थ इंश्योरेंस जोड़ा जाएगा।
सबसे बड़ी सुविधा यह है कि पात्र स्वास्थ्य खर्चों के लिए NPS Swasthya में किए गए योगदान का 25% तक आंशिक निकासी की जा सकेगी। निकासी की संख्या पर तय सीमा नहीं होगी और रकम सीधे खाताधारक को नहीं, बल्कि अस्पताल/हेल्थकेयर प्रोवाइडर को दी जाएगी।
प्रवेश की उम्र 18-70 साल और बीमा रिन्यूअल 85 साल तक हो सकता है।
कवर विकल्प ₹1 लाख से ₹30 लाख तक हैं। अकाउंट खोलने के लिए ₹1,000 NPS योगदान + ₹200 सालाना HBA फीस + पहले साल का हेल्थ प्रीमियम देना होगा।
स्टैंडर्ड कवर में खुद, पति/पत्नी और अधिकतम 2 बच्चे शामिल होंगे।
iPhone 18 Pro की सेल शुरू, स्टोर्स के बाहर लगी लंबी लाइनें!
Apple के iPhone 18 Pro और iPhone 18 Pro Max की भारत में बिक्री 18 सितंबर से शुरू हो गई। दिल्ली-NCR, मुंबई, बेंगलुरु और महाराष्ट्र समेत कई शहरों में ग्राहक स्टोर खुलने से घंटों पहले पहुंच गए। कुछ लोग दूसरे शहरों से भी फोन लेने पहुंचे, जबकि मुंबई में कुछ खरीदार रात से ही लाइन में खड़े थे।
iPhone 18 Pro की शुरुआती कीमत ₹1,64,900 और Pro Max की ₹1,79,900 है। टॉप 2TB Pro Max मॉडल की कीमत ₹3,29,900 तक जाती है।
Apple पुराने फोन के एक्सचेंज पर ₹81,500 तक का लाभ और चुनिंदा कार्ड पर ₹7,000 तक कैशबैक दे रहा है। 6 महीने तक नो-कॉस्ट EMI भी उपलब्ध है।
फोन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह मिल रहा है।
EPFO में बड़ा बदलाव, ₹25 हजार तक वेतन वालों को मिलेगा कवरेज
केंद्रीय कैबिनेट ने EPFO में अनिवार्य सदस्यता की वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने को मंजूरी दे दी है।
इस फैसले से करीब 51 लाख अतिरिक्त कर्मचारी EPFO के दायरे में आ सकते हैं। इससे उन्हें रिटायरमेंट सेविंग के साथ EPS के तहत पेंशन और EDLI के तहत बीमा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
EPFO की वेतन सीमा आखिरी बार 2014 में बढ़ाई गई थी। सरकार का कहना है कि पिछले वर्षों में कर्मचारियों की आय बढ़ी है, इसलिए सीमा में बदलाव जरूरी था।
इस फैसले पर सरकार का सालाना अतिरिक्त खर्च करीब ₹11,339 करोड़ रहने का अनुमान है, जबकि पांच साल में करीब ₹56,696 करोड़ खर्च हो सकते हैं।
अब इस फैसले को लागू करने के लिए EPFO और श्रम मंत्रालय जरूरी नियम और प्रक्रिया पूरी करेंगे।
महंगाई ने बढ़ाई चिंता, अगस्त में 4.82% पहुंची Retail Inflation
अगस्त 2026 में देश की खुदरा महंगाई 4.82% रही। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, खाने-पीने की चीजों की महंगाई इससे भी ज्यादा 5.95% दर्ज हुई।
गांवों में महंगाई का दबाव शहरों के मुकाबले ज्यादा रहा। ग्रामीण खुदरा महंगाई 5.23% और शहरी महंगाई 4.31% रही। खाद्य महंगाई गांवों में 6.13% और शहरों में 5.64% रही।
अलग-अलग खर्चों में पर्सनल केयर और उससे जुड़ी सेवाओं की महंगाई सबसे ज्यादा 15.17% रही। रेस्टोरेंट-अकोमोडेशन में 8.38%, फूड-बेवरेज में 5.66% और ट्रांसपोर्ट में 4.60% की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
वहीं थोक महंगाई भी अगस्त में बढ़कर 9.92% हो गई, जो जुलाई में 9.48% थी।
यानी महंगाई का असर खासकर रोजमर्रा के खर्चों पर साफ दिख रहा है।
