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Study with देव

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Tag line:- "Actions Speak Louder Than Words". Government Official Govt Of India 🇮🇳 CGHS Nursing Officer Ex- Public Health Nursing Officer (Level-8)

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📈 Аналітичний огляд Telegram-каналу Study with देव

Канал Study with देव (@studywithdev978) у мовному сегменті Англійська є активним учасником. На даний момент спільнота об'єднує 10 911 підписників, посідаючи 18 420 місце в категорії Освіта та 35 143 місце у регіоні Індія.

📊 Показники аудиторії та динаміка

З моменту свого створення невідомо, проект продемонстрував стрімке зростання, зібравши аудиторію у 10 911 підписників.

За останніми даними від 20 жовтня, 2026, канал демонструє стабільну активність. Хоча за останні 30 днів спостерігається зміна кількості учасників на 79, а за останні 24 години на 1, загальне охоплення залишається високим.

  • Статус верифікації: Не верифікований
  • Рівень залученості (ER): Середній показник залученості аудиторії становить 22.28%. Протягом перших 24 годин після публікації контент зазвичай збирає 13.15% реакцій від загальної кількості підписників.
  • Охоплення публікацій: В середньому кожен допис отримує 2 432 переглядів. Протягом першої доби публікація в середньому набирає 1 435 переглядів.
  • Реакції та взаємодія: Аудиторія активно підтримує контент: середня кількість реакцій на один пост – 3.
  • Тематичні інтереси: Контент зосереджений навколо ключових тем, таких як nursing, officer, आयोग, अध्यक्ष, rrb.

📝 Опис та контентна політика

Автор описує ресурс як майданчик для висловлення суб'єктивної думки:
“Tag line:- "Actions Speak Louder Than Words". Government Official Govt Of India 🇮🇳 CGHS Nursing Officer Ex- Public Health Nursing Officer (Level-8)”

Завдяки високій частоті оновлень (останні дані отримано 21 жовтня, 2026), канал підтримує актуальність та високий рівень охоплення публікацій. Аналітика показує, що аудиторія активно взаємодіє з контентом, що робить його важливою точкою впливу в категорії Освіта.

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प्रश्न 105: निकोटीनिक अम्ल की कमी से होता है: (A) पेलाग्रा (B) बेरी-बेरी (C) स्कर्वी (D) रिकेट्स (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (A) पेलाग्रा व्याख्या: निकोटीनिक अम्ल (Nicotinic acid), जिसे नियासिन (Niacin) या विटामिन B3 भी कहा जाता है, एक आवश्यक विटामिन है। इसकी कमी से पेलाग्रा (Pellagra) नामक रोग होता है। पेलाग्रा के मुख्य लक्षण "3 D's" के रूप में जाने जाते हैं: Dermatitis (डर्मेटाइटिस): त्वचा की सूजन, विशेष रूप से सूर्य के संपर्क वाले क्षेत्रों में। Diarrhea (डायरिया): दस्त। Dementia (डिमेंशिया): मानसिक भ्रम या संज्ञानात्मक हानि। यदि अनुपचारित छोड़ दिया जाए तो यह मृत्यु (4th D) का कारण भी बन सकता है। अन्य विकल्प: (B) बेरी-बेरी (Beriberi): विटामिन B1 (थायमिन) की कमी से होता है। (C) स्कर्वी (Scurvy): विटामिन C (एस्कॉर्बिक एसिड) की कमी से होता है। (D) रिकेट्स (Rickets): विटामिन D की कमी से होता है।

प्रश्न 104: निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें: (A) a-1, b-3, c-4, d-2 (B) a-2, b-4, c-1, d-3 (C) a-3, b-1, c-2, d-4 (D)
प्रश्न 104: निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें: (A) a-1, b-3, c-4, d-2 (B) a-2, b-4, c-1, d-3 (C) a-3, b-1, c-2, d-4 (D) a-4, b-2, c-3, d-1 (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (A) a-1, b-3, c-4, d-2 व्याख्या: आइए प्रत्येक रोग को उसके प्रमुख लक्षण से मिलाएं: a. डिप्थीरिया (Diphtheria): यह एक गंभीर जीवाणु संक्रमण है जो गले और टॉन्सिल को प्रभावित करता है। इसका एक विशिष्ट लक्षण टॉन्सिल और गले में एक भूरे रंग की झिल्ली (pseudomembrane) (1) का निर्माण है, जो सांस लेने में कठिनाई पैदा कर सकती है। b. टिटनेस (Tetanus): यह जीवाणु संक्रमण मांसपेशियों में गंभीर ऐंठन का कारण बनता है। इसका एक प्रमुख लक्षण मांसपेशियों में ऐंठन और कठोरता (3) है, विशेष रूप से जबड़े की मांसपेशियों में, जिसे "लॉकजॉ" भी कहा जाता है। c. काली खांसी (Pertussis/Whooping Cough): यह एक अत्यधिक संक्रामक श्वसन संक्रमण है। इसका नाम खाँसी के बाद आने वाली विशिष्ट गहरी 'हूप' ध्वनि (4) के कारण पड़ा है। d. हैजा (Cholera): यह एक तीव्र अतिसार रोग है। इसका मुख्य लक्षण दस्त और उल्टी (2) है, जो तेजी से निर्जलीकरण (dehydration) का कारण बन सकता है।

45 Question का सोल्यूशन करवाऊं या रहने दु क्योंकि आपका रिस्पॉन्स नहीं आ रहा

प्रश्न 103: 'बैठक नियोजन' के विभिन्न चरणों का सही क्रम है: (A) विज्ञापन देना → भौतिक व्यवस्था → स्थान का चयन → वक्ता का चयन (B) वक्ता का चयन → विषय व स्थान का चयन → विज्ञापन देना → भौतिक व्यवस्था (C) भौतिक व्यवस्था → विषय व स्थान का चयन → वक्ता का चयन → विज्ञापन देना (D) विषय व स्थान का चयन → विज्ञापन देना → वक्ता का चयन → भौतिक व्यवस्था (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (D) विषय व स्थान का चयन → विज्ञापन देना → वक्ता का चयन → भौतिक व्यवस्था व्याख्या: एक प्रभावी बैठक नियोजन में निम्नलिखित तार्किक क्रम का पालन किया जाता है: विषय व स्थान का चयन (Selection of Topic and Venue): किसी भी बैठक को आयोजित करने से पहले, यह तय करना महत्वपूर्ण है कि बैठक का उद्देश्य या विषय क्या होगा और यह कहाँ आयोजित की जाएगी। विज्ञापन देना (Advertising): एक बार जब विषय और स्थान तय हो जाता है, तो बैठक के बारे में जानकारी का विज्ञापन करके प्रतिभागियों को सूचित किया जाता है। वक्ता का चयन (Selection of Speaker): विज्ञापन के बाद, बैठक के विषय के लिए उपयुक्त वक्ताओं का चयन किया जाता है। भौतिक व्यवस्था (Physical Arrangements): अंत में, बैठक के लिए आवश्यक भौतिक व्यवस्थाएं (जैसे बैठने की व्यवस्था, उपकरण, जलपान आदि) की जाती हैं।

प्रश्न 102: फेफड़ों को घेरने वाली दोहरी सीरस झिल्ली कहलाती है: (A) प्लूरा (B) वायुकोशीय केशिका झिल्ली (C) इनफन्डिबुला (D) श्वसनी (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (A) प्लूरा व्याख्या: फेफड़ों को घेरने वाली दोहरी सीरस झिल्ली को प्लूरल झिल्ली (Pleura) या केवल प्लूरा (Pleura) कहा जाता है। इसमें दो परतें होती हैं: आंतरिक (Visceral Pleura): जो सीधे फेफड़ों की सतह से जुड़ी होती है। बाहरी (Parietal Pleura): जो छाती गुहा की आंतरिक दीवार से जुड़ी होती है। इन दोनों परतों के बीच एक पतली गुहा होती है जिसे प्लूरल कैविटी (pleural cavity) कहते हैं, जिसमें थोड़ी मात्रा में तरल पदार्थ होता है जो साँस लेते समय फेफड़ों को आसानी से फिसलने में मदद करता है। (B) वायुकोशीय केशिका झिल्ली (Alveolar-capillary membrane) फेफड़ों में वह स्थान है जहाँ गैसों का आदान-प्रदान होता है। (C) इनफन्डिबुला (Infundibula) शरीर के अन्य अंगों में भी पाए जा सकते हैं, लेकिन फेफड़ों से सीधे संबंधित नहीं। (D) श्वसनी (Bronchi) वे नलिकाएँ हैं जो ट्रेकिया (श्वास नली) से फेफड़ों में हवा ले जाती हैं।

प्रश्न 101: महिला प्रजनन तंत्र के बाह्य अंगों को सामूहिक रूप से क्या कहा जाता है? (A) पेरिटोनियम (B) योनि (C) श्रोणि (D) वुल्वोवजाइनल प्लेक्सस (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (B) योनि व्याख्या: महिला प्रजनन तंत्र के बाह्य अंगों को सामूहिक रूप से योनि (Vulva) कहा जाता है। वुल्वा में लेबिया मेजोरा (labia majora), लेबिया मिनोरा (labia minora), क्लिटोरिस (clitoris) और योनि छिद्र (vaginal opening) शामिल होते हैं। (A) पेरिटोनियम (Peritoneum) उदर गुहा को अस्तर करने वाली झिल्ली है। (C) श्रोणि (Pelvis) शरीर के निचले धड़ का वह हिस्सा है जो रीढ़ को पैरों से जोड़ता है। (D) वुल्वोवजाइनल प्लेक्सस (Vulvovaginal Plexus) रक्त वाहिकाओं और तंत्रिकाओं का एक नेटवर्क है।

प्रश्न 100: चिकित्सीय गर्भपात अधिनियम किस वर्ष पारित किया गया था? (A) 1968 (B) 1970 (C) 1971 (D) 1978 (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (C) 1971 व्याख्या: भारत में चिकित्सकीय गर्भपात अधिनियम (M.T.P. - Medical Termination of Pregnancy Act) वर्ष 1971 में पारित किया गया था। इस अधिनियम का उद्देश्य कुछ विशिष्ट परिस्थितियों में पंजीकृत चिकित्सकों द्वारा गर्भपात की कानूनी अनुमति देना है। हाल ही में, इस अधिनियम में 2021 में संशोधन किए गए हैं।

प्रश्न 99: डायफ्राम को वर्गीकृत किया गया है: (A) मांस्पेशी के रूप में में (B) उपास्थि के रूप में में (C) हड्डी के रूप में (D) ऊतक के रूप में (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (A) मांस्पेशी के रूप में में व्याख्या: डायाफ्राम (Diaphragm) एक बड़ी, गुंबद के आकार की मांसपेशी (muscle) है जो छाती गुहा (thoracic cavity) को उदर गुहा (abdominal cavity) से अलग करती है। यह श्वसन की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जब डायफ्राम सिकुड़ता है, तो यह नीचे की ओर बढ़ता है, जिससे फेफड़ों में हवा भर जाती है। जब यह शिथिल होता है, तो यह ऊपर की ओर बढ़ता है, जिससे फेफड़ों से हवा बाहर निकल जाती है।

प्रश्न 98: गर्भावस्था के तीसरे सप्ताह से आठवें सप्ताह तक की अवधि को क्या कहा जाता है? (A) ओव्यूलर (अंड) काल (B) सेलुलर (कोशिकीय) काल (C) भ्रूणीय काल (D) युग्मनज काल (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (C) भ्रूणीय काल व्याख्या: मानव विकास में गर्भावस्था की अवधि को विभिन्न चरणों में विभाजित किया जाता है: युग्मनज काल (Zygotic/Germinal Period): निषेचन से लेकर लगभग 2 सप्ताह तक। यह वह अवधि है जब युग्मनज (zygote) बनता है और गर्भाशय की दीवार में आरोपण (implantation) होता है। भ्रूणीय काल (Embryonic Period): यह गर्भावस्था के तीसरे सप्ताह से आठवें सप्ताह तक होता है। इस दौरान प्रमुख अंगों और शरीर प्रणालियों का तेजी से विकास होता है। इस अवधि में भ्रूण विशेष रूप से पर्यावरणीय कारकों के प्रति संवेदनशील होता है। गर्भावस्था काल (Fetal Period): यह नौवें सप्ताह से जन्म तक होता है। इस दौरान अंगों और ऊतकों का परिपक्वन और वृद्धि होती है।

प्रश्न 97: दुर्बलता (इम्पेयरमेंट), विकलांगता (डिसएबिलिटी) और अपंगताओं का अंतर्राष्ट्रीय वर्गीकरण (ICIDH) पहली बार WHO द्वारा किस वर्ष में प्रकाशित किया गया था? (A) 1980 (B) 1985 (C) 1990 (D) 1995 (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (A) 1980 व्याख्या: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने पहली बार विकलांगता के वर्गीकरण के लिए दुर्बलता, विकलांगता और अपंगता का अंतर्राष्ट्रीय वर्गीकरण (International Classification of Impairments, Disabilities and Handicaps - ICIDH) को 1980 में प्रकाशित किया था। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के परिणामों को वर्गीकृत करने के लिए एक ढाँचा प्रदान करना था। बाद में, 2001 में इसे और अधिक व्यापक और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ कार्यात्मकता, विकलांगता और स्वास्थ्य का अंतर्राष्ट्रीय वर्गीकरण (International Classification of Functioning, Disability and Health - ICF) द्वारा प्रतिस्थापित किया गया।

प्रश्न 96: गर्भपात का प्रकार जिसमें गर्भाशय अपने अंदर के पदार्थ को स्वयं ही बाहर निकाल देता है? (A) सेप्टिक गर्भपात (B) इनड्यूस्ड (प्रेरित) गर्भपात (C) अनिवार्य गर्भपात (D) अधूरा गर्भपात (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (C) अनिवार्य गर्भपात व्याख्या: जब गर्भाशय अपने अंदर के भ्रूण और संबंधित ऊतकों को बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के स्वतः ही बाहर निकाल देता है, तो इसे अनिवार्य गर्भपात (Inevitable Abortion) कहा जाता है। यह अक्सर तब होता है जब योनि से रक्तस्राव होता है, गर्भाशय ग्रीवा फैल जाती है, और गर्भपात की प्रक्रिया शुरू हो चुकी होती है जिसे रोका नहीं जा सकता। (A) सेप्टिक गर्भपात (Septic Abortion) एक गर्भपात है जिसमें गर्भाशय में संक्रमण होता है, जो स्वतः निष्कासन का प्रकार नहीं है। (B) इनड्यूस्ड (प्रेरित) गर्भपात (Induced Abortion) वह गर्भपात होता है जो जानबूझकर चिकित्सा हस्तक्षेप द्वारा किया जाता है। (D) अधूरा गर्भपात (Incomplete Abortion) वह स्थिति है जहाँ गर्भधारण के सभी उत्पाद गर्भाशय से बाहर नहीं निकलते हैं, कुछ ऊतक अंदर रह जाते हैं। निष्कासन स्वतः होता है, लेकिन अधूरा होता है।

प्रश्न 95: बच्चे के जन्म के बाद योनि मार्ग, मूत्र मार्ग, स्तन या श्वसनली के संक्रमण को कहा जाता है? (A) प्री-एक्लेम्पसिया (B) सेप्टीसीमिया (C) वेजिनोसिस (D) प्यूरपेरल सेप्सिस (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (D) प्यूरपेरल सेप्सिस व्याख्या: बच्चे के जन्म के बाद (प्रसवोत्तर अवधि) माँ को होने वाले संक्रमण को प्यूरपेरल सेप्सिस (Puerperal Sepsis) कहा जाता है। यह प्रसव के बाद 24 घंटे से लेकर 6 सप्ताह तक योनि मार्ग, गर्भाशय, मूत्र मार्ग या अन्य प्रजनन अंगों में होने वाले किसी भी संक्रमण को संदर्भित करता है। यह एक गंभीर स्थिति हो सकती है। (A) प्री-एक्लेम्पसिया (Pre-eclampsia) गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप और अंगों की क्षति की स्थिति है, संक्रमण नहीं। (B) सेप्टीसीमिया (Septicemia) रक्त में जीवाणुओं की उपस्थिति है जो पूरे शरीर में गंभीर संक्रमण का कारण बनता है, हालांकि प्यूरपेरल सेप्सिस सेप्टीसीमिया का कारण बन सकता है, यह सामान्यीकृत संक्रमण का नाम है। (C) वेजिनोसिस (Vaginosis) योनि का एक जीवाणु संक्रमण है, जो प्रसवोत्तर संक्रमणों में से एक हो सकता है लेकिन यह सामान्य शब्द नहीं है जो सभी उल्लिखित संक्रमणों को कवर करता है।

प्रश्न 94: _______ शिशु और प्लेसेंटा को गर्भाशय से निकाला जाता है। (A) सिजेरियन हिस्टेरेक्टॉमी (B) क्लासिक सिजेरियन सेक्शन (C) हाई सेगमेंट सिजेरियन सेक्शन (D) लो सेगमेंट सिजेरियन सेक्शन (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (D) लो सेगमेंट सिजेरियन सेक्शन व्याख्या: शिशु और प्लेसेंटा को गर्भाशय से सर्जरी द्वारा निकालने की प्रक्रिया को सिजेरियन सेक्शन (C-section) कहते हैं। सिजेरियन सेक्शन के कई प्रकार होते हैं, लेकिन सबसे सामान्य और सुरक्षित तरीका लो सेगमेंट सिजेरियन सेक्शन (Low Segment Cesarean Section - LSCS) है। इस प्रक्रिया में, गर्भाशय के निचले, पतले हिस्से में एक छोटा चीरा लगाया जाता है, जिससे शिशु और प्लेसेंटा को आसानी से निकाला जा सकता है। यह विधि कम रक्तस्राव और तेजी से ठीक होने से जुड़ी है। (A) सिजेरियन हिस्टेरेक्टॉमी (Cesarean Hysterectomy) एक प्रक्रिया है जहाँ सिजेरियन सेक्शन के साथ-साथ गर्भाशय को भी हटा दिया जाता है, जो सामान्य प्रसव के लिए नहीं होता। (B) क्लासिक सिजेरियन सेक्शन (Classic Cesarean Section) में गर्भाशय के ऊपरी, संकुचनशील हिस्से में एक ऊर्ध्वाधर चीरा लगाया जाता था, जो अब जटिलताओं के कारण कम उपयोग किया जाता है। (C) हाई सेगमेंट सिजेरियन सेक्शन (High Segment Cesarean Section) भी एक प्रकार का सिजेरियन है लेकिन उतना सामान्य नहीं है जितना लो सेगमेंट सिजेरियन सेक्शन।

प्रश्न 93: पोलियो, सेरिब्रल पाल्सी, जन्मजात हृदयरोग के कारण, अपंग बच्चों को निम्न में वर्गीकृत किया गया है: (A) मानसिक रूप से विकलांग (B) शारीरिक रूप से विकलांग (C) सामाजिक रूप से विकलांग (D) मनोवैज्ञानिक रूप से विकलांग (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (B) शारीरिक रूप से विकलांग व्याख्या: पोलियो (Polio) एक वायरल रोग है जो तंत्रिका तंत्र को प्रभावित कर सकता है, जिससे मांसपेशियों में कमजोरी और पक्षाघात हो सकता है, जो शारीरिक विकलांगता का कारण बनता है। सेरिब्रल पाल्सी (Cerebral Palsy) मस्तिष्क क्षति के कारण होने वाली एक स्थिति है जो शरीर की गति और मांसपेशियों के समन्वय को प्रभावित करती है, जिसके परिणामस्वरूप शारीरिक विकलांगता होती है। जन्मजात हृदयरोग (Congenital Heart Disease) हृदय की संरचना में जन्मजात दोष होते हैं जो बच्चे की शारीरिक गतिविधि और विकास को प्रभावित कर सकते हैं, जिससे शारीरिक सीमाएँ आती हैं।

प्रश्न 92: हैजा उत्पन्न करने वाला जीव है - (A) विब्रियो कोलेरी (B) साल्मोनेला कोलेरा (C) साल्मोनेला कोलेरा सूईस (D) प्लाज्मोडियम कोलेरा (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (A) विब्रियो कोलेरी व्याख्या: हैजा (Cholera) एक तीव्र अतिसार रोग है जो विब्रियो कोलेरी (Vibrio cholerae) नामक जीवाणु के कारण होता है। यह जीवाणु दूषित पानी या भोजन के माध्यम से फैलता है।

प्रश्न 91: किसी व्यक्ति को प्रदान की गई सेवाएँ जो उसे सामाजिक और आर्थिक रूप से उत्पादक जीवन जीने में सक्षम बनाएगी - (A) प्रचार सेवाएँ (B) उपचारात्मक सेवाएँ (C) रेफरल सेवाएँ (D) निवारक सेवाएँ (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (B) उपचारात्मक सेवाएँ व्याख्या: आइए प्रत्येक विकल्प का विश्लेषण करें: (A) प्रचार सेवाएँ (Promotional Services): ये सेवाएँ जागरूकता बढ़ाने या किसी उत्पाद/सेवा को बढ़ावा देने के लिए होती हैं। इनका सीधा संबंध व्यक्ति को सामाजिक और आर्थिक रूप से उत्पादक बनाने से नहीं है, हालांकि अप्रत्यक्ष रूप से ये जानकारी प्रदान कर सकती हैं। (B) उपचारात्मक सेवाएँ (Curative Services): ये वे सेवाएँ हैं जो किसी बीमारी, चोट या स्थिति का इलाज करती हैं या उसे ठीक करती हैं। जब कोई व्यक्ति स्वस्थ होता है, तो वह सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में अधिक प्रभावी ढंग से भाग ले सकता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई बीमार व्यक्ति उपचार प्राप्त करता है, तो वह ठीक होकर फिर से काम करने या समाज में योगदान करने में सक्षम हो सकता है। इस प्रकार, ये सेवाएँ व्यक्ति को उत्पादक जीवन जीने में सक्षम बनाती हैं। (C) रेफरल सेवाएँ (Referral Services): ये किसी व्यक्ति को विशिष्ट देखभाल या सेवाओं के लिए अन्य विशेषज्ञों या संस्थानों के पास भेजने से संबंधित हैं। ये स्वयं में सीधे उत्पादक जीवन के लिए सक्षम नहीं बनातीं, बल्कि उत्पादक बनाने वाली सेवाओं तक पहुँचने में मदद करती हैं। (D) निवारक सेवाएँ (Preventive Services): ये सेवाएँ बीमारी को होने से रोकने पर ध्यान केंद्रित करती हैं (जैसे टीकाकरण, स्वास्थ्य शिक्षा)। जबकि ये स्वस्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण हैं और अप्रत्यक्ष रूप से उत्पादकता बढ़ाती हैं, प्रश्न "सक्षम बनाएगी" शब्द का उपयोग करता है, जो बीमारी या अक्षमता के बाद व्यक्ति को फिर से सक्षम बनाने पर अधिक जोर देता है, जिसके लिए उपचारात्मक सेवाएँ अधिक उपयुक्त हैं। यदि कोई व्यक्ति बीमार या अक्षम है, तो उसे ठीक करने वाली सेवाएँ ही उसे 'उत्पादक जीवन जीने में सक्षम' बनाएंगी।

प्रश्न 90: पीने के पानी के लिए, अवशिष्ट क्लोरीन का न्यूनतम स्तर अनुशंसित है। (A) 0.1 पीपीएम से 0.4 पीपीएम (B) 0.2 पीपीएम से 0.5 पीपीएम (C) 0.3 पीपीएम से 0.6 पीपीएम (D) 0.4 पीपीएम से 0.7 पीपीएम (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (B) 0.2 पीपीएम से 0.5 पीपीएम व्याख्या: पेयजल को कीटाणुमुक्त करने के लिए क्लोरीन का उपयोग व्यापक रूप से किया जाता है। पानी में एक निश्चित मात्रा में अवशिष्ट क्लोरीन (residual chlorine) बनाए रखना महत्वपूर्ण है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पानी वितरण प्रणाली में भी कीटाणुमुक्त रहे। विभिन्न स्वास्थ्य संगठन और मानक निकायों द्वारा अनुशंसित पीने के पानी में अवशिष्ट क्लोरीन का न्यूनतम स्तर आमतौर पर 0.2 पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) से 0.5 पीपीएम की सीमा में होता है। यह सीमा यह सुनिश्चित करती है कि पानी वितरण के दौरान भी सुरक्षित रहे और उसमें कोई नया संदूषण न हो।

प्रश्न 89: मस्तिष्क के स्वरूप का उसका नियंत्रण केंद्रों से मिलान करें: कॉलम-I (मस्तिष्क का स्वरूप) कॉलम-II (नियंत्रण केंद्र) i. अग्रमस्तिष्क a. श्वसन, परिसंचरण, पाचन जैसी महत्वपूर्ण गतिविधियों के लिए। ii. मध्य मस्तिष्क b. तंत्रिका तंत्र की गतिविधियों को एकीकृत करने के लिए। iii. पश्च मस्तिष्क c. दृश्य और श्रवण प्रतिवर्त के लिए। निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें: (A) i-b, ii-c, iii-a (B) i-e, ii-b, iii-a (C) i-c, ii-a, iii-b (D) i-a, ii-c, iii-b (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (A) i-b, ii-c, iii-a व्याख्या: मस्तिष्क के विभिन्न भाग अलग-अलग कार्यों को नियंत्रित करते हैं: i. अग्रमस्तिष्क (Forebrain): यह मस्तिष्क का सबसे बड़ा और सबसे विकसित हिस्सा है। यह विचार, भावनाएं, स्मृति, संवेदी प्रसंस्करण, स्वैच्छिक आंदोलन और तंत्रिका तंत्र की गतिविधियों को एकीकृत करने (b) के लिए जिम्मेदार होता है। ii. मध्य मस्तिष्क (Midbrain): यह अग्रमस्तिष्क और पश्च मस्तिष्क के बीच स्थित होता है। यह दृश्य और श्रवण प्रतिवर्त (c), नींद-जागने के चक्र और सतर्कता को नियंत्रित करने में भूमिका निभाता है। iii. पश्च मस्तिष्क (Hindbrain): इसमें मेडुला ऑबलोंगेटा (medulla oblongata), पोंस (pons) और सेरिबेलम (cerebellum) शामिल हैं। मेडुला ऑबलोंगेटा जैसी संरचनाएं श्वसन, परिसंचरण (हृदय गति और रक्तचाप), पाचन (a) जैसी महत्वपूर्ण अनैच्छिक गतिविधियों को नियंत्रित करती हैं।

प्रश्न 88: पोषक तत्व को उसकी कमी से होने वाले रोग से मिलान करें: कॉलम-I (पोषक तत्व) कॉलम-II (कमी से होने वाला रोग) i. विटामिन A a. पेलाग्रा ii. राइबोफ्लेविन b. सांधाक्षिक रक्तहीनता iii. साइनोकोबालमिन c. रतौंधी iv. नियासिन d. ग्लोससाइटिस निम्न में से सबसे उपयुक्त विकल्प चुनें: (A) i-a, ii-b, iii-c, iv-d (B) i-b, ii-c, iii-d, iv-a (C) i-c, ii-d, iii-b, iv-a (D) i-c, ii-d, iii-a, iv-b (E) अनुत्तरित प्रश्न सही उत्तर: (C) i-c, ii-d, iii-b, iv-a व्याख्या: आइए प्रत्येक पोषक तत्व को उसकी कमी से होने वाले रोग से मिलाएं: i. विटामिन A: विटामिन A की कमी से रतौंधी (c) होती है, जो अंधेरे में देखने की क्षमता में कमी है। ii. राइबोफ्लेविन (विटामिन B2): राइबोफ्लेविन की कमी से ग्लोससाइटिस (d) (जीभ की सूजन), कीलोसिस (मुंह के कोनों में दरारें) और अन्य त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। iii. साइनोकोबालमिन (विटामिन B12): साइनोकोबालमिन की कमी से सांधाक्षिक रक्तहीनता (b) (पर्निशियस एनीमिया) होती है, जो एक प्रकार का मेगालोब्लास्टिक एनीमिया है। iv. नियासिन (विटामिन B3): नियासिन की कमी से पेलाग्रा (a) रोग होता है, जिसके लक्षणों में डर्मेटाइटिस (त्वचा की सूजन), डायरिया और डिमेंशिया शामिल हैं।

Response खत्म हो गया यार