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Free Download Jurm Ki Juban Ved Prakash Kamboj Hindi Novel Pdf
अब तक मैं यह सोचकर चुप थी कि उसके पिता मेरे पिता के मित्र थे।” अपने पलंग पर अधलेटी-सी मुद्रा में बैठी शेफाली ने कहा- ” उन्होने अपने जीवित रहने तक बड़ी ईमानदारी के साथ मेरी सम्पत्ति का नियंत्रण किया था। अगर हिसाब देखने के बाद गड़बड़ी पकड़ी भी जाती तो शायद मैं इसके पिता के अहसान को याद करके इसे माफ भी कर देती। लेकिन आज जिस ढंग से इस आदमी ने मेरी जान लेने की कोशिश की उसे माफ नहीं किया जा सकता।” “यह आदमी माफ करने लायक नहीं है शेफाली जी।” जयदीप ने सख्त स्वर में कहा- “यह वह सांप है जो मौका मिलते ही आपको फिर उसने की कोश्ति करेगा। पुलिस में हमें इस काण्ड की रिपोर्ट करानी चाहिए। “
Name: Jurm Ki Juban
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 298
Size: 28 MB
Novel Type: Thriller & Mystery
Writer: Ved Prakash Kamboj
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Free Download Khoon Kharaba Ved Prakash Kamboj Hindi Novel Pdf
मुकुट का इरादा उसे तुरन्त जान से मारने का नहीं था बल्कि पहले उससे वह डायरी का पैकिट छीन सेने का था। उसे विश्वास था कि इस सुविधाभोगी सेठिए को काबू में करने फे लिए उसे ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। लिहाजा बह खाली हाथ ही वीरेश पर झपट पड़ा। वीरेश को न जाने कैसे उसके झपटने का अहसास हो गया और वह तुरन्त ही फुर्ती के साथ इन्जिन के पास से हट गया। मुकुट खुले हुए इन्जिन पर जा गिरा। उसके सम्हलने से पहले ही वीरेश ने ठोकर मारी। नुकीला बुट उसकी जांग से टकराना तो वह किसी पिल्ले की तरह बिलबिलाता हुआ अपनी जांघ पकड़कर फिरकनी की तरह धूम मया । दूसरी ठोकर वीरेश ने उनके पेट में मारी और वह एक झटके के साथ जमीन पर गिर पड़ा। वीरेश ने उसके हाथ को सांप की सी तेजी के साथ उसके कपड़ों में घुसते देखा और अब बाहर निकला तो उसमें एक पिस्तौल दवी हुई थी।
Name: Khoon Kharaba
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 315
Size: 31 MB
Novel Type: Thriller & Mystery
Writer: Ved Prakash Kamboj
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Free Download Jurm Ki Hukumat Ved Prakash Kamboj Hindi Novel Pdf
“जो सांप का फन उतने मे पहले नहीं कुबल सकता, गलती उसकी मानी जाती है शाक्तिसिंह | ” “मैंने बहुत कोशिश की थी……. “जो कोशिश कामयाव न हो उसकी कोई अहमियत नहीं होती।” चौबे जी ने उसे बात पूरी करने का मौका दिए बिना कहा- “इस बात की कोई अहमियत नहीं है कि तुमने क्या किया? अहमियत इस बात की है कि नतीज क्या निकल। अगर नतीजा गलत निकलता हे तो इसका साफ मतलब है कि जो कुछ तुमने किया वह सब गलत था । ” शक्तिसिंह ने कुछ कहने के लिए मुंह खोला तैकिन चौबे जी ने उसे बोलने का मौका दिए बिना अपनी बात चालु रखी। “हम दोनों के बीच के फर्क है उसे तुम्हें अच्छी तरह समझ लेना चाहिए शक्तिसिंह हम राजनेताओं का नाम जितनी बार भी अखबार में छपता है उससे हमारी पोजीशन साउन्ड बनती है। हमारा नाम अखबारों में बार-बार छपने का मतलब है कि हमारी ताकत बढ़ रही है जबकि तुम जैसे लोगों का नाम अखबारों में आने का मतलब हे खतरे की घंटी बज गई। अगर तुम्हरा नाम बार-बार अखबारों में आने लगे तब ते समझो कि पूरी तरह से जड़ खुदने का मौका आ गया है। ऐसे आदमी को अपने कफन दफन का इन्तजाम कर लेना चाहिए।”
Name: Jurm Ki Hukumat
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 338
Size: 34 MB
Novel Type: Thriller & Mystery
Writer: Ved Prakash Kamboj
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Free Download Khooni Jung Ved Prakash Kamboj Hindi Novel Pdf
अगर वह फाईल मैं आपके दामाद मिस्टर राजेश्वर को पहुँचा तो वो शायद आपसे शायद पैसा दे दें।” “एक ही बात है।” कनंज धीरे से इंसता हुआ बोला–फाईब मुझे या राजेश्वर में से किसी को भी दे देना। पैसा तुम जितना चाहोतो मिल जाएगा। लेकिन राजेश्वर को तो तुम जानते भी नहीं, फिर उसे फाईल ।” “आप मुझे उनका पता-ठिकाना वैगे तो मैं उनसे जाकर मिल लूंगा और उन्हें जान जाऊँगा” अरुण ने तपाक से कहा । “बहुत होशियार हो।” कर्नल ने इस प्रकार मुस्कराते हुए कहा जैसे अरुण को बात उसे बेहद पसन्द आई हो- “लेकिन राजेश्वर से मिलकर करोगे क्या तुम? सारी बातें तो मैं तुम्हें बताही चुका हूँ।” “पहले मैं सिर्फ भूषण की तलाश में ही था।” अरुण ने भी उसी की तरह मुस्कराते हुए कहा- “लेकिन आपसे बात करने के बाद भूषण के साथ फाईल भी जुड़ गई और शिव- नाथ नाम कि एक नये करेक्टर का भी पता चल गया। मिस्टर रजेश्वर से बात करूंगा तो शायद कुछ और नई बातें मालूम हों जिनसे मुझे भूषण और उस फाईल तक पहुंचने में सहायता मिले।”
Name: Khooni Jung
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 409
Size: 41 MB
Novel Type: Thriller & Mystery
Writer: Ved Prakash Kamboj
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Free Download Muqaddar Mujrim Ka Ved Prakash Kamboj Hindi Novel Pdf
लगातार तेजी से बजते हार्न ने आलोक का ध्यान भी अपनो ओर आकर्षित किया और उसकी दृष्टि अनायास ही सफेद कार के ड्राइवर पर जा पड़ी। वह एक युवती थी जिसका नेहरा देखते ही नह बुरी तरह चौंक पड़ा।क्योंकि वह चेहरा जया का चेहरा था। उसी जया का चेहरा जो काठमांडू में हुई उस विमान दुर्घटना में मारी गई थी।वह उसे गौर से देखने के लिए कार की ओर बढ़ने ही जा रहा था कि इसी बीच थ्री व्हीलर स्टार्ट होकर चौराहा पार करने के लिए आगे बढ़ गया। उसके पीछे-पीछे वह सफेद कार भी चौराहा पार करने से पहले ही स्कूटर को पीछे छोड़ती हुई फरटि के साथ आगे निकल गई।यह सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि जब तक आलोक को उस कार का नम्बर देखने फ्टा होश आता तब तक वह आखों ओह न हो चुकी थी।
Name: Muqaddar Mujrim Ka
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 363
Size: 37 MB
Novel Type: Thriller & Mystery
Writer: Ved Prakash Kamboj
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Free Download Jasusi Kahaniya Ved Prakash Kamboj Hindi Novel Pdf
मेरे सिपाही जीवन का पहला ही दिन था जब कुख्यात तुटेरा मंसूर पकड़ा गया। पुलिस स्टेशन में हम सब उसे घेरे हुए थे। उसके सिर के बाल बिखरे हुए थे और उसके बिना दांतों के पोपले मुंह पर उस हालत में भी कोई खास परेशानी के भाव नहीं थे बल्कि उसकी आंखों में एक शरारती चमक थी। उसे एक अधेड़ व्यक्ति कृपा शंकर और उसकी पत्नी सरला ने पकड़ा था। उन दोनों के ही बयान कलमबंद किए जा चुके थे।
“जैसे ही यह मेरी दुकान में घुसा, वैसे ही मैं इसके इरादे को भांप गया था। ” कृपा शंकर ने अपनी सिगरेट का कश लेत हुए कहा- “इसकी चाल-ढाल ही शरीफ आदमियों जैसी नहीं थी। तब अंधेरा हुआ ही था। दुकान में उस समय में अकेला ही था। मैंने नई वस्ती में अभी पिछले साल ही मकान बनाया है। उसके बाहरी हिस्से में ही मैंने बेकरी की दुकान खोल रखी है। आपने देखा ही होगा कि मेरी दुकान नई बस्ती की सबसे शानदार दुकान है। लेकिन चूंकि अभी बस्ती पूरी तरह से नहीं बनी है, इसलिए दिन में तो अच्छी ग्राहकी हो जाती है, लेकिन रात में इक्का-दुक्का ग्राहक ही आते हैं फिर भी मैं कभी रात के दस बजे से पहले दुकान बंद नहीं करता। आखिरकार शटर गिराकर घर में ही तो घुस जाना है मुझे और घर
आपका बयान लिया जा चुका है मि० कृपा शंकर ।” इन्सपेक्क्टर रुद्र प्रताप ने उसकी वाचालता को ब्रेक लगाते हुए कहा- “उसके मुताबिक लगभग सात बजे, यानी अब से आधा घंटा पहले यह आदमी आपकी दुकान में प्रविष्ट हुआ
Name: Jasusi Kahaniya
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 46
Size: 6.1 MB
Novel Type: Thriller & Mystery, Jasoosi
Writer: Ved Prakash Kamboj
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Free Download Haveli Me Hungama Ved Prakash Kamboj Hindi Novel Pdf
गूंजती हुई चीख की एक तेज आवाज ने उस समय अखिलेश को बुरी तरह चौंका दिया जब वह हवेली के सामने रिक्शे से उतर कर उसे पैसे देने के बाद अटैची सहित हवेली में प्रविष्ट होने के लिए उसके मुख्य द्वार की ओर बढ़ रहा था। वह किसी महिला की हृदयविदारक चीख थी, जिसे सुनते ही अखिलेश ने हाथ की अटैची को छोड़ा और तेजी के साथ भीतर की ओर भाग लिया। सूर्यास्त हो चुकने के कारण बाहर की अपेक्षा भीतर कहीं ज्यादा अंधेरा था । किन्तु फिर भी ऐसा गहन अंधकार नहीं था कि कुछ दिखाई ही ना दे । तेजी के साथ दौड़कर वह बीच के सहन को पार करके हवेली की मुख्य इमारत में प्रविष्ट हुआ ही था उसे नीम अंधरे में घबराई हुई सी एक और चीखती-चिल्लाती भागकर अपनी ओर आती दिखाई दी।
उस औरत ने भी शायद उसे देख लिया था। क्योंकि उसे देखते ही वह एकदम तेजी से पलटी और पहने से भी अधिक हृदयविदारक स्वर में चीखती हुई दूसरी तरफ को भाग ली ।
Name: Haveli Me Hungama
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 52
Size: 6 MB
Novel Type: Thriller & Mystery, Jasoosi
Writer: Ved Prakash Kamboj
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Free Download Forest Officer Ved Prakash Kamboj Hindi Novel Pdf
Name: Forest Officer
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 313
Size: 32 MB
Novel Type: Thriller & Mystery, Jasoosi
Writer: Ved Prakash Kamboj
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Free Download Chandrahaar Ke Chor Ved Prakash Kamboj Hindi Novel Pdf
आज का अखबार तो आपने पढ़ा होगा?’ मालती का सीधा सवाल सुनकर राधा देवी के चेहरे पर विषाद की काली छाया घिर आई और फिर एक दीर्घ निःश्वास के साथ बोली- ‘तुम भी मेरे जख्मों में नश्तर चुभाने आई हो?’ ‘मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं है आंटी’ मालती बोली- ‘आप जानती हैं कि फूफा की किसी ने हत्या कर दी है और इस अपराध मे पुलिस ने जय को गिरफ्तार कर लिया है।’ ‘मालूम है मुझे।’ भारी और थकी-सी आवाज में राधा देवी ने कहा- ‘जय चाहे और कुछ भी कर दे लेकिन किसी की हत्या नहीं कर सकता और वह भी अपने पिता की ? असम्भव। उसका दिल तो इतना कोमल है कि दूसरों के दुख से दुखी हो उठता है वह ।’ ‘एक खास बात तो अपने नोट की होगी, कि सारी घटना उसी तरह घटी है जिस तरह बीस साल पहले घटी थी।’ मालती बोली- ‘वे ही दो नकाबपोश… एक लम्बा… एक ठिगना.
Name: Chandrahaar Ke Chor
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 392
Size: 43 MB
Novel Type: Thriller & Mystery, Jasoosi
Writer: Ved Prakash Kamboj
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Free Download Kanoon Meri Thokar Me Ved Prakash Kamboj Hindi Novel Pdf
Name: Kanoon Meri Thokar Me
Format: PDF
Language: Hindi
Pages: 364
Size: 39 MB
Novel Type: Thriller & Suspense, Jasoosi
Series: Vijay Series
Writer: Ved Prakash Kamboj
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