uk
Feedback
Shukla&Khare classes 🔴

Shukla&Khare classes 🔴

Відкрити в Telegram

🎯For SSC, RAILWAY, BANK, MPPSC, STATE GOVT. & All Other Competitive Govt. Exams... 👉 YouTube channels 🔔 https://youtube.com/@shuklaandkharecoaching?si=0pr386SHNHmvz4k8 Instagram https://www.instagram.com/shukla_and_khare_acadmi?igsh=bG9nZjFucHVjZHVu

Показати більше
666
Підписники
Немає даних24 години
+17 днів
-630 день
Архів дописів
photo content

photo content

कल सुबह 8 बजे से गणित की क्लास लगेगी

014_SSC_Parajumbles_Level_1_260605_211607.pdf2.80 KB

photo content

शायद आप "यूरोप का राष्ट्रवाद" (Nationalism in Europe) के बारे में जानना चाहते हैं (पिछली बार 'रस्त्यवाद' टाइप होने के कारण वह रहस्यवाद के रूप में समझा गया था)। 19वीं शताब्दी में यूरोप में राष्ट्रवाद का उदय एक अत्यंत महत्वपूर्ण और युगांतरकारी घटना थी। इसने यूरोप के बड़े-बड़े साम्राज्यों (जैसे हैब्सबर्ग साम्राज्य, ऑटोमन साम्राज्य) को समाप्त कर आधुनिक 'राष्ट्र-राज्यों' (Nation-States) की नींव रखी। यूरोप में राष्ट्रवाद के उदय, कारणों और इसके विकास को हम निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं के माध्यम से समझ सकते हैं: 1. राष्ट्रवाद के उदय के मुख्य कारण • फ्रांसीसी क्रांति (1789): इसने यूरोप में राष्ट्रवाद की पहली स्पष्ट अभिव्यक्ति दी। क्रांति ने राजा की संप्रभुता को समाप्त कर सत्ता नागरिकों के हाथ में सौंप दी और 'पितृभूमि' (La Patrie) और 'नागरिक' (Le Citoyen) जैसे विचारों को जन्म दिया। • नेपोलियन के सुधार: नेपोलियन ने अपने नियंत्रण वाले क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था को सरल बनाया, सामंती व्यवस्था को समाप्त किया और एक समान कानून व तौल-माप प्रणाली लागू की। इससे लोगों में प्रशासनिक रूप से एक होने की भावना जगी। • मध्यम वर्ग का उदय: औद्योगिकीकरण के कारण यूरोप में एक नया शिक्षित मध्यम वर्ग (उद्योगपति, व्यापारी, डॉक्टर, शिक्षक) उभरा। इस वर्ग ने कुलीन वर्ग के विशेषाधिकारों का विरोध किया और राष्ट्रीय एकता और उदारवाद (Liberalism) की मांग की। • रुमानीवाद (Romanticism): यह एक ऐसा सांस्कृतिक आंदोलन था जिसने विज्ञान और तर्क के बजाय भावनाओं, अंतर्ज्ञान और रहस्यमयी भावनाओं पर जोर दिया। कवियों, कलाकारों और विचारकों (जैसे जर्मन दार्शनिक योहान गॉटफ्रीड) ने लोक गीतों, लोक नृत्यों और स्थानीय भाषाओं के माध्यम से राष्ट्रीय भावना का प्रसार किया। 2. राष्ट्रवाद का विकास और मुख्य घटनाएं क. 1830 और 1848 की क्रांतियां • 1830 की क्रांति: फ्रांस में फिर से बुर्बो राजाओं को उखाड़ फेंका गया और एक संवैधानिक राजतंत्र स्थापित हुआ। इसी दौरान बेल्जियम, नीदरलैंड्स से अलग होकर एक स्वतंत्र राष्ट्र बना। • यूनान का स्वतंत्रता संग्राम: यूनान (Greece) 15वीं सदी से ऑटोमन साम्राज्य का हिस्सा था। कवियों और कलाकारों ने यूनान को "यूरोपीय सभ्यता का पालना" बताकर इसके संघर्ष के लिए जनमत तैयार किया। अंततः 1832 की कुस्तुनतुनिया की संधि (Treaty of Constantinople) के तहत यूनान को एक स्वतंत्र राष्ट्र घोषित किया गया। • 1848 की 'उदारवादियों की क्रांति': जर्मनी, इटली, पोलैंड और ऑस्ट्रिया-हंगरी के मध्यम वर्ग ने संविधानवाद और राष्ट्रीय एकीकरण की मांग को लेकर विद्रोह किए। 3. प्रमुख देशों का एकीकरण (Unification) 19वीं सदी के उत्तरार्ध में राष्ट्रवाद के कारण दो बड़े देशों का नक्शा पूरी तरह बदल गया: • जर्मनी का एकीकरण (1866-1871): जर्मनी के एकीकरण का नेतृत्व प्रशा (Prussia) के प्रधानमंत्री ऑटो वॉन बिस्मार्क (Otto von Bismarck) ने किया। उन्होंने 'रक्त और लोहे' (Blood and Iron) की नीति अपनाई और तीन युद्धों (ऑस्ट्रिया, डेनमार्क और फ्रांस के खिलाफ) में जीत हासिल कर 1871 में वर्साय के महल में प्रशा के राजा विलियम प्रथम को जर्मन सम्राट घोषित किया। • इटली का एकीकरण (1859-1870): इटली कई वंशानुगत राज्यों में बंटा था। इसके एकीकरण में तीन प्रमुख नायकों की भूमिका रही: 1. ज्यूसेपे मेत्सिनी (Giuseppe Mazzini): इन्होंने 'यंग इटली' (Young Italy) नामक गुप्त संगठन बनाकर युवाओं में राष्ट्रवाद की अलख जगाई। 2. काउंट कावूर (Count Cavour): सार्रीनिया-पीडमोंट के चतुर प्रधानमंत्री जिन्होंने कूटनीति के जरिए फ्रांस से हाथ मिलाकर ऑस्ट्रियाई ताकतों को हराया। 3. ज्यूसेपे गैरीबाल्डी (Giuseppe Garibaldi): इन्होंने अपने 'रेड शर्ट्स' (Red Shirts) नामक सशस्त्र स्वयंसेवकों के दम पर दक्षिणी इटली को मुक्त कराया। 1861 में विक्टर इमैनुएल द्वितीय को एकीकृत इटली का राजा घोषित किया गया। 4. राष्ट्रवाद का नकारात्मक मोड़: बाल्कन संकट 19वीं सदी के अंत तक राष्ट्रवाद का स्वरूप बदलने लगा। यह अब एक लोकतांत्रिक विचार न रहकर संकीर्ण और आक्रामक रूप लेने लगा। इसका सबसे खतरनाक रूप बाल्कन क्षेत्र (आधुनिक रोमानिया, बुल्गारिया, अल्बानिया, ग्रीस, सर्बिया आदि) में देखने को मिला: • ऑटोमन साम्राज्य के कमजोर होने से बाल्कन के विभिन्न जातीय समूह खुद को स्वतंत्र घोषित करने लगे। • ये नए बने राज्य एक-दूसरे से बेहद ईर्ष्या करते थे और ज्यादा से ज्यादा इलाका हड़पना चाहते थे। • स्थिति तब और बिगड़ गई जब रूस, जर्मनी, इंग्लैंड और ऑस्ट्रिया-हंगरी जैसी बड़ी शक्तियों ने इस क्षेत्र पर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश की। इसी बाल्कन राष्ट्रवाद और आपसी टकराव ने अंततः प्रथम विश्व युद्ध (1914) की पृष्ठभूमि तैयार की।

photo content

photo content

photo content

photo content

Good

Good

Hi

photo content

photo content

5_6147468497006895669.pdf3.56 KB

photo content

photo content

photo content

photo content