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असली शिक्षा स्कूल छोड़़ने के बाद शुरू होती है और वही हमारे जीवन में काम भी आती है। प्रेमचंद
असली शिक्षा स्कूल छोड़़ने के बाद शुरू होती है और वही हमारे जीवन में काम भी आती है। प्रेमचंद

विज्ञान का इतिहास दर्शाता है कि सिद्धांत नश्वर हैं। हर नए सत्य के प्रकट होने के साथ, हमें प्रकृति की बेहतर समझ मिलती है और हम
विज्ञान का इतिहास दर्शाता है कि सिद्धांत नश्वर हैं। हर नए सत्य के प्रकट होने के साथ, हमें प्रकृति की बेहतर समझ मिलती है और हमारी धारणाएँ और विचार बदलते हैं। निकोला टेस्ला

एक छींक की तरह आ जाएगी मृत्यु जेब में रुमाल नहीं होगा... बाबुषा कोहली
एक छींक की तरह आ जाएगी मृत्यु जेब में रुमाल नहीं होगा... बाबुषा कोहली

तर्क हमेशा अस्तित्व में रहा है, लेकिन हमेशा उचित रूप में नहीं। कार्ल मार्क्स
तर्क हमेशा अस्तित्व में रहा है, लेकिन हमेशा उचित रूप में नहीं। कार्ल मार्क्स

"शिक्षा ही गरीबी, अंधविश्वास और अज्ञानता को दूर करने का सबसे प्रभावी साधन है।" छत्रपति शाहू जी महाराज
"शिक्षा ही गरीबी, अंधविश्वास और अज्ञानता को दूर करने का सबसे प्रभावी साधन है।" छत्रपति शाहू जी महाराज

धार्मिक कट्टरता आपको बस जाहिल बनाती है फर्क नही पड़ता आप किस धर्म से हो। राम अभिलाष
धार्मिक कट्टरता आपको बस जाहिल बनाती है फर्क नही पड़ता आप किस धर्म से हो। राम अभिलाष

नौकरी नौजवानों के जीवन का वह श्रंगार हे जिसके बिना परिवार और समाज उन्हें सम्मान की नज़र से नहीं देखता। दिव्यलक्ष्मी चंद्रा
नौकरी नौजवानों के जीवन का वह श्रंगार हे जिसके बिना परिवार और समाज उन्हें सम्मान की नज़र से नहीं देखता। दिव्यलक्ष्मी चंद्रा

"स्वतंत्रता का अर्थ यह है कि लोगों को वह कहने का अधिकार हो, जिसे वे सुनना नहीं चाहते।" जॉर्ज ऑरवेल
"स्वतंत्रता का अर्थ यह है कि लोगों को वह कहने का अधिकार हो, जिसे वे सुनना नहीं चाहते।" जॉर्ज ऑरवेल

एक आस्तिक विचारक नहीं है, और एक विचारक आस्तिक नहीं है। मैरियन नोएल शर्मन
एक आस्तिक विचारक नहीं है, और एक विचारक आस्तिक नहीं है। मैरियन नोएल शर्मन

यह दुःख की बात है कि आज भी जाति प्रथा के रक्षक मौजूद हैं। डाॅ. भीमराव आंबेडकर
यह दुःख की बात है कि आज भी जाति प्रथा के रक्षक मौजूद हैं। डाॅ. भीमराव आंबेडकर

अगर गुलामी चुभ ही नहीं रही, तो आज़ादी लेकर क्या करोगे? आचार्य प्रशांत
अगर गुलामी चुभ ही नहीं रही, तो आज़ादी लेकर क्या करोगे? आचार्य प्रशांत

धर्म मौलिक विचारों को उसी तरह अस्वीकार करता है जिस तरह ड्रैकुला सूर्य के प्रकाश को अस्वीकार करता है Ⅰ पैट कोंडेल
धर्म मौलिक विचारों को उसी तरह अस्वीकार करता है जिस तरह ड्रैकुला सूर्य के प्रकाश को अस्वीकार करता है Ⅰ पैट कोंडेल

मृत लोगों को जीवित लोगों की तुलना में अधिक फूल मिलते क्योंकि अफसोस कृतज्ञता से अधिक ताकतवर होता है। एनी फ्रंक
मृत लोगों को जीवित लोगों की तुलना में अधिक फूल मिलते क्योंकि अफसोस कृतज्ञता से अधिक ताकतवर होता है। एनी फ्रंक

लड़कों का न रोना बहादुरी नहीं बल्कि उनका डर है, वे डरते हैं कमजोर कहलाए जाने से। योगेश्वर भास्कर
लड़कों का न रोना बहादुरी नहीं बल्कि उनका डर है, वे डरते हैं कमजोर कहलाए जाने से। योगेश्वर भास्कर

आज आप जीते हो तो कल हारोगे भी, परन्तु परसों फिर आपकी जीत होगी। मिल्खा सिंह
आज आप जीते हो तो कल हारोगे भी, परन्तु परसों फिर आपकी जीत होगी। मिल्खा सिंह

केवल जानना पर्याप्त नहीं है, हमें अवश्य ही प्रयोग भी करना चाहिए । केवल इच्छा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हमें कार्य करना भी
केवल जानना पर्याप्त नहीं है, हमें अवश्य ही प्रयोग भी करना चाहिए । केवल इच्छा करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हमें कार्य करना भी चाहिए। गोएथे

"मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर, लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया।" मजरूह सुल्तानपुरी
"मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर, लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया।" मजरूह सुल्तानपुरी

झूठ बोलने के लिए सबसे सुरक्षित जगह अदालत है। वहाँ सुरक्षा के लिए भगवान और न्यायाधीश हाज़़िर होते हैं Ⅰ हरिशंकर परसाई
झूठ बोलने के लिए सबसे सुरक्षित जगह अदालत है। वहाँ सुरक्षा के लिए भगवान और न्यायाधीश हाज़़िर होते हैं Ⅰ हरिशंकर परसाई

यदि आप आज वही पढ़ा रहे हैं जो आप पांच साल पहले पढ़ा रहे थे, तो या तो वहक्षेत्र खत्म हो चुका हैया फिर आप। नोम चोम्स्की
यदि आप आज वही पढ़ा रहे हैं जो आप पांच साल पहले पढ़ा रहे थे, तो या तो वहक्षेत्र खत्म हो चुका हैया फिर आप। नोम चोम्स्की

मीडिया अपनी साख इस हद तक गवां चुका है कि वह बेहद ज़़रूरी सूचना भी दे तो लोग अफ़वाह मानकर हँसने लगते हैं। संपत सरल
मीडिया अपनी साख इस हद तक गवां चुका है कि वह बेहद ज़़रूरी सूचना भी दे तो लोग अफ़वाह मानकर हँसने लगते हैं। संपत सरल