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Ras 2026 Pre / Mains notes ( RankUP Current Affairs)📚📚

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आर्थिक समीक्षा में भी 30 नवंबर 2022 लिखा हुआ है।
आर्थिक समीक्षा में भी 30 नवंबर 2022 लिखा हुआ है।

👆यह अधिसूचना 30 नवंबर 2022 को जारी हुई थी। यह योजना अधिसूचना जारी होने की तिथि से लागू होगी।
👆यह अधिसूचना 30 नवंबर 2022 को जारी हुई थी। यह योजना अधिसूचना जारी होने की तिथि से लागू होगी।

Board ने C माना है। Deleted
Board ने C माना है। Deleted

नए जिले बनाने के पक्ष में तर्क (For SI & RAS Interview) 1. नए जिलों के गठन का राज्य सरकार का निर्णय प्रशासनिक दृष्टि से उचित है। 2. नए जिले बनाने से सुविधाएं बढ़ेंगी। 3. लोगों को प्रशासनिक काम में आसानी होगी। 4. प्रशासन के विक्रेंद्रीकरण से तंत्र को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने में मदद मिलेगी। 5. भौगोलिक दृष्टि से अभी दूरियां बहुत थी। जिला मुख्यालय दूर होने से लोगों का स्वाभाविक रूप से कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब जिला मुख्यालय निकट होने से लोगों को काफी राहत मिलेगी। @ras_exam_notes

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Rajasthan Budget 2023-24 Live Update 10 फरवरी, 2023 को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (बतौर वित्त मंत्री) द्वारा राज्य बजट 2023-24 प्रस्तुत किया जाएगा। बजट से संबंधित महत्त्वपूर्ण तथ्य 👉 भारतीय संविधान के अनुच्छेद 202 के अनुसार राज्यपाल प्रतिवर्ष राज्य विधानमंडल में वार्षिक वित्तीय विवरण रखवाएंगे। 👉 राजस्थान का पहला बजट विधानसभा में 4 अप्रैल, 1952 को पेश किया गया था जो 17.25 करोड़ का था। 👉 ये बजट नाथूराम मिर्धा ने पेश किया था। नाथूराम मिर्धा उस वक्त राजस्थान के वित्त मंत्री थे। 👉 वर्ष 2012-13 में राजस्थान राज्य का पहला जेण्डर बजट, वर्ष 2021-22 में पहला पेपरलैस बजट और वर्ष 2022-23 में पहला 'कृषि बजट' प्रस्तुत किया गया था। राजस्थान बजट 2023-24 👉 थीम- बचत, राहत और बढ़त 👉 उज्जवला योजना के पात्र परिवारों को मिलेगा ₹ 500 में गैस सिलेंडर 👉 हर परिवार को महंगाई से राहत के लिए फूड किट योजना शुरू की जाएगी। 👉 नवीन युवा नीति की घोषण, इसके लिए 500 करोड़ का युवा कल्याण कोष का गठन किया जाएगा 👉 पेपर लीक मामले को लेकर स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा 👉 100 मेगा जॉब फेयर लगाए जाएंगे 👉 जिला मुख्यालयों पर यूथ हॉस्टल बनाए जाएंगे 👉 जिला मुख्यालयों पर डिजिटल लाइब्रेरी बनाई जाएगी 👉  सभी ब्लॉक मुख्यालय पर बनाए जाएंगे सावित्रीबाई फुले महाविद्यालय 👉 भर्ती परीक्षा में भाग लेने के लिए कराना होगा एक बार रजिस्ट्रेशन, इसके बाद किसी भी भर्ती परीक्षा में नहीं देनी होगी परीक्षा फॉर्म फीस 👉 सीएम अनुप्रति कोचिंग योजना में 15 हजार युवाओं को बढ़ाकर आगामी साल में 30 हजार स्टूडेंट्स को लाभाविंत किया जाएगा 👉 जयपुर-जोधपुर और उदयपुर सांइस पार्क का 30 करोड़ रुपए से होगा विकास 👉 राजीव गांधी एवियशन इंस्टीट्यूट बनाए जाने की घोषणा 👉 IRD स्किल यूनिवर्सिटी का नाम विश्वकर्मा स्किल यूनिवर्सिटी 👉 जयपुर में फैकल्टी डेवलपमेंट एकैडमी स्थापित की जाएगी 👉 राजस्थान गांधी स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस में 500 स्टूडेंट्स को प्रतिवर्ष लाभाविंत किया जाएगा 👉 हाई एंड रिसर्च के लिए जयपुर में एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलॉजी 300 करोड़ रुपए की लागत से बनाने की घोषणा 👉 ट्रांसपोर्ट वाउचर स्कीम स्कूली बच्चों के लिए लागू की जाएगी। 50 किलोमीटर से बढ़ाकर 75 किलोमीटर यात्रा हो सकेगी रोजाना 👉 राजस्थान चिरंजीवी योजना के तहत बीमा में 10 लाख की सीमा को बढ़ाकर 25 लाख की घोषणा 👉  बालोतरा में यूनानी कॉलेज खोला जाएगा 👉 झुंझुनू में आयुर्वेदिक चिकित्सालय खोला जाएगा 👉 मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी जोधपुर 👉 प्रतापगढ़, जालौर और राजसमंद में मेडिकल कॉलेज की घोषणा 👉 सेंटर एक्सिलेंट पंचकर्मा चाकसू (जयपुर) में खोला जाएगा 👉 जयपुर में 300 करोड़ की लागत से खुलेगा एपीजे अब्दुल कलाम इंस्टिट्यूट ऑफ बायोटेक्नोलोजी 👉 आगामी वर्ष से मुख्यमंत्री निःशुल्क बिजली योजना लागू होगी। 1 करोड़ 4 लाख परिवारों को मिलेगी निःशुल्क बिजली 👉 घरेलू उपभोक्ताओं को 100 यूनिट प्रतिमाह निःशुल्क बिजली की घोषणा 👉 एक करोड़ एनएफएसए परिवारों के लिए प्रतिमाह मुख्यमंत्री निशुल्क अन्नपूर्णा फूड पैकेट योजना होगी शुरू। इस पैकेट में एक-एक किलो दाल, चीनी, नमक, एक लीटर खाद्य तेल तथा मसाले उपलब्ध कराए जाएंगे। जिस पर 3000 करोड़ रुपये का खर्च वहन करेगी राज्य सरकार। 👉 छात्राओं के साथ-साथ अब छात्रों को भी आरटीई के तहत कक्षा 1 से 12 तक की निःशुल्क शिक्षा की घोषणा 👉 प्रदेश में खनन के क्षेत्र में अपार संभावनाओं को देखते हुए कोटा संभाग में स्थापित होगी माइनिंग यूनिवर्सिटी 👉 उच्च शिक्षा में गुणवत्ता के लिए जयपुर में फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी स्थापित होगी। 👉 बायोटेक्नोलॉजी पॉलिसी- 2023 लाने की घोषणा 👉 शहरी ओलिंपिक के लिए 250 करोड़ खर्च होंगे। 👉 हर संभाग मुख्यालय पर सलीम दुर्रानी स्पोर्ट्स बोर्डिंग स्कूल खुलेंगे। 👉 कलाकारों, आर्टिजन और क्राफ्टमैन को औजार खरीदने के लिए पांच हजार रुपए की सहायता दी जाएगी। 👉 मेजर ध्यानचंद स्टेडियम योजना के तहत स्टेडियम निर्माण पर मैचिंग ग्रांट की सीमा बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये की। 👉 कालीबाई भील तथा देवनारायण योजना के तहत बालिकाओं को दी जाने वाली स्कूटियों की संख्या 20 हजार से बढ़ाकर 30 हजार की। बालिकाओं को इलेक्ट्रिक स्कूटी दिए जाने का विकल्प भी होगा उपलब्ध 👉 75 करोड़ की लागत से जिला स्तरीय युवा महोत्सव होंगे आयोजित 👉 जोधपुर, उदयपुर और कोटा में 10-10 करोड़ की लागत से प्लेनेटेरियम का निर्माण 👉 आरयूएचएस के अधीन पोस्ट कोविड रिहेबिलिटेशन सेंटर होगा शुरू 👉 शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेंगे एक-एक हजार और महात्मा गांधी अंग्रेजी माध्यम स्कूल 👉 जोधपुर में स्थापित होगी मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी, 500 करोड़ रुपये होंगे व्यय।

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चौरी-चौरा काण्ड (4 फरवरी, 1922) पृष्ठभूमि ⬧ असहयोग आंदोलन (1920 ई.-1922 ई.) – प्रथम विश्व युद्ध के पश्चात् उत्पन्न आर्थिक संकट, रॉलेट एक्ट, जलियाँवाला बाग हत्याकाण्ड, मांटेग्यू चेम्सफोर्ड सुधार से असंतोष असहयोग आंदोलन के प्रमुख कारण थे। ⬧ गाँधीजी ने कांग्रेस एवं खिलाफत समिति की माँगों को एक साथ लेकर अंग्रेजी सरकार से भारतीयों को संतुष्ट करने के लिए कोई नवीन योजना प्रस्तुत करने का आग्रह किया। सरकार द्वारा माँगें स्वीकार न करने पर असहयोग आंदोलन प्रारंभ करने की चेतावनी दी। ⬧ सरकार ने इनकी माँगों पद ध्यान नहीं दिया; गाँधी ने 1 अगस्त, 1920 से असहयोग आंदोलन प्रारंभ कर दिया। ⬧ सितम्बर, 1920 में लाला लाजपत राय की अध्यक्षता में कलकत्ता में कांग्रेस का विशेष अधिवेशन हुआ, इस विशेष अधिवेशन में असहयोग आंदोलन का कार्यक्रम स्वीकार किया गया। ⬧ दिसम्बर, 1920 में विजय राघवाचार्य की अध्यक्षता में कांग्रेस का नागपुर में वार्षिक अधिवेशन हुआ, इस अधिवेशन में असहयोग के प्रस्ताव को दोहराया गया। ⬧ असहयोगात्मक कार्यक्रम – सरकारी उपाधियों एवं अवैतनिक पदों का त्याग, सरकारी उत्सवों का बहिष्कार, सरकारी स्कूल, कॉलेज एवं अदालतों का बहिष्कार, विदेशी वस्तु का बहिष्कार; इसके अतिरिक्त सरकारी नौकरी से त्यागपत्र एवं करों की अदायगी से इन्कार भी शामिल था। ⬧ रचनात्मक कार्यक्रम – राष्ट्रीय स्कूलों एवं कॉलेज की स्थापना झगड़ों को निपटाने के लिए पंचायतों की स्थापना, चरखों द्वारा निर्मित स्वदेशी वस्त्रों का प्रचार, हाथ से कताई एवं बुनाई को प्रौत्साहन देना, शराब बंदी, हिन्दु-मुस्लिम एकता, अस्पृश्यता का उन्मूलन आदि। ⬧ गाँधी के द्वारा ‘केसर-ए-हिन्द’ की उपाधि त्याग दी गई। जमनालाल बजाज ने ‘राय बहादुर’ की उपाधि त्याग दी। मोतीलाल नेहरु, चितरंजन दास, राजेन्द्र प्रसाद द्वारा वकालात छोड़ दी गई। ⬧ 17 नवम्बर, 1921 को ब्रिटिश युवराज प्रिंस ऑफ वेल्स के मुम्बई पहुँचने पर जनता ने इसके विरोध में जुलूस निकाला। मजदूरों ने कारखाने बंद कर हड़ताल घोषित कर दी। जगह-जगह पर प्रदर्शन हुए। प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाई, जिसमें कई लोग मारे गए। ⬧ 1921ई. में 396 हड़तालें हुईं, जिनमें 6 लाख श्रमिक सम्मिलित हुए। 30 हजार से अधिक लोग गिरफ्तार हो चुके थे। ⬧ 1 फरवरी, 1922 को गाँधी ने वायसराय लॉर्ड रीडिंग को चेतावनी दी कि यदि सरकार ने एक सप्ताह के भीतर दमनचक्र बंद करते हुए आंदोलनकारियों को रिहा नहीं किया, तो वे बारदौली से सामूहिक सविनय अवज्ञा आंदोलन प्रारंभ करेंगे। ⬧ चौरी-चौरा काण्ड – 4 फरवरी, 1922 को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर (देवरिया जिला RBSE कक्षा-12, 5 फरवरी, 1922) जिले के चौरी-चौरा नामक स्थान पर एक घटना घटी। चौरी-चौरा में शान्तिपूर्ण जुलूस को पुलिस ने दबाना चाहा, जिस कारण उत्तेजित भीड़ ने पुलिस को घेर लिया और उसमें आग लगा दी। इसमें 1 थानेदार एवं 21 सिपाही मारे गए। गाँधी ने इस घटना के कारण असहयोग आंदोलन को बंद करने का निर्णय लिया। 12 फरवरी, 1922 को बारदौली में कांग्रेस कमेटी की बैठक में गाँधी ने असहयोग आंदोलन को स्थगित करने की घोषणा कर दी। ⬧ जेल में बंद लाला लाजपतराय, चितरंजन दास एवं मोतीलाल नेहरु ने गाँधी के इस निर्णय का विरोध करते हुए एक पत्र लिखा। ⬧ सुभाषचंद्र बोस एवं जवाहर लाल नेहरु भी इस निर्णय से दु:खी हुए।

सीईटी स्नातक में शामिल होंगे कनिष्ठ लेखाकार के 4911 पद की बढ़ोतरी
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RPSC SI 2021 शारीरिक दक्षता परीक्षा में अनुत्तीर्ण अभ्यर्थियों के मार्क्स जारी https://rpsc.rajasthan.gov.in/resultsearch?Frm=TYPE2L&Pie=SI_2021_PHY_02022023

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