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I.A.S.(हिंदी माध्यम)

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Current Affairs Quiz 1 Jun 2020 दैनिक सामान्य ज्ञान क्विज https://www.simplifiedshiksha.com/current-affairs-quiz-1-jun/
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Srirams_ IAS World History.pdf4.83 MB

Industrial Policy - Effects on industrial growth by Roman.pdf29.49 MB

Industrial Policy - Changes since 1991 by Roman.pdf30.69 MB

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने पिछले छह वर्षों की पहल और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए इन्फोग्राफिक्स जारी किया अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने पिछले छह वर्षों में मंत्रालय द्वारा उठाए गए कदमों और उपलब्धियों को उजागर करने के लिए हिंदी और अंग्रेजी में 5 इन्फोग्राफिक्स का एक सेट जारी किया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए आदर्श रूप से उपयुक्त, इन्हें देश में अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए शुरू की गई सभी योजनाओं को शामिल करते हुए पांच विस्‍तृत विषयों के अंतर्गत चित्रित किया गया है हैं। य़े हैं: कौशल विकास, रोजगार और रोजगार के अवसर्स; हुनर हाट---कलाकारों, पाक कर्मी (शैफ) आदि के लिए अवसर जिसमें महिलाओं को अधिकार सम्‍पन्‍न बनाने पर विशेष ध्‍यान केन्द्रित किया गया है ; प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) --- देश भर के अल्पसंख्यक केन्द्रित इलाकों में सामाजिक-आर्थिक-शैक्षिक और रोजगार उन्मुख बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित करना ; शैक्षणिक सशक्तिकरण; और वक्‍फ सम्‍पत्तियों का उपयोग----देश भर में वक्‍फ सम्‍पत्तियों की जियो टैगिंग और डिजीटाइजेशन ताकि वक्‍फ सम्‍पत्तियों का इस्‍तेमाल समाज कल्‍याण के लिए सुनिश्चित किया जा सके। इन्फोग्राफिक्स को आसानी से समझने के लिए इसे चित्रमय, तस्वीरों और विषय वस्‍तु के माध्यम से संदेश देने के लिए कस्टम-डिज़ाइन किया गया है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा पिछले वर्ष घोषित जल जीवन मिशन का लक्ष्य 2024 तक देश के 18 करोड़ ग्रामीण परिवारों को नल जल कनेक्शन उपलब्ध कराना है। यह महत्वाकांक्षी योजना सभी राज्यों को लाभान्वित कर रहा है क्योंकि ये राज्य यह सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नल जल कनेक्शन प्राप्त हो सके जिससे कि उनके जीवन में बेहतरी आए। यह रूपांतरकारी मिशन सभी ग्रामीण परिवार को सार्वभौमिक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए ‘समता और समावेशन‘ के सिद्धांत पर फोकस करता है

असम ने 2020-21 में 13 लाख ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील नल कलेक्शन उपलब्ध कराने की योजना बनाई असम ने जल शक्ति मंत्रालय के विचारार्थ एवं अनुमोदन के लिए वार्षिक कार्ययोजना प्रस्तुत की। भारत सरकार ने जल जीवन मिशन (जेजेएम) के तहत 2020-21 के लिए 1407 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। राज्य की योजना कुल 63 लाख परिवारों में से 13 लाख परिवारों को नल कनेक्शन उपलब्ध कराने की है। राज्य में जल संसाधनों अर्थात भूजल एवं सतही जल दोनों की ही पर्याप्त उपस्थिति को देखते हुए असम में जल जीवन मिशन के लक्ष्य को अर्जित करना कठिन नहीं है। राज्य अपेक्षित परिणाम हासिल करने के लिए ‘लो हैंगिंग फ्रूट्स‘ अर्थात ऐसे गांवों/बस्तियों, जहां पहले से ही पाइपयुक्त जलापूर्ति योजनाओं का अस्तित्व है, का लाभ उठाने पर जोर दे रहा है। राज्य की योजना निर्बल एवं सीमांत वर्गों से संबंधित सभी शेष बचे परिवारों को प्राथमिकता के आधार पर तत्काल पारिवारिक नल कनेक्शन उपलब्ध कराने की है। ग्रामीण समुदाय की सक्रिय भागीदारी के साथ ग्राम कार्य योजना (वीएपी) के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए एक सुस्पष्ट रोडमैप भी तैयार कर लिया गया है। सभी उपलब्ध संसाधनों के न्यायोचित उपयोग के लिए ग्रामीण स्तर पर मनरेगा, एसबीएम (जी), पीआरआई को 15वां वित आयोग अनुदान, जिला मिनरल विकास फंड, सीएएमपीए, स्थानीय क्षेत्र विकास फंड, आदि जैसे विभिन्‍न कार्यक्रमों के जरिये पीने के पानी की आपूर्ति प्रणालियों की दीर्घकालिक निर्वहनीयता के लिए वर्तमान में विद्यमान पीने के पानी संसाधनों के सुदृढ़ीकरण की योजना बनाई गई है। योजना निर्माण के दौरान गुणवत्ता प्रभावित बस्तियों, आकांक्षी जिलों एससी/एसटी बहुल गांवों/बस्तियों, संसद आदर्श ग्रामीण योजना ग्रामों आदि में परिवारों को प्राथमिकता आधार पर कवर करने पर जोर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, दीर्घकालिक निर्वहनीयता सुनिश्चित करने के लिए योजना निर्माण, कार्यान्वयन, प्रबंधन और गांवों में जलापूर्ति प्रणालियों के प्रचालन एवं रख-रखाव में स्थानीय ग्रामीण समुदाय/ग्राम पंचायतों और या इसकी उप-समिति/यूजर ग्रुपों को जोड़ा जा रहा है। जल जीवन मिशन जल की गुणवत्ता की निगरानी में स्थानीय समुदाय की प्रतिभागिता को प्रोत्साहित करता है। पीएचई विभाग समुदाय के साथ जुड़ने और उसे सशक्त बनाने के लिए संकल्पबद्ध है। इसके लिए, किट्स की समय पर खरीद, समुदाय को किट्स की आपूर्ति, प्रत्येक गांव में कम से कम पांच महिलाओं की पहचान, फील्ड टेस्ट किट्स के उपयोग एवं रिपोर्टिंग तथा जल संसाधनों के प्रयोगशाला आधारित निष्कर्षों की रिपोर्ट के समानुक्रमण के लिए महिलाओं को प्रशिक्षित करने से लेकर पूरी मूल्य श्रृंखला को सन्निहित करने के लिए एक कार्य योजना पूरी कर ली गई है। कोविड-19 महामारी के बाद, यह महत्वपूर्ण है कि लोग पीने का पानी लेने के लिए सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट/सार्वजनिक जल संसाधनों पर भीड़-भाड़ न लगायें। इसलिए, राज्य गांवों में पारिवारिक नल कनेक्शन उपलब्ध कराने के लिए जलापूर्ति कार्य आरंभ कर रहा है, जो सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करने में सहायता करेगा तथा इसके अतिरिक्त, स्थानीय लोगों को रोजगार दिलाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद करेगा। जब देश कोविड-19 महामारी से जूझ रहा है, तो यह बहुत महत्वपूर्ण हो गया है कि प्रवासी मजदूरों को आजीविका प्रदान किया जाए जो अपने गांवों में लौट कर आ गए हैं। ये प्रवासी मजदूर मूल रूप से कुशल एवं अर्ध कुशल मजदूर हैं, जिनकी सेवाओं का उपयोग प्रत्येक गांव में विशेष रूप से प्लंबिंग, फिटिंग, जी संरक्षण कार्यों आदि जैसे जलापूर्ति से संबंधित रोजगार उपलब्ध कराने में किया जा सकता है। यह पर्याप्त भूजल उपलब्धता सुनिश्चित करेगा जिससे जल सुरक्षा, कृषि के लिए जल की उपलब्धता बढ़ेगी और सबसे महत्वपूर्ण बात यह कि यह प्रत्येक ग्रामीण परिवार के लिए पीने के पानी के प्रावधान में सहायता करेगा। जल जीवन मिशन के कार्यान्वयन के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोग अब अपने ग्रामीण परिसरों में नल कनेक्शन के आकांक्षी हो गये हैं जिसके बारे में वे पिछले साल तक सोच भी नहीं सकते थे। राज्यों के सक्रिय सहयोग के साथ जल शक्ति मंत्रालय नियमित और दीर्घकालिक आधार पर समुचित मात्रा और अनुशंसित गुणवत्ता में पीने के पानी का प्रावधान करने के जरिये ग्रामीणों के जीवन में खुशियां लाने में मिशन का उपयोग कर रहा है।

“एक भारत, श्रेष्ठ भारत” की भावना के प्रसार तथा युवाओं को मौलिक कर्तव्यों के बारे में जागरूक बनाने के लिए पंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय के ईबीएसबी क्लब ने "ए रिमाइंडर ऑन फंडामेंटल ड्यूटीज " पर एक लघु वीडियो लॉन्च किया 28विभिन्न राज्यों के 28 छात्रों ने भाग लिया और मौलिक कर्तव्यों का अनुवाद अपने-अपने राज्यों की क्षेत्रीय भाषाओं में किया युवाओं को मौलिक कर्तव्यों के बारे में जागरूक बनाने के लिएपंजाब केंद्रीय विश्वविद्यालय,बठिंडा (सीयूपीबी) ने "ए रिमाइंडर ऑन फंडामेंटल ड्यूटीज " शीर्षक से एक लघु वीडियो जारी किया है। मानव संसाधन विकास मंत्रालयऔर यूजीसी के निर्देशों के अनुसार, सीयूपीबी के ईबीएसबीक्लब ने “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के तहत तथा विश्वविद्यालयके कुलपति प्रोफेसर आर.के. कोहली के दिशानिर्देशन में इस वीडियो को तैयार किया है। इस वीडियो का उद्देश्य सभी जिम्मेदार नागरिकों कोमौलिक कर्तव्यों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित करना है, कोविड –19 से मुकाबला करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को सरकार द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए प्रेरित करना हैऔर सभी को"संकल्प से सिद्धि की और" अभियान का हिस्सा बनने के लिए अपील करना है। इस वीडियो मेंदेश भर के 28 विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाले 28सीयूपीबी-ईबीएसबी क्लब के छात्र-स्वयंसेवकों ने भाग लिया और मौलिक कर्तव्यों का अनुवाद अपने-अपने राज्यों की क्षेत्रीय भाषाओं में किया।

प्रधानमंत्री ने मन की बात में ‘माई लाइफ माई योगा‘ वीडियो ब्लौगिंग प्रतियोगिता की घोषणा की प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने आज राष्ट्र को संबोधित अपने मासिक मन की बात संबोधन के दौरान सभी लोगों से आयुष मंत्रालय एवं भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (आईसीसीआर) द्वारा एक संयुक्त प्रयास ‘माई लाइफ माई योगा (जीवन योगा के नाम से भी विख्यात) ‘ वीडियो ब्लौगिंग प्रतियोगिता में भाग लेने की अपील की। यह प्रतियोगिता व्यक्तियों के जीवन पर योग के रूपांतरकारी प्रभाव पर फोकस करता है और आगामी 21 जून, 2020 को मनाये जाने वाले छठे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) से संबंधित कार्यकलापों में से एक है। यह प्रतियोगिता आज, 31 मई, 2020 को आयुष मंत्रालय के सोशल मीडिया हैंडल्स पर लाइव हो गई है। पिछले कई वर्षों से अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाये जाने के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर योग के हजारों सद्भावपूर्ण सामूहिक प्रदर्शन होते रहे हैं। कोविड-19 की संक्रामक प्रकृति के कारण इस वर्ष सामूहिक भागीदारी उचित नहीं होगी। इसलिए, इस वर्ष मंत्रालय लोगों को उनके घर पर ही, पूरे परिवार की सहभागिता के साथ योग का अभ्यास करने को प्रोत्साहित कर रहा है। ‘माई लाइफ माई योगा‘ वीडियो ब्लौगिंग प्रतियोगिता के माध्यम से, आयुष मंत्रालय और आईसीसीआर योग को लेकर जागरूकता फैलाना चाहते हैं और लोगों को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2020 मनाने के लिए तैयार करने और उसमें सक्रिय भागीदार बनने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। यह प्रतियोगिता फेसबुक, ट्वीटर और इंस्टाग्राम के सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से भागीदारी का समर्थन करेगी। वीडियो प्रतियोगिता सभी देशों के प्रतिभागियों के लिए खुली होगी। यह प्रतियोगिता दो चरणों में संचालित होगी। पहले चरण में एक अंतरराष्ट्रीय वीडियो ब्लौगिंग प्रतियोगिता होगी जिसमें देश के भीतर विजेताओं का चयन किया जाएगा। इसके बाद वैश्विक पुरस्कार विजेता होंगे जिनका चयन विभिन्न देशों के विजेताओं में से किया जाएगा। प्रतिभागियों द्वारा तीन वर्गों-युवा (18 वर्ष से कम आयु के), वयस्क (18 वर्ष से अधिक आयु के) और योग प्रोफेशनल के तहत एवं इसके अतिरिक्त, पुरुष एवं महिला के लिए अलग से प्रविष्टियां प्रस्तुत की जाएंगी। इस प्रकार, कुल मिलाकर छह वर्ग होंगे। भारतीय प्रतियोगियों के लिए प्रत्येक वर्ग के भीतर पहले, दूसरे एवं तीसरे स्थान के लिए 1 लाख रुपये, 50 हजार रुपये तथा 25,000 रुपये के बराबर की पुरस्कार की राशि पहले चरण के भीतर घोषित कर दी गई है। वैश्विक पुरस्कारों के विवरण जल्द ही आयुष मंत्रालय के योग पोर्टल पर घोषित कर दिए जाएंगे। यह प्रतियोगिता पूरे विश्व में हर प्रतिभागी के लिए खुली है। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए प्रतिभागियों को एक लघु वीडियो संदेश/विवरण कि किस प्रकार उक्त योग अभ्यासों ने उनके जीवन को प्रभावित किया, सहित 3 योग आसनों (क्रिया, आसन, प्राणायाम, बंध या मुद्रा) के 3 मिनट की अवधि के वीडियो अपलोड करने की आवश्यकता होगी। वीडियो को प्रतियोगिता हैशटैग #MyLifeMyYogaINDIA के साथ और उपयुक्त वर्ग हैशटैग के साथ फेसबुक, ट्वीटर और इंस्टाग्राम पर अपलोड किया जा सकता है। प्रतिभागिता के लिए विस्तृत दिशानिर्देश आयुष मंत्रालय के योग पोर्टल (https://yoga.ayush.gov.in/yoga/). पर देखा जा सकता है। प्रधानमंत्री द्वारा प्रतियोगिता की घोषणा ने इसको लेकर बेशुमार उत्सुकता और दिलचस्पी जगा दी है। आयुष मंत्रालय को भरोसा है कि यह दिलचस्पी उल्लेखनीय सार्वजनिक स्वास्थ्य लाभों के रूप में रूपांतरित होगी क्योंकि कोविड-19 महामारी की स्थिति के कई पहलुओं के प्रबंधन में योग के सकारात्मक प्रभाव को अब भली भांति स्वीकार कर लिया गया है।