ru
Feedback
इतिहास ज्ञान गंगा

इतिहास ज्ञान गंगा

Открыть в Telegram

💐 PGT/TGT/UGC NET/UPSC इतिहास की तैयारी करने वाले सभी चैनल को ज्वाइन करे। 💐इतिहास विषय के पिछले वर्षों में आए प्रश्न शेयर किए जाएंगे। owner – @Sumit219 https://t.me/+bqS2kyNkG6I4ZWVl

Больше
6 727
Подписчики
Нет данных24 часа
+37 дней
-4830 дней
Архив постов
1857 की क्रांति के आर्थिक कारण: * प्रसिद्ध इतिहासकार विपिनचन्द्रा के अनुसार इस क्रांति का मुख्य कारण 'अंग्रेजों द्वारा भारतीयों का आर्थिक शोषण' और परंपरागत आर्थिक ढाँचे को विनाश करना था। * ब्रिटिश आर्थिक व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए 'सर जॉन शालिवान' ने कहा था– 'हमारी व्यवस्था उस स्पंज के समान है जो गंगा नदी के धन को सोख कर टेम्स नदी के किनारे निचोड़ देती है।' * अंग्रेजों ने भारतीय सूती वस्त्र उद्योग को षड़यंत्र पूर्वक समाप्त किया। * इस संदर्भ में विलियम बैंटिक ने कहा कि – 'जब मैं भारत पहुँचा तब भारतीय बुनकरों की हड्डियाँ मैदानों में बिखरी हुई थी।' * कार्ल मार्क्स के अनुसार– 'यह अंग्रेज घुसपेठिया ही थी जिसने भारतीय करघा (Loom) और चरखे को समाप्त कर दिया था।' * एलफिन्स्टन के अनुसार– 'लूट में तो हम नादिरशाह से भी आगे निकल गए है।' * ब्रिटिश काल में भारत में विभिन्न प्रकार की भू-राजस्व प्रणालियाँ प्रचलित थी जिनमें तीन प्रकार की राजस्व प्रणालियाँ महत्त्वपूर्ण थी– | राजस्व प्रणालियाँ | स्थायी बंदोबस्त. | रैयतवाड़ी व्यवस्था. | महालवाड़ी व्यवस्था. * 1852 में डलहौजी ने भूमिकर रहित जागीरे और जमीदारों की जाँच के लिए बम्बई में इनाम आयोग का गठन किया था। इस आयोग की सिफारिश पर डलहौजी ने 1854 में बीस हजार से अधिक जागीरदारों की जागीरें जब्त कर ली थी।

1. 1927 — अमरावती, अंबादेवी मंदिर सत्याग्रह आंबेडकर के नेतृत्व/मार्गदर्शन में दलितों को अंबादेवी मंदिर, अमरावती में प्रवेश दिलाने का प्रयास हुआ। उद्देश्य था—मंदिर में प्रवेश और पूजा के अधिकार पर जातिगत रोक को चुनौती देना। प्रयास सफल नहीं हुआ। 2. 1929–1930 — पार्वती मंदिर सत्याग्रह, पुणे पुणे के पार्वती मंदिर में दलितों के प्रवेश के लिए आंदोलन किया गया। अक्टूबर 1929 से यह आंदोलन प्रमुख रूप से सामने आया और 1930 तक चला। मंदिर में प्रवेश की मांग स्वीकार नहीं की गई। 3. 1930–1935 — कालाराम मंदिर सत्याग्रह, नासिक 2 मार्च 1930 को आंबेडकर के नेतृत्व में नासिक के प्रसिद्ध कालाराम मंदिर में प्रवेश के अधिकार के लिए सत्याग्रह शुरू हुआ। हजारों दलित सत्याग्रहियों ने इसमें भाग लिया; प्रारंभिक आयोजन में लगभग 15,000 लोग एकत्र हुए थे। मंदिर में प्रवेश का अधिकार नहीं मिला और आंदोलन कई वर्षों तक चलता रहा। 1935 तक आते-आते आंबेडकर का जोर मंदिर-प्रवेश से हटकर शिक्षा, राजनीतिक अधिकार और सामाजिक मुक्ति की ओर अधिक हो गया। 13 अक्टूबर 1935 के येवला सम्मेलन में उन्होंने हिंदू धर्म छोड़ने की घोषणा की और कालाराम मंदिर प्रवेश सत्याग्रह को छोड़ने की दिशा स्पष्ट की। @AB251100

डॉ भीमराव अंबेडकर और मंदिरों में प्रवेश New ncert
डॉ भीमराव अंबेडकर और मंदिरों में प्रवेश New ncert

किस कुषाण शासक ने पेशावर में एक विशाल स्तूप का निर्माण करवाया था?
Anonymous voting

The Saka Era, which starts from 78 AD, was commenced by which Kushan ruler? / 78 ईस्वी से शुरू होने वाले शक संवत की शुरुआत किस कुषाण शासक ने की थी?
Anonymous voting

Which ruler of the Kushan dynasty is credited with issuing gold coins in India for the first time on a significant scale? / कुषाण वंश के किस शासक को भारत में पहली बार बड़े पैमाने पर स्वर्ण सिक्के जारी करने का श्रेय दिया जाता है?
Anonymous voting

Who laid the foundation of the Kushan Empire in India? / भारत में कुषाण साम्राज्य की नींव किसने रखी थी?A)
Anonymous voting

निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए। 1. शक और कुषाणों ने भारत से सांस्कृतिक तत्वों जैसे - लिपि, भाषा या धर्म को अपनाया था। 2. उन्होंने मध्य एशियाई क्षेत्र में से भारतीय सोने को निकालने के लिए मध्य एशिया और भारत के बीच अंतरंग संपर्क स्थापित किए थे। उस विकल्प का चयन कीजिए जो भारत के साथ मध्य एशियाई संपर्क के प्रभाव को सही ढंग से दर्शाता है।

कुषाण सम्राट 'कनिष्क' के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है? Rajasthan SI
Anonymous voting

असालीब ? किसान नियम थे जो मोहम्मद तुगलक ने बनाए थे।

कस्त्रेरवा-: चलता-फिरता लकड़ी का महल

Repost from N/a

Repost from N/a

Repost from N/a
इस चैनल मैं नेट की सिलेबस वाइज mcq सेंड की जाएगी अभी जैनधर्म चल रहा है । वोट देकर आप explaination भी पढ़िये

Repost from N/a

1857 की क्रांति स्वरूप
1857 की क्रांति स्वरूप

सल्तनत mix क्विज के ज्वाइन करे ..... https://t.me/+bqS2kyNkG6I4ZWVl

शोरा का उपयोग कश्मीर मेंअकबर ने पहली बार शराब को शीतल रखने हेतु शोरा का उपयोग किया था।

मनसबदारी ki विशेषताओं का सर्वप्रथम उल्लेख:मोरलैण्ड
मनसबदारी व्यवस्थाओ का विभिन्न स्रोतों से अध्ययन कर इस प्रणाली की प्रमुख विशेषताओं का उल्लेख निम्न इतिहासकारों ने किया - मोरलैण्ड (सर्वप्रथम) अब्दुल अजीज पौलहोर्न व विलियम इरविन A-J. केसर व शिरिन मुसवी