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ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜

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दूर होना है उन्हे , सो नाराज़गी जता रहे हैं चुपचाप सुनते रहे हम , फिर भी ग़लती हमारी बता रहे हैं ।। 🙂✍

बात बस इतनी है कि हर लड़की दिल नहीं तोड़ती और हर लड़का जिस्म नहीं चाहता ।। 💙

ख़त्म होते नवंबर की धूप से हैं हम , आज नहीं तो कल अच्छे लगने लगेंगे ।। 💙

दिल में आज फिर बवंडर आया है , मेरा यार सुर्ख दुपट्टे में गली में आया है ।। ❤️✍

ज़रा सी नाराज़गी अब फासलों में बदल गई है , याद नहीं करते अब वो , जाने कौन हमारी कमी पूरी कर रहा है ।।

रोना भी छोड़ दिया मैंने ये सोच कर कि कहीं खुदा तुझसे मेरे आंसुओं का हिसाब ना लेले .... 🙃✍

मंज़िल को खबर भी नहीं रास्तों ने क्या क्या छीना है ।। 🔥✍

तुम दिल से और वक्त हाथ से निकलता जा रहा है ।। ✍

मेरी मुद्दतों की तलाश में पूर्ण विराम हो तुम ..... 💙✍

इश्क़ की आयतें पढ़ लेता है ज़माना , मेरे अल्फाजो में भी , एक वो है जो मेरी आंखो की फ़िक्र और ज़ुबां का ज़िक्र तक नहीं पहचान पाया .... ✍

पलट कर देखने के शौक ना थे कभी , तुझे देखा तो दिल किया थोड़ा और देख लूं ।। ✍

बहने देती ही आंसू इसी ख़्याल से तेरी यादें जो निकल रही है ' क्यूं रोकूं '..... ? ✍

कुछ इस कदर याद करेंगे तुम्हे ' एक मुसाफिर मिला , रास्ते ज़रा अलग थे कलम एक क्या करते , किस्मत के पन्ने ज़रा अलग थे ।। ❤️✍

समय लग रहा है ख्वाहिशें पूरी करने में ए ज़िन्दगी ! ज़रा धीरे धीरे चल ।। ✍

रहने दो ना खामोश ही बोलेंगे तो फिर किसी को बुरा लग जाएगा ।। 🙂✍

कहीं ज़िद भी पूरी कहीं जरूरतें भी अधूरी कोई सुगन्ध का भी मोहताज किसी का पूरा जीवन कस्तूरी ..... 🔥✍

सुकून और परम्परा को जोड़े हैं , मेरे गांव की सी हवा कहीं चलती थोड़े है ।। 😌

उठाएं हैं कदम ज़रा , कायनात साथ चलेगी ही सफ़र शुरू हुआ है , मंज़िल मिलेगी ही ।। 😌✍