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*सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेज (उच्च शिक्षा) प्रधानाचार्य की लिखित परीक्षा हेतु पाठ्यक्रम*
भाग-A :- सामान्य ज्ञान (40 प्रश्न)
इस भाग में 40 वस्तुनिष्ठ प्रकार के बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे, जिनमें से प्रत्येक प्रश्न 03 अंक का होगा। प्रत्येक यूनिट से न्यूनतम 03 प्रश्न पूछे जाएंगे।
*यूनिट-1*
समसामयिक मामले (Current Affairs) –
(i) राज्य, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्व की समसामयिक घटनाएं।
(ii) चर्चा में रहे व्यक्तित्व (समाचारों में चर्चित व्यक्ति)।
(iii) खेल, कूद और मल्टीमीडिया।
(iv) समकालीन संदर्भ में विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पर्यावरण।
*यूनिट-2*
भारतीय राजव्यवस्था, इतिहास, अर्थव्यवस्था और भूगोल –
(i) भारतीय संविधान और राजव्यवस्था।
(ii) शिक्षा प्रणाली से संबंधित कानूनी और संवैधानिक विकास।
(iii) भारतीय इतिहास और राष्ट्रीय आंदोलन।
(iv) भारतीय अर्थव्यवस्था।
(v) बुनियादी भारतीय भूगोल।
*यूनिट-3*
सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) –
(i) आईसीटी (ICT): लाभ, हानियाँ और उपयोग।
(ii) इंटरनेट की बुनियादी बातें और इसके अनुप्रयोग।
(iii) शैक्षिक प्रौद्योगिकी (Educational Technology) में विकास।
*भाग-B :- प्रशासनिक अभिरुचि*
*परीक्षा (80 प्रश्न)इस भाग में 80 वस्तुनिष्ठ प्रकार के बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे, जिनमें से प्रत्येक प्रश्न 03 अंक का होगा। प्रत्येक यूनिट से न्यूनतम 05 प्रश्न पूछे जाएंगे*
*यूनिट-1*
भारतीय संस्कृति और नैतिकता –
(i) प्राचीन भारतीय शिक्षा।
(ii) गुरु-शिष्य परंपरा।
(iii) भारतीय कला और साहित्य।
(iv) विश्व विरासत में भारत का योगदान।
(v) शैक्षणिक संस्थानों में नैतिकता और मूल्यों को बढ़ावा देना।
*यूनिट-2*
स्वतंत्रता-पूर्व और स्वतंत्रता-पश्चात का शैक्षिक परिदृश्य –
(i) 1850 के बाद विश्वविद्यालयों का विकास।
(ii) स्वतंत्रता-पूर्व और स्वतंत्रता-पश्चात के शैक्षिक विचारक- तिलक, गांधी, मालवीय, स्वामी विवेकानंद, टैगोर, राधाकृष्णन, कलाम।
(iii) स्वतंत्रता के बाद विभिन्न शिक्षा आयोग।
(iv) नई शिक्षा नीति (NEP)।
*यूनिट-3*
उच्च शिक्षा प्रणाली –
(i) भारत में उच्च शिक्षण और अनुसंधान संस्थान।
(ii) औपचारिक और दूरस्थ शिक्षा (Formal and Distance Education)।
(iii) सामान्य और व्यावसायिक शिक्षा।
(iv) उच्च शिक्षा के लिए नियामक निकाय (Regulatory bodies) - विशेष रूप से UGC, NCTE, AICTE, MCI, NAAC, BCI और RCI के संदर्भ में।
*यूनिट-4*
उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा का शासन और प्रशासन –
(i) विश्वविद्यालय और कॉलेज: प्राधिकरण, निकाय और बोर्ड।
(ii) शिक्षण, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और प्रधानाचार्यों की सेवा शर्तें।
(iii) कॉलेजों की मान्यता और संबद्धता (Affiliation)।
(iv) परीक्षा का पैटर्न और संचालन।
(v) उच्च शिक्षा में सुशासन (Good Governance) - विशेष रूप से RTI, IQAC, रैगिंग निषेध और छात्र संघ चुनाव के संदर्भ में।
*यूनिट-5*
उच्च शिक्षा से संबंधित अधिनियम, संविधियां और अध्यादेश –
(i) यू.पी. राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम, 1973।
(ii) यू.पी. उच्च शिक्षा सेवा आयोग अधिनियम और विनियम।
(iii) विश्वविद्यालय संविधियां, अध्यादेश और विनियम।
(iv) शिक्षकों की नियुक्ति और सेवा शर्तों से संबंधित यूजीसी (UGC) अधिनियम और विनियम।
*यूनिट-6*
वित्तीय प्रबंधन –
(i) वित्तीय सहायता के स्रोत।
(ii) कॉलेजों में वित्तीय प्रबंधन।
(iii) खातों का संचालन (Operation of Accounts)।
(iv) बजट और ऑडिट प्रणाली।
(v) शैक्षिक प्रशासन से संबंधित वित्तीय हस्तपुस्तिका (Financial handbook) का ज्ञान।
*यूनिट-7*
प्रधानाचार्य के अधिकार और कर्तव्य –
(i) विभिन्न हितधारकों (stake holders) के संदर्भ में प्रधानाचार्य के अधिकार और कर्तव्य।
(ii) सुविधाओं और संपत्तियों का विकास एवं रखरखाव।
(iii) शैक्षणिक और सह-पाठ्यचर्या (co-curricular) गतिविधियों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने में प्रधानाचार्य की भूमिका।
(iv) अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखना।
*नोट* :-
1- अभ्यर्थियों को प्रत्येक सही उत्तर के लिए तीन अंक दिए जाएंगे और प्रत्येक गलत उत्तर के लिए एक नकारात्मक अंक (नेगेटिव मार्किंग) काटा जाएगा।
2- प्रश्नों का स्तर 50 प्रतिशत औसत (Average), 30 प्रतिशत कठिन (Difficult) और 20 प्रतिशत सबसे कठिन (Most difficult) होगा।
*सिलेबस और पैटर्न*:-
👉 कुल 120 प्रश्न 360 अंकों के
*प्रश्नों का स्तर*:-
👉 50% प्रश्न औसत ,,30% कठिन,,20% अत्यंत कठिन
👉1/3 निगेटिव मार्किंग ✔️✔️
booklist for supertet
हिंदी -लुसेंट या आदित्य पब्लिकेशन में से कोई एक लें लें
या फिर सबसे बेहतर तो आप यूनिवर्सल पब्लिकेशन की राजपाल सिंह की बुक ले ले तो अच्छा है
आदित्य पब्लिकेशन को थोड़ा ध्यान से पढ़ना उस में गलतियां बहुत है हरदीप बाहरी और पृथ्वी नाथ पांडे की पुस्तके तभी लें जब आप पढ़ने की ज्यादा क्षमता रखते हो अन्यथा ना लें
2 अंग्रेजी कोई भी पुस्तक जिसमें संपूर्ण अंग्रेजी ग्रामर हो example - kaka publication 11 12 class
paramaunt english book या lucent english grammar
3 संस्कृत -संस्कृत गंगा book /chandra ya target with alok notes
4 विज्ञान- कक्षा 9 और 10 की पाठ्य पुस्तकों पर आधारित नोट्स या फिर
THE EXAM PORTAL का 6to10 ncert notes
और यूथ पब्लिकेशन की सुपर टेट की सीरीज 3
लुसेंट सामान्य अध्ययन से भी विज्ञान को पढ़ सकते हैं
5 गणित up tet जूनियर टेट के पिछले वर्षों के आए हुए सभी पेपर
और यूथ पब्लिकेशन की सुपर टेट की सीरीज नंबर 4
6 पर्यावरण एवं सामाजिक अध्ययन
यूथ पब्लिकेशन की सुपर टेट की सीरीज 2 और लुसेंट सामान्य अध्ययन से पाठ्यक्रम अनुसार टॉपिक को पढ़ लेना
7 शिक्षण कौशल agarwal examcart book
8 बाल मनोविज्ञान agarwal examcart book
9 सामान्य ज्ञान एवं समसामयिक घटनाएं -
सम सामयिक घटना चक्र (वार्षिकांक) या कोई अन्य वार्षिक अंक या speedy
10 तार्किक ज्ञान
यूथ पब्लिकेशन की सीरीज नंबर 4 जो अब गणित के लिए लेंगे वह इसमें भी काम करेगा तार्किक क्षमता के लिए कोई अलग से पुस्तक लेने की आवश्यकता नहीं है
11सूचना तकनीकी
ठाकुर पब्लिकेशन तृतीय सेमेस्टर ya यूथ पब्लिकेशन की सुपर टेट 3 से भी पढ़ सकते हैं
घटना चक्र पूर्वावलोकन विज्ञान से भी आप सूचना प्रौद्योगिकी को पढ़ सकते हैं
12 जीवन कौशल प्रबंधन एवं अभिवृत्ति
IMPORTANT NOTE D el ed paper 1 2 all semester book
आपके पास हो सकता है कि इनसे अलग किताबे हो आपके पास जो भी किताबें हैं उनका अच्छे से प्रयोग आपको करना है वैसे तो सबसे बेहतर होते हैं कि आप लोग अपने खुद के नोट्स बनाएं लेकिन प्रत्येक व्यक्ति प्रत्येक विषय के नोट्स बनाने में निपुण नहीं हो सकता
note:आप किसी एक कोचिंग पर निर्भर ना रहें
शिक्षण कौशल , बाल मनोविज्ञान ,सामाजिक अध्ययन और विज्ञान विषय के जूनियर यूपीटेट के पेपरों का गहनता से अध्ययन करें
MAHESH VARNWAL NCERT सार भी पढ़ लें
Hindi Course For All Exams- UPSSSC/UPPCS/UPTET/CTET: https://www.youtube.com/playlist?list=PLEcwgRmos_LCm1YMLACAbM_sxjqnCIllL
Indian Polity Complete Course-Topic wise: https://www.youtube.com/playlist?list=PLEcwgRmos_LDxsc2yxpC51sVmyXcpJ0Tq
फ़र्श से अर्श तक:—
मैडम सविता प्रधान IAS -दर्द,तकलीफ़ और इम्तिहानों की क़ैद से IAS तक का सफ़र तय करने वाली और मौत से हाथ छुड़ाकर लौटने वाली एक महिला की कहाँनी:-
महज 16 साल की उम्र में सविता प्रधान की शादी हो गई थी। उनकी शादीशुदा जिंदगी बहुत तकलीफदेह हो गई। पति का सभी के सामने धमकाना, पीटना और बेइज्जती करना आम होने लगा था। ससुराल में ठीक से खाना खाना भी मुश्किल हो गया था। घर की सफाई करने के बाद खाना बनाने के लिए कहा जाता था। नौकरों की तरह ट्रीट किया गया। वो कहती हैं, 'मैं कई बार अपने अंडरगारमेंट्स में रोटी छिपाकर बाथरूम जाती थी और वहां सिर्फ रोटी से पेट भरती थी। उस समय भी मुझे अहसास नहीं हो रहा था कि आखिर मेरे साथ हो क्या रहा है।'
वे बताती हैं, 'शोषण बढ़ता ही गया। मुझे छोटी-छोटी बातों पर पीटा जाता था। दिन-रात मैं शारीरिक हिंसा का शिकार होती थी।' जब एक दिन पिता मिलने आए, तो उन्होंने घर ले जाने की विनती की। 'उन्होंने शाम तक वापस आने और उसे घर ले जाने का वादा किया। लेकिन वे वापस नहीं आए। उस दिन, समझ आ गया कि इस नरक से मुझे बचाने कोई नहीं आएगा।'
'मैं फांसी लगाने ही वाली थी...'
इस समय तक वह दो बच्चों की मां बन चुकी थीं, फिर भी उनकी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हुआ था। वे बताती हैं 'मेरा माथा फटा हुआ है, हाथ पर कट के निशान हैं, पीठ जली हुई है। रोज-रोज के अत्याचार अब सहन करना मुश्किल हो गया था। पता था कि खुद की जान लेना गलत है लेकिन इसके अलावा कोई और रास्ता नजर नहीं आ रहा था।' एक दिन उन्होंने अपनी जान देने का फैसला किया।
उन्होंने बताया, 'मैंने अपने बेटे को सुला दिया। दूसरे बेटे को फीड कराया। माथा चूमा जैसे कि आखिरी बार सुला रही हूं। एक स्टूल खींचा और पंखें पर साड़ी लटका दी। मैं फांसी लगाने ही वाली थी कि खिड़की से मेरी सास का चेहरा दिखाई दिया। उन्होंने मुझे देखा, लेकिन उन्होंने रोका नहीं, उनके चेहरे पर कोई भाव नहीं थे। वे वहां से ऐसे चली गईं जैसे उन्होंने कुछ देखा ही नहीं या उनके लिए कोई मायने नहीं रखता।' यह उनके लिए एक निर्णायक पल था। उन्होंने कहा, 'तब मुझे एहसास हुआ कि मैं ऐसे लोगों के लिए अपनी जान नहीं दे सकती।' हिम्मत जुटाकर वे ससुराल से भाग निकलीं।
'बाल्टी में पेशाब करके मुझपर फेंक दिया, बच्चों के सामने पीटा'
ससुराल से भागने के बाद सविता अपनी चचेरी बहन की भाभी के घर में रहने लगी थीं। पार्लर में काम किया, ट्यूशन पढ़ाया और संघर्ष करते-करते आगे की पढ़ाई की। लेकिन अभी सब खत्म नहीं हुआ था। अलग होने के बाद भी पति कभी-कभी आता था और मारपीट करता था। उन्होंने बताया, 'वह बच्चों के सामने मुझे पीटता था। एक दिन एक बाल्टी में पेशाब किया और मुझ पर फेंक दिया। उस समय मैं एग्जाम देने जा रही थी। मैं फिर से नहाई, कपड़े बदले और अपना पेपर देने चली गई। मेरा दिल वाकई में कठोर हो गया था।'
पहले अटेंप्ट में PCS और फिर UPSC CSE क्रैक कर IAS ऑफिसर बनीं
सविता का लक्ष्य अच्छी सरकारी नौकरी पाने का था। उन्होंने अकेले बच्चों की परवरिश करते हुए सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी की और बहुत जल्द उनकी मेहनत रंग लाई। कई सालों के संघर्ष और परेशानियों से जूझते हुए सविता ने अपने पहले ही प्रयास में मध्य प्रदेश राज्य सिविल सेवा परीक्षा पास कर ली। वे एक सरकारी अधिकारी बन गईं। एक आदिवासी छात्रा के तौर पर अपनी इस उपलब्धि के लिए, सरकार ने उन्हें 75,000 रुपये की छात्रवृत्ति भी दी।
इसके बाद उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2017 का फॉर्म भरा। पहले ही अटेंप्ट में प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू कर लिया था। आज, सविता प्रधान एक IAS अधिकारी हैं। वे अपने पद का इस्तेमाल दूसरों की मदद करने के लिए करती हैं, खासकर गरीब समुदायों की महिलाओं और लड़कियों की। वे उनके शिक्षा के अधिकार और एक निडर जीवन के लिए संघर्ष करती हैं।
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