879
Подписчики
-124 часа
-47 дней
-1730 дней
Архив постов
।।अरसे बीत गए तेरे इश्क़ में लिखते लिखते।।
।। दो लफ्ज़ तू कभी मेरे सब्र पर ही लिख दे।।
जो माँगते हैं दुआएँ लंबी उम्र-ए-दराज़ की..
उन्हें समझाओ कि जीना कोई मज़ाक़ नहीं है..!!
"कर लेती हूँ बर्दाश्त हर दर्द इसी आस के साथ..
लोग कहते है की खुदा नूर भी बरसाता है ...
आज़माइशों के बाद"
कुछ इसलिये भी ख्वाइशो को मार देती हूँ.....
बापू कहते है घर की जिम्मेदारी है तुझ पर.........
भूख से मर जाते हैं लेकिन जमीर नहीं बेचते..
हम गांव के हैं साहब यकीन नही बेचते..
गामा आले❤️
रुक जरा, कुछ पल मुझे यूँ ही जी लेने दे ऐ जिंदगी,
बड़ी मुद्दतसे मुझे कोई इतना चाहने वाला मिला है.!
इस कदर बेबस नहीं ज़िन्दगी,
कोशिश जीने की तो करो यारों,
बह जाएँगे ग़म सारे आँसू बन कर,
कोशिश इन्हें पीने की तो करो यारों.....
बात सिर्फ इतनी सी थी---
कि मेरी कलम से लिखी हर ख़ामोशी "ठाकुर" को भी औरों की तरह महज़ शायरी लगी ।।💔
