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Polity Notes Indian Constitution M Laxmikant PDF Notes

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📈 Аналитический обзор Telegram-канала Polity Notes Indian Constitution M Laxmikant PDF Notes

Канал Polity Notes Indian Constitution M Laxmikant PDF Notes (@polity_notes) языкового сегмента Хинди является активным участником. Сейчас сообщество объединяет 12 418 подписчиков, занимая 16 286 место в категории Образование и 33 615 место в регионе Индия.

📊 Показатели аудитории и динамика

С момента создания невідомо проект демонстрирует стремительный рост, собрав аудиторию из 12 418 подписчиков.

Согласно последним данным от 21 июня, 2026, канал показывает стабильную активность. За последние 30 дней изменение числа участников составило -105, а за последние 24 часа — -2, при этом общий охват остаётся высоким.

  • Статус верификации: Не верифицирован
  • Уровень вовлечённости (ER): Средний показатель вовлечённости аудитории составляет 9.45%. В первые 24 часа после публикации контент обычно набирает N/A% реакций от общего числа подписчиков.
  • Охват публикаций: В среднем каждый пост получает 1 174 просмотров. В течение первых суток публикация набирает 0 просмотров.
  • Реакции и взаимодействия: Аудитория активно поддерживает контент: среднее количество реакций на один пост — 0.
  • Тематические интересы: Контент сосредоточен на ключевых темах, таких как अनुच्छेद, राज्य, tricks, संविधान, राष्ट्रपति.

📝 Описание и контентная политика

Автор описывает ресурс как площадку для выражения субъективного мнения:
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Благодаря высокой частоте обновлений (последние данные получены 22 июня, 2026) канал поддерживает актуальность и высокий уровень охвата публикаций. Аналитика показывает, что аудитория активно взаимодействует с контентом, что делает его важной точкой влияния в категории Образование.

12 418
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🇮🇳भारत के प्रधान मंत्री व मंत्रिपरिषद्🇮🇳 ● भारत के प्रधानमंत्री की नियुक्ति करने वाला कौन है— राष्ट्रपति ● योजना अयोग का अध्यक्ष कौन व्यक्ति होता है— प्रधानमंत्री ● संघीय मंत्रिमंडल की बैठक का सभापति कौन व्यक्ति होता है— प्रधानमंत्री ● प्रधानमंत्री का कार्यकाल है— 5 वर्ष ● प्रधानमंत्री पद से त्याग पत्र देने वाले भारत के पहले प्रधानमंत्री थे— मोरारजी देसाई ● सबसे अधिक समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले— जवाहर लाल नेहरू ● प्रधानमंत्री बनने के लिए न्यूनतम आयु— 25 वर्ष ● संसदीय शासन प्रणाली सबसे पहले किसे देश में लागू हुई— ब्रिटेन ● भारतीय संविधान के अनुसार तथ्यात्मक संप्रभुता किस व्यक्ति मे निहित होती है— प्रधानमंत्री में ● भारत के पहले प्रधानमंत्री— जवाहर लाल नेहरू ● कितने प्रधानमंत्रियों की मौत अपने पद पर रहते हुए हुई है— तीन ● प्रधानमंत्री को पद की शपथ कौन दिलाता है— राष्ट्रपति ● प्रधानमंत्री जिसने एक बार अपने पद से हटने के बाद दोबारा पद संभाला— इंदिरा गाँधी ● जवाहरलाल नेहरू के बाद भारत के प्रधानमंत्री— गुजजारी लाल नंदा ● संसदीय शासन प्रणाली में वास्तविक कार्यपालिका की शक्ति किस व्यक्ति के पास होती है— प्रधानमंत्री के पास ● सबसे कम आयु में प्रधानमंत्री— राजीव गाँधी ● लोकसभा में बहुमत दल का नेता होता है— प्रधानमंत्री ● कौन से प्रधानमंत्री की नियुक्ति के वक्त वे किसी सदन मे सदस्य नहीं थे— एच. डी. देवगौड़ा ● वह प्रधानमंत्री जो एक भी दिन संसद नही गए— चौ. चरण सिंह ● यथार्थ कार्यपालिका की समस्त सत्ता जिसमे निहित होती है वह है— मंत्रिपरिषद में ● संघीय मंत्रिपरिषद के मंत्री किस लिए उत्तरदायी होते हैं— लोकसभा के ● किसी भी सदन का सदस्य बने बिना कोई व्यक्ति मंत्री पद पर कितने दिन रह सकता है— 6 माह ● संविधान के जिस अनुच्छेद में मंत्रिपरिषद की नियुक्ति व पदच्युति का प्रावधान है वह है— अनुच्छेद-75 ● मंत्रिमंडल का गठन करने वाला कौन होता है— केंद्रीय मंत्री ● स्वतंत्र भारत के पहले कानूनी मंत्री का नाम था— डॉ. बी. आर. अंबेडकर ● जो प्रस्ताव संसद में मंत्रिपरिषद रख सकती है वह है— विश्वास प्रस्ताव ● मंत्रिपरिषद् के सदस्यों को शपथ दिलाता है— राष्ट्रपति ● भारत के मंत्रिपरिषद् में अधिक सदस्य लिये जाते हैं— लोकसभा से ● स्वतंत्र भारत के पहले प्रतिरक्षा मंत्री— सरदार पटेल ● स्वतंत्र भारत के पहले वित्त— डॉ. जॉन मथाई ● राज्यसभा का सदस्य मंत्रिपरिषद का सदस्य हो सकता है— हाँ

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✍️भारतीय संविधान के महत्त्वपूर्ण संशोधन ╨──────────────────━❥ ●. पहला संशोधन (1951) — इस संशोधन द्वारा नौवीं अनुसूची को शामिल किया गया। ●. दूसरा संशोधन (1952) — संसद में राज्यों के प्रतिनिधित्व को निर्धारित किया गया। ●. सातवां संशोधन (1956) — इस संशोधन द्वारा राज्यों का अ, ब, स और द वर्गों में विभाजन समाप्त कर उन्हें 14 राज्यों और 6 केंद्रशासित क्षेत्रों में विभक्त कर दिया गया। ●. दसवां संशोधन (1961) — दादरा और नगर हवेली को भारतीय संघ में शामिल कर उन्हें संघीय क्षेत्र की स्थिति प्रदान की गई। ●. 12वां संशोधन (1962) — गोवा, दमन और दीव का भारतीय संघ में एकीकरण किया गया। ●. 13वां संशोधन (1962) — संविधान में एक नया अनुच्छेद 371 (अ) जोड़ा गया, जिसमें नागालैंड के प्रशासन के लिए कुछ विशेष प्रावधान किए गए। 1दिसंबर, 1963 को नागालैंड को एक राज्य की स्थिति प्रदान कर दी गई। ●. 14वां संशोधन (1963) — पांडिचेरी को संघ राज्य क्षेत्र के रूप में प्रथम अनुसूची में जोड़ा गया तथा इन संघ राज्य क्षेत्रों (हिमाचल प्रदेश, गोवा, दमन और दीव, पांडिचेरी और मणिपुर) में विधानसभाओं की स्थापना की व्यवस्था की गई। ●. 21वां संशोधन (1967) — आठवीं अनुसूची में ‘सिंधी’ भाषा को जोड़ा गया। ●. 22वां संशोधन (1968) — संसद को मेघालय को एक स्वतंत्र राज्य के रूप में स्थापित करने तथा उसके लिए विधानमंडल और मंत्रिपरिषद का उपबंध करने की शक्ति प्रदान की गई। ●. 24वां संशोधन (1971) — संसद को मौलिक अधिकारों सहित संविधान के किसी भी भाग में संशोधन का अधिकार दिया गया। ●. 27वां संशोधन (1971) — उत्तरी-पूर्वी क्षेत्र के पाँच राज्यों तत्कालीन असम, नागालैंड, मेघालय, मणिपुर व त्रिपुरा तथा दो संघीय क्षेत्रों मिजोरम और अरुणालच प्रदेश का गठन किया गया तथा इनमें समन्वय और सहयोग के लिए एक ‘पूर्वोत्तर सीमांत परिषद्’ की स्थापना की गई। ●. 31वां संशोधन (1974) — लोकसभा की अधिकतम सदंस्य संख्या 545 निश्चित की गई। इनमें से 543 निर्वाचित व 2 राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत होंगे। ●. 36वां संशोधन (1975) — सिक्किम को भारतीय संघ में 22वें राज्य के रूप में प्रवेश दिया गया। ●. 37वां संशोधन (1975) — अरुणाचल प्रदेश में व्यवस्थापिका तथा मंत्रिपरिषद् की स्थापना की गई। ● 42वां संशोधन (1976) — इसे ‘लघु संविधान’ (Mini Constitution) की संज्ञा प्रदान की गई है। — इसके द्वारा संविधान की प्रस्तावना में ‘धर्मनिरपेक्ष’, ‘समाजवादी’ और ‘अखंडता’ शब्द जोड़े गए। — इसके द्वारा अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की व्यवस्था करते हुए नागरिकों के 10 मूल कर्त्तव्य निश्चित किए गए। — लोकसभा तथा विधानसभाओं के कार्यकाल में एक वर्ष की वृद्धि की गई। — नीति-निर्देशक तत्वों में कुछ नवीन तत्व जोड़े गए। — इसके द्वारा शिक्षा, नाप-तौल, वन और जंगली जानवर तथा पक्षियों की रक्षा, ये विषय राज्य सूची से निकालकर समवर्ती सूची में रख दिए गए। — यह व्यवस्था की गई कि अनुच्छेद 352 के अन्तर्गत आपातकाल संपूर्ण देश में लागू किया जा सकता है या देश के किसी एक या कुछ भागों के लिए। — संसद द्वारा किए गए संविधान संशोधन को न्यायालय में चुनौती देने से वर्जित कर दिया गया। ●. 44वां संशोधन (1978) — संपत्ति के मूलाधिकार को समाप्त करके इसे विधिक अधिकार बना दिया गया। — लोकसभा तथा राज्य विधानसभाओं की अवधि पुनः 5 वर्ष कर दी गई। — राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष्ज्ञ के चुनाव विवादों की सुनवाई का अधिकार पुनः सर्वोच्च तथा उच्च न्यायालय को ही दे दिया गया। — मंत्रिमंडल द्वारा राष्ट्रपति को जो भी परामर्श दिया जाएगा, राष्ट्रपति मंत्रिमंडल को उस पर दोबारा विचार करने लिए कह सकेंगे लेकिन पुनर्विचार के बाद मंत्रिमंडल राष्ट्रपति को जो भी परामर्श देगा, राष्ट्रपति उस परामर्श को अनिवार्यतः स्वीकार करेंगे। — ‘व्यक्ति के जीवन और स्वतंत्रता के अधिकार’ को शासन के द्वारा आपातकाल में भी स्थगित या सीमित नहीं किया जा सकता, आदि। ●. 52वां संशोधन (1985) — इस संशोधन द्वारा संविधान में दसवीं अनुसूची जोड़ी गई। इसके द्वारा राजनीतिक दल-बदल पर कानूनी रोक लगाने की चेष्टा की गई है। ●. 55वां संशोधन (1986) — अरुणाचल प्रदेश को भारतीय संघ के अन्तर्गत राज्य की दर्जा प्रदान की गई। ●. 56वां संशोधन (1987) — इसमें गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा देने तथा ‘दमन व दीव’ को नया संघीय क्षेत्र बनाने की व्यवस्था है। ●. 61वां संशोधन (1989) — मताधिकार के लिए न्यूनतम आवश्यक आयु 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष कर दी गई। ●. 65वां संशोधन (1990) — ‘अनुसूचित जाति तथा जनजाति आयोग’ के गठन की व्यवस्था की गई।

सुप्रीम कोर्ट से संबंधित अनुच्छेद ➨ अनुच्छेद 124 सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना और संविधान ➨ अनुच्छेद 125 जजों का वेतन आदि ➨ अनुच्छेद 126 कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति ➨ अनुच्छेद 127 तदर्थ न्यायाधीशों की नियुक्ति ➨ अनुच्छेद 128 सर्वोच्च न्यायालय की बैठकों में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की उपस्थिति ➨ अनुच्छेद 129 सर्वोच्च न्यायालय रिकॉर्ड की अदालत हो ➨ अनुच्छेद 130 सुप्रीम कोर्ट की सीट ➨ अनुच्छेद 131 सर्वोच्च न्यायालय का मूल क्षेत्राधिकार ➨ अनुच्छेद 131 ए केंद्रीय कानूनों की संवैधानिक वैधता (निरस्त) के रूप में सवालों के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय का विशेष अधिकार क्षेत्र ➨ अनुच्छेद 132 कुछ मामलों में उच्च न्यायालयों से अपील में सर्वोच्च न्यायालय का अपीलीय क्षेत्राधिकार ➨ अनुच्छेद 133 सिविल मामलों के संबंध में उच्च न्यायालयों से अपील में सर्वोच्च न्यायालय का अपीलीय क्षेत्राधिकार ➨ अनुच्छेद 134 आपराधिक मामलों के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय का अपीलीय क्षेत्राधिकार ➨ अनुच्छेद 134 ए सुप्रीम कोर्ट में अपील के लिए प्रमाण पत्र ➨ अनुच्छेद 135 सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मौजूदा कानून के तहत संघीय कानून के क्षेत्राधिकार और शक्तियां ➨ अनुच्छेद 136 सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अपील करने के लिए विशेष अवकाश ➨ अनुच्छेद 137 सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्णयों या आदेशों की समीक्षा ➨ अनुच्छेद 138 सर्वोच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में वृद्धि ➨ अनुच्छेद 139 कुछ रिट्स जारी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ऑफ पॉवर पर कन्वेंशन ➨ अनुच्छेद 139 ए कुछ मामलों का स्थानांतरण ➨ अनुच्छेद 140 सर्वोच्च न्यायालय की सहायक शक्तियाँ ➨ अनुच्छेद 141 सुप्रीम कोर्ट द्वारा घोषित कानून सभी अदालतों पर बाध्यकारी है ➨ अनुच्छेद 142 सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और आदेशों की प्रवर्तन और खोज आदि के आदेश। ➨ अनुच्छेद 143 सुप्रीम कोर्ट से परामर्श करने की राष्ट्रपति की शक्ति ➨ अनुच्छेद 144 सुप्रीम कोर्ट की सहायता में कार्य करने के लिए नागरिक और न्यायिक अधिकारी ➨ अनुच्छेद 144 ए कानूनों की संवैधानिक वैधता से संबंधित सवालों के निपटान के लिए विशेष प्रावधान (निरस्त) ➨ अनुच्छेद 145 अदालत के नियम, आदि। ➨ अनुच्छेद 146 अधिकारी और नौकर और सर्वोच्च न्यायालय का खर्च ➨ अनुच्छेद 147 व्याख्या

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🖲 सुप्रीम कोर्ट से संबंधित अनुच्छेद 🖲 ================================ ➨ अनुच्छेद 124 सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना और संविधान ➨ अनुच्छेद 125 जजों का वेतन आदि ➨ अनुच्छेद 126 कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की नियुक्ति ➨ अनुच्छेद 127 तदर्थ न्यायाधीशों की नियुक्ति ➨ अनुच्छेद 128 सर्वोच्च न्यायालय की बैठकों में सेवानिवृत्त न्यायाधीशों की उपस्थिति ➨ अनुच्छेद 129 सर्वोच्च न्यायालय रिकॉर्ड की अदालत हो ➨ अनुच्छेद 130 सुप्रीम कोर्ट की सीट ➨ अनुच्छेद 131 सर्वोच्च न्यायालय का मूल क्षेत्राधिकार ➨ अनुच्छेद 131 ए केंद्रीय कानूनों की संवैधानिक वैधता (निरस्त) के रूप में सवालों के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय का विशेष अधिकार क्षेत्र ➨ अनुच्छेद 132 कुछ मामलों में उच्च न्यायालयों से अपील में सर्वोच्च न्यायालय का अपीलीय क्षेत्राधिकार ➨ अनुच्छेद 133 सिविल मामलों के संबंध में उच्च न्यायालयों से अपील में सर्वोच्च न्यायालय का अपीलीय क्षेत्राधिकार ➨ अनुच्छेद 134 आपराधिक मामलों के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय का अपीलीय क्षेत्राधिकार ➨ अनुच्छेद 134 ए सुप्रीम कोर्ट में अपील के लिए प्रमाण पत्र ➨ अनुच्छेद 135 सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मौजूदा कानून के तहत संघीय कानून के क्षेत्राधिकार और शक्तियां ➨ अनुच्छेद 136 सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अपील करने के लिए विशेष अवकाश ➨ अनुच्छेद 137 सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्णयों या आदेशों की समीक्षा ➨ अनुच्छेद 138 सर्वोच्च न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में वृद्धि ➨ अनुच्छेद 139 कुछ रिट्स जारी करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ऑफ पॉवर पर कन्वेंशन ➨ अनुच्छेद 139 ए कुछ मामलों का स्थानांतरण ➨ अनुच्छेद 140 सर्वोच्च न्यायालय की सहायक शक्तियाँ ➨ अनुच्छेद 141 सुप्रीम कोर्ट द्वारा घोषित कानून सभी अदालतों पर बाध्यकारी है ➨ अनुच्छेद 142 सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और आदेशों की प्रवर्तन और खोज आदि के आदेश। ➨ अनुच्छेद 143 सुप्रीम कोर्ट से परामर्श करने की राष्ट्रपति की शक्ति ➨ अनुच्छेद 144 सुप्रीम कोर्ट की सहायता में कार्य करने के लिए नागरिक और न्यायिक अधिकारी ➨ अनुच्छेद 144 ए कानूनों की संवैधानिक वैधता से संबंधित सवालों के निपटान के लिए विशेष प्रावधान (निरस्त) ➨ अनुच्छेद 145 अदालत के नियम, आदि। ➨ अनुच्छेद 146 अधिकारी और नौकर और सर्वोच्च न्यायालय का खर्च ➨ अनुच्छेद 147 व्याख्या

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-------------------------------------- ✅भारतीय संविधान के भाग✅ -------------------------------------- भारतीय संविधान के 22 भाग है : - ✅भाग - 1 संघ और उनका राज्यक्षेत्र ✅भाग - 2 नागरिकता ✅भाग - 3 मूल अधिकार ✅भाग - 4 राज्य की नीति के निर्देशक तत्व ✅भाग - 4 ( क ) मूल कर्तव्य ✅भाग - 5 संघ ✅भाग - 6 राज्य ✅भाग - 7 निकाल दिया गया निरस्त कर दिया गया ✅भाग - 8 संघ राज्य क्षेत्र ✅भाग - 9 पंचायत 9 (क) - नगर पालिकाए 9 (ख) - सहकारी समितियां ✅भाग - 10 अनुसूचित जाति, जनजातीय क्षेत्र ✅भाग - 11 संघ और राज्यों के बीच संबंध ✅भाग - 12 वित्त, संपत्ती, संविदाए और वाद ✅भाग - 13 भारत के राज्य क्षेत्र के भीतर व्यापार, वाणिज्य और समागम ✅भाग - 14 संघ और राज्यों के अधीन सेवाएं ✅भाग - 14 (क) अधिकरण ✅भाग - 15 निर्वाचन ✅भाग - 16 कुछ वर्गों के संबंध में विशेष उपबंध ✅भाग - 17 राज्य भाषा ✅भाग - 18 आपात उपबंध ✅भाग - 19 प्रकीर्ण ✅भाग - 20 संविधान का संशोधन ✅भाग - 21 अस्थाई, संक्रमणकालीन और विशेष उपबंध ✅भाग - 22 संक्षिप्त नाम, प्रारंभ, हिंदी में प्राधिकृत पाठ और निरसन

✅भारतीय संविधान की मुख्य विशेषताएं: 1. भारत का संविधान एक लिखित दस्तावेज है। यह दुनिया के सभी लिखित संविधान का दूसरा सबसे लंबा और सबसे व्यापक है। 2. संविधान, जैसा कि मूल रूप से अपनाया गया था, के 22 भाग थे, 395 लेख और 9 अनुसूचियां। 3. भारतीय संविधान आंशिक रूप से कठोर और आंशिक रूप से लचीला है। 4. संविधान भारत को एक संप्रभु, लोकतांत्रिक और गणराज्य घोषित करता है। 5. संविधान ने केंद्र और राज्यों दोनों में सरकार के संसदीय स्वरूप की स्थापना की। 6. भारत का संविधान देश का सर्वोच्च कानून है। 7. संविधान ने भारत को एक समाजवादी और धर्मनिरपेक्ष देश के रूप में स्थापित किया है। 8. संविधान भारत में एकल नागरिकता प्रदान करता है। 9. संविधान व्यक्ति के कुछ मौलिक अधिकारों की घोषणा करता है। 10. संविधान सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार के सिद्धांत का परिचय देता है। 11. संविधान ने एक स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायपालिका प्रदान करने का प्रावधान किया है। सर्वोच्च न्यायालय संविधान के संरक्षक के रूप में कार्य करता है और अपील का सर्वोच्च न्यायालय है। 12. संविधान ने न्यायपालिका को न्यायिक समीक्षा की शक्ति प्रदान की है। 13. भारत का संविधान एकात्मक विशेषताओं के साथ संघीय है। 14. संविधान राष्ट्रपति को संघ के संवैधानिक प्रमुख के रूप में मान्यता देता है। 15. भारत के संविधान ने वास्तव में कल्याणकारी राज्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार द्वारा राज्य नीति के निर्देशक सिद्धांत प्रदान किए हैं। 16. हालाँकि संविधान ने भारत को राज्यों का संघ घोषित किया है लेकिन कोई भी राज्य स्वयं को भारतीय संघ से अलग घोषित नहीं कर सकता है।

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