ᴇʟɪxɪʀ ᴡʀɪᴛᴇꜱ 💜
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क्या होता है जब पुरुष की पसंदीदा स्त्री उससे कोसों दूर हो जाती है,
मोहब्बत की सारी कहानियां बेईमानी सी लगने लगती है,
वो जो नूर उसे इश्क़ ने दिया था बिलकुल बेरंग हो जाता है
आने जाने वाला हर इंसा सिर्फ भीड़ की तरह समझ आता है, उसे नफ़रत हो जाती है मोहब्बत के झूठे वादों से,
पछतावा होता है कि क्यों उसका रुख सख़्त से नरम हुआ,वो बिल्कुल बेफ़िक्र आवारा जानवर की तरह हो जाता है!
जो शिथिलता की चरम सीमा पर पहुँच जाता है!
भूल जाता है मोह और वास्तविकता को,
आशाओं से वास्ता टूट जाता है और अपना लेता है ख़ामोशी के हर पहलू को,
सच और सही सब एक सा लगने लगता है,
उसे नही परवाह होती कि कौन उसे कैसे देख रहा उसके बारे क्या समझ रहा
वो बस विलुप्त रहना चाहता है जीवन के सबसे खामोश कोने में!
~अभिराइट्स⭐️
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युवा प्रधान देश भारत में अब अपने भविष्य के लिए किसी एग्जाम की तैयारी करना और फिर वो एग्जाम देना ही नहीं बल्कि उसके बाद उसी भविष्य को बचाने के लिए लाठी खाने का भी नया नियम बन गया है ...👏
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एक बार नज़रें फेर लेने के बाद , लौट आने पे भी तुम्हें मैं नहीं दिखूंगी
तुम्हें मिलेंगे रास्ते में मुझ जैसे कई , तुम्हें मैं नहीं मिलूंगी ... 🎀
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काजलों की धार से मारा गया,
मुझे एक नए हथियार से मारा गया!
कत्ल मेरा लग रहा है ख़ुदकुशी,
मुझको इतने प्यार से मारा गया!
~🫶🤍
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It's okay ...
Forgive yourself for not knowing earlier what only time could teach. 🙌
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मैं चाहती ही नहीं कि इश्क़ हो जाये
शायद वो पहले सी बात न रहे , शायद वो हालात न रहे
इश्क़ होगा , तो पुराने रिश्ते कहीं खो जायेंगे
मैं चाहती ही नहीं कि ये रिश्ता कहीं खो जाये
मैं चाहती ही नहीं कि इश्क़ हो जाये
इश्क़ होगा तो दिल दिमाग तुम्हारे सयाने हो जायेंगे
फिर हर रोज़ होने वाली बातों को ज़माने हो जायेंगे
मैं चाहती ही नहीं कि तेरे साथ खिली ये तकदीर फिर से सो जाये
मैं चाहती ही नहीं कि इश्क़ हो जाये
इश्क़ होगा तो तुम्हें बीते लम्हें याद आयेंगे
मेरी तुमसे हुई उम्मीदों को पर लग जायेंगे
मैं चाहती ही नहीं कि उम्मीदें लगे और बिखर जाये
मैं चाहती ही नहीं कि इश्क़ हो जाये
शुरुआत हो और मुमकिन है तुम सब संभाल लो
कुछ वक्त होगा और मोहब्बत के मौसम ढ़ल जायेंगे
मैं चाहती ही नहीं कि ये रंग हमारे दरमियां फीका पड़ जाये
मैं चाहती ही नहीं कि इश्क़ हो जाये
ये रिश्ता एक बेनाम सा , बिखरे से सितारे और ढलती सी शाम सा ,
ज़िंदगी की मुश्किलों में मुमकिन है रोने को तुम्हारी बाहें मिले , इस हल्की हल्की सी मोहब्बत से हम दूर हो जायेंगे ,
मैं चाहती ही नहीं कि ये सुकून कहीं खो जाये
मैं चाहती ही नहीं कि इश्क़ हो जाये .... ❤️
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मेहमान बने बैठे हैं इस नये आसमां के ,
कि खिलखिलाता सा मेरा शहर छोड़ दिया
जाने ज़िंदगी की ख्वाहिशें कब इतनी बड़ी हुई
कि मैंने मेरा घर छोड़ दिया ... 🫠
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एक वक़्त में हज़ार ख़याल आते हैं,
हर ख़याल में बस एक तुम आती हो।
तुम आती हो हर कल्पना,हर इबादत में..
हर ग़िला,हर अफ़सोस में भी तुम आती हो।
तुम नहीं आओगी,ये जताने तुम आती हो,
तुम जा चुकी हो,ये बताने भी तुम आती हो।
एक मन में हज़ार सवाल आते हैं,
हर सवाल में बस एक तुम आती हो!
~🤍🌼
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हर हाल मुक्कमल , हर खयाल ज़िंदा ,
कि मुझे मेरी कोई बात अधूरी नहीं लगती
तुम आए हो ज़िंदगी में मेरी जबसे ,
मुझे मेरी किस्मत अब उतनी बुरी नहीं लगती।।❤️
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धड़कने बदल जाती है उसके दिल से मेरी ,
उसका शाम को गले लगाना , मेरे पूरे दिन की थकान को हरा देता है... 🥹
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ठहरी ठहरी सी ज़िंदगी हुई ,
नदी , झीलें , पहाड़ , समंदर , तेरा हाथ थाम घुमा जाये
उदासी सी छाई है ज़हन में मेरे ,
रूह को चाहिए कि अब माथे को तेरे होठों से चूमा जाये 🫠
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दिल और दिमाग को आपस में लड़ा देते हैं,
तुम्हारे ख्याल मेंरी मुश्किलें और बढ़ा देते हैं...
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नाराज़गी कोई होड़ नहीं है ,
आप किसी की नाराज़गी में हार कर उसके प्रेम में जीत सकते हैं ... ❤️
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बड़ा नायाब रिश्ता है उनका और मेरा ,
ना मैं शामिल हूं उनके अपनों में , ना वो शामिल हैं मेरे ग़ैरों में ... 💜
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मैंने कहा बहुत प्यार आता है तुम पर ,
वो हंस कर बोले ,
इसके सिवा तुम्हें आता ही क्या है ... 😐😁
