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काम संहिता🙏
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सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
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अध्ययन कहता है कि
75 % पुरुष शीघ्रपात के शिकार हैं
लिंग को योनि में घुसाने के पहले ही वे स्खलित हो जाते हैं और क्रीड़ा समाप्त हो जाती है यानी कि पुरुष का लिंग ढीला हो जाता है और औरत की जिस्म गर्म दहाड़ मारती है। नब्बे प्रतिशत स्त्रियाँ कभी आर्गाज्म को नहीं उपलब्ध होती हैं, कभी सम्भोग के शिखर सुख तलक़ नहीं पहुँच पाती हैं —
अक्सर स्त्रियाँ चिड़चिड़ी और क्रोधी होती हैं उन्हें ऐसा होना ही है क्योंकि पुरुष तृप्त नही कर पाता है आधे में छोड़ देता है। कोई औषधि उन्हें शान्त नहीं बना सकती है, कोई दर्शनशास्त्र, धर्म या नीति उन्हें अपने पुरुषों के प्रति सहृदय नहीं बना सकती वे अतृप्त हैं , वे क्रुद्ध हैं
और आधुनिक मनोविज्ञान और तन्त्र दोनों कहते हैं कि
जब तक स्त्री काम — भोग में
गहन तृप्ति को नहीं प्राप्त होती,
वह परिवार के लिए समस्या बनी रहेगी
जिससे वह वञ्चित रह गयी है,
वह चीज उसे क्षुब्ध रखेगी और
वह हमेशा झगड़ालू बनी रहेगी
आर्गाज्म को न उपलब्ध होने के कारण
स्त्रियाँ काम — विमुख हो जाती हैं, वे आसानी से काम — भोग में उतरने को राजी नहीं होतीं
उन्हें रिश्वत देनी पड़ती है,
वे सम्भोग में जाने को राजी नहीं होतीं और वे क्यों राजी हों यदि उन्हें इससे गहन सुख की उपलब्धि ही नहीं होती ? सच तो यह है कि स्त्रियों को लगता है कि
पुरुष उनका उपयोग करते हैं, उनका शोषण करते हैं
उन्हें लगता है कि हम कोई वस्तु हैं
जिसका उपयोग कर के फेंक दिया जाता है
पुरुष तो सन्तुष्ट हो जाता है, क्योंकि वह स्खलित हो जाता है । फिर वह करवट ले कर सो जाता है
लेकिन स्त्री आँसू बहाती रहती है ।
वह अनुभव उसके लिए तृप्तिदायी नहीं होता है ।
उसे लगता है कि मेरा उपयोग किया गया है ।
100 में से 90 स्त्रियाँ तो यह भी नहीं जानती हैं कि आर्गाज्म क्या है, उन्हें कभी इसका अनुभव ही नहीं हुआ
वे कभी उस शिखर को नहीं छू पाती हैं, जहाँ उनके शरीर का रोआँ — रोआँ आर्गाज्म से कम्पित हो उठे, भरपूर हो जाएयह अनुभव उनके लिए अनजाना ही रहता है ।
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स्तनों को छूने, सहलाने, दबाने से जागती है कामोत्तेजना
जिस प्रकार पुरुषों में उत्तेजक दृश्यों को देखकर, पत्र-पत्रिकाओं में मॉडलों या अपनी किसी पसंदीदा अभिनेत्री की तस्वीर को देखकर, किसी युवती को कम कपड़ों में देखकर, प्रेमी जोड़ों की हरकतों को देखकर या सेक्सुअल फैंटेसी के बारे में सोचकर, कामोत्तेजना उत्पन्न हो जाती है, उसी प्रकार स्त्रियों के स्तनों को छूने, सहलाने, दबाने,मसलने और उनके निपल्स को चूसने से उनकी कामेच्छा जाग्रत हो जाती है और वे संभोग करने के लिए सहर्ष तैयार हो जाती हैं।
सेक्स के दौरान पुरुष द्वारा स्त्री के स्तनों को छूना,सहलाना,दबाना, मसलना, निप्पल को चूसना, दांतों से धीरे-धीरे काटना, उस पर अपना चेहरा रगड़ना प्यार और सेक्स का सर्वाधिक आनंद प्राप्त करने का जरिया होता है। निप्पल को चाटने और चूसने का काम बारी-बारी से करें।पुरुषों द्वारा इन क्रियाओं के करने से स्त्री को आनंद और उत्तेजना की अनुभूति होती है। स्त्री के स्तनों को दबाने, मसलने, चूसने और सहलाने से उनके भग में आनंददायक थिरकन का एहसास होता है, जिसके कारण उनकी कामोत्तेजना बढ़ने लगती है और वे सेक्स करने के लिए तैयार हो जाती है और संतुष्टि प्राप्त करती हैं।
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ये रसीली जिस्म
ये वासना में कांपते होठ
ये कोमल गर्दन
ये अलौकिक सुडोल स्तन
ये सागर सा गहरा नाभी
और आपकी ये चिकनी योनि
रसमय है मेरे तन को
आपकी आगोश में जाने को वेबश कर रहा प्रिए।
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वह सब
जो बचा रहा हमारे बीच
कहने से
सुनने से
दिखने से
छिपने से
पाने से
खोने से
उसकी वज़ह से
बची रही गुंजाईस
हमारे
हम होने की...
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सं भो ग तभी आनंद देगा जब दोनो साथी के मन लायक क्रिया हो। संबंध बनाते समय किसी भी तरह के जेल, क्रीम ,वेसलिन का प्रयोग योनि को गीला करने के लिए मत करिए । रासायनिक चीजें जितना फायदेमंद है उतना ही नुकसानदायक । इसलिए फोरप्ले करके योनि को गीला करिए ।
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#नर_मादा_के_गहरे_मिलन_से_ही_अस्तित्व_सम्भव_है !!
◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆◆
सोचें ज़रा !
क्या बिना गहरे के,
बिना गहरे सम्भोग के,
किसी का जन्म सम्भव है ?
राम, कृष्ण, महावीर, बुद्ध,
कबीर, नानक, मोहम्मद
कैसे पैदा हुए ?
इनके माँ-बाप का मिलन,
केवल वासना मात्र नहीं था !
वो था एक अद्भुत प्रेम मिलन !
आज के बच्चे बिना प्रेम के पैदा हो रहे हैं !
हर स्त्री पुरुष एक दूसरे को
सेक्स की मशीन समझ रहे हैं।
जब तक दोनों में प्रेम पैदा नहीं होगा,
तब तक सिर्फ शारीरिक मिलन ही सम्भव है।
जब तक वासना रहेगी
तब तक प्रेम पूर्वक मिलन हो ही नहीं सकता।
और जहाँ प्रेम नहीं वहाँ कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि
फिर से राम, कृष्ण, बुद्ध, महावीर, कबीर, नानक,
मोहम्मद पैदा होंगे !
उलटा इससे बुद्धू जरूर पैदा होंगे !
तभी तो बच्चे मानसिक रूप से बीमार, अपङ्ग,
पागल पैदा हो रहे हैं।
अगर अभी भी सेक्स पर ध्यान नहीं दिया गया
तो 21 वीं सदी के अन्त तक दुनिया में
40% से ज्यादा आबादी समलैंगिक हो जायेगी,
किन्नर पैदा होंगे।
और लोगो का सेक्स भी प्राकृतिक नहीं रहेगा।
60% आबादी आज
सेक्स से सम्बन्धित बीमारियों से पीड़ित है।
ऐसा क्यों हो रहा है ?
सेक्स को समझने की कोशिश नहीं करने के कारण ही
आज मानव जाति में इतना तनाव, हिँसा,
आतंकवाद हो रहा है।
यहाँ तक की 90% पागल होने वाले लोगों का कारण
सेक्स ही है।
क्या दुनिया को सेक्स को समझने की जरूरत नहीं है ?
सब लोग हाँ ही बोलेंगे !
लेकीन सब बड़े छोटों से छुपा रहे हैं।
माँ-बाप अपने बच्चों के सामने
सेक्स की बात करने से डरते हैं।
यहाँ तक कि लोग तो अपने बच्चों को
प्यार करने से भी डरते हैं।
इतना डरते हैं कि ज्यादा प्यार से
बाप-बेटी, माँ-बेटे, भाई-बहन के सम्बन्ध
खराब ना हों जाये।
बाप बेटे की मर्यादा ना खत्म हो जाये !
अजीब प्रकार के मनुष्य हो गये हैं।
इन सबका एक मात्र कारण है सेक्स।
और अब तो सेक्स भी सेक्स नहीं रहा !
वो भी नकली हो गया है।
शारीरिक सेक्स कम होता जा रहा है।
मानसिक सेक्स ज्यादा हो रहा है।
मन में सेक्स चल रहा है।
लेकिन तन सेक्स के योग्य नहीं रहा।
ऐसा क्यों हो रहा है ?
कभी सोचा हमने ?
लोग पोर्न देख रहे हैं।
सेक्स की कहानियाँ पढ़ रहे हैं।
हस्तमैथुन कर रहे हैं।
आज 95% आबादी हस्तमैथुन करती है।
80 साल के बूढ़े 20 साल की लड़की से
व्याह रचा रहे हैं।
आये दिन हम पढ़ते ही हैं कि
लोग जानवरों से भी सेक्स कर रहे हैं।
मनुष्य के सिवा कोई भी दूसरी प्रजाती
ऐसा नहीं कर रही है।
बकरी को देख कर भैंसे के मन में
सेक्स का ख्याल नहीं आता।
लेकिन हम इन्सान तो ये भी कर रहे हैं।
यूरोपीय देशो में तो लोग
जानवरों से शादी तक कर रहे हैं।
शादीशुदा लोग हस्तमैथुन कर रहे हैं।
ये सब सेक्स को गन्दा समझने, मानने और
दबाने के कारण हो रहा है।
जबकि इसके बिना जीवन सम्भव नहीं है।
लेकिन कोई इसे समझने, जानने और
मानने को राजी नहीं है।
इसलिए मैं कहता हूँ !
सेक्स से डरें नहीं।
इसे समझें !
यह भी जीवन का हिस्सा है।
अस्तित्व का आरम्भ है।
आनन्द का महासागर है।
बस एक डुबकी गहरे में लगानी है !
लेकिन वासना में नहीं, प्रेम में !
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सक्सटिंग क्या हैसेक्सटिंग करने के तरीकेसेक्सटिंग के फायदेसेक्सटिंग मैसेज आइडियासेक्सटिं रने की तो सबसे पहले सेक्स का ख्याल हमारे दिमाग में आता है.. पर रिलेशन सिर्फ सेक्स नहीं है, इसके आगे भी बहुत कुछ है। सिर्फ सेक्स के सहारे आपका रिश्ता नहीं चल सकता बल्कि बोरिंग हो जाता है। अपने रिश्ते में मिठास लाने के लिए आप इसके अलावा भी बहुत कुछ कर सकते हैं जो बेहद जरूरी भी है। अगर आप इस बात को लेकर परेशान हैं कि क्या करना चाहिए तो आइडिया देने के लिए हम हैं न! वैसे आजकल पार्टनर को सेक्सी और नॉटी मैसेज भेजने का ट्रेंड जोरों पर है। पार्टनर्स अपनी फीलिंग को सेक्सटिंग (sexting in hindi) के जरिए बयां करते है। फ़्लर्ट करने और एक-दूसरे को छेड़ने का ये बेहद सरल और बेस्ट तरीका है
सेक्सटिंग से आप-दोनों दिन भर एक दूसरे के दिमाग में दौड़ते रहेंगे और मिलने पर आप बेहतर इंटिमेसी महसूस करेंगे। अगर आप अपने पार्टनर के साथ लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में हैं और उनके साथ इंटिमेसी महसूस करना चाहते हैं तो आप सेक्सटिंग के जरिए वर्चुअल सेक्स का आनंद ले सकते हैं। सेक्सटिंग के जरिए आप आपने पार्टनर के साथ रोमांटिक और यौन संबंधी बातें कर सकते हैं और अपनी यौन इच्छाओं को उनके साथ शेयर कर सकते हैं। ते यहां आज हम आपको बतायेंगे
सेक्सटिंग क्या है
सेक्सटिंग एक ऐसा शब्द है जो यौन क्रियाओं से जुड़ा हुआ है। सेक्सटिंग यानि कि सेक्स टेक्सटिंग जिसका मतलब होता है अपने पार्टनर को सेक्सी तस्वीरें और मैसेज एक-दूसरे को भेजना। आसान बातों में कहा जाये तो, जब आप फोन पर अपनी सेक्शुअल फोटोज़, न्यूड्स, सेक्सी टेक्स्ट मैसेज एक दूसरे को भेजते हैं, उसे सेक्सटिंग कहा जाता है। सेक्सटिंग से कपल के बीच दूर रहकर भी इंटिमेसी बनी रहती है। आजकल युवाओं में सेक्सटिंग का चलन तेजी से बढ़ रहा है। कपल अपने रिलेशनशिप को स्पाइसी बनाने के लिए सेक्सटिंग का सहारा लेते हैं।
सेक्सटिंग के तरीके –
सेक्स फिजिकल इंटिमेसी जो मैरिड कपल में एक रोजमर्रा के काम जैसी बनकर रह जाती है। लेकिन सेक्सटिंग के जरिए आप अपनी शादीशुदा जिंदगी व लॉन्ग डिस्टेंस रिलेशनशिप में फन, रोमांच और स्पाइस ऐड कर सकते हैं। ये एक्टिविटीज़आपको और आपके पार्टनर को टर्न ऑन करती हैं और सेक्स की तरफ ले जाती हैं। सेक्सटिंग भी एक तरह की चैट होती है। बस इसमें नॉर्मल बातों की जगह डर्टी और सेक्सुअल टॉक करते हैं। अगर आप एक बेहतर सेक्स लाइफ और चाहती हैं तो इन सेक्सटिंग के तरीकों ) को जरूर ट्राय करें –
अगर आप रात में पार्टनर के साथ रोमांटिक डेट प्लान कर रही हैं तो सुबह से शाम तक उन्हें रोमांटिक और सेक्स मैसेज भेजकर उनके अंदर एक्साइटमेंट बढ़ा सकती हैं।
आप अपने पार्टनर से सेक्सटिंग के जरिए उनकी सेक्स फैंटेसी के बारे में पूछ सकती हैं। यकीन मानिए इससे उनका पर्फोंमेंस और भी शानदार हो जायेगा।
अगर आप सीधे-सीधे शब्द मैसेज में नहीं टाइप कर पा रहे हैं तो आप डर्टी इमोजी का भी सहारा ले सकते हैं, ये सेक्सटिंग करने का बेस्ट तरीका है। जैसे अगर आपको अपने पार्टनर के साथ बिताया कोई वक्त या किस बहुत अच्छा लगा हो तो आप उसे किस या फिर कोई और भी नॉटी इमोजी भेज सकते हैं।
सेक्सटिंग के जरिए आप किसी भी समय और कहीं भी अपने पार्टनर की उम्मीदों और इच्छाओं को बढ़ा देते हैं। आप रात से पहले का सीन क्रिएट करके उन्हें ऑफिस से घर जल्दी आने पर मजबूर कर सकते हैं।
जब कपल एक-दूसरे की तारीफ करते हैं, तो उनके बीच की दूरियां कम हो जाती है और वो सहज महसूस करने लगते हैं। इसीलिए सेक्सिटिंग के जरिए अपने पार्टनर की तारीफ करने ये असर दोगुना हो सकता है। बस इसमें आपको पार्टनर के कुछ ऐसे बॉडी पार्ट्स की तारीफ करनी होगी, जिसे सुनकर वो शर्म से लाल हो जायें।
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स्तनों को छूने, सहलाने, दबाने से जागती है कामोत्तेजना
जिस प्रकार पुरुषों में उत्तेजक दृश्यों को देखकर, पत्र-पत्रिकाओं में मॉडलों या अपनी किसी पसंदीदा अभिनेत्री की तस्वीर को देखकर, किसी युवती को कम कपड़ों में देखकर, प्रेमी जोड़ों की हरकतों को देखकर या सेक्सुअल फैंटेसी के बारे में सोचकर, कामोत्तेजना उत्पन्न हो जाती है, उसी प्रकार स्त्रियों के स्तनों को छूने, सहलाने, दबाने,मसलने और उनके निपल्स को चूसने से उनकी कामेच्छा जाग्रत हो जाती है और वे संभोग करने के लिए सहर्ष तैयार हो जाती हैं।
सेक्स के दौरान पुरुष द्वारा स्त्री के स्तनों को छूना,सहलाना,दबाना, मसलना, निप्पल को चूसना, दांतों से धीरे-धीरे काटना, उस पर अपना चेहरा रगड़ना प्यार और सेक्स का सर्वाधिक आनंद प्राप्त करने का जरिया होता है। निप्पल को चाटने और चूसने का काम बारी-बारी से करें।पुरुषों द्वारा इन क्रियाओं के करने से स्त्री को आनंद और उत्तेजना की अनुभूति होती है। स्त्री के स्तनों को दबाने, मसलने, चूसने और सहलाने से उनके भग में आनंददायक थिरकन का एहसास होता है, जिसके कारण उनकी कामोत्तेजना बढ़ने लगती है और वे सेक्स करने के लिए तैयार हो जाती है और संतुष्टि प्राप्त करती हैं।
शुभ रात्रि
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Peegsam को अपनाने वाली महिलाओं का कहना है कि जब वे लंबे समय तक पेशाब को रोककर रखने के बाद जब मूतती हैं तो उन्हें शरीर में एक तरह का ऑर्गैज्म FeeL होता है। इसे ही नाम दिया गया है 'पीगैज्म'। कई महिलाएँ कहती हैं कि ऐसा करने से 'फुल बॉडी मसाज' वाली फीलिंग आती है।
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कमर में पड़ने वाले डिंपल इस बात का संकेत है कि वह महिला खूबसूरत और आकर्षक व्यक्तित्व की है। इस वजह से लोग उन्हें बहुत पसंद करते हैं । इनके पास खूबसूरती के साथ-साथ तेज दिमाग भी होता है।
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महिलाओं की जांघों का अंदरूनी हिस्सा बेहद संवेदनशील होता है. जहां प्यार से छूने, चाटने, सहलाने से महिलाओं की उत्तेजना बढ़ती है और वो S€X के दौरान ज्यादा आनंद ले पाती हैं। महिलाओं के पैरों में कई संवेदनशील नर्व होती हैं, जिन्हें छूने से सेक्स करने की इच्छा होती है।
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#प्रेम_औऱ_स्पर्श
प्रेम औऱ स्पर्श का सीधा सम्बन्ध है /
स्पर्श क़ोई भी हो
ज़िस्मानी हो या मानसिक हो
वह आहट है प्रेम की..
किसी के स्पर्श से या
किसी के सोचने से
हमें आनन्द आता है तो
यही आनन्द तो प्रेम है /
..आनन्द से ही पहली ख़बर मिलेगी
प्रेम की..
स्पर्श ही तो प्रेम की भाषा है..
किसी के स्पर्श से
जितना अधिक आनन्द आयेगा
प्रेम भी उतना ही गहरा होगा /!/
🌺🙏🏿🌺
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मोहन अधूरे ,
अधूरी मीरा,
राधा का प्रेम भी
आधा आधा सा,
मन के भीतर
एक प्रेम है सब के,
जिसे ओढ़ लेने का
था एक इरादा सा,
हुआ है क्या
कभी कोई प्रेम
मुक़म्मल?
हम अधूरी प्रेम
कहानियों से
घिरे हुए हैं,
जो पूरे हैं
नज़रों में जग की,
मन जानता उनका
मन के भीतर
कहीं किसी
सतह पर,
वो भी थोड़े से
अधूरे हैं,
हंसते हैं लोग
प्रेम में,
मुस्कुराते हैं,
हाथों में ले हाथ
जिंदगी
निभाते हैं,
फिर भी कभी
नर्म गहरी रातों में
उन्हें सिसकते देखा है,
मैंने प्रेम को अक्सर
बस बिलखते देखा है।
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❤ पुरुष का प्रेम समुंदर सा होता है। गहरा, अथाह पर वेगपूर्ण लहर के समान उतावला।
हर बार तट तक आता है, स्त्री को खींचने, स्त्री शांत है मंथन करती है, पहले ख़ुद को बचाती है इस प्रेम के वेग से, झट से साथ मे नहीं बहती। पर जब देखती है लहर को उसी वेग से बार बार आते तो समर्पित हो जाती है समुंदर में गहराई तक, डूबने का भी ख़्याल नहीं करती, साथ में बहने लगती है।
समुंदर अब शांत है, उछाल कम है, स्त्री उसके पास है। पर स्त्री मचल उठती है इतना प्रेम देख प्रतिदान के लिए, वो उड़कर बादल बन जाती है, अपना प्रेम दिखाने को तत्पर हो वो बरसने लगती है, पहले हल्की हल्की, समुंदर को अच्छा लगता है वो भी बहने लगता है, कभी कभी वेग से उछलता है प्रेम पाकर, फिर शांत हो जाता है।
पर स्त्री बरसती रहती है लगातार झूमकर दो दिन, तीन दिन, बहुत दिन तक। मगर अब पुरुष से इतना प्रेम समेटना मुश्किल होने लगता है। उसे सब देखना है, आते जाते जहाज, उगता डूबता सूरज, तट पर लोग। मगर स्त्री प्रेम के उन्माद में बरस रही है, अंदर तक घुलने को व्याकुल, जब समुंदर से संभलता नहीं तो वो रुकने कहता, किसी और देश जाने कहता। पर प्रेम में समर्पित स्त्री को रोकना असंभव है, जब देखती है कि समंदर अब नहीं चाहता तो वो दर्द के आवेग में बरसती है पास बुलाने को, स्त्री के आँसू ख़तरनाक होते हैं, बाढ़ आने लगती, पुल टूटने लगते, पानी घरों में जाने लगता, सब तहस नहस होने लगता। फिर धीरे धीरे बादल ख़त्म होने लगते हैं, आँसू सूख जाते हैं, सूखा, अकाल आ जाता है, स्त्री पत्थर हो जाती है।
पर स्त्री का स्वभाव समर्पण है, वो फिर किसी समुंदर किनारे खड़ी कर दी जाती है, एक नई लहर आवेग में आती है, स्त्री बचती है पर फिर बह जाती है समर्पित होने के लिए अंदर तक।
जिन पुरुषों के अंदर की स्त्री जीवित है उनको भी समर्पित.......😍
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पद्म नयन मादक अधर,
छूते केश नितम्ब
अनुपम रूप सुलक्षणी,
कद काठी से लम्ब,
कोमलांगना हंसनी,
तेरा रूप अनूप
अधर तुम्हारे रसभरे,
चमके शबनम धूप,
काजल करधन आलता,
माँग सजा सिंदूर
पायल बिंदी चूड़ियाँ,
लगे रूप से हूर ,
जब-जब मुस्काये अधर,
अनुपम लगे अपार
श्वेत धवल दंतावली ,
चमके मुक्ताहार ,
नयन तुम्हारे बाण-से,
नागिन -जैसें केश
लगे अप्सरा स्वर्ग की,
मनहर तेरा भेष,
नैन तुम्हारे दोहरे ,
अधर तुम्हारे गीत
नैन अधर जब हो निकट,
मधुर मिलन मनमीत
कमल नयन गजगामिनी,
लगती परी समान
केश घटा काले सघन,
मदिर मधुर मुस्कान,
कजरारे तेरे नयन,
मदन बाण संधान
उर मेरा पुलकित हुआ,
प्रणय काम उत्थान,
नर्म रेशमी बाल हैं,
आँखें गहरी झील
लगे अप्सरा स्वर्ग की,
रूप रंग से शील..!!
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