فریب کلاهبرداران را نخورید! تلمتریو این کانالها را شناسایی و برچسبگذاری میکند 👉 برای مشاهده برچسب، اشتراک تهیه کنید 👈
काम संहिता🙏
رفتن به کانال در Telegram
सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
نمایش بیشتر2 477
مشترکین
اطلاعاتی وجود ندارد24 ساعت
+237 روز
+3630 روز
2 878
نمایش های پست
~ 53824 ساعت
اطلاعاتی وجود ندارد48 ساعت
116.19%
نرخ مشارکت
اطلاعاتی وجود ندارد
پست های در روز
آرشیو پست ها
2 477
ऑर्गाज्म
कामुक सुख का एक
उच्चतम शिखर बिंदु है...
जिसे मानव
महसूस कर सकता है,
पर बताना असंभव हैं ....
2 477
सम्भोग और काम कला की पवित्र व उच्चतमअवस्था
योनि #सर्व पूज्या है ।।
योनि #कामना है ।।
योनि #सर्वकामफलप्रदा है ।।
योनि #सृष्टि भी है ।।
और इसी योनि से #जन्म भी हुआ है ।।
योनि #रक्षक भी है ।।
योनि #मुक्तिप्रदा भी ।।
योनि तंत्र का #गुह्यतम रहस्य भी है ।।
ऐसी योनिस्वरुपा माँ #जगदम्बा जिनका आसन स्वयं महादेव हों उनकी स्तुति करने में कौन #समर्थ है ।
प्रायः जो मनुष्य माँ कामाख्या के प्रति उदासीन रहता है वह तीनो लोको में निंदित होता है,क्योंकि एक मात्र कमात्मिका महामाया कामाख्या को छोड़कर अन्य कोई भी सिद्धिरूपी संपदा प्रदान करने में सक्षम नही है।
महाविद्यारूपनी सभी महादेवियों कामाख्या की ही प्रतीक है।
हे प्रिय! अपने हृदय में ध्यान कर उन सबको स्वयं देखलो।
तीनो लोको में कामाख्या के अतिरिक्त अन्य कोई नही है।
जिस प्रकार चन्द्रमा की कांति प्रकट होती है, फिर लुप्त हो जाती है और पुनः प्रकट हो जाती है, उसी प्रकार स्थावर और जंगम तथा नित्य और अनित्य जो कुछ भी है, वह सब कामाख्या के बिना उत्पन्न नही होता, यह सर्वथा सत्य है।
कामाख्या च सदा धर्मः कामाख्या चार्थ एव च।
कामाख्याकाम संपतिः कामाख्या मोक्ष एव च।।
निवारणम् शैव देवेशि शैव सायुज्यमिरिता।
सालोक्यं सहरूपं च कामाख्या परमा गतिः।।
अर्थात: कामाख्या सदैव धर्म एवं अर्थस्वरूपा है।
कामाख्या काम और मोक्षस्वरूपा है।कामाख्या ही निर्वाण, मुक्ति और कामाख्या ही सायुज्य मुक्ति कही गई है। कामाख्या ही सालोक्य और सरूप्यस्वरूपा है।कामाख्या ही श्रेष्ठ गति है।
भगवान शिव आगे बताते है-
शिवता ब्रह्मता देवि विष्णुता चंद्रतापि च।
देवत्वं सर्वदेवानां निश्चित् कामरूपणी ।।
सर्वासामपि विधानां लौकिकं वाक्यमेदच ।
कामाख्या महादेव्याः स्वरूपं सर्वरूपं हि।।
अर्थात- हे देवी! ब्रह्मतत्त्व, विष्णुतत्व, शिवतत्त्व, चंद्रतत्व या समस्त देवताओं का देवतत्व जिस शक्ति में निहित है, वही कामरूपनी कामाख्या है।
सभी देवताओं का जो लौकिक वाक्य है, वही कामाख्या है।
जय माँ
ऊँ नमःशिवाय।
2 477
बड़ी उम्र......
इस उम्र की मोहब्बत भी
बड़ी सभ्य होती है
न इरादे गलत होते हैं
न तो डर, भय रहता है
एक दूसरे से
शारीरिक आकर्षण का
बाँहों में समाहित होना नहीं
रूहों में समर्पित होना.......
अपनत्व का भाव प्रगाढ़ कर देता है.....
2 477
*'यौन शक्ति(स्टैमिना)' बढ़ाने के 4 प्राकृतिक तरीक़े*
1 नियमित रूप से व्यायाम करें
हाल के अध्ययनों से पता चलता है कि नियमित व्यायाम कई यौन समस्याओं से रक्षा कर सकता है, और आपके इरेक्शन की प्रकिया में सुधार कर सकता है। नियमित व्यायाम आपके हृदय के स्वास्थ्य(cardiovascular health) में भी सुधार कर सकता है, जिससे आपकी यौन शक्ति या स्टैमिना में सुधार हो सकता है।
नियमित कार्डीओ वस्कूलर(cardiovascular exercise) व्यायाम पुरुषों और महिलाओं दोनों में यौन क्रिया को बेहतर कर सकता है।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन और यूके की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा दोनों की सलाह है कि आप हर हफ्ते कम से कम 150 मिनट का मॉडरेट व्यायाम(ना बहुत कम ना ज़्यादा) या 75 मिनट का तीव्र गति के व्यायाम करने की कोशिश करें, लेकिन यह आपके ऊपर है कि आप इसे कैसे करते हैं।
आपको जिम भी नहीं जाना पड़ेगा। चलना, दौड़ना, साइकिल चलाना या नृत्य करना व्यायाम के सभी अच्छे प्रकार हैं। व्यायाम करने के कम प्रचलित तरीके, जैसे कि एक लॉनमॉवर चलाना या लंबी पैदल दूरी तय करना, भी इसमें शामिल हैं।
लेकिन हर हफ्ते थोड़ा सा स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना ज़रूरी है, जिसका मतलब है कि आपको योग, पिलाटेस या वेटलिफ्टिंग जैसा कुछ करना होगा अपनी मांसपेशियों को स्वस्थ रखने के लिए।
2 कुछ पैल्विक फ्लोर के व्यायाम करने का भी प्रयास करें
पेल्विक फ्लोर व्यायाम उन मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं जो आपके मूत्राशय, बॉटम, योनि या लिंग के चारों ओर होते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पैल्विक फ्लोर व्यायाम से यौन क्रिया में सुधार हो सकता है और अधिक संतोषजनक सेक्स हो सकता है।
पेल्विक फ्लोर के व्यायाम करने के लिए, कल्पना करें कि आपको मूत्र त्याग करने की जल्दी है, और उन मांसपेशियों को सिकोड़ें जिन्हें आप खुद को रोकने के लिए उपयोग करेंगे। अधिकतम 10 सेकंड के लिए वैसे ही रुकें और उसके पश्चात अपनी मांसपेशियों को 5 सेकंड के लिए आराम दें।
आप इस एक्सर्सायज़ को जितनी बार चाहें उतनी बार दोहरा सकते हैं, लेकिन अगर आप अभी शुरू कर रहे हैं तो दिन में 10-15 बार इसे करना सबसे अच्छा रहेगा। आपकी सहनशक्ति बढ़ने पर आप हमेशा इसे बाढ़ा सकते हैं। सुनिश्चित करें कि आप इसे ओवरडोज़ नहीं करते हैं और हर एक बार सिकोड़ने के बाद आराम करते हैं।
3 स्वस्थ आहार लें
हालांकि इस बात का समर्थन करने के लिए कोई वास्तविक तथ्य नहीं है कि कुछ खाद्य पदार्थ आपके सेक्स क्रिया की अवधि को बढ़ा सकता है, कुछ अध्ययन बताते हैं कि एक संतुलित और स्वस्थ आहार आपके वजन को कम करने, या स्वस्थ वजन बनाए रखने में मदद करके आपके यौन क्रियाकलापों को बेहतर बना सकता है।
एक बेहतर गुणवत्ता वाला आहार हृदय के स्वास्थ्य में भी सुधार कर सकता है, जिससे आपकी शक्ति या स्टैमिना बढ़ने में मदद मिल सकती है।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन जैसे संगठन एक ऐसे आहार की सलाह देते हैं जिसमें बहुत सारे पोषक तत्व युक्त खाद्य पदार्थ शामिल हों, जिनमें विभिन्न प्रकार के फल और सब्जियां, साबुत उत्पाद(wholegrain), कम वसा वाले डेयरी उत्पाद, नट और दालें शामिल हैं।
आपको उन खाद्य पदार्थों से बचने की भी कोशिश करनी चाहिए जिनमें बहुत अधिक चीनी, नमक या सैच्युरेटेड वसा हो।
4 हस्तमैथुन करें(Masturbate)
यदि आप शीघ्रपतन का अनुभव करते हैं तो हस्तमैथुन करने से आपको अपने यौन अंगों को नियंत्रित करने के तरीके सीखने में मदद मिल सकती है। कुछ महिलाओं को यह भी पता चलता है कि हस्तमैथुन से उन्हें यह पता लगाने में मदद मिली है कि संभोग के वक़्त उन्हें ऑर्गैज़म किस प्रकार मिल सकता है, जिससे सेक्स अधिक आनंददायक हो सके।
2 477
महान आसुरी संस्कृति ---
--------------------
मुमताज महल से शाहजहाँ को इतना प्रेम था कि उसके मरने पर उसने उससे उत्पन्न १७ वर्ष की अपनी स्वयं की सगी बेटी जहाँआरा को ही अपनी बादशाह बेगम बना लिया था। यद्यपि शाहजहाँ की आठ बेगमों में से तीन जीवित थीं। किन्तु शाहजहाँ को १७ वर्ष की बेटी जहाँआरा ही “बादशाह बेगम” बनने योग्य लगी। जहाँआरा दारा शिकोह की समर्थक थी और बाप को कैद किये जाने पर बाप के साथ रही। किन्तु बाप के मरने पर औरंगजेब से दोस्ती करके अपनी छोटी बहन रोशनआरा को हटाकर औरंगजेब की “बादशाह बेगम” बन गयी। पहले अपने सगे बाप की बेगम थी फिर अपने भाई की बेगम बन गई। बाद में औरंगज़ेब ने अपनी सगी बेटी जीनत को अपनी “बादशाह बेगम” बनाया। इसी क्रम में मुगल बादशाह फर्रूखसियर ने भी अपनी ही बेटी को अपनी “बादशाह बेगम” बनाया था। शाहजहाँ ने अपनी बेटी तथा औरंगजेब ने अपनी दो बहनों और बेटी को बारी−बारी से अपनी “बादशाह बेगम” बनाया। यह मुगलों की महान सभ्यता थी। उनकी बेगमों की सूची अंतर्जाल पर उपलब्ध है। मुगलों की कब्रें खोदकर जबतक उन सबका DNA टेस्ट नहीं होता तब तक कहना कठिन है कौन अपनी बहन वा बेटी का क्या था। मुगल क्रूर थे लेकिन नालायक निकम्मे और भ्रष्ट थे। उनके दरबारी मुल्लाओं का तर्क था कि अपने द्वारा रोपे वृक्ष का फल खाने से किसी को रोकना अन्याय है। इसलिए मुगल बादशाह लोग अपनी बेटियों के साथ शादी कर लेते थे।
.
औरंगजेब ने अपनी बेटी जुब्दत−उन−निसा की शादी दाराशिकोह के बेटे से करायी, किन्तु दूसरी बेटी को अपनी “बादशाह बेगम” बनाया और तीसरी को बीस वर्षों तक जेल में रखा। अकबर ने स्वयं दो मुगल शहजादियों से शादी की — रुकैया और सलमा जो उसकी बहनें थीं (कजिन)। अकबर की सभी बेटियों की शादी हुई, केवल एक के सिवा जो जहाँगीर के साथ आजीवन रही। जहाँगीर ने अपनी तीन बहनों (कजिन) से शादी की। जहाँगीर की दो बेटियाँ थीं जिनमें से एक की शादी उसकी सौतेली माँ नूरजहाँ ने वैमनस्य के कारण नहीं होने दी और दूसरी की शादी जहाँगीर के भतीजे से हुई। उस भतीजे के बाप दानियाल की माँ कौन थी इसपर सारे समकालीन लेखक मौन हैं किन्तु उसका बाप अकबर था यह सब लिखते थे। दानियाल की माँ अनारकली थी, जिससे अकबर ने दानियाल को पैदा किया और जब अनारकली से सलीम का चक्कर चला तो अकबर ने अनारकली को जीवित दीवार में चिनवा दिया।
.
यह थी महान मुगलों की महान
2 477
परमसुख की प्राप्ति🙈
परमसुख की दहलीज तक पहुंच पाना 😘,उतना आसान नही होता,❤️जितना आप सब सोचते हो🙈।कुछ मर्दों को लगता है की,😛जहा एक औरत की योनि से रसीली झील की बांध टूटी,❤️तो वो संतुष्ट हो गई,लेकिन ये बिलकुल गलत है🙈।
परमसुख की दहलीज हमें तब मिलती है,😘जब दोनों जिस्म एक दूसरे की पसीने से लथपथ बदन से लिपट ❤️संभोग का मजा लेते है🙈। वो हसिन पल का मजा ही अलग होता है😘😘।
उस औरत की मांग की सिंदूर भी,❤️उस पसीने के साथ बहने लगती है😘।।।उसकी बदन से निकलती पसीने की खुश्बू,😛मानो मर्द को नशे में डूबो रही हो।उस पसीने को ,अपनी जबान से चाट कर पी जाने का अलग अहसास होता है
2 477
चलिए इस बारे में जानकारी करते हैं कि..
भारतीय महिलाएँ दण्डवत प्रणाम क्यों नहीं करती हैं..
और जो करती हैं उन्हें क्यों नहीं करना चाहिए..?
ये है भगवान को प्रणाम करने का सही तरीका...
आपने कभी ये देखा है कि
कई लोग मूर्ति के सामने लेट कर माथा टेकते हैं ।
जी हाँ इसी को साष्टाँग दण्डवत प्रणाम कहा जाता है..!
शास्त्रों के अनुसार माना जाता है कि
इस प्रणाम में व्यक्ति का
हर एक अँग जमीन को स्पर्श करता है ।
जो कि माना जाता है कि
व्यक्ति अपना अहङ्कार छोड़ चुका है..!
इस आसन के जरिए हम ईश्वर को यह बताते हैं कि
हम उसे मदद के लिए पुकार रहे हैं ।
यह आसन हम को ईश्वर की शरण में ले जाता है..!
लेकिन हम ने यह कभी ध्यान दिया है कि
महिलाएँ इस प्रणाम को क्यों नहीं करती हैं ।
इस बारें में शास्त्र में बताया गया है..!
जानिये क्या..?
शास्त्रों के अनुसार
स्त्री का गर्भ और उसके वक्ष
कभी जमीन से स्पर्श नहीं होने चाहिए ।
ऐसा इसलिए क्योंकि
उसका गर्भ एक जीवन को सहेज कर रखता है
और वक्ष उस जीवन को पोषण देते हैं..!
इसलिए यह प्रणाम को स्त्रियाँ नहीं कर सकती हैं ।
जो करती भी हैं उन्हें यह प्रणाम नहीं करना चाहिए..!
सँकलित औऱ सँशोधित
🔱⭕️🔱🌿❣️🌿🔱⭕️🔱
2 477
1. सेक्स सृजनात्मक है। जब आप सेक्स करते हैं, तो यह सृष्टि का कार्य है।
2. एक नया जीवन बनाने की क्षमता है। प्रतिरक्षा बढ़ाता है, शरीर को ठीक करता है और वजन घटाने को प्रोत्साहित करता है।
3. अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। यह शक्तिशाली प्रेम ऊर्जा सभी अच्छी चीजों को बढ़ावा देती है।
4. सेक्स आपकी कल्पना से कहीं अधिक शक्तिशाली है।
5. जैसे-जैसे जागृति विकसित होगी। बेवफाई, कामुकता, अश्लील साहित्य और पाठ्येतर यौन गतिविधियों में कमी देखेंगे।
6. यह नया यौन विकास है। जिस दुनिया में हम रहते हैं, वहां सेक्स का स्याह पक्ष भी है, जहां इसे एक हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।
7. प्रेम संबंध का एक उच्च रूप है जिसे दो साझा कर सकते हैं। इस नये यौन विकास की एक झलक पाने के लिए, आप सच्चे प्यार के लिए जागृति पर विचार कर सकते हैं।
2 477
वासना प्रतिक्षण घटती है वासना का स्वरूप है; जब तक तुम्हें अपना काम-पात्र न मिले, बढ़ती हुई मालूम होती है तुम एक स्त्री को चाहते हो, वह न मिले तो कामवासना बढ़ती जाती है, उबलने लगती है, सौ डिग्री पर ज्वर चढ़ जाता है,भाप बनने लगते हो, सारा जीवन दांव पर लगा मालूम पड़ता है और मिल जाए! उसी पल से घटना शुरू हो जाती है। वासना का लक्षण यह है! जब तक न मिले तब तक बढ़ती है मिल जाए, घटने लगती है
प्रेम का लक्षण यह है! जब तक न मिले तब तक तुम्हें पता ही नहीं कि प्रेम क्या है; जब मिलता है तब बढ़ता है। प्रेमी पात्र जैसे ही मिलता है वैसे ही बढ़ता जाता है। प्रेम सदा दूज का चांद है, पूर्णिमा का चांद कभी होता ही नहीं; बढ़ता ही रहता है; ऐसी कोई घड़ी नहीं आती जब घटे! प्रेम सतत वर्द्धमान, सतत विकासमान है, सतत गतिमान है! कहीं ठहरता ही नहीं, प्रवाहरूप है। प्रतिक्षण बढ़ता है, विच्छेद-रहित है। विच्छेद कभी होता ही नहीं। मिलन हुआ? सदा को हुआ। मिलन हुआ? शाश्वत हुआ। जब तक मिलन नहीं हुआ! तब तक विच्छेद है, मिलन होते ही फिर कोई विच्छेद नहीं, प्रेम सूक्ष्म से भी सूक्ष्म है, प्रेम से ज्यादा सूक्ष्म और कुछ भी नहीं, प्रेम शून्य का संगीत है..!!(प्रेम और वासना)
2 477
स्त्री ईश्वर की वो रचना है जो सृष्टि की रचना करती है। और संभोग संसार का सबसे पवित्र पूजा है ये मेरा मानना है। इसलिए स्त्री को सम्मान दीजिए और स्त्री पुरुष को प्रेम दे। हो सकता आपके विचार अलग हो।
2 477
*सेक्स पावर बढ़ाने के उपाय*
फ़ास्ट फ़ूड, कोल्ड ड्रिंक्स, चॉकलेट्स , पिज्जा, बर्गर और चाऊमीन इत्यादि को नियमित रूप से खाने करने से सेक्स पावर में कमी आती है. अतः इनका सेवन कीजिए, लेकिन नहीं के बराबर और अगर ये चीजें आपके दैनिक जीवन का हिस्सा हैं, तो इन्हें अलविदा कह दीजिए.
लैपटॉप को जांघ में रखकर कभी लैपटॉप पर काम न करें.
किशमिश और 2 ग्राम दालचीनी को दूध में मिला कर रोज पीने से शरीर में दृढ़ता आती है.
बादाम, किशमिश और मनुक्का को फुलाकर नाश्ता में हर दिन खाने से भी सेक्स पावर बढ़ाने में फायदा होता है.
हर दिन दो खजूर खाना शुरू कर दीजिए, यह भी आपको लाभ पहुँचायेगा.
सेक्स करने के बाद 15 ग्राम गुड़ खाइए.
हरी सब्जियों, अंकुरित अनाज, फल, घी, मधु, दूध इत्यादि को अपने दैनिक भोजन का हिस्सा बना लें.
मौसम के अनुसार जो-जो फल….. जब-जब मिलें, तब-तब उन फलों को खाना शुरू करें.
अगर आप चावल खरीदकर खातें हैं, तो यह ध्यान रखें कि बिना पॉलिश किया हुआ चावल हीं आप खरीदें.
सलाद को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना लें.
तनावमुक्त रहे बिना आपकी सेक्स पावर कभी नहीं बढ़ सकती है, इसलिए खुद को बेकार की चिंताओं से दूर रखें.
चोकरयुक्त आंटे की रोटियाँ खाना शुरू कर दीजिए.
दाल का हर दिन सेवन कीजिए.
नशा बिल्कुल भी न करें, चाहे वह किसी भी चीज का नशा क्यों न हो.
तैलीय या मसालेदार भोजन हर दिन न करें.
खुद में आत्मविश्वास पैदा कीजिए कि आपकी सेक्स पावर बहुत अच्छी है, बेकार के विज्ञापनों के कारण अपनी सेक्स पावर पर 1 % भी संदेह न करें. ऐसे ज्यादातर विज्ञापन आपके आत्मविश्वास को तोड़ने का काम करते हैं.
प्याज के फायदे नियमित रूप से खाने से सेक्स क्षमता बरकरार रहती है और सेक्स पावर भी बढ़ता है.
अगर आपका वजन ज्यादा है, तो इसे कम करने की जरूरत है.
लगभग लगातार 2-3 लहसुन की कलियाँ खाना भी फायदेमंद होता है.
पूरे शरीर की नियमित मालिश करने से भी सेक्स पावर बढ़ता है.
गर्म पानी से न नहाएँ.
साईकिल चलाने से भी सेक्स क्षमता बढ़ती है.
सुबह-सुबह सूरज की रोशनी में बैठना भी लाभ देता है.
सेक्स करने से पहले एक-दूसरे को पूरी तरह से उत्तेजित कर लें.
अगर पति=पत्नी के बीच प्यार नहीं होगा, तो सेक्स पावर कम न होने के बावजूद पूरी तरह उत्तेजना नहीं आएगी. इसलिए अपने बीच के रोमांस को कभी न मरने दें. प्यार होना चाहिए, छेड़छाड़ होनी चाहिए. लवर बने रहिए, किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.
खाना समय पर खाना शुरू कर दीजिए. पर्याप्त नींद लीजिए.
लिंग को गर्म पानी के सम्पर्क में न आने दें.
सुबह जल्दी उठना शुरू कर दीजिए.
1/2 चम्मच अदरक का रस, एक चम्मच मधु और एक उबले हुए अंडे का आधा भाग मिलकार रोज रात को सोने से पहले 1 माह तक खाइए.
और यह बात भी ध्यान रखिए कि किसी का भी सेक्स पावर उतना नहीं होता है जितना पोर्न वीडियोज में दिखाया जाता है.
2 477
कई पुरुष साथी हैं जो अपनी महिला भागीदारों को संतुष्ट करने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
मैं सलाह देना चाहूंगा कि वे उचित नींद लेना शुरू कर दें, और सुबह के व्यायाम जैसे जॉगिंग करें। यह निश्चित रूप से उन्हें तनाव मुक्त करने में मदद करेगा।
यदि वे वियाग्रा लेना पसंद करते हैं तो उन्हें उच्च रक्तचाप से लेकर नपुंसकता तक के दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया जाना चाहिए!
"सफ़ेद मुस्ली" और "अश्वगंधा" और विशिष्ट सेक्स पोजीशन अगर लगातार किया जाए तो चमत्कार कर सकते हैं।
पोर्न पर भरोसा न करें, वे असली नहीं हैं!
महिलाएं संवेदनशील होती हैं, उनके साथ भावनाओं का व्यवहार किया जाना चाहिए।
आपकी उदार टिप्पणियाँ प्राप्त करना चाहेंगे।
2 477
प्रेम भी चौबीस घंटे नहीं किया जा सकता; वह भी जहर हो जाएगा। उसे छोड़ना भी पड़ता है। वह भी श्वास की तरह है; जैसे दिन और रात हैं; जैसे बाहर आती श्वास और भीतर जाती श्वास। दो प्रेमी कलह करके दूर हट जाते हैं। दूर हटने के कारण फिर पास आने का उपाय हो जाता है। अगर वे पास ही पास बने रहें तो ऊब जाएंगे और पास होना खतरनाक होने लगेगा। और फिर वे भागना चाहेंगे, बचना चाहेंगे। दूरी जरूरी है। फिर दूरी पास आने का आकर्षण पैदा करती है। फिर पास आना सुखद मालूम होने लगता है। अक्सर दो प्रेमी लड़ कर जैसा प्रेम करते हैं, वह प्रेम बहुत ताजा होता है। बिना लड़े प्रेम करते रहते हैं, वह बासा हो जाता है। दूरी जरूरी है पास आने की ताजगी के लिए।
मैं तुमसे कहता हूं यह संसार की
सारी विपरीत परिस्थितियों का उपयोग कर लो।
निश्चित ही यहां लोग हैं जो क्रोध दिलवा देते हैं। लेकिन
इसका मतलब साफ है, इतना ही कि तुम्हारे भीतर अभी
क्रोध है, इसलिए क्रोध दिलवा देते हैं। यहां लोग हैं जो तुम्हें
लोभ में पड़वा देते हैं। इसलिए कि तुम्हारे भीतर लोभ है। यहां
लोग हैं कि जिन्हें देखकर तुम्हारे भीतर में कामवासना जगती
है। लेकिन कामवासना भीतर है, उनका कोई कसूर नहीं।
ऐसा ही समझो कि जैसे कोई आदमी किसी कुएं में बाल्टी
डालता है, फिर पानी से भरकर बाल्टी निकल आती है। कुआं
अगर पानी से रिक्त हो, तो लाख बाल्टी डालो, पानी
भरकर नहीं आएगा। कुआं पानी से भरा होना चाहिए, तो
ही बाल्टी में भरेगा। बाल्टी पानी पैदा नहीं कर सकती।
बाल्टी कुएं में पानी भरा हो तो बाहर ला सकती है।
जब कोई तुम्हें गाली देता है तो क्रोध थोड़े ही पैदा करता
है। उसकी गाली तो बाल्टी का काम करती है, तुम्हारे
भीतर भरे क्रोध को बाहर ले आती है। जब एक सुंदर स्त्री
तुम्हारे पास से निकलती है तो वह तुम्हारे भीतर काम थोडे
ही पैदा करती है! उसकी मौजूदगी तो बाल्टी बन जाती है,
तुम्हारे भीतर भरा हुआ काम भरकर बाहर आ जाता है। अब
स्त्री से भाग जाओ तो पानी तो भीतर भरा ही रहेगा,
बाल्टियों से भाग गए। संसार छोड़ दो, तो क्रोध की
परिस्थिति न आएगी, लोभ की परिस्थिति न आएगी,
लेकिन तुम बदले थोड़े ही!
बदलाहट इतनी सस्ती होती तो सभी पलायनवादी, सभी
एस्केपिस्ट महात्मा हो गए होते। और तुम्हारे सौ महात्माओं
में निन्यानबे पलायनवादी हैं। उनसे जरा सावधान रहना। वे
खुद भी भाग गए हैं, वे तुमको भी भागने का ही उपदेश देंगे।
मैं भागने के जरा भी पक्ष में नहीं हूं क्योंकि मुझे दिखायी
पड़ता है, इस संसार में रहकर ही विकास होता है। इस संसार में
पड़ती रोज की चोट ही तुम्हें जगा दे तो जग जाओ, और कोई
उपाय नहीं। निश्चित ही कष्टपूर्ण है यह बात, लेकिन बस
यही एक उपाय है, और कोई उपाय ही नहीं। यही एक मार्ग है,
और कोई शार्टकट नहीं है। कठिन है, दुस्तर है, पीड़ा होती है,
बहुत बार बहुत कठिनाइयां खड़ी होती हैं, मगर वे सभी
कठिनाइयां, अगर समझ हो, सहयोगी हो जाती हैं। वे सभी
कठिनाइयां सीढ़ियां बन जाती हैं।
2 477
*_हमारे समाज में सेक्स को लेकर ज्यादा बातचीत नहीं होती है। जिसके कारण लोगों को बहुत कुछ नहीं मालूम होता। हालांकि आज के समय में लोग सेक्स को लेकर कई बातें करने लगे हैं। बावजूद इसके हमारे समाज में सेक्स पर ज्यादा बातचीत नहीं की जाती। यह हमारे समाज को अलग तो बनाता है लेकिन इससे कई नुकसान भी हैं।_*
अगर_
*पोर्नोग्राफी और इरोटिका*
के अंतर को समझा जाए तो....
यह पता चल पाता है कि....
*_इरॉटिका में लोग अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं।_*
_इरॉटिका वास्तव में क्या है❓_
*_इरॉटिका कोई भी कलात्मक काम है जो कामुक रूप से उत्तेजक या यौन उत्तेजना वाले विषय से काफी हद तक संबंधित है। पेंटिंग, मूर्तिकला, फोटोग्राफी, नाटक, फिल्म, संगीत या साहित्य सहित सभी प्रकार की कला कामुक सामग्री को चित्रित कर सकती है।_*
_इरॉटिका को कला का रूप दिया गया है, जो इसे व्यावसायिक पोर्नोग्राफ़ी से अलग करती हैं।_
दूसरी ओर,
*_पॉर्नोग्राफी को एक रचनात्मक गतिविधि (लेखन, चित्र, फिल्म, आदि) के रूप में वर्णित किया जा सकता है, जिसका यौन इच्छा को प्रोत्साहित करने के अलावा कोई साहित्यिक या कलात्मक मूल्य नहीं है।_*
_पॉर्नोग्राफी क्या है ❓_
पोर्नोग्राफी को आप इस तरीके से समझ सकते हैं कि....
*_इसे जो दर्शक देखते हैं वह उत्तेजित हो जाते हैं और पोर्नोग्राफी का काम भी यही होता है। पोर्नोग्राफी इसलिए ही की जाती है जिसे देखकर लोग काफी ज्यादा उत्तेजित हो जाए। इसी के साथ ही पोर्नोग्राफी में इंटर कोर्स भी दिखाया जाता है जो इरॉटिका में नहीं दिखाया जाता।_*
_पोर्नोग्राफी को देखकर लोग तेजी से काफी ज्यादा उत्तेजित हो जाते हैं, वहीं इरॉटिका में यह उतनी तेजी से नहीं होता।_
*_इसके अलावा, पोर्नोग्राफ़ी मुख्य रूप से एक पैसा कमाने वाला उपक्रम है, जो हमेशा इरोटिका के मामले में नहीं होता है।_*
वहीं,
*_पोर्नोग्राफी में महिलाओं को सिर्फ एक यौन वस्तु की तरह ही दिखाया जाता है।_*
लेकिन....
*_इरॉटिका में ऐसा कुछ नहीं होता।_*
*_यहां महिलाओं को अपनी कला दिखाने की पूरी आजादी होती है।_* पोर्नोग्राफी में दिखाया जाता है कि.....
*_महिलाएं सिर्फ लोगों की वासना पूरी करती हैं।_*
लेकिन.....
*_इरॉटिका में महिलाएं अपनी कला से उत्तेजित करती हैं।_*
लेकिन.....
यहां यह सवाल उठता है कि.....
क्या यह दोनों ही चीजें हमें एक ही मकसद तक नहीं ले जातीं❓
*_इरोटिका के पीछे का विचार यौन आनंद और कामुक मिलन की सार्वभौमिक इच्छा का जश्न मनाना है।_*
_साथ ही इरॉटिका को लोग बार-बार देख सकते हैं लेकिन पोर्न को लोग ज्यादा से ज्यादा एक या दो बार ही देखते हैं।_
2 477
“#संभोग_कब ?”
-
जब #पुरूष_संभोग करना चाहे #तब_नहीं ! पर #स्त्री_संभोग करना चाहे #तब ! संभोग तभी करना उचित होगा जब #स्त्री_आनंद_कि_ऊँचाई पर हो ओर वो #संभोग_करना_चाहती_हो !
ज़्यादा तर पुरुष संभोग करना तब पसंद करते है जब वो #तनाव में हो! ख़ुशी में नही ! ख़ुशी में तो वो अकेला रहना पसंद करता है या अपने दोस्तों के साथ रहना पसंद करता है ! और “#तनाव_में_कभी_प्रेम_नहीं_होता !”
स्त्री को पुरूष के भीतर प्रेम को जन्म देनी वाली जनेता भी कहा जाता है ! ओर स्त्री आनंद में अपने प्रेमी या पति के साथ रहना पसंद करेगी ! क्यूँकि #स्त्री_संभोग_तभी_करना_पसंद करेगी जब वो #भीतर_से_आनंद_से_भरी_होगी !
ओर “प्रेम से ही आप आनंद को जान सकते हो !”
और इसलिए कहते है की आप प्रेम ओर संभोग आपकी आध्यात्मिक ऊँचाई से भी जो ऊपर हो उसके साथ करो ! क्यूँकि वो ही आपको
“प्रेम से परमात्मा का अनुभव करवा सकता है !
2 477
प्रियतमा !!
मेरा कठोर प्रत्यञ्चा
और तेरी हिरणी का दिल
तुम्हारी अर्ध रात्रि की बातें
तेरे सफेद विस्तर को लाल कर देती हैं
अतृप्ति कविता को जन्म देती है
तुम्हे मेरी सिर्फ बातें नहीं
तृप्ति भी चाहिए ।।
2 477
स्त्रियों को वी र्य को चेहरे पर लगाने से चेहरे की झुर्रियां खत्म होती है और ग्लो बढ़ता है चेहरे का।
2 477
ओशो कहते हैं कि प्रेम का प्राथमिक बिंदु सेक्स ही है और जो लोग सेक्स को घृणा के नजरिए से देखते हैं, वे कभी प्रेम कर ही नहीं सकते। ओशो के मुताबिक संभोग और समाधि के बीच एक सेतु है, एक यात्रा है, एक मार्ग है। समाधि जिसका अंतिम छोर है और संभोग उस सीढ़ी का पहला सोपान है।
این محتوا برای کاربران بالای ۱۸ سال در دسترس است
با ورود به سرویس، تأیید میکنید که ۱۸ سال یا بیشتر سن دارید.
