فریب کلاهبرداران را نخورید! تلمتریو این کانالها را شناسایی و برچسبگذاری میکند 👉 برای مشاهده برچسب، اشتراک تهیه کنید 👈
काम संहिता🙏
رفتن به کانال در Telegram
सेक्स से जुड़ी हुई प्रेम से जुड़ी हुई सभी जानकारी के लिए सन्देश भेजे जय कामदेव कामसूत्र यौन स्थानों का सच्चा गुरु ग्रंथ है। अपने यौन जीवन में विविधता लाने के तरीके खोज रहे हैं? तब आप सही जगह पर आए हैं .. !!
نمایش بیشتر2 477
مشترکین
اطلاعاتی وجود ندارد24 ساعت
+237 روز
+3630 روز
2 878
نمایش های پست
~ 53824 ساعت
اطلاعاتی وجود ندارد48 ساعت
116.19%
نرخ مشارکت
اطلاعاتی وجود ندارد
پست های در روز
آرشیو پست ها
2 477
सम्भोग के समय लिप्स और जीभ का प्रयोग ज्यादा करिए । पार्टनर को जीभ से एक्साइट करने के दौरान लिप्स का इस्तेमाल करना भी जरूरी है। ऐसा करने से पहले आप कुछ देर पार्टनर के साथ यूं ही बिताए ,बात करें ,उसकी गाल पर अपनी उंगली की रेखा खींचें आदि और बाद में धीरे-धीरे पार्टनर को सहलाना शुरू करें। फिर उन्हें पहले ओठों से फिर जिभ से प्यार करें ।
2 477
प्रियतमा !
स्त्रियों का शरीर का आकर्षण चेहरे ,ओठ और स्तन में है
पुरुष को प्रथम दृष्टि में स्तन का उभार ही स्त्री की ओर आकर्षित करता है...!
स्त्री के चमकते धमकते उछलते कूदते उभार देखकर ही इंसान पागल हो जाता है।
स्त्री के योनि के दर्शन तो बाद में करने को
मिलते है...! तब तक तो कई पुरुष के टपक जाते हैं ।
2 477
सेक्स के बजाय ओरल सेक्स में ज्यादा मजा आता हैं
#अपने पार्टनर की वैजाइना पर किस करना बहुत पसंद है साथ ही काफी देर तक ओरल सेक्स करना अच्छा लगता है। इससे बहुत जल्दी सेक्स का मूड भी बन जाता है।
#अधिकांश महिलाओं को ऐसा करना बहुत अच्छा लगता है और वे चाहती हैं कि पुरुष पूरी तन्मयता से साथ ओरल सेक्स करें। इसलिए वे फोरप्ले में उनके पीठ की मसाज के साथ साथ ओरल सेक्स ज़रूर करते हैं।
#मर्दो को वैजाइना की महक काफी आकर्षित करती है और इसलिए इन्हें वैजाइना पर किस करना और ओरल सेक्स करना बहुत पसंद है। और स्त्री को योनि चटवाने से आनन्द मिलता है।
#वैजाइना पर किस करने से स्त्री उत्तेजित होकर आहें भरने लगती है। उसका आहें भरना और उत्तेजित होना बहुत पसंद आता है और इसीलिए काफी देर तक ओरल सेक्स का मजा लेना चाहते हैं।
2 477
वैसे तो स्त्री शरीर का अंग अंग कामुकता से भरा है फिर भी अत्यधिक आकर्षित नितम्बो की विशालता करती है,फिर स्तनों का तनाव और कमर की लचक देख कौन अपनी भावनाओं को रोक पायेगा भला।
2 477
वासना अक्सर उम्र का बहुत अंतर देखती है, बड़ी उम्र की स्त्री कम उम्र से संसर्ग चाहती है तो कम उम्र की लड़कियां अपने से बहुत ज्यादा उम्र के पुरुष से। उम्र के विपरित अनुभव का प्रभाव रहता है।
2 477
प्रियत्मा,
पतली मत होना,
तुम मुझे भरी भरी सी,
मोटी ही अच्छी लगती हो l
ये आईने नही दे सकते तुझे तेरे हुस्न की ख़बर।
कभी मेरी इन धड़कनों से पूछ
अब तुम क्या खूब लगती हों
ओह विश 😘💋
2 477
प्रेम में उम्र का क्या ! प्रेम तो दिल की सुनता है, दिल से देखता है । जो सुकून तेरे दिल पर सिर को रखने से मिलता है वो और कहाँ प्रियत्मा
2 477
प्रिय पुरनकी !
जरा आहिस्ता कदम रखना..
मेरी जिंदगी में...
नटखट इश्क जाग गया तो ...
तहलका मचा देगा..
2 477
जब प्रेम की कमी होती है जीवन मे
तभी स्त्री या पुरुष का ध्यान वासना की
सागर में डुबकी लगाता है।
2 477
इस पोज में उसकी चाटो इससे पूरा जीभ क्लोरिट्स को सही से चाटता है जिससे जल्दी सन्तुष्ट होगी स्त्री ,गीली जल्दी होगी फिर आप सेक्स करो ।
2 477
❣️आँखों में मेरी ठहरो या दिल में उतर जाओ...❣️
❣️घर दोनों तुम्हारे हैं तुम चाहे जिधर जाओ...❣️
2 477
सेक्स हमारे जीवन का एक हिस्सा है और यह क्रिया स्त्री और पुरुष दोनों के मानशिक स्वास्थ्य के लिए बहुत ही जरूरी है। जब कोई स्त्री या पुरुष 14 साल के हो जाते हैं तभी स्व उनमें सेक्स की इच्छा जागृत होने लगती है और जैसे जैसे उम्र बढ़ती जाती है यह इच्छा भी उतना ही ज्यादा बढ़ती चली जाती है। इसीलिए कहा जाता है कि सही समय पर शादी कर देना उचित है अन्यथा काफी दिक्कत आ सकती है।
कुछ स्त्रियाँ ऐसी भी होती हैं जिनमे किन्ही कारणों या फोबियो के वजह से सेक्स की इच्छा नही हो पाती या फिर काफी कम होती है ऐसी स्त्रियां जल्दी गर्म नही हो पाती इसीलिए इन स्त्रियों को ठंडी स्त्री कहा जाता है।
स्त्रियों के ठंडेपन के कई सारे कारण हो सकते हैं।
लेकिन यदि आप चाहें तो ठंडी स्त्री को भी बड़े ही आराम से गर्म करके सेक्स के लिए मजबूर कर सकते हैं और स्त्री आपसे खुद ही कहेगी की अब देर न करो जल्दी आए करो।
1. चाहें स्त्री कितनी भी ठंडी क्यों न हो फोरप्ले एक ऐसी क्रिया है जो उसे 2 मिनट के अंदर गर्म करने के लिए काफी है। फोरप्ले जितने ज्यादा समय तक करेंगे उतना ही ज्यादा सेक्स का मजा ले सकेंगे। इसलिए ज्यादा से ज्यादा फोरप्ले करने की कोशिश करें खासतौर से ठंडी स्त्री के साथ जरूर करें।
2. लड़कियों के जितने भी सेंसिटिव पार्ट हैं उनको जरूर टच करें। सेंसिटिव पार्ट को टच करने से ठंडी स्त्री भी सेक्स के लिए मछली के जैसे तड़प उठेगी।
3. लड़कियों के अंदर सबसे ज्यादा सेक्स उतपन्न करने वाला अंग जी स्पॉट है। जी स्पॉट को ज्यादा से ज्यादा टच करें और उंगली का प्रयोग जरूर करें। ठंडी से ठंडी लड़की भी यदि आपको खुद सेक्स के लिए परेशान न कर दे फिर कहना।
2 477
#मानसिक_विकृतता 💜
1. अकेली रहती है! मतलब साथ (सेक्स) की
जरूरत तो होगी ही, ट्राय तो मार मौज़
करने के लिए बेस्ट ऑप्शन है।
2. बाहर रहकर पढ़ी है मतलब घाट-घाट का
पानी पी हुई है। पक्का कैरेक्टरलेस है। हाथ
रखते ही तैयार हो जाएगी। ऐसों का क्या ?
3. दिल्ली में रहती है मतलब खुली होगी।
मेट्रो सिटीज़ में रहने वाली लड़कियां
तो बहुत खुली होती हैं, पता नहीं
कितनों के साथ सो जाए। यहाँ खुली
का मतलब सेक्स के लिए हमेशा आसानी से
उपलब्ध रहने से है।
3. गाँव की है, सीधी होगी। मतलब इसको
आसानी से बेवकूफ़ बनाकर यूज़ कर सकते हैं।
4. ब्रेकअप हो गया है! मतलब रोती लड़की
को विश्वास देकर सेक्स की जुगाड़ की
जा सकती है।
5. पहले बॉयफ्रेंड ने चीट किया है! ओह्ह
बेबी मैं ऐसा नहीं हूँ। दुनिया से अलग हूँ।
यार चीट हुई लड़कियों को यूज़ करना औऱ
आसान है। सिली गर्ल्स......
6. नीच जात की है! यार ये छोटी जातियां
होती बहुत बेवकूफ़ हैं। मैं जाति को नहीं
मानता, शादी करूँगा बस इतने में तो तन-
मन-धन से समर्पित हो जायेंगी।
7. काली है! ओह्ह....यार रंग से कुछ नहीं
होता काला रंग तो बहुत खूबसूरत होता
है। यार उस कलूटी को ऐसे नहीं बोलूंगा
तो बिस्तर तक कैसे आएगी।
8. सेल्फ डिपेंड है! इमोशनल फूल बनाकर
सारी अय्याशी करने का बढ़िया ऑप्शन
है। इंडिपेंडस और बराबरी की बात कर देख
कैसे करती है।
9. तलाकशुदा है ! विधवा है! यार कंधा ही
तो देना है बस वो तैयार मिलेंगी।
10.अभी स्कूल में पढ़ रही है! लगती तो एकदम
माल है, गोटी सेट करनी पड़ेगी।
बातें चाहे जितने तरीके से हों.....केंद्र में बस
" सेक्स" है।
ऐसे ही नहीं हर दिन रेप हो रहे, ये रेप की तैयारी तो हरपल हो रही है।
अगर आपको यह पढने में शर्म आ रही है तो आप भी मानसिक विकृति के शिकार हैं और आप ही ऐसी सोच ( जो ऊपर लिखा गया है) रखने वाले वह पुरुष हैं
2 477
सेक्स अश्लील कैसे हुआ... क्यों इसके प्रति घृणा उत्तपन्न की गई जनमानस के मन में..? जबकि यह तो सृजन का कारण है पृथ्वी का भविष्य भी इसी पर टिका हुआ है।
2 477
कॉपी :-
#उठता_लहंगा - #बढ़ती_इज्जत' ?
सन 1980 तक लड़कियाँ कालेज में साड़ी पहनती थी या फिर सलवार सूट, इसके बाद साड़ी पूरी तरह गायब हुई और सलवार सूट के साथ जीन्स आ गया !
2005 के बाद सलवार सूट लगभग गायब हो गया और इसकी जगह Skin Tight काले सफेद "स्लैक्स' आ गए। फिर 2010 तक लगभग "पारदर्शी स्लैक्स' आ गए जिसमे "आंतरिक वस्त्र' पूरी तरह स्प्ष्ट दिखते हैं !
फिर सूट, जोकि पहले घुटने या जांघों के पास से 2 भाग मे कटा होता था, वो 2012 के बाद कमर से 2 भागों में बंट गया और फिर 2015 के बाद यह सूट लगभग ऊपर नाभि के पास से 2 भागो मे बंट गया,
जिससे कि लड़की या महिला के नितंब पूरी तरह स्प्ष्ट दिखाई पड़ते हैं और स्कूटर या गाड़ी चलाती लड़कियां या पीछे बैठी महिला अत्यंत विचित्र सी दिखाई देती है, मोटी जाँघे, दिखता पेट !
आश्चर्य की बात यह है कि यह पहनावा कॉलेज से लेकर 40 वर्ष या ऊपर उम्र की महिलाओ में अब भी दिख रहा है ! बड़ी उम्र की महिलायें छोटी लड़कियों को अच्छा सिखाने की बजाए उनसे बराबरी की होड़ लगाने लगी है !
अब कुछ नया हो रहा 2018 मे, स्लैक्स ही कुछ Printed या रंग बिरंगा सा हो गया और सूट अब कमर तक आकर समाप्त हो गया यानि उभरे हुए नितंब अब आपके दर्शन हेतु प्रस्तुत है !
साथ ही कॉलेज की लड़कियों या बड़ी महिलाओं मे एक नया ट्रेंड और आ गया है स्लैक्स अब पिंडलियों तक पहुच गया, कट गया है नीचे से, "इस्लाममिक पायजामे' की तरह और सबसे बड़ी बात यह है कि यह सब वेशभूषा केवल 'हिन्दू लड़कियों व महिलाओं" में ही दिखाई पड़ रही है ! समझ नहीं आता कि इनके घर वाले इनके बाप भाई इनको ऐसी हरकतों के लिए रोकते क्यूँ नही है, जो अपनी और अपने घर की इज्जत को सरेआम बेच रही हैं !
आखिर इनको चाहिए क्या इस प्रकार से अपनी इज्जत को दुनिया के सामने परोस कर...?
क्या इनको किसी का डर नहीं किसी की इज्जत की परवाह नहीं...??
ना भाई का, ना बाप, का ना आने वाली जिंदगी का, जब इनकी शादी होगी और उनके ससुराल वाले इनका पति ओर ससुर देखेंगे इनको....????
जबकि इसके उलट मुस्लिम लड़कियाँ तो अब Mall जाती है, बड़े होटलों में, सामाजिक पार्टियों में जाती है, तो पूरा ढका हुआ बुर्का या सिर में चारो तरफ लिपटे कपड़े के साथ दिखाई पड़ती है।
हिन्दू लड़कियाँ /महिलायें जितना अधिक शरीर दिखाना चाह रही, मुस्लिम महिलायें उतना ही अधिक पहनावे के प्रति कठोर होते जा रही ?
पहले पुरुष साधारण या कम कपड़े पहनते थे, नारी सौम्यता पूर्वक अधिक कपड़े पहनती थी, पर अब टीवी सीरियलों, फिल्मों की चपेट में आकर हिन्दू लड़कियो के आधे कपड़े स्वयं को Modern बनने में उतर चुके हैं।
यह शर्मनाक है।
यूरोप द्वारा प्रचारित "नंगेपन" के षडयंत्र की सबसे आसान शिकार, भारत की मॉडर्न हिन्दू महिलाएं है, जो फैशन के नाम पर खुद को नंगा करने के प्रति बेहद गंभीर है, पर यह जानती नहीं, कि वो जिसकी नकल कर इस रास्ते पर चल पड़ी है, उनको इस नंगापन के लिए विज्ञापनों में करोड़ो डॉलर मिलते है !
यहाँ कुछ महिलायें सोचेंगी की हमें क्या पहनना है ये हम तय करेंगे कोई और नहीं,
तो आप अपनी जगह बिल्कुल सही हैं, लेकिन ज़रा सोचिये यदि आप ऐसे कपड़े पहनती हैं जिसके कारण आप खुद को असहज महसूस करती हो, ऐसे दिखावे के कपड़े पहनने से क्या फायदा...?
फिर कुछ अधनंगी महिलाएं मीडिया में यह ज्ञान देती है के पुरुष अपनी सोच बदलें..
पहनावे में यह बदलाव न पारसी महिलाओं में आया न मुस्लिम महिलाओं में आया,
यह बदलाव सिर्फ और सिर्फ हिंदू महिलाओं में ही क्यों आया है ...?
जरा इस पर विचार कीजियेगा !
यह पोस्ट केवल हमारी बहू, बेटियों, माताओं, बहनों को यूरोप द्वारा प्रचारित नंगेपन के षडयंत्र का शिकार बनने से रोकने के लिए है, यदि इस पोस्ट को आप अपने बहनों, बेटियों से शेयर करें तो हो सकता है, हमारा आने वाला समाज प्रगति की ओर तत्पर हो
🙏🙏
हर हर महादेव!
این محتوا برای کاربران بالای ۱۸ سال در دسترس است
با ورود به سرویس، تأیید میکنید که ۱۸ سال یا بیشتر سن دارید.
