فریب کلاهبرداران را نخورید! تلمتریو این کانالها را شناسایی و برچسبگذاری میکند 👉 برای مشاهده برچسب، اشتراک تهیه کنید 👈
Antarvasana story
رفتن به کانال در Telegram
#Welcome to my #channel #AntervasnaHindi 👇 #हिन्दी #सेक्सी #कहानियां 👱♀📣 👉 #Desihindisexystory 👉 #देशीहिंदीसेक्सीकहानियां💃 👉 #18+ #entertainment💯 हिंदी अन्तर्वासना कामुकता से भरी सेक्स कहानियाँ... पढ़िए https://t.me/antarvasanastory1
نمایش بیشتر4 418
مشترکین
اطلاعاتی وجود ندارد24 ساعت
اطلاعاتی وجود ندارد7 روز
-5130 روز
1 065
نمایش های پست
اطلاعاتی وجود ندارد24 ساعت
اطلاعاتی وجود ندارد48 ساعت
24.11%
نرخ مشارکت
~ 2
پست های در روز
در حال بارگیری داده...
کانالهای مشابه
ابر برچسبها
اشارات ورودی و خروجی
---
---
---
---
---
---
جذب مشترکین
آوریل '25
آوریل '25
+10
در 0 کانالها
مارس '25
+187
در 0 کانالها
Get PRO
فوریه '25
+251
در 0 کانالها
Get PRO
ژانویه '25
+212
در 0 کانالها
Get PRO
دسامبر '24
+303
در 0 کانالها
Get PRO
نوامبر '24
+151
در 4 کانالها
Get PRO
اکتبر '24
+368
در 0 کانالها
Get PRO
سپتامبر '24
+267
در 0 کانالها
Get PRO
اوت '24
+203
در 0 کانالها
Get PRO
ژوئیه '24
+210
در 0 کانالها
Get PRO
ژوئن '24
+214
در 0 کانالها
Get PRO
مه '24
+190
در 0 کانالها
Get PRO
آوریل '24
+225
در 0 کانالها
Get PRO
مارس '24
+262
در 0 کانالها
Get PRO
فوریه '24
+232
در 0 کانالها
Get PRO
ژانویه '24
+472
در 0 کانالها
Get PRO
دسامبر '23
+227
در 1 کانالها
Get PRO
نوامبر '23
+487
در 1 کانالها
Get PRO
اکتبر '23
+574
در 0 کانالها
Get PRO
سپتامبر '23
+245
در 0 کانالها
Get PRO
اوت '23
+451
در 0 کانالها
Get PRO
ژوئیه '23
+362
در 0 کانالها
Get PRO
ژوئن '23
+398
در 0 کانالها
Get PRO
مه '23
+356
در 0 کانالها
Get PRO
آوریل '23
+26
در 0 کانالها
Get PRO
مارس '23
+23
در 0 کانالها
Get PRO
فوریه '23
+3 058
در 0 کانالها
| تاریخ | رشد مشترکین | اشارات | کانالها | |
| 03 آوریل | +4 | |||
| 02 آوریل | +4 | |||
| 01 آوریل | +2 |
پستهای کانال
किसी लड़की भाभी आन्टी को सेक्सी या रोमांस भरी बातें करनी हैं तो मैसेज करें
@Aspiring88
| 2 | आपको कहा करना पसंद है ? | 429 |
| 3 | किस्में ज्यादा मजा आता है ? | 432 |
| 4 | लड़कों सच सच बताना तुम्हारी टाइमिंग कितनी है ? | 404 |
| 5 | सबिहा: ममममम... ऊऊईईईई... आआआ मैं मर... जाऊँगी... प्लीज! ये जिस्म तुम्हारा है... आआआहहहहह॥॥॥!!!!!! चढ़ जाओ मेरे जिस्म पर और मेरी चूत को चीर डालो अपने लन्ड से।
विकास उठा और सबिहा के नंगे बदन पर चढ गया और उसके बूब्स को मसलते हुए उसकी जाँघें फैलायी और लन्ड को चूत के मुख पर रख कर थोड़ा ज़ोर लगया। एक जोर के झटके ने लन्ड के सुपाड़े का आधा भाग अन्दर कर दिया। इतना लम्बा और मोटा लन्ड होने की वजह से सबिहा के मुँह से दर्द-भरी सिसकी निकली पर अब उसे किसी चीज़ की परवाह नहीं थी और उसने अपनी टाँगें और फ़ैला दीं। विकास ने अपना लन्ड आहिस्ता-आहिस्ता सबिहा की चूत मे पूरा घुसा दिया।
सबिहा: ऊऊऊऊऊईईईईईई... ममममम.... अल्लाह... इस लन्ड ने तो मुझे मार डाला !
अब विकास सबिहा के ऊपर लेट गया और उसके होंठों को अपने होंठों से चूसने लगा। वो अपने हाथों से उसकी चूचियों के साथ खेलने लगा। अपने लन्ड को थोडी तेज़ी से सबिहा की चूत मे अन्दर-बाहर करने लगा। सबिहा ने अपनी जाँघें विकास की कमर पर बाँध लीं और अपने चूतड़ उठा-उठा कर चुदवाने लगी। कुछ समय चुदाई के बाद सबिहा ने एक लम्बी चींख मारी और उसका बदन झटके मारने लगा। विकास समझ गया की सबिहा को ओरगैज़्म आ गया है।
विकास ने अब अपनी चुदाई की रफ़्तार बढ़ाई और लम्बे-लम्बे स्ट्रोक्स लेने लगा। साथ ही अपने होंठों से वो सबिहा के बूब्स को ज़ोर से चूसने लगा। सबिहा की चूत इतनी गीली हो चुकी थी की जब भी विकास का लन्ड अन्दर जाता तो एक फच्च-फच्च की अवाज़ आती।
सबिहा: ऊउउहहहहऊऊऊऊऊऊहहहहहह... आआऊऊ... आआऊओ... चोदो मुझे और जोर से!!! आआहह फ़क मी हार्ड.... उउउउहहहहह... आआआआआआआँआँआँआँ।
सबिहा को एक बार और झटके खाते हुए ओरगैज़्म आ गया। उसने विकास को उसे डोगी-स्टायल में चोदने के लिये कहा। वो बिस्तर पर घुटनों के बल, अपनी गाँड उठा कर झुक गयी। विकास ने भी घुटनो के बल बैठ कर पीछे से उसके बूब्स को जकड लिया और अपना लम्बा लन्ड उसकी चूत मे दे दिया। अब लन्ड सबिहा की चूत की काफ़ी गहरायी तक अन्दर जाने लगा। इस तरह लगभग दस मिनट और चुदाई चलती रही। फ़िर विकास से रहा नहीं गया और उसका पूरा बदन बुरी तरह अकड़ गया। उसके लन्ड का साईज़ और फूलने लगा और वो हार्ड भी ज़्यादा होने लगा। एक लम्बी से आह भर के उसने एक आखरी स्ट्रोक लिया और उसके लन्ड ने विस्फोट के साथ अपना सारा स्पर्म सबिहा की चूत मे छोड़ दिया। सबिहा भी उसके टाईट लन्ड की आखरी स्ट्रोक के साथ तीसरी बार झड़ गयी। दोनों संतष्ट हो कर थोड़ी देर बिस्तर पर चिपक के लेट गये।
विकास: क्यों सबिहा जी मज़ा आया?
सबिहा: उफ़फ़फ़फ़फ़... बहुत मज़ा आया। आज के बाद तुम रोज चोदने आ जाया करो। जब तक मेरे शौहर नहीं आ जाते... आओगे ना...?
विकास: हाँ क्यों नहीं। आप जब कहोगी मैं हाज़िर हो जाऊँगा। मगर आपके शौहर को पता चल गया तो?
सबिहा: उसकी चिंता तुम मत करो। उन्हें पता है की मैं किसी गैर-मर्द के साथ चुदाई करने वाली हूँ।
विकास: सच में? और उन्हें इस मे कोई ऐतराज़ नहीं है?
सबिहा: नहीं। हम ने सोच कर ही ये फ़ैसला किया था की जब तक हम एक दूसरे से दूर हैं तो ऐसे ही अपनी अपनी प्यास बुझायेंगे।
विकास: आप और आपके शौहर तो बहुत ही खुले विचारों के हैं।
सबिहा: हाँ... और शायद उनके आने के बाद मैं उन्हें थ्रीसम के लीये भी राज़ी कर लूँ तुम्हारे साथ। तुम्हे ये अच्छा लगेगा? मेरी कब से तमन्ना है कि मैं अपने गाँड और चूत में एक साथ दो लंड लूँ।
विकास: बहुत अच्छा। मेरी तो किसमत ही खुल गयी है।
अगले दिन दोबारा मिलने का प्लान बना कर विकास ने सबिहा के होंठों को चूमा और चला गया। जाने से पहले उसने सबिहा को एक सुन्दर नीले रंग का ब्रा और पैन्टी का सेट उपहार मे दिया जो की बिल्कुल जालीदार था और बहुत छोटा भी। सबिहा ने उसे अगले दिन उसी सेट में मिलने की प्रोमिस किया।
उसके जाते ही सबिहा ने रिज़वान को फोन किया और सारी बात बतायी। रिज़वान ने भी उसे बताया की वो अपने दोस्त की बीवी के साथ चुदाई कर चुका है। दोनों ने वादा किया की मिलने पर वो अपनी सेक्स लाईफ़ को ऐसे ही रोमाँचक बनाये रखेंगे। | 668 |
| 6 | सबिहा ने दो पैग तैयार किये। दोनों ने अपने-अपने पैग खत्म किये और सबिहा विकास का हाथ पकड़ कर उसे बेडरूम मे ले गयी और बेड के किनारे पर बैठ गयी। सबिहा तो तीन पैग के बाद पूरी मस्ती में थी।
सबिहा: हाँ अब तुम मेरी पैन्टी क साईज़ नाप सकते हो।
विकास ने सबिहा की स्कर्ट उठाया और उसकी पैन्टी के उपर से उसकी कमर पर हाथ फेरा।
विकास: सबिहा ये स्कर्ट बीच मे अड़ रही है। इसे उतारना पड़ेगा।
सबिहा: तो सोच क्या रहे हो?
विकास ने सबिहा की स्कर्ट की साईड पर लगी ज़िप को खोल दिया और खींचने लगा। सबिहा ने भी अपनी गाँड उठा कर स्कर्ट उतारने मे उसकी मदद की। सबिहा ने एक छोटी सी पैन्टी पहनी हुई थी जिसमे से उसकी चूत की शेप उभर के दिखायी पढ़ रही थी। विकास से रहा नहीं गया और वो पैन्टी के उपर से सबिहा की चूत को सहलाने लगा। सबिहा के बदन में उत्तेजना की एक लहर सी दौड गयी और उसने अपने घुटनों को जोड़ते हुए विकास का हाथ को अपनी जाँघों के बीच मे जकड लिया।
सबिहा: क्यों कैसी लगी मेरी पैन्टी?
विकास: अच्छी है, मगर मुझे उतार के देखनी पड़ेगी।
सबिहा: अरे वाह, मैं तुम्हारे सामने सिर्फ़ पैन्टी और सैंडल पहने बैठी हूँ और तुमने पूरे कपड़े पहन रखे हैं। ये तो ठीक नहीं है।
विकास: तो उतार लो ना जो आपको उतारना है। मना किसने किया है।
सबिहा ने विकास की शर्ट के बटन खोले और अपने हाथ उसकी कसी हुई चेस्ट पर फेरने लगी।
सबिहा: वाह! तुम्हारी बोडी तो बड़ी मैस्क्यूलीन है।
विकास: हाँ मैं हर रोज़ ऐक्सरसाईज़ करता हूँ।
सबिहा ने फिर विकास की बेल्ट उतारी और उसकी पेन्ट आगे से खोल कर नीचे खींच दी। विकास का तना हुआ लन्ड उसके अन्डरवियर में से तोप की तरह उभर रहा था। सबिहा ने अन्डरवीयर के उपर से विकास के लन्ड को अपनी मुठी मे जकड़ लिया।
सबिहा: या अल्लाह! तुम्हारा लन्ड तो बहुत ही मोटा और तगड़ा है। इसकी भी रोज़ ऐक्सरसाईज़ करते हो क्या?
विकास: हाँ इसकी भी रोज़ मालिश होती है मेरी मुट्ठी में।
सबिहा: चलो अब हम एक जैसी हालत मे हैं - अपने अपने अन्डरवीयर में। आओ मुझे अपने आगोश में ले लो ना।
यह कह कर सबिहा खड़ी हो कर और विकास से चिपट गयी। विकास ने कस कर सबिहा को अपनी बाँहों में जकड़ लिया। सबिहा के बूब्स उसकी छती पर बुरी तरह से दबने लगे। विकास का खड़ा लन्ड अंडरवीयर के नीचे से सबिहा की जाँघों के बीच मे उसकी पैन्टी पर रगड़ने लगा। फिर विकास ने सबिहा के गले की साईड पर एक किस किया तो सबिहा ने एक लम्बी आह भरी। अब तक दोनो ही बहुत गरम हो चुके थे। विकास सबिहा की पैन्टी के उपर से उसकी गाँड पर हाथ फेरने लगा तो सबिहा ने विकास के होंठों को चूसना शुरू कर दिया। फिर विकास ने सबिहा की पैन्टी के अन्दर हाथ डाल कर उसकी चूत पर अँगुली फिरायी। सबिहा की चूत अब तक काफ़ी भीग चुकी थी।
सबिहा: आआआआआआआहहहहहहह विकास मेरी पैन्टी उतार दो ना। मेरे साथ जो करना है कर लो। आज मैं सिर्फ़ तुम्हारी हूँ।
विकास: तो फिर मेरा अन्डरवीयर उतारो और मेरे लन्ड को किस करो।
सबिहा झुक कर अपने घुटनो पर बैठ गई और विकास का अन्डरवीयर खींचने लगी मगर विकास के खड़े लन्ड में वो अड़ गया। सबिहा ने अपना हाथ अन्डरवीयर के अन्दर डाला और लन्ड को अज़ाद कर दिया। लन्ड इतना तन कर खड़ा था की सबिहा की मुठी मे पूरा भी नहीं आ रहा था।
सबिहा: सुभानल्लाह! कितना बडा और मोटा है!
विकास: तो किस करो ना इसे।
सबिहा ने लन्ड की टोपी को चूसा और फ़िर पूरा सुपाड़ा मुँह के अन्दर ले लिया। विकास ने उसका सिर पकड़ा और लन्ड को उसके मुँह मे धकेल दिया। सबिहा उसे चूसने लगी। विकास लन्ड को सबिहा के मुँह के अन्दर बाहर करने लगा। बीच-बीच मे सबिहा उसे निकाल कर लन्ड की पूरी लम्बाई चाटती। थोडी देर बाद विकास को अपना लन्ड बाहर निकालना पडा जिस से वो जल्दी न झड़ जाये।
सबिहा: क्यों मज़ा आया?
विकास: हाँ बहुत! आप बहुत अच्छा चूसती हो... अब मुझे अपनी चूत दिखाओ ना?
सबिहा से अब रहा नहीं जा रहा था। वो वोडका और वासने के नशे में झूम रही थी। उसने जल्दी से अपनी पैन्टी उतार दी और हाई हील के सैंडल के अलावा पूरी नंगी खड़ी हो गई - विकास के तने लन्ड के सामने। सबिहा की चूत का रस उसकी टाँगों से बह रहा था। विकास ने उसे बिस्तर पर लिटा दिया और उस पर चढ़ कर उसके बूब्स बुरी तरह चूसने लगा।
सबिहा: उउउउईईईई उउफ़फफ़आ..हहह..आआहहहहहह प्लीज... थोड़ा धीरे चूसो ना।
विकास ने अब अपनी जीभ उसकी नाभी से डाली। सबिहा उसके मुँह को अपनी चूत की तरफ़ धकेलने लगी। विकास उसका इशारा समझ गया और अपना मुँह उसकी चूत की ओर ले गया। फ़िर वो उसकी चूत को चाटने लगा और उसकी क्लिट पर अपनी जीभ की नोक फिराने लगा। फ़िर जीभ की नोक को उसकी चूत के होंठों के बीच डाल कर उन्हें खोलने लगा ।
सबिहा अब बहुत ज़्यादा तडप रही थी और उसका बदन उत्तेजना में जोर ज़ोर से काँप रहा था। वो बहुत आवाज़ें भी निकल रही थी। | 603 |
| 7 | सबिहा: (नासमझी की एकटिंग करते हुए) किस का साईज़?
सेल्समैन: आप कौन सा ब्रा साईज़ और कौन सा पैन्टी साईज़ पहनती हैं?
सबिहा: मेरे खयाल से ब्रा साईज़ थर्टी-सिक्स है। अच्छा देखतें हैं तुम कितने अच्छे सेल्समैन हो। मुझे देख कर बताओ मेरा साईज़ क्या होगा?
सेल्समैन: (सबिहा के बूब्स को घूरते हुए) जी मेरे खयाल से थर्टी-फोर होना चाहिये। आप कहें तो मैं नाप के बताऊँ?
सबिहा: हाँ नाप के देखो।
सेल्समैन ने इंची टेप को सबिहा की पीठ के दोनो तरफ़ से कन्धों के नीचे से घुमा कर उसके बूब्स के नीचे दोनो सिरों को जोड दिया। उसकी अँगुलियाँ सबिहा के बूब्स को हल्के से छूईं और साईज़ पढने के लिये वो अपना मुँह टेप के बिल्कुल पास ले आया। सबिहा ने उसकी गरम साँसें अपने बूब्स पर महसूस कीं और उसी समय यह तय कर लिया की रिज़वान के साथ बनाये प्लैन को वो आज हकीकत में बदल देगी।
सेल्समैन: आपका अंदाज़ा बिलकुल सही था। आपका साईज़ थर्टी-सिक्स ही है।
सेल्समैन: अच्छा मैडम, आपको अपना कप साईज़ तो मालुम होगा?
सबिहा: (जानबूझ कर) नहीं, मुझे नहीं मालुम।
सेल्समैन: तो फिर आप अपना कोई पुराना ब्रा दे दीजिये। मैं देख कर पता लगा लूँगा।
सबिहा: नहीं, मेरे पुराने ब्रा मे कोई भी ऐसा नहीं है जो मुझे बिलकुल फ़िट आता हो, तुम अपने हाथों से नाप के ही देख लो ना।
सेल्समैन: (थोडे आश्चर्य के साथ) ज..जी.. मैडम?
सबिहा का दूसरा पैग भी करीब-करीब खत्म होने आया था और उसे हल्का सा मीठा सुरूर महसूस हो रहा था। जो थोड़ी बहुत हिचकिचाहट थी वो भी दूर हो गयी थी।
सबिहा: सॉरी अगर मैं तुम्हें अन-कमफरटेबल कर रही हूँ तो। मेरे शौहर मुल्क के बहार गयें हैं और मैं बोर हो रही थी, इसलिये तुम्हें जल्दी जाने देना नहीं चाहती।
सेल्समैन: आप चिंता मत करो। आप जब तक चाहें मैं यहीं आप के साथ रहुँगा। अच्छा कितने दिनों से बाहर हैं आप के हस्बैंड?
सबिहा: तीन महीने हो गयें हैं और अभी दो-तीन महीने और लगेंगे।
सेल्समैन: ओ माई गाड! ये तो बहुत लम्बा टाईम है!
सबिहा: हाँ! अब तो हद हो गयी है। आखिर मेरी भी कुछ ज़रूरतें हैं।
सेल्समैन: जी मैं समझ सकता हूँ।
सबिहा: तुम्हारी शादी हुई है?
सेल्समैन: जी अभी तो मैं काफी छोटा हूँ शादी के लिये।
सबिहा: कोई गर्लफ़्रेन्ड?
सेल्समैन: नहीं वो भी नहीं।
सबिहा: तो फिर तुम कुछ नहीं समझ सकते। वैसे तुम जैसे हेन्डसम लडके की कोई गर्लफ़्रेन्ड कैसे नहीं है?
सेल्समैन: जी मेरे पास टाईम ही नहीं है। दिन में मैं कालेज जाता हूँ और शाम को मैं ये पार्ट टाईम जाब करता हूँ।
सबिहा: ओके समझी। चलो छोडो… ले लो मेरा नाप।
सेल्समैन: जी अच्छा।
सेल्समैन सबिहा के करीब आया और इंची टेप को सबिहा की पीठ के दोनो तरफ़ से कन्धों के नीचे से घुमा कर इस बार उसके बूब्स की गोलाइयों के साईज़ का अंदाज़ा लगाने की कोशिश करने लगा।
सबिहा: (हल्की से मुस्कुराहट देते हुए) अगर तुम दूर से इतनी लूज़ली साईज़ नापोगे तो कैसे पता चलेगा?
सेल्समैन: (अब कम भय के साथ) आप ठीक कह रहीं हैं मैडम।
सेल्समैन ने अब अपने हाथ सबिहा के टॉप के उपर से उसके बूब्स पर रख दिये और थोड़ा सा दबाया।
सेल्समैन: जी मेरे हिसाब से आपका कप साईज़ डीडी होना चाहिये। आपके टॉप और ब्रा की वजह से थोड़ा ज़्यादा आ रहा है।
सबिहा: नहीं नहीं... मुझे बिलकुल ठीक साईज़ ही चाहिये। मैं टॉप और ब्रा उतार देती हूँ और तुम नाप लो।
सेल्समैन: (आश्चर्य के साथ) ज..जी.. मैडम? आप जैसा कहें मैडम।
सबिहा: जब मैं इतना सब कर रही हूँ तो तुम मुझे सबिहा बुला सकते हो।
सेल्समैन: जी.. मैं कैसे... मैं तो आपसे काफी छोटा हूँ...?
सबिहा: सबिहा नहीं तो सबिहा जी तो कह सकते हो?
सेल्समैन: ओके सबिहा जी … आप भी मुझे विकास बुला सकती हैं।
सबिहा ने अपना टॉप खींच कर उतार दिया और पीछे लगे ब्रा के हुक्स खोलने का प्रयास करने लगी।
सबिहा: अरे विकास, हुक्स खोलने मे मेरी मदद करो ना।
सबिहा पीछे घूम गयी और विकास ने उसके ब्रा की पट्टी को दोनो हाथों से पकड़ कर हुक्स खोल दिये। सबिहा अब टॉपलेस हो कर विकास की तरफ़ घूम गयी। विकास ने उसके बूब्स को कुछ देर निहारा और फिर अपने हाथों को उसके बूब्स पर रख कर नापने लगा। उसने सबिहा के बूब्स को थोड़ा दबा दिया। सबिहा ने अपनी आँखें बन्द करके हलकी सी आह भरी। विकास अब तक सबिहा के इरादे समझ चुका था कि ये चुदाई की भूखी औरत उससे क्या चाहती है!
विकास: सबिहा जी आपका बस्ट साईज़ आपके बैंड साईज़ से छः इंच ज्यादा है… तो आपका कप साईज़ डीडी है । वाह ३६ डीडी तो हर लडकी का सपना होता है। आप बहुत लकी हो।
सबिहा: (आँख मारते हुए) हाँ विकास, थेन्क यू। मगर इस समय तो मुझे तुम लकी लग रहे हो
विकास: यह तो सच है। अच्छा पैन्टी का साईज़ भी नाप लें?
सबिहा: हम, मगर यहाँ नहीं। बेडरूम मे चलते हैं। पर उसके पहले वोडका-निंबू का एक-एक जाम हो जाये।
विकास: ठीक है। | 542 |
| 8 | *सबिहा और सेल्समैन*
लेखक: अन्जान
********
सबिहा: (फोन पर अपने शौहर से बात करते हुए) क्या, तुम्हें कुछ दिन और दुबई में रहना पड़ेगा?
रिज़वान: हाँ यार, रहना तो पड़ेगा, काम ही इतना ज़रूरी है। दो महीने और लग जायेंगे।
सबिहा: क्या दो महीने और! प्लीज़ यार, मैं तो अकेले बिलकुल बोर हो चुकी हूँ।
रिज़वान: और मेरा हाल तो तुम पूछो मत। रात को नींद भी नहीं आती तुम्हारे बिना।
सबिहा: रात को नींद तो मुझे भी नहीं आती आज कल।
रिज़वान: हाँ सिर्फ़ तुम्हारे बारे मे सोचता रहता हूँ और प्लान बनाता रहता हूँ की घर आने पर तुम्हारे साथ क्या-क्या करूँगा।
सबिहा: अच्छा तो बताओ क्या-क्या करोगे?
रिज़वान: वो तो सरपराईज़ ही रहने दो अभी। फिलहाल तो मैं मुठ मार के ही काम चला रहा हूँ।
सबिहा: चल झूठे। तुमने कोई लडकी फँसा ली होगी अब तक।
रिज़वान: अभी तक तो नहीं मगर वो जो मेरा दोस्त बिलाल रहता है ना यहाँ? उसकी बीवी ज़हरा मेरे को लाईन देती रहेती है।
सबिहा: अरे वाह तो तुम्हारी तो ऐश है। तो तुम भी लाईन दो ना।
रिज़वान: तुम्हे बुरा नहीं लगेगा?
सबिहा: नहीं इतने दिन हो गये हैं, मैं समझती हूँ की तुमसे नहीं रहा जा रहा होगा।
रिज़वान: और तुम? तुम कैसे काबू करती हो अपने आप को?
सबिहा: हा.. हा… हा… मैं भी अपनी अँगुली या बैंगन, खीरे वगैरह से अपनी चूत के साथ थोड़ा खेल लेती हूँ रात को सोने से पहेले।
रिज़वान: तो तुम भी कोई ढूँढो ना अपने टाइम पास के लिये।
सबिहा: तुम्हें अच्छा लगेगा?
रिज़वान: हाँ मुझे ज़हरा के साथ चुदाई करने में और भी मज़ा आयेगा जब मैं सोचूँगा की तुम भी वहाँ किसी स्टड के साथ मजे ले रही हो।
सबिहा: ठीक है, तो मैं भी ढूँढती हूँ कोई।
रिज़वान: हाँ फिर हम दोनों फोन पर एक दूसरे को अपना अपना एक्सपीरियंस बतायेंगे। बहुत मज़ा आयेगा।
सबिहा: इससे हमारे रिश्ते मे कोई दिक्कत तो नहीं आ जायेगी?
रिज़वान: अरे नहीं पगली, बल्कि हमारा रिश्ता और गहरा हो जायेगा।
सबिहा: सच?
रिज़वान: हाँ बिलकुल। और सोचो जब हम मिलेंगे और अपने साथ हुए तजुर्बों को एक दूसरे को तफसील से एकटिंग कर के बयान करेंगे को हमारी चुदाई कितनी धमाकेदार होगी।
सबिहा: (हँसते हुए) हैवान कहीं के!
रिज़वान: अरे मेरी जान, हैवानियत तो मैं तुम्हे मिलने पर दिखाऊँगा जब तब तुम मुझे किसी स्टड को सिड्यूस करने वाली घटना बताओगी।
सबिहा: और तुम भी मेरा सेक्स की प्यासी शेरनी वाली सूरत देखोगे जब तुम मुझे बताओगे कि तुमने ज़हरा को कैसे अपने साथ चुदाई के लिये राज़ी किया।
रिज़वान: ठीक है, आइ मिस यू! बॉय!
दो दिनों बाद, सबिहा बाज़ार से शॉपिंग करके लौटी थी और नींबू के साथ वोडका का तगड़ा सा पैग बना कर चुसकियाँ ले रही थी। उसका इरादा एक-दो पैग पीने के बाद अपने कपड़े उतार कर बिस्तर में जा कर कोई ब्लू-फिल्म देखते हुए अपनी चूत को मोटे से केले से चोदने का था। एक पैग खत्म करने के बाद सबिहा दूसरा पैग बनाने के लिये उठी ही थी कि उसे दरवाज़ा खटखटाने की आवाज़ आयी।
सबिहा: अरे ये कौन आ गया? चलो देखा जायेगा... अच्छा हुआ अभी मैंने कपड़े नही उतारे थे।
सबिहा मार्बल के फर्श पर अपने सैंडल की हील खटखटाती बेमन से दरवाज़े की तरफ बढ़ी। उसने दरवाज़ा खोला तो एक लगभग २० साल के नौजवान और गठीले लड़के को खडा पाया। उसे देखते ही सबिहा के शरीर मे एक लहर सी दौड़ गयी।
सबिहा: जी कहिये?
सेल्समैन: गुड मार्निंग मैडम! मैं अपनी कम्पनी के समान का प्रचार कर रहा हूँ।
सबिहा: अच्छा, क्या बेच रहे हो?
सेल्समैन: जी हमारी कम्पनी लेडीज़ पैन्टीज़ और ब्रा बनाती है।
सबिहा: अच्छा, तो फिर तुम्हारी कम्पनी सेल्स गर्ल्ज़ को क्यों नहीं भेजती बेचने के लिये?
सेल्समैन: जी मैडम, आज कल की लेडीज़ तो हेन्डसम सेल्समैन की ही डिमान्ड करती हैं। अगर आप को कोई ऐतराज़ है तो मैं चला जाता हूँ और कल किसी सेल्स गर्ल को भेज दूँगा।
सबिहा: नहीं ऐसी कोई बात नहीं है, मुझे तुम से कोई प्राब्लम नहीं है।
सेल्समैन: वैरी गुड। थैंक यू मैडम!
सबिहा: आओ इधर बैठ जाओ। पानी पियोगे या वोडका...?
सेल्समैन: जी नहीं, थेन्क यू।
सबिहा: कितने सालों से तुम ये काम कर रहे हो?
सेल्समैन: दो साल हो गये हैं लगभग।
सबिहा: (हँसते हुए) तो काफ़ी एक्सपीरियंस है!
सेल्समैन: जी हाँ।
सबिहा: तो फिर तो तुम काफ़ी लेडीज़ को खुश कर चुके हो... हा। हा। हा।
सेल्समैन: (थोड़ा शर्माते हुए) जी हाँ कस्टमर्स.. ऑय मीन लेडीज़ को खुश करना ही मेरा काम है।
सबिहा: चलो देखते हैं। मेरी पसन्द थोडी हट के है।
सबिहा ने अपने लिये दूसरा पैग तैयार किया और फिर एक सिप ले कर बोली।
सबिहा: वैसे एक बात तुमने सही कही थी की तुम्हारी कम्पनी के सेल्समैन हेन्डसम हैं।
सेल्समैन: थेन्क यू वेरी मच।
सबिहा: चलो तो दिखाओ अपना सामान।
सेल्समैन: जी??? जी अच्छा मगर पहले बताइये कि आप का साईज़ क्या है। दर असल सारे गार्मेन्ट्स मेरी गाड़ी मे बक्सों मे पड़े हैं और मैं ठीक साईज़ वाला बक्सा निकाल के ले आऊँगा। | 634 |
| 9 | मैं अपने आप को बिलकुल नहीं रोक पायी और मैंने उसे अपने मुहं में भरकर उसकी सेक्सी चुसाई शरु कर दी | रवि आँखे बंध कर के लंड चुस्वाने की मजा लेता रहा | एकाद दो मिनिट लंड चूसने के बाद में खड़ी हुई और मैंने अपनी नाईटी और उसमे पहनी ब्रा उतार फेंकी, पेंटी तो मै पहेले से ही पहनी नहीं थी | रवि मेरा सुडोल शरीर देख दंग रह गया | वह उठा और मेरे दोनों चुचक अपने मुहं में भरकर चूसने लगा |
मेरी योनी पानी छोड़ने लगी और मै इस मूसल लंड को पाने के लिए बेताब हो गई | रवि ने मुझे वही सोफे पर टांगे फेला के बैठाया और ड्यूरेक्स अपने लंड पर चढ़ा दिया, मैंने उसके लंड को अपने हाथ में लिया और उसे अपनी योनिमुख पर रख दिया…!
रवि का एक झटका काफी था लंड को योनी की गहेराइयो में ले जाने में, कंडोम पर लगा लुब्रिकांत मस्त चिकना था, मुझे एक पल के लिए लगा की योनी फट गई हो, मेरे पति के मुकाबले रवि का लंड डबल था | मुझे कुछ देर में मजा आने लगा और रवि मुझे मस्त पेलने लगा | वह ओह ओह आह ऐसे बोल रहा था, शायद मेरी चूत उसे भी बहुत भा गई थी |
मेरी योनी झाग निकालने लगी क्यूंकि रवि 10-11 मिनिट तक मुझे कस के पेलता रहा, मेरी योनी में उसके मूसल लंड का प्रत्येक प्रहार मजा दे रहा था…! उसका लंड मेरी चूत में अंदर तक आ जा रहा था. थोड़ी देर में उसका वीर्य निकलने लगा, मुझे कंडोम के अंदर रहे लंड से निकलता प्रवाह भी महेसुस हो रहा था |
रवि ने अपना लंड बहार निकाला और वोह कपडे पहेनने लगा, मैंने उसे अपनी पर्स से 500 रूपये दिए और उससे उसका मोबाइल नंबर भी ले लिया | इसके बाद में जब भी मेरा पति बाहर होता, रवि को बुलाकर उसके लंड से अपनी प्यास भुजा लेती थी, उसने मेरी गांड तक में अपना मूसल लड़ दे दिया है अब तो…मेरा जब भी दिल करता है मैं उसके मूसल लंड ले लेती हूँ.... | 942 |
| 10 | *चौकीदार रवि का मूसल लंड*
मेरा नाम मधुरी है, सभी मुझे मधु कहकर बुलाते हैं. कपडे सूकाने के लिए मै आज जैसे ही बहार निकली मैंने देखा की आज भी वह नया चोकीदार मुझे देख रहा था, इस 26 साल के नए चोकीदार ने मुझे कितनी बार ही देखा होगा |
मै हमेंशा से मूसल लंड की दीवानी रही थी, और जब यह चोकीदार पिछले महीने यहाँ आया तो मैंने उसको थोड़ी थोड़ी लाइन देनी शरु कर दी थी, उसके बड़े बाजू और तगड़ा सीना देख मै समझ गई थी के वह जरुर एक मूसल लंड का मालिक होगा |
एकाद हफ्ते तक वह देखने में कतराता था, फिर शायद उसे भी पता चल गया की मेरी इच्छा है और वह फिर मुझे देखता बिना संकोच के | मुझे भी बस एक मोके की तलाश थी जब मै रवि, नए चोकीदार, को घर में ले आऊ और उसके लंड से अपनी प्यास बुझाऊं | मेरा पति ऐसे भी अब अपने काम को ज्यादा तवज्जो देता था, बीवी को सिर्फ चूत वाला मशीन बना दिया था, कपडे उतारो, पेलो और सो जाओ |
में मन ही मन में सोचती थी, की शादी के बाद काफी बदल गया है, लेकिन अब मैंने सोचना छोड़ दिया है, अब में केवल मौका देख रही हूँ इस रवि का लंड लेने का | मुझे आखिरकार मौका मिला इस मूसल लंड को लेने का
हफ्ते के बाद मेरे पति ने मुझे कहा की वोह कंपनी के काम से बंगलौर जा रहा है, उसने मुझे पूछा की क्या मै आना चाहूंगी, मैंने उसे कहा बिट्टू की एक्जाम है | आप अकेले चले जाओ | दुसरे दिन सुबह राकेश बेंगलोर निकल गया, मै सब्जी लेने के लिए सोसायटी से बहार जा रही थी.
मैंने रवि से स्माइल की | रवि ने भी स्माइल दे दी, मैंने उसे कहा, आप डयूटी पर कब तक है, रवि बोला, बीबी जी आज में पूरा दिन यही हूँ | मैंने उसे कहा, मेरे घर की टंकी में कुछ सामान गिर गया है क्या आप दोपहर को निकाल देंगे, इसके डेडी बाहर चले गए और में उन्हें कहना भूल गई |
रवि बोला ठीक है, मैं खाने के वक्त आपके यहाँ आ जाऊँगा | मेने सब्जी ला कर बिट्टू को उस दिन जल्दी स्कुल पहुंचा दिया, मैंने वेक्स करके चूत के आसपास के सारे बाल निकाल दिए | अपनी हलकी पतली पिली नाईटी डाल में रवि के आने का इन्तेजार करने लगी |
मूसल लंड वाला चोकीदार भी तयारी से आया था
==============================
रवि लगभग 1 बजे आया, उसने डोरबेल बजाते ही मैंने एक बेल में दरवाजा खोल दिया, उसकी नजरे मेरे शरीर पर फिरने लगी | मैंने उसे कहा आइये, रवि आके बोला, कहा है टंकी मेडम | मैंने कहा बैठिये तो सही, दोपहर में सोसायटी में चोर नहीं आते है….! वोह भी हंस पड़ा और सोफे पर बेठा |
मैं उसके लिए पानी लायी और जान भुझ कर उसको अपने चुंचे दिखाते हुए झुकी, मैंने देखा की उसकी आँखे मेरे भरी चुंचे देखते ही जैसे की बड़ी हो गई | मेने ग्लास लेते वक्त उसे दुबारा चुंचे दिखाए| मैं तो कब से गर्म थी, बस एक बार रवि गर्म हो जाए तो हल्ला बोलना था उसके मूसल लंड पर |
मैंने उसकी उपरकी जेब देखी तो मैं दंग रह गई, ड्यूरेक्स के कंडोम का पाकिट था उसमे, राकेश की भी फेवरेट ब्रांड थी इसलिए में उसे ऊपर से हलकी झलक मै ही पहेचान गई, तो रवि भी तयारी के साथ आया था…..!!!
लंड दे दो अपना मूसल, मुझे इसकी बड़ी चाह है…!
================================
रवि ने पानी पीकर टंकी के बारे में पूछा, मैंने उसे किचन में टंकी दिखाई, जिसके अंदर मैंने पहेले से बिट्टू का खिलौना डाल दिया था | टंकी बहुत टेढ़ी जगह पर स्थित थी, उसमे से सामान निकालना थोड़ा कठिन था, और यही मेरा प्लान था | मैंने रवि को एक सीडी लाके दी, रवि उस पर चढ़के टंकी का दरवाजा खोलने लगा |
अब सीडी तो हिलनी ही थी उसके वजन से, मैं बोली में आपको पकड़ के रखती हूँ, सीडीका बेलेंस सही नहीं है | मैंने उसकी जांघो वाले भाग को दोनों हाथ से पकड लिया, कुछ इस तरह से की मेरे हाथ से उसके लंड का स्पर्श हो जाए, में देखना चाहती थी के उसका मूसल लंड तना है की नहीं | मेरा शक सही था, उसका लंड कोई लोहे के औजार की माफक तना था |
मैंने उसके जांघे पकडे रखी और हाथ को उपर निचे करने लगी | रवि टंकी से खिलौना निकाल ने में शायद जान भूजकर देरी कर रहा था, खेर मैं भी वही चाहती थी | मैंने अब बिना कोई देरी किए उसके लंड के ऊपर हाथ फेरना शरु कर दिया |
रवि बोला, बीबी जी क्या कर रही हो…
मैंने कहा कुछ नहीं, देख रही हूँ के हमारा नया चोकीदार मजबूत है या कमजोर….?
रवि बोला, मेडम कर लीजिए चेक….!
लंड हो तो मूसल लंड, बाकि सब में तो बसी होती है ठंड
==================================
रवि का तना लंड मै थोड़ी देर तक सहलाती रही और वह सीडी पर ही खड़ा मजा ले रहा था, मैंने उसे अब निचे आने को कहा और उसे लेकर सोफे पर चली गई, सोफे पर बिठा मैंने उसकी खाखी पेंट निचे सरका दी और उसकी चड्डी भी उतार दी, सही मै उसका मूसल लंड बहुत बड़ा और सेक्सी था | | 950 |
| 11 | संभोग में भरपूर मजा लेने वाली महिलाएं, ताकत और कुछ रफ सेक्स कि डिमांड करती है... ऐसी स्त्रियां संभोग के हर पोज़ीशन का मज़ा... और संभोग के समय गंदी बात सुनना पसंद करती है..! 😍💕🔥 | 1 100 |
| 12 | मैंने उनको फोन लगाया और रात की चुदाई की सारी बात बताई.
उन्हें वापस आने पर वीडियो भी देखने को बोला. | 1 303 |
| 13 | मैं- क्यों, मैं अच्छी नहीं लग रही हूँ क्या?
अमन- नहीं मैडम, आप बहुत खूबसूरत लग रही हो. आप को देख कर कोई भी फिसल जाए!
मैं- तुम तो नहीं फिसले!
वह हंसने लगा.
मैंने उससे उसकी गर्लफ्रेंड के बारे में पूछा तो वह शर्मा गया.
अब मैंने खाना लगाया और जब मैं खाना निकालने के लिए झुकी तो उसकी नज़र मेरी चूची से हट ही नहीं रही थी.
मैंने पूछ लिया कि क्या देख रहे हो अमन!
अमन- बस मेम, जो आम मैं देख रहा हूँ, उन्हें चूसने का मन हो रहा है!
मैं- तो चूस लो न … मना किसने किया है!
मेरे इतना बोलते ही वह मेरे पास आ गया और उसने मुझे किस करना शुरू कर दिया.
साथ ही वह मेरी चूचियों को मसलने लगा.
मुझे भी मजा आने लगा. मेरे मुँह से कामुक सिसकारियां निकलनी चालू हो गई थीं.
वह मुझे पागलों की तरह सब तरफ को किस किए जा रहा था.
कुछ देर किस करने के बाद वह मेरे कपड़े निकालने लगा.
सबसे पहले उसने मेरी साड़ी अलग की, उसके बाद मैंने उसको रोक लिया.
अभी मैं पेटीकोट और ब्लाउज में थी.
मैंने उसको सोफे बैठाया और उसके कपड़े अलग करने लगी.
जब मैंने उसकी पैंट उतारी, तो उसका लंड देख कर मेरी आंखें फट गईं.
पूरा 8 इंच का लम्बा काला और रमेश के लंड से डबल मोटा लौड़ा मेरे सामने लहरा रहा था.
उसके लौड़े को देखते हुए ही मैंने अपने ब्लाउज को खोल दिया और उसके सामने ब्रा में कैद अपने दूध हिलाने लगी.
वह मेरे दूध पकड़ने को हुआ तो मैंने खुद को अलग कर लिया.
फिर जब मैंने खड़ी होकर अपना पेटीकोट नीचे किया, तो वह देख कर हैरान हो गया.
उसे मेरी टांगों में स्टॉकिंग्स दिखीं और थोंग पैंटी देख कर वह अचरज में पड़ गया.
वह बोला- आज तक ऐसे कपड़े सिर्फ वीडियो में देखे थे, कभी सोचा नहीं था कि रियल में देखने को मिलेगा.
उसने मुझे फिर से किस करना चालू कर दिया.
इस बार वह मुझे बड़ी सब्र के साथ चूम रहा था.
उसके चुंबन मेरे जिस्म को झुलसा रहे थे.
वह सब अंगों किस कर रहा था.
मैंने उसके सर को पकड़ कर अपनी चूत में लगा दिया.
मैं- चूसो अमन, अच्छी तरह से चूस लो, मेरी चूत में जितना रस भरा है, सब पी जाओ हनी.
अमन ने अपना मर्दाना अंदाज दिखाया- रंडी साली, तेरी चूत में इतना पानी है कि चार लोग और आ जाएं तो भी बहती रहेगी!
मैं उसके मुँह से खुद के लिए गाली सुनकर खुश हो गई.
मैं उससे बोली- अब जल्दी से अपना लंड मेरी चुत के अन्दर डाल दो!
अमन- और मेरा लंड कौन चूसेगी!
अब उसने अपना लंड मेरे मुँह में दे दिया और मैं चूसने लगी.
उसका लंड इतना मोटा था कि मुझसे ठीक से चूसते ही नहीं बन रहा था.
पांच मिनट तक अपना लंड चुसवाने के बाद उसने मेरी पैंटी निकाली और अपना लंड मेरी चूत में रख दिया.
मैं जब तक कुछ समझ पाती कि उसने एक ही बार में पूरा लौड़ा अन्दर डाल दिया.
मैं उसके मोटे लौड़े से हुए दर्द से चीखने लगी.
वह मेरे दर्द शांत होने तक रुका रहा.
फिर जब मैंने उसको हरी झंडी दी, तब उसने आगे पीछे करना चालू कर दिया.
मुझे उसकी चुदाई से बहुत मज़ा आ रहा था.
मैं रमेश को पूरी तरह से भूल गई थी लेकिन सब कुछ वीडियो में रिकॉर्ड हो रहा था.
अमन- रंडी लग रहा है तू बहुत प्यासी है, तभी साली इतना तैयार होकर बैठी थी.
मैं- रमेश का लंड बहुत छोटा है. उसके लौड़े से मेरी प्यास नहीं बुझ पाती है. चोदो मुझे … आह और जोर जोर से चोदो!
कुछ देर के बाद उसने मुझे घोड़ी बना कर चोदा.
इतनी देर में मैं दो बार झड़ चुकी थी.
अभी तक उसने मेरी ब्रा नहीं निकाली थी.
जब मैंने निकालनी चाही, तो वह मना करने लगा.
वह बोला कि ऐसे में तू ज्यादा सेक्सी लग रही है.
मैंने अपनी ब्रा सेंडल और स्टॉकिंग्स पहने हुए ही उसके सामने अपनी चुत चुदवाती रही.
फिर उसने मेरी गांड में तेल लगाना शुरू किया और कहने लगा कि चूत को तो बहुत चोद लिया. अब गांड की बारी है.
मैंने साफ मना कर दिया कि इतना मोटा लंड मैं अपनी गांड में नहीं ले पाऊंगी.
वह मान गया और बोला कि अगली बार जब भी आऊँगा तो तुझे मेरे लौड़े से गांड मरवानी पड़ेगी.
मैं भी राजी हो गई और उसने फिर से चूत चोदना चालू कर दी.
अब वह झड़ने वाला था, तो उसने मुझे घुटनों के बल जमीन में बिठाया और मेरे मुँह में लंड दे दिया.
वह मेरे मुँह को चोदने लगा.
उसके झटकों से मेरी सांस रुक जा रही थी.
अंततः उसने अपना माल मेरे मुँह में निकाल दिया.
फिर हम दोनों बाथरूम में जाकर अपने आप को साफ करने लगे.
वह उधर फिर से मेरी गांड में उंगली करने लगा.
उसकी उंगली लेकर मुझे मेरी गांड में कुलबुली होने लगी.
मगर उसका लंड मेरी गांड के हिसाब से काफी बड़ा था तो मैं चुप रही और बाहर आ गई.
कुकोल्ड मैन वाइफ फक के बाद अब हम दोनों आराम करने लगे.
इसी बीच रमेश का कॉल आया और पूछने लगा.
मैंने उनसे सुबह बताऊंगी कह कर फोन काट दिया.
उस रात अमन मेरे घर पर ही रुका और हम दोनों ने रात भर चुदाई की.
सुबह उसके घर जाने के समय हम दोनों ने नंबर एक्सचेंज किए और वह चला गया.
रमेश ने मुझे खुश कर दिया था. | 1 310 |
| 14 | जब भी रमेश मेरे पास में नहीं होते थे, तो मैं किसी दूसरे मर्द की कल्पना करके अपनी चूत में उंगली कर लेती थी.
जनवरी महीने की बात है.
रात को हम दोनों चुदाई कर रहे थे.
उसी वक्त अचानक से रमेश का फोन बजा और उनको किसी काम से रात में ही बैंगलोर जाना पड़ा.
उनका तीन दिनों का काम था.
तो जल्दी जल्दी में रमेश ने मेरी चुत में अपना माल निकाला और रेडी होकर चले गए.
उस दिन उन्होंने मेरी चुत चाट कर मुझे ठंडी नहीं किया था.
जब वे चले गए तो मैं अपनी चुत को उंगली से रगड़ती रही और झड़ कर सो गई.
तीन दिनों में रमेश ने वीडियो कॉल में ही मेरे साथ सेक्स किया.
वे उधर अपना लंड वहां हिलाते थे और मैं यहां अपनी चूत में उंगली डाल कर खुद को शांत कर लेती थी.
मैं ये सोचती थी कि जब रमेश आएंगे, तब उनके साथ फुल चुदाई होगी.
जिस दिन रमेश घर आने वाले थे, ठीक उसी दिन उनको पता चला कि उनको अभी तीन दिन और रुकना पड़ेगा.
जब उन्होंने मुझे ये बात बतायी, तब मुझे बहुत गुस्सा आया और मैंने गुस्से में फोन काट दिया.
फिर फोन बंद करके सोने लगी.
सुबह उठने से पहले मैंने अपने बिस्तर में अपनी चूत में उंगली की और उठ कर अपना काम करने लगी.
मुझे तब आइडिया आया कि क्यों ना जो रमेश बोलते हैं, अब उसे ट्राई किया जाए.
मैंने दोपहर को रमेश को कॉल किया और बोली- जो आप बोलते थे, वह मैं करने के लिए तैयार हूँ.
मेरी बात सुन कर वे भी हैरान थे.
मेरे पति बोले- मुझे कुछ समय दो, फिर मैं कॉल करता हूँ.
करीब आधा घंटा बाद रमेश ने फोन किया और बोलने लगे कि एक शर्त पर मैं ऐसा कर सकता हूँ!
मैंने उनसे शर्त पूछी, तो वे बोलने लगे कि जो भी होगा, शुरू से लेकर आखिर तक का वीडियो बना कर तुम्हें मुझे दिखाना होगा!
मेरे अन्दर इतनी आग लगी हुई थी कि मैंने झट से हां कर दी.
फिर रमेश ने अपनी पूरी प्लानिंग बताई.
उन्होंने मुझे तैयार होने के लिए बोला और साड़ी पहनने के लिए कहा.
चुदाई के लिए शाम का समय फिक्स हुआ.
मैं भी अच्छी तरह से अपनी चुत की सफाई करके और खुशबू आदि नहा कर बाहर आ गई.
उस वक्त मैं पूरी नंगी थी.
तैयार होने से पहले मैंने अपने मोबाइल का कैमरा चालू किया और रेडी होना शुरू कर दिया.
सबसे पहले मैंने रेड कलर की ब्रा और पैंटी पहनी और पैरों में रेड कलर की स्टॉकिंग्स भी पहनी.
ये सब मैं वीडियो में रमेश के लिए रिकॉर्ड कर रही थी.
फिर मैंने हॉट रेड कलर की साड़ी और ब्लैक कलर का ब्लाउज पहना, जो कि बैकलैस था.
बड़ी मुश्किल से मेरी ब्रा की पट्टी उसमें छिप पा रही थी.
सामने से भी गहरे गले वाला था जिसमें से मेरी चूचियों की आधी गोलाई पूरी तरह से दिख रही थी.
पूरा मेकअप करने के बाद मैं एक हाई क्लास माल लग रही थी.
मेरी हाई हील वाली सेंडल ने इसमें और चार चाँद लगा दिए थे.
अब मैं पूरी रेडी थी.
मैंने अपनी कुछ फोटो खींची और रमेश को भेज दीं, जिसे देख कर वे मुठ मारने लगे.
फिर उन्होंने बताया कि अमन नाम का लड़का आएगा, जो उनका ड्राइवर है.
मेरे पति ने यह भी बोला कि मैं उसको कुछ कागज लेने के लिए भेजूंगा और तुम उसको अपना कामुक शरीर दिखा कर रोक लेना. इस सबकी रिकॉर्डिंग करना मत भूलना.
यह बोल कर उसने फोन काट दिया.
मैं सोच सोच कर बहुत खुश थी और डर भी रही थी.
मैंने मोबाइल का कैमरा चालू करके रमेश के बताए हुए स्थान पर रख दिया और अमन के आने का इंतजार करने लगी.
ठीक सात बजे घर की घंटी बजी.
मैंने झट से मोबाईल की रिकॉर्डिंग को शुरू किया और दरवाजा खोलने को बढ़ी.
जब मैंने दरवाजा खोला, तो देखा एक 6 फिट का गोरा जवान मर्द मेरे सामने खड़ा था.
उसे देख कर मेरे मन में लड्डू फूटने लगे. मैंने उससे उसका नाम पूछा.
उसने अपना नाम अमन बताया.
मैं उसे अन्दर आने के लिए कहने लगी.
अमन- सर ने आपको कुछ कागज देने के लिए बोला होगा!
मैं- आप इधर अन्दर आकर वेट करो, मैं लेकर आती हूँ. आप कुछ लेंगे पानी या फिर चाय?
अमन- पानी ले आइएगा!
मैंने उसको पानी दिया और रमेश ने जो बोला था, वह कागज दे दिया.
फिर वह उस कागज में कुछ ढूंढ रहा था लेकिन उसका ध्यान मेरी चूचियों की घाटी में था.
मेरे दूध ब्लाउज से निकलने को बेताब हो रहे थे.
फिर मैंने टीवी चालू करने के लिए रिमोट उठाते समय अपना पल्लू जानबूझ कर नीचे गिरा दिया.
अमन अपने आपको रोक नहीं पाया और देखता ही रहा.
मैंने सीधी होकर पल्लू ठीक किया और पूछने लगी- जो चाहिए, वह मिला या नहीं!
यह कहती हुई मैं उसके बगल में बैठ गयी और अपने पल्लू को थोड़ा नीचे खींच लिया जिससे उसको मेरे चूचों के सही से दर्शन हो सकें.
कुछ देर के बाद वह जाने लगा तो मैं उसको खाना खाने का ऑफर देने लगी.
वह एक बार में ही रुक गया, शायद उसको पता चल गया था कि मुझे क्या चाहिए.
हम दोनों सोफे में बैठे रहे.
अमन- मैडम, आप कहीं बाहर तो नहीं जा रही हो ना?
मैं- नहीं, पर क्यों?
अमन- वह आप इतनी ज्यादा तैयार हुई हो और सर भी घर नहीं हैं, इसलिए पूछ लिया! | 1 169 |
| 15 | *मेरे पति ने मुझे दूसरे लंड से चुदवाय*
कुकोल्ड मैन वाइफ फक्ड … मेरे पति मुझे किसी गैर लंड से चुदवा कर पूरा मजा दिलाना चाहते थे क्योंकि उनका लंड छोटा था. एक दिन मैं बहुत गर्म थी और वे बाहर गए हुए थे.
दोस्तो, अपनी सेक्स कहानी शुरू करने से पहले मैं अपने बारे में आपको बता देती हूँ.
मेरा नाम अनिता है, मैं भोपाल की रहने वाली हूँ. मेरी उम्र 26 साल है और मेरी फिगर का साइज 34-30-34 का है.
मुझे पाश्चात्य शैली के कपड़े पहना ज़्यादा पसंद हैं. इस बात पर मेरी और मेरे पति की हमेशा लड़ाई होती है.
मेरे पति का नाम रमेश है. उनकी उम्र 31 साल है. उनका ट्रैवेल एजेंसी का काम है. वे अपने काम के सिलसिले में अक्सर घर से बाहर ही रहते हैं.
मेरे पति ने ही मुझे दूसरे लंड से कैसे चुदवा दिया था, आइए आपको सेक्स कहानी के माध्यम से पूरी कुकोल्ड मैन वाइफ फक्ड वाली बात बताती हूँ.
हमारी शादी को तीन साल हो गए हैं. शुरूआत में हमारी सेक्स लाइफ बहुत अच्छी थी लेकिन जैसे जैसे पति का काम बढ़ता गया, उसका असर हमारी सेक्स लाइफ में दिखने लगा था.
मेरे पति मुझे प्यार बहुत करते थे, वह मेरी हर फरमाइश पूरी करते थे.
बस मेरी चूत की आग नहीं बुझा पाते थे.
लेकिन मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता था.
जब हमारी शादी हुई थी, तब हम दिन रात सिर्फ चुदाई ही करते रहते थे.
हमारे घर में सिर्फ मैं और मेरे पति ही रहते थे, जिसकी वजह से हम जहां मौका पाते, वहीं शुरू हो जाते थे.
कभी किचन में, कभी बाथरूम, तो कभी सोफा पर ही हमारी चुदाई का खेल शुरू हो जाता था.
शुरूआती दिनों में हमने सेक्स के फुल मजे लिए थे.
मेरे पति को पोर्न फिल्मों को देखने का बहुत शौक था.
वे अकसर पोर्न फिल्मों वाली हरकतें करते थे.
मेरे पति रमेश को चूत चाटने में भी बहुत मज़ा आता था.
वे घंटों तक मेरी चूत चाटते रहते थे.
हालांकि उनके लंड का साइज थोड़ा छोटा है, जिस वजह से वे फोरप्ले में ज्यादा ध्यान देते थे.
मुझे भी उनसे जीभ से चुत चटवा कर ठंडी करवाने में मजा आने लगा था क्योंकि उनके लंड में मुझे शांत कर पाने की ताकत थी ही नहीं, इसलिए झड़ने के बाद वे मेरी चुत को चाट चूस कर ठंडी कर देते थे.
ठंड के समय की बात है.
शाम को घर पर मैं अकेली बैठी थी और टीवी देखती हुई अपना टाइम पास कर रही थी.
तभी रमेश का फोन आया.
वे बोले कि मैं जल्दी घर आ रहा हूँ, तुम बिस्तर पर मुझे रेडी मिलना.
मतलब उन्होंने मुझे सेक्स के लिए रेडी होने के लिए बोला था.
मैं आपको बता दूं कि मेरे पति ने मेरे लिए बहुत सारी लौंजरीज मंगा कर रखी हैं.
जब भी उनको सेक्स करना होता है, वे मुझे कोई एक सैट पहनने के लिए बोलते थे.
उस दिन उन्होंने सिर्फ बिकनी पहनने के लिए बोला.
मैंने ठीक वैसे ही किया. मैंने एक गोल्डन कलर की बिकनी पहनी, जिसमें मेरी चूत बहुत मुश्किल से कवर हो रही थी और ऊपर सिर्फ चूची के निप्पल ही कवर हो रहे थे.
उसके बाद मैंने रेड कलर की लिपस्टिक लगाई और हाई हील वाली सेंडल पहन ली.
इन सेंडलों में मेरे चूतड़ एकदम से बाहर को निकल आए थे.
ठीक दस मिनट बाद मेरे पति ने आकर घंटी बजाई.
मैंने की-होल में से झाँका तो मेरे पति ही आए हुए थे.
मैंने आवाज दी कि आ जाओ, दरवाजा खुला है.
जैसे ही मेरे पति अन्दर आए, वे मुझे देखते ही ठगे से रह गए.
मुझे यूं हॉट देख कर उनके होश उड़ गए थे.
उन्होंने दरवाजा बंद किया और झपट कर मुझे अपनी बांहों में भर लिया.
वे मुझे लेकर अन्दर कमरे में आ गए.
रमेश- आज तो तू पूरी पोर्नस्टार लग रही है. मुझे नहीं लगता कि आज मैं तेरी प्यास बुझा पाऊंगा!
मैंने कहा- तुम ही तो मेरी प्यास बुझाते हो डियर हजबेन्ड!
फिर रमेश ने टीवी पर एक ब्लू फ़िल्म लगा दी और हम दोनों कुछ देर बैठ कर फिल्म देखने लगे.
मैंने उस फिल्म में देखा कि एक कपल सेक्स के लिए किसी दूसरे मर्द को बुलाते हैं.
वह गैर मर्द उस लड़की के साथ सेक्स करने लगता है और लड़की का पति उन दोनों की चुदाई की वीडियो बनाता रहता है.
इधर मेरे पति रमेश भी अपने काम में चालू हो गए थे.
वे मेरे पैर को चाटते हुए मेरी चूत तक आ गए थे.
उन्होंने मुझे बिस्तर से हटा कर सोफे पर लिटा दिया था और मेरी टांगों को अलग करके मेरी चूत में जीभ फेरना चालू कर दी थी.
वे मेरे अन्दर की रंडी को चुत चाट कर जगाने में लग गए थे.
जब हम दोनों सेक्स से पूरे भरे हुए थे, तब उन्होंने मुझसे कहा- क्यों ना हम दोनों भी कुछ ऐसा ट्राई करें?
मैंने झट से मना कर दिया.
मेरे पति रमेश ने मुझे चोदा और हर बार की तरह मेरी चुत चाट कर मुझे संतुष्ट कर दिया.
अब जब भी हम दोनों सेक्स करते, तब रमेश मुझसे ये बात बोलने लगे थे और मैं हर बार उन्हें किसी तीसरे मर्द की बात को मना कर देती थी.
लेकिन सच बोलूँ तो मेरे अन्दर ही अन्दर मन होने लगा था कि किसी और मजबूत लौड़े से अपनी चुत की चुदाई करवा लूँ. | 1 143 |
| 16 | करीब आधे घण्टे में भाभी दो बार झड़ गयी.
अब मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने धक्के लगाने तेज कर दिये.
और पीछे से ही भाभी की कमर को एक हाथ से कस कर पकड़ कर तथा एक हाथ भाभी की गर्दन के नीचे से निकाल कर खूब जोर जोर से पकड़ कर चोदने लगा और भाभी की चूत में ही झड़ गया.
भाभी मेरे साथ ही तीसरी बार झड़ गयी।
अब मैं चुपके से उठकर पिशाब करने के लिए चला गया और आकर अपने स्थान पर सो गया।
सुबह मुझे तथा भाई साहब को एक साथ चाय पीने के लिए उठाया तो मैंने देखा कि भाभी टांग चौड़ा कर चल रही है।
सुबह मुझे अपने घर जाना जरूरी था तो मैंने भाई साहब से कहा- अब मैं जाता हूँ
तो भाभी कहने लगी- भैया, आप इतने दिन बाद तो आये हो. आज रुक जाओ।
मैं बोला- मम्मी पापा नाराज होंगे.
तो वो कहने लगी- आप आज हमारी मोटर साईकिल और साइकिल ठीक करवा कर चले जाना. तुम्हारे भइया को आज खेत की पलेवा करनी है और नौकरी भी आ नहीं रहा है. ऐसा करेंगे कि तुम्हारे भइया मौसी के लिए एक चिट्ठी लिख देंगे।
मैं भाभी के कहने पर रुक गया और भाई के साथ पास के गाँव में जाकर उनकी मोटरसाइकिल ठीक करवाने चला गया।
भाई साहब मुझे वहाँ छोड़कर तथा साईकिल ठीक करवा कर चले आये।
मुझे वहाँ शाम हो गई।
शाम को मैं देर से लौट कर आया तो पहले तो भाभी ने मुझे मदद के लिए धन्यवाद दिया और मुझे बहुत अच्छा खाना खिलाया।
फिर भाभी ने बताया- तुम्हारे भइया खेत पर अभी पानी लगा रहे हैं. मैं उन्हें वहाँ खाना खिला कर आती हूँ. तब आप आराम कर लो।
मैं बोला- भाभी, आप खेत पर कैसे जाओगी?
तो वो कहने लगी- पैदल ही जाऊँगी।
मैंने कहा- लाओ मैं मोटरसाइकिल से खाना ले जाता हूँ।
वो मना करने लगीं पर मैं ही भैया को खाना लेकर चला गया।
भइया ने खाना खा कर मुझे वापस घर भेज दिया, कहा- मैं 3-4 घंटे में खेत पूरा भरकर आ जाऊंगा. तुम घर वापस चले जाओ क्योंकि वहाँ तुम्हारी भाभी अकेली है और गांव में आजकल चोर आ रहे हैं।
मैं घर लौट कर आया तो मैंने भाभी को सारी बात बताई।
भाभी बोली- आप चिंता मत करो, वो जाएंगे। आप खाना खा कर दूध पीकर आराम से सो जाओ।
मैं बोला- मैं अब खाना नहीं खाऊंगा, अब सोना चाहता हूँ।
भाभी ने भइया वाले तख्त पर मेरा बिस्तर बिछा दिया और मैं उस पर लेट गया।
भाभी अपना काम निबटा कर दूसरे तख्त पर आकर सो गईं।
मैं नींद में उनकी तरफ को करवट बदल कर सो गया।
करीब दो घंटे बाद जब मेरी आंख खुली तो मैंने देखा कि भाभी पेटीकोट पहनकर मेरी तरफ को करवट बदल कर सो रहीं हैं।
कमरे में अंधेरा था पर मैंने देखा कि भाभी ने आज ब्रा नहीं पहनी हुई है।
मैंने सोने का नाटक करते हुए भाभी के बूब्ज़ पर हाथ रख दिया।
भाभी थोड़ी देर बाद मेरी तरफ पीठ करके करवट बदल कर सो गयीं और थोड़ी देर बाद धीरे-धीरे खराटे लेने लगीं.
तो मैंने देखा कि भाभी का पेटीकोट जांघों तक ऊपर आ गया है।
अंधेरे कमरे में भी भाभी की गोरी गोरी जांघ चमक रही रही थी तो मेरा लंड बुरी तरह से लोहे की राड की तरह सख्त हो गया।
अब मैंने हिम्मत करके भाभी के कूल्हे पर अपना हाथ धीरे से रखा और चुपचाप लेटा रहा.
फिर मैंने अपना उनके चूतड़ों पर होकर नीचे की तरफ ऐसे किया कि जैसे मैं नींद में हूँ।
भाभी ने कोई हरकत नहीं की तो मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैंने धीरे-धीरे भाभी का पेटीकोट कमर तक कर दिया.
भाभी फिर भी धीरे-धीरे खर्राटे लेने लगीं।
अब मैंने धीरे-धीरे भाभी के बलाऊज के बटन खोल दिये। अब मैंने पीछे से ही थोड़ा सा नीचे सरककर अपने बायें हाथ से भाभी का ऊपर वाला चूतड़ थोड़ा सा उठाकर अपने लंड को पीछे से उनकी चूत पर दिया और चुपचाप लेटा रहा.
फिर जब भाभी के धीरे-धीरे खर्राटे बंद नहीं हुए तो मैंने धीरे-धीरे लंड का दबाव बढ़ाया तो लंड नीचे की तरफ सरक गया।
मैं फिर थोड़ी देर तक शांत रहा और अपने लंड को वापस दरार से बाहर निकाल कर चूत पर सैट करके धीरे-धीरे दबाव बढ़ाया तो मेरा लंड थोड़ा सा ही घुसा।
भाभी के खर्राटे एकदम थोड़ी देर को बंद हुए और थोड़ी देर बाद ही फिर चालू हो गये।
अब मैंने हिम्मत करके भाभी की बगल के नीचे से हाथ निकाल कर एक चूचे को पकड़ा और दूसरे हाथ से दूसरे बूब्ज़ को पकड़ कर तथा अपनी ऊपरी टांग को भाभी की दौनों टांगों में बीच में फंसाया और धीरे-धीरे लंड का दबाव बढ़ाया तो मेरा लंड पूरा का पूरा धीरे-धीरे भाभी की चूत में घुसा चला गया।
अब फिर मैंने कोई हरकत नहीं की तो मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैंने धीरे-धीरे लंड को पीछे आगे करना शुरू कर दिया।
आज मैं स्लो सेक्स करते हुए भी थोड़ा डर रहा था लेकिन फिर भी मैंने भाभी को पकड़े हुए ही चोद दिया और भाभी चुपचाप चुदाई करवाती रही। | 1 370 |
| 17 | सोती भाभी की चूत मारी
मेरा नाम कुलदीपक है।
मैं अपनी एक सच्ची कहानी आपको सुनाना चाहता हूँ।
यह करीब 2015 की स्लो सेक्स विद सेक्सी भाभी कहानी है।
मेरी उम्र तब 20 बरस की थी।
मेरी मौसी के बड़े लड़के की उम्र करीब 30 वर्ष होगी.
वो एक दिन हमारे गाँव में गंगा स्नान करने के लिए आये थे।
गंगा जी हमारे गाँव से 1 किलोमीटर दूर है।
मैं उनके साथ गंगा स्नान करने के लिए चला गया।
वो अपने घर से पैदल ही आये थे क्योंकि उनकी साईकिल और मोटरसाइकिल दोनों ही खराब हो गई थी।
गंगा स्नान करके आने में हमें काफी देर हो गई.
तो वह मेरी मम्मी से बोले- मौसी मुझे घर जाना जरूरी है इसलिए आप मुझे छोड़ने के लिए कुलदीप को भेज दो, ये कल वापस आ जायेगा।
मेरी मम्मी ने उनके कहने पर मुझे साईकिल से छोड़ने को भेज दिया।
जब हम उनके घर पहुंचे तो रात्रि हो गई थी और पूजा भाभी खाना बना रही थी।
वो कहने लगी- आप बहुत देर से आये हैं. चलो मैं खाना बना रही हूँ, आप भी मुंह हाथ धोकर पहले खाना खा लो।
हम दोनों ने खाना खाया.
फिर भाभी ने गर्म दूध हमें पीने के लिए दिया।
भाई के घर में एक ही कमरा था.
उसमें दो तख्त बिछाये हुए थे जोकि आपस में मिले हुए थे।
मैं और भाई तो एक तख्त पर सो गये और भाभी जी दूसरे पर सो गयी।
दोस्तो, मैंने अपनी भाभी के बारे में तो आपको कुछ भी बताया ही नहीं, क्षमा करना।
भाभी जी की उम्र करीब 30 वर्ष होगी और वो बला की खूबसूरत थीं।
उनका फिगर 32- 30-34 था.
मैंने जब भी उन्हें देखा तो मैं दीवाना हो जाता था।
वह बड़ी हंसमुख स्वभाव की थीं।
मैं वैसे तो उनका दीवाना था पर कभी हंसी मजाक भी नहीं किया था।
अब मैं अपने बारे में भी तो आपको बता दूं.
मेरी उम्र उस समय 20 वर्ष की थी. मैं देखने मैं बहुत सुन्दर था और इकहरे शरीर का था।
अब मैं अपनी कहानी पर आता हूँ।
जब हम पहले एक बार उसी तख्त पर सो रहे थे सदियों में … तब भाभी भैया के लंड पर हाथ फेर रहीं थीं सोते में!
भईया सो गये तो मैंने अपना अंडरवियर नीचे करके अपना 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा लंड उनके हाथ में दे दिया था।
यह करीब छह महीने पहले की बात थी।
उस दिन सोने के करीब एक घंटे बाद भाई ने भाभी को चोदने को राजी कर लिया और क्योंकि कमरे की लाइट बंद थी.
भाभी की ब्रा छोड़ कर सभी कपड़े उतार दिये.
वो बहुत धीरे-धीरे बात कर रहे थे।
भाभी कह रही थीं कि कहीं कुलदीप जगा हो तो?
भैया बोले कि वह थक कर सो गया है।
फिर भी भाभी ने अपनी ब्रा नहीं उतारी और कहा कि पीछे से चुपचाप धीरे-धीरे कर लो।
भाई ने भाभी को अपने पास को करके ही धीरे-धीरे चोदा और फिर दोनों चिपक कर सो गये।
मुझे उनकी चुदाई का अंधेरे में ही अहसास हुआ तो मेरा लंड बुरी तरह खड़ा हो गया।
अब मेरी नींद उड़ गई।
करीब आधे घंटे बाद जब भाई साहब मेरी तरफ करवट बदल कर सो गये.
और भाभी वैसे ही नंगी सोती रहीं केवल ब्रा पहने!
तो मैंने हिम्मत करके भाई के ऊपर से ही भाभी की कमर पर हाथ रख दिया.
तो मुझे पता चला कि भाभी ने अभी कपड़े नहीं पहने हैं।
थोड़ी देर तक जब भाभी ने कोई हरकत नहीं की तो मेरी हिम्मत बढ़ गई।
अब मैं धीरे से उठकर भाई और भाभी के बीच में जो जगह हो गई थी वहाँ लेट गया।
अब तो नंगी भाभी मेरे पास ही सो रहीं थीं तो मैंने अपना 8 इंच लम्बा और 3 इंच मोटा लंड बिना भाभी के शरीर से अपना शरीर छुआए पीछे से लंड सटा दिया।
भाभी एक टांग टेढ़ी करके सो रहीं थीं.
अब मेरा लंड उनकी दरार में तो जा रहा था पर चूत में घुस नहीं पा रहा था।
मैं थोड़ी देर तक चुपचाप लेटा रहा फिर मैंने भाभी के बूब्स पर हाथ रख दिया.
भाभी ने कोई हरकत नहीं की.
तो मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैंने भाभी की टांग को पीछे की तरफ धीरे-धीरे किया परन्तु अपना लंड सटा दिया।
भाभी ने कोई हरकत नहीं की.
तो मैंने धीरे-धीरे दबाव बढ़ाया तो मेरे लंड का सुपारा भाभी की चूत में पीछे से ही घुसा थोड़ा सा।
मैं फिर थोड़ी देर तक चुपचाप लेटा रहा.
फिर जब भाभी ने कोई हरकत नहीं की तो मेरी हिम्मत बढ़ गई और मैंने धीरे-धीरे दबाव बढ़ाया तो मेरा लंड आधा भाभी की चूत में घुस गया।
अब मैंने थोड़ी देर भाभी की ब्रा पर हाथ फेरते हुए धीरे-धीरे दबाव बढ़ाया तो मेरा लंड पूरा भाभी की चूत में घुस गया लेकिन बड़ा टाइट गया.
तो मुझे लगा कि भाई साहब का लंड मेरे से छोटा तथा पतला है।
अब भाभी थोड़ी सी हिली तो मैंने भाभी की टांग पर अपनी टांग से भाभी के कूल्हे को पकड़ा और अपने लंड को पीछे निकाला और दुबारा एक साथ घुसा दिया और चुपचाप लेटा रहा।
थोड़ी देर बाद मैंने हिम्मत करके फिर धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू कर दिये।
अब भाभी चुपचाप लेटी रहीं.
तो मैंने धीरे-धीरे फिर से धक्के मारने शुरू कर दिये और भाभी की ब्रा में हाथ डाल कर भाभी के बूब्ज़ को एक एक करके बाहर निकाल लिया और धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू कर दिये।
अब भाभी चुपचाप चुदाई करवाती रही और मैं धक्के लगा लगा कर भाभी को चोदता रहा, स्लो सेक्स का मजा लेता रहा. | 1 335 |
| 18 | मैं उससे कहता हूं- रोज घोड़ी बनो और झुको। पुष्पा पुष्पा … मैं झुकेगा नहीं साला, पुष्पा ही झुकेगी लंड मुंह में लेने के लिए।
वो भी बोलती- पुष्पा नाम सुनकर फ्लावर समझे क्या? फ्लॉवर नहीं, फायर है मैं! 🔥 लंड लेने के लिए रोज झुकती है!
दोस्तो, उस आंटी की हवस, आंटी की सेक्स फायर, बहुत बढ़ चुकी है।
मैं जमकर उसकी चूत मारता हूं।
यहां तक कि मैंने अपना पैर भी उसकी चूत में डाला हुआ है।
इतनी गहरी चूत है पुष्पा की, जैसे कि ब्लैक होल है।
मैं उसकी चूत में लंड देकर उसमें खो जाता हूं।
मन करता है बस उसे चोदते ही जाओ, चोदते ही जाओ।
दिल करता है कि 365 दिन पुष्पा की चूत का पानी पीऊं, उसके चूचों के साथ खेलूं, और मजे लूं।
पुष्पा भी मेरे लंड का हाल-बेहाल कर देती है।
ऐसे चूसती है कि मेरा छूट ही जाता है।
वो लंड की इतनी प्यासी है कि लौड़ा कई-कई बार चूसती है।
हर बार निकलने वाले पानी को अंदर ही पी जाती है, एक बूंद भी नहीं छोड़ती भीतर।
मैं भी उसके निप्पल चूसकर उसका सारा दूध पी जाता हूं।
उसकी मोटी चूचियों से इतना दूध निकलता है कि जन्म-जन्म की प्यास बुझ जाए। | 1 509 |
| 19 | आंटी की चुदाई का मन तो मेरा भी बहुत था लेकिन डर भी था कि कहीं सोसायटी में किसी ने देख लिया तो सौ तरह की बातें बनेंगी।
लेकिन मैं फिर आखिरकार उसके घर की तरफ चल पड़ा।
रात के समय चारों तरफ घोर अंधेरा था और शायद उस अंधेरे में मुझे किसी ने नहीं देखा होगा।
मैं उसके घर पहुंच गया।
अंदर जाते ही उसने दरवाजा बंद किया और मुझसे जोर से लिपट गई।
वो मुझसे लिपटकर थोड़ी भावनाओं में बह गई; मुझे कस कर गले लगाने लगी।
मैंने भी उसको चूमा और जोर से बांहों में कस लिया।
फिर वो मुझे दूसरे रूम में ले गई।
वो बोली- आजा मेरे राजा … मैं इतने सालों से अकेली हूं। आज तक पति के अलावा किसी को अपना बदन नहीं छूने दिया। लेकिन तुम मुझे भा गए हो, तुम्हारी बॉडी बहुत मस्त है। आज मुझे जी भरकर प्यार करना।
फिर वो रूम में ले जाकर वो मुझे पागलों की तरह किस करने लगी।
इतने सालों की हवस साफ पता चल रही थी जो वो मुझ पर निकाल रही थी।
वो इतनी जोर-जोर से मुझे किस कर रही थी कि उसकी लार से हम दोनों का चेहरा भीगता जा रहा था।
मेरे होंठों को खाकर बोली- चल … तू तो पूरा जवान है … आज कुचल कर रख दे मुझे!
उसकी ऐसी बातों से मेरा लंड अकड़ कर पत्थर हो चुका था।
फिर मैंने उसको नंगी करके झुका लिया।
मैं पीछे से उसकी गुलाबी चूत को चाटने लगा।
कुछ ही पलों में उसकी चूत से सफेद रसीला पानी निकलने लगा।
मैं उसकी चूत की सारी क्रीम को जीभ से चाट-चाटकर निकालने लगा।
वो नॉन-वेज बहुत खाती थी तो उसका बदन एकदम से 25-26 साल की लड़की तरह गदराया हुआ था।
मैं उसे दबोचने लगा, उसके बदन को मैं यहां-वहां से भींचने लगा, कभी चूचियों को निचोड़ने लगा।
वो भी पूरी चुदासी होती जा रही थी।
फिर एकदम से वो पलटी और मेरे सारे कपड़े 1 मिनट में ही मेरे बदन से उतार फेंके।
अब मैं पूरी तरह से नंगा था।
वो घुटनों पर आ गई और मेरे फनफनाते लंड को मुंह में भर लिया।
वो मेरे लंड को जोर-जोर से चूसने लगी।
बहनचोद … इतनी हवस थी उसके अंदर, वो अपनी सेक्स फायर के चलते मेरे बदन को जैसे खा लेने पर लगी हुई थी।
उसने लंड को चूस-चूसकर उसे लाल कर दिया।
मेरे लंड का बुरा हाल हो चुका था।
लंड एकदम से सुर्ख लाल हो गया था।
मेरे लंड पर सब जगह उसके मुंह की लार लग गई थी।
अब वो बोली- चोद दे राजा … इस चूत की आग को अपने पानी से ठंडी कर दे।
मैंने भी देर न की और उसे बेड पर घोड़ी बना लिया।
मैंने पीछे से उसकी फूली हुई चूत पर लंड लगाया और धक्का मार दिया।
पहले ही धक्के में लंड का टोपा अंदर जा घुसा जिससे उसकी आह्ह … निकल गई।
मैंने एक और धक्का मारा तो वो उचक गई और ऊईईई … करके आगे खिसक गई।
मैंने पकड़ कर वापस उसे अपनी तरफ खींचा।
मैंने उसके चूतड़ों को दोनों हाथों से थाम लिया और लंड को उसकी चूत में धकेलता चला गया।
आधा लंड उसकी चूत में घुस गया।
अब मैंने धक्के लगाने शुरू किए।
धीरे-धीरे धक्के लगाते हुए लंड उसकी चूत की गहराई में जाने लगा।
दो मिनट बाद पूरा लंड चूत में रास्ता बना चुका था।
मैं तेजी से पुष्पा आंटी की चुदाई करने लगा।
वो भी पूरा मजा लेने लगी।
मैंने स्पीड बढ़ा दी और उसकी आहें दर्द भर सिसकारियों में बदलने लगीं- आह्ह … आह्ह … आईईई … ऊहह्ह … मेरी चूत … आह्ह आह्ह ओह्ह चोदो … हाय … लंड मिला है इतने दिनों बाद … हाय … आह्ह चोदो जोर से।
उसकी ऐसी कामुक सिसकारियां सुनकर मैं और ज्यादा जोश में आ गया।
मैं पूरी स्पीड से उसकी चूत में लंड को पेलने लगा।
फिर चोदते हुए मैं झड़ गया।
मैं बुरी तरह से हांफ रहा था।
पुष्पा की हालत भी खराब हो गई थी।
मैंने कुतिया बनाकर उसे खूब चोदा था।
हम दोनों कुछ देर एक-दूसरे से लिपटे रहे।
फिर हम ऐसे ही एक-दूसरे की बांहों में सो गए।
फिर सुबह उठा तो वो भी उठ गई थी।
वो चाय लेकर आई।
चाय पीकर मैं चुपचाप उसके घर से निकल आया।
उस रात की चुदाई के बाद हमारा रिश्ता और गहरा हो गया।
अब जब भी उसका चुदने का मन करता था वो मुझे बुला लेती थी।
मेरे जाते ही वो मेरे लंड पर टूट पड़ती थी और लपक कर उसे मुंह में ले लेती थी।
हम घंटों तक किस करते रहते थे।
उसके अंदर बहुत ज्यादा हवस भरी हुई थी।
एक बार शुरू होने के बाद वो रुकती नहीं थी।
कई बार तो होंठों को चूसते हुए ही वो मेरा माल निकाल देती थी।
मैं चुदाई करते हुए उसे पूरा मजा देता था।
लंड को उसकी चूत में पेलता और फिर बाहर निकालते हुए उसकी मोटी गदराई गांड में घुसा देता।
उसके बाद फिर से निकाल कर चूत में घुसा देता।
मुझे आंटी की गांड चुदाई में सबसे ज्यादा मजा आता था क्योंकि उसकी गांड का छेद बहुत गहरा था।
हाय रे, पुष्पा वाकई फायर है फायर!
दोस्तो, मैंने उसे चोद चोदकर लंड लेने की बुरी आदत लगा दी है।
उसकी चूत अब मेरा लंड लिये बिना नहीं रह पाती है।
लंड लेने के लिए उसे मेरे पैरों में झुकना ही पड़ता है। | 1 401 |
| 20 | दुकान में आयी आंटी पटाकर चोद दी
आंटी की सेक्स फायर का मजा मैंने बहुत लिया. एक दिन मेरी दुकान पर एक सेक्सी माल आंटी आयी। उसके फिगर को देखकर मैं तो बावला हो गया। मैं उसे चोदना चाहता था। मौका वो भी देख रही थी!
दोस्तो, मेरा नाम किशोर है।
आज की कहानी पुष्पा भाभी की चुदाई की है।
उसे आप आंटी भी कह सकते हो।
मुझे वो थोड़ी बड़ी उम्र की लगती है तो मैं आंटी कहकर ही संबोधित करूंगा।
पुष्पा आंटी गजब का माल है।
आंटी की सेक्स फायर कहानी शुरू करने से पहले मैं आपको कुछ जरूरी बातें बता देता हूं।
दोस्तो, मैं आटा मिल चलाता हूं। मेरा काम तरह-तरह के अनाज जैसे गेहूं, बाजरा आदि पीसना है।
इसी के चलते हमारी सोसायटी की सभी लौंडियां मेरी ही दुकान पर गेहूं, हल्दी वगैरह पिसवाने आती रहती हैं।
यूं तो मेरा ज्यादा ध्यान काम में ही रहता है लेकिन कई बार आंटियों और भाभियों के चूचे ध्यान खींच ही लेते हैं।
एक दिन की बात है कि एक औरत मेरी दुकान पर आई।
मैंने उसको देखा तो देखता ही रह गया, उसका फिगर बहुत ही कमाल का था।
इतनी उम्र में भी एकदम कतिल फिगर बना कर रखा हुआ था। उसके हाथ मक्खन जैसे गोरे और मुलायम लग रहे थे।
उसके बाल यूं तो काले थे लेकिन बीच में से कहीं-कहीं सफेद भी थे जिससे कि वो हॉट मिल्फ जैसा अहसास करवा रही थी।
दोस्तो, मुझे पता चला कि वो विधवा है।
लेकिन उसका रंग ऐसा गोरा था कि कोई यकीन ही न कर पाए कि वो 50 साल की है।
उसकी चिकनी कमर के कर्व्ज़, उसके बदन की खुशबू, चिपकी टाईट साड़ी में उभरी हुई उसकी गोल-मटोल गांड, उसकी कोयल जैसी आवाज मुझे पागल बना रही थी।
सोच रहा था कि इसका पति कितना किस्मत वाला रहा होगा।
मैं लगातार उसे देखे जा रहा था।
फिर वो एकदम से बोली- भाई जी, इसमें 10 किलो गेहूं है, पीस देना!
होश में आते हुए मैंने कहा- ठीक है, हो जाएगा।
कहते हुए मैंने उसके हाथ से वो डिब्बा ले लिया।
डिब्बा लेते हुए हमारे हाथ एक दूसरे से छू गए।
वो वहीं पर बैठकर इंतजार करने लगी।
मैं गेहूं पीसने के काम में लग गया।
जैसे ही हवा का झोंका आता, उसकी साड़ी हवा में लहरा जाती और उसकी चिकनी गोरी कमर का नजारा मुझे मिल जाता।
दोस्तो, वो इतनी गजब माल थी कि उस पर से नजर हटाना बहुत मुश्किल था।
कुछ ही देर में मैंने गेहूं का काम खत्म कर दिया।
मैंने जाते हुए उससे पूछा- आपको पहले कभी नहीं देखा यहां?
वो बोली- हां, पहले मैं दूसरी दुकान पर करवाती थी लेकिन वो अच्छा काम नहीं करता था।
मैंने कहा- कोई बात नहीं, आप चिंता मत कीजिए। मेरी आटा चक्की यहां सबसे अच्छी है और मैंने आज तक किसी को भी काम के मामले में निराश नहीं किया है। वैसे आपका नाम क्या है?
वो बोली- पुष्पा!
मैंने कहा- बहुत ही अच्छा नाम है आपका तो, आप बिल्कुल फूल के जैसी कोमल हैं।
मेरे मुंह से इस अंदाज में तारीफ सुनकर वो एकदम से पहले तो चौंकी, लेकिन फिर मुस्कराई और शर्माकर चली गई।
उसके चलने की अदा का मैं तो दीवाना हो गया।
सच कहूं दोस्तो, पुष्पा तो फायर है फायर, गजब का माल है, दिल को बर्फ बना दे … ऐसी उसकी मनमोहक स्माइल है।
तो अब आगे चलते हैं।
दोस्तो, इस घटना के एक हफ्ते के बाद वो फिर मेरी दुकान पर आई।
उस दिन भी उससे दो-चार बातें हुईं।
इस तरह से करते-करते वो मेरी पक्की ग्राहक बन गई।
अब कई बार ऐसा ही होने लगा।
वो आती, और बैठी-बैठी मुस्कराती रहती, फिर काम होने के बाद पैसा देकर चली जाती थी।
अब मेरे मन में उसे पटाने का पूरा ख्याल आ चुका था लेकिन मुझे टाइम नहीं मिल रहा था।
मुझे पता था कि जिस तरह की नजरों से वो मुझे देखती है, खुजली तो उसे भी थी लेकिन बोल नहीं पा रही थी।
फिर आखिरकार वो दिन आ ही गया।
एक दिन वो गेहूं पिसवाने आई हुई थी तो उसने मेरे हाथ में कागज की एक छोटी सी पर्ची थमा दी।
उस पर एक मोबाइल नम्बर लिखा हुआ था।
पर्ची लेकर जब मैंने उसकी तरफ देखा तो वो मुस्करा रही थी।
फिर चली गई।
बस मुझे इसी पल का इंतजार था, अब मेरा काम बहुत आसान कर दिया था उसने।
मैंने उसी रात को उसे मैसेज किया।
धीरे-धीरे चैट से बढ़ते हुए हमारी फोन पर भी बातें होने लगीं।
वो अब मुझे अपनी सेल्फी भी भेजने लगी।
वो सेक्सी पोज बना बनाकर अपनी सेल्फी फोटो मुझे देती थी जिसमें उसकी चूचियों के कर्व साफ नजर आते थे।
मेरा लंड उसके ये फोटो देखते ही खड़ा हो जाता था।
मैं उसके मोटे चूचों के उभार देखकर रोज लंड हिलाता था।
एक रात की बात है कि उसने अपने नंगे फोटो भी भेज दिए।
बोली- कैसी लग रही हूं?
मैंने कहा- पुष्पा … तुम तो फायर हो!
फिर वो हंसने लगी।
दरअसल उसका घर हमारे घर से बहुत दूर नहीं था।
वो बोली- आ जाओ।
मैंने कहा- नहीं, किसी को पता चल गया तो?
वो बोली- अरे कुछ नहीं होगा, यहां कोई नहीं रहता है, किसी को कुछ नहीं पता चलेगा। वैसे भी हम इतने अच्छे दोस्त बन चुके हैं, तुम मेरे लिए इतना भी नहीं कर सकते हो? | 1 451 |
این محتوا برای کاربران بالای ۱۸ سال در دسترس است
با ورود به سرویس، تأیید میکنید که ۱۸ سال یا بیشتر سن دارید.
