879
Suscriptores
-124 horas
-47 días
-1730 días
Archivo de publicaciones
गलती करने का हक़ ना छीन मुझ से
तू भी कहाँ होता मेरी ज़िंदगी में , अगर ये हक़ ना होता 🌝
अकेलापन कहता है कोई महबूब बनाया जाए,
जिम्मेदारियां कहती हैं वक़्त बर्बाद बहुत होगा।
वो कहता है की बता तेरा दर्द कैसे समझू ..
मैंने कहा की इश्क़ कर और कर के हार जा …!!
मैं अक्सर हार जाती हूँ , किसी की जीत की ख़ातिर
मेरा अपना तरीक़ा है , किसी से जीत जाने का 😇
चाय में चीनी की जगह, तजुर्बा मिलाएंगे हम,
आजा ऐ ज़िन्दगी, तुझे कड़क चाय पिलाएंगे हम..☕
:हसरतें कुछ और हैं
वक्त की इल्तिजा कुछ और है
कौन जी सका जिंदगी अपने मुताबिक
दिल चाहता कुछ और है
होता कुछ और है
आरज़ू, अरमान, इश्क़, तमन्ना, वफ़ा, मोहब्बत;
चीज़ें तो, सब अच्छी हैं;
पर ज़नाब, इनके दाम बहुत है!
न तू मुझे मिल सकता , न मै तुझको खोना चाहती हूँ.......
सिर्फ कुछ पल को अपना ले ,,,,,मै बस तेरी होना चाहती हूँ।
वो तो सब्र बेशुमार हैं और ठीक-ठाक मोहब्बत हैं जो तुमसे हैं,
वरना मेरी जान तुम तो हमारी नफ़रत के भी काबिल नही••••••
